सलाम करने पर बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया गया और वर्दी में धार्मिक यात्रा में शामिल होने पर अनुज चौधरी का प्रमोशन कर दिया गया था।
हिंदू लीगल फंड नामक एक वेबसाइट ने IPS बुशरा बानो की बंगाल के गृह सचिव से शिकायत दर्ज की थी।
आरोप लगा था कि आईपीएस बुशरा ने सलाम किया, इंशाल्लाह का इस्तेमाल किया और जज़ाकल्लाह कहकर वीडियो समाप्त किया।
राज्य सरकार ने बुशरा बानो का तबादला कर दिया और उन्हें राज्य सशस्त्र पुलिस में डिप्टी कमांडेंट के पद पर भेज दिया।
भोपाल सेशन कोर्ट ने 26 साल के सैय्यद खान को धर्म परिवर्तन कानून के तहत लगे आरोपों से बरी कर दिया। हिंदुत्व पक्ष जबरन धर्म परिवर्तन साबित नहीं कर सका।
सैय्यद खान की पत्नी ( हिन्दू प्रेमिका ) ने अदालत में कहा कि वह जानती थीं कि सैय्यद मुसलमान हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की थी।
7 फरवरी 2025 को शादी के लिए भोपाल पहुंचे सैय्यद खान के साथ जिला अदालत में कुछ वकीलों ने मारपीट की थी। जिन वकीलों ने मारपीट की थी फिलहाल वो पुलिस की हिरासत मे है
https://t.co/jS8DvPTCJv
गुजरात के वडोदरा में गणेशोत्सव के नाम पर कुछ स्थानीय युवकों का समूह चौकंडी स्थित राजस्थान कुल्फी स्टोर पर पहुंचा और ₹21,000 के भारी चंदे की मांग करने लगा.
दुकानडर ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार करते हुए अपनी क्षमता अनुसार ₹1,000 देने की बात कही.
इस पर युवक भड़क गए और जबरदस्ती दुकान में घुसकर दुकानदार और उनके परिजनों के साथ बदसलूकी व मारपीट की. युवकों ने दुकान के अंदर काफी तोड़फोड़ की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया.
#Bhopal | #Triggering |
यह है ऑटो चालक मोहम्मद सलाहुद्दीन कुरैशी है,
एक कमज़ोर तबके से आने वाले कुरैशी एक ऑटो चालक है और भोपाल के DIG बंगला इलाके में रहते है।
शनिवार के दिन मोहम्मद सलाहुद्दीन रोज की तरह ऑटो चला रहे थे।
पाकिस्तानियों हिन्दुओं की बसाहट वाले क्षेत्र बैरागढ़ से वह लौट रहे थे। तभी एक धार्मिक चिंटू ने उनके ऑटो के ठीक पीछे अपनी बाइक खड़ी कर दी,
सलाहुद्दीन ने इस बाइक वाले आदमी से अपनी बाइक पीछे लेने की गुजारिश की,
लेकिन वो आदमी उनकी धार्मिक पहचान देख कर कथित चिल्लाने लगा। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और वहा कई नफरती लोग जमा हो गए।
अपनी शिकायत में उन्होंने लिखा, 'उनकी धार्मिक पहचान को देखते हुए उनसे अभद्रता की गई, उन्हे गालियां दी गई, उनकी टोपी फेंक दी गई, उनकी दाढ़ी खींची गई, ओर उनके साथ बुरी तरह मारा गया।'
हमलावर यही नही रुके, उन्होंने सलाहुद्दीन को ये तक कहा के, “बुला अपने अपने अल्लाह को” साथ ही धार्मिक नारे JSR भी लगवाए।
सलाहुद्दीन ने डायल 100 पर कॉल करने की कोशिश की लेकिन मोबाइल तोड़ दिया गया, और साथ ही ऑटो भी,
कुछ घंटे बाद पहुंची पुलिस ने सलाहुद्दीन के साथ वही किया गया जो नफराती लोग करते है।
थाने में ले जाने के बाद एक SI ने उनकी बात नही सुनी और खुद ही रिपोर्ट लिखवाई और जबरन हस्ताक्षर कराए,
इसके अलावा, मारपीट करने वाले नफरती लोगो ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने को साजिश की।
कुरैशी ने शिकायत की है।
बाक़ी प्रदेश में शांति है।
आप लोग जब भी कहीं किसी प्रोग्राम हों या फ़िर किसी से मिलें और बात चीत करें तो इन शब्दों की जानकारी के साथ इनका इस्तेमाल जरूर करें।
वो इसलिए कि पता चलना चाहिए की आप एक सभ्य भाषा का इस्तेमाल करते हुए अपनी पहचान को उजागर कर रहे हैं।
अस्सलाम वालेकुम, 'इंशाअल्लाह' और 'जज़ाकल्लाह....
पश्चिम बंगाल कैडर की 2021 बैच की महिला IPS अधिकारी और खड़गपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) बुशरा बानो का तबादला हो गया है।
एक कार्यक्रम के दौरान यूपीएससी अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उनके एक वीडियो में 'अस्सलाम वालेकुम', 'इंशाअल्लाह' और 'जज़ाकल्लाह' जैसे शब्दों के प्रयोग के बाद राज्य सरकार ने उनका स्थानांतरण कर दिया।
ब्रिक्स सम्मेलन में दुनिया भर से आये हुए मुस्लिम राष्ट्राध्यक्षों को बांहें फैलाकर गले लगाने वाले मोदी जी की पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ने खड़गपुर में तैनात IPS बुशरा बानो का महज़ इसलिये ट्रांसफर कर साइड लाइन कर दिया क्योंकि एक वीडियो संदेश के ज़रिये युवाओं से संवाद करते हुए उन्होंने इंशाअल्लाह और जज़ाकअल्लाह कह दिया था जिसका अर्थ बड़ा सामान्य सा है।
एक नफ़रती TV चैनल ने पहले वो वीडियो सनसनीख़ेज़ बनाकर पोस्ट किया और महिला IPS की ऑनलाइल ट्रोलिंग करवाई गई, राज्य सरकार ने उनका साथ देने के बजाय अगले दिन उनका ट्रांसफ़र कर दिया।
ये कैसा भारत बना रहे हैं @narendramodi जी आप ?
@IPS_Association क्या आप देख रहे हैं ??
हिंदू रक्षा दल से जुड़े लोगो और अक्कू पंडित , दक्ष चौधरी , सौरव पंडित की धमकियों के बाद रेस्टोरेंट चलाने वाली हरलीन कौर ने लगाया बड़ा आरोप ,
" इन लोगो की धमकियों की वजह से मेरा सब्र टूट चुका है , अब मुझे आखिरी विकल्प आत्महत्या ही चुनना होगा , क्योंकि ये लोग मुझसे पैसे वसूलते है , फ्री का खाना खाते है और मुझे परेशान करते है ,
हरलीन कौर का ये भी आरोप है कि जब इन लोगो से पैसे मांगे जाते है तो ये पिंकी चौधरी का नाम लेकर मुझे डराते है , स्टाफ के साथ गाली गलौज करते है और तोड़फोड़ करते है इसके अलावा जान से मारने की धमकी और महीने के 50000 रूपये भी मांगे गए " ,
घोटाला खुलने और तमाम विरोध के बावजूद @MOMAIndia का Comprehensive Package Tender फिर से हासिल कर लेने पर Ithra Al Khair @ithraalkhair को बधाई।
याद रखा जाएगा कि सबसे महंगी (L3: SAR 9,777 प्रति हाजी) के सामने सबसे सस्ती बोली (L1) को यह कहकर ख़ारिज कर दिया गया कि वह “Abnormally Low” है, जबकि उस कंपनी ने हर तरह की अंडरटेकिंग दी थी। आसान नहीं है लोगों की आंखों में इतनी धूल झोंक देना। वो भी तब, जबकि @narendramodi@PMOIndia और @AmitShah का दावा है भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टाॅलरेंस नीति का।
ख़ैर, जैसा कि पता चला है, मंत्रालय ने ख़ास तौर पर दो कंपोनेंट्स का बहाना बनाया है:
Makkah रिहाइश: L1 ने SAR 1,950 बताया, Ithra ने SAR 2,350।
Madinah रिहाइश: L1 ने SAR 950 बताया, Ithra ने SAR 1,100।
टेंडर की शर्तें कहती थीं कि तुलना पूरे पैकेज पर होनी चाहिए, न कि अलग-अलग हिस्सों पर। इसके बावजूद L1 को बाहर कर दिया गया।
नतीजा: हर हाजी पर SAR 1,060 अतिरिक्त बोझ। एक परिवार (3 सदस्य) पर लगभग ₹80,000 ज़्यादा खर्च। कुल मिलाकर भारतीय हाजियों पर ₹350–400 करोड़ का अतिरिक्त भार।
ख़राब सेवाओं का रिकॉर्ड होने के बावजूद:
2026 में,@CGIJeddah फहद सूरी ने 34 भारतीय अधिकारियों से फीडबैक लिया था। लगभग 20,000 हाजियों ने भीड़भाड़, गंदगी, घटिया सर्विस और ख़राब सुविधाओं की शिकायत की। इसी आधार पर सऊदी मंत्रालय @MoHU_Eng ने Ithra Al Khair पर SAR 41 मिलियन का जुर्माना लगाया था। बावजूद इसके, कंपनी को फिर से कॉन्ट्रैक्ट मिल गया।
असली खेल: QCBS और “दिल्ली मार्क्स”
टेंडर में तीन क्राइटेरिया थे:
Technical Eligibility — L1 सबसे ऊपर।
QCBS Criteria — L1 फिर से सबसे ऊपर।
Financial Weightage — L1 को 70/70। इसके बावजूद Ithra को चुना गया।
असल में एक चौथा क्राइटेरिया भी था , “Mantralaya Eligibility”, जिसके अंक दिल्ली में दिए जाते हैं Ithra के CEO मुहम्मद बिन साद बिन मुहम्मद खान का इसमें को तोड़ नहीं है।
मंत्री मुसलमान नहीं है, लेकिन मुंबई में कंपनी के ऐजेंट ख़ालिद समेत मंत्रालय में जेएस, हज कमेटी के सीईओ, सीजीआई जद्दाह, और हज सेक्शन की प्रसिद्ध आईएफएस महोदया तो मुसलमान हैं। आप सोचिए, इस तरह की नियुक्तियों पर क़ौम कैसे ख़ुशियां मनाती है, कि देखो आईएएस बन गए, आईएफएस या आईपीएस बन गए... मगर ये सब दलाली के टूलकिट हैं। हाजियों का पैसा अल्लाह के नाम का है। फक़ीरों को भी आसानी से हज़म नहीं होता, मगर इन सबको है। ख़ैर, कहीं तो हिसाब-किताब होता ही होगा... देखते हैं।
@hajscam #haj2027
"सहारनपुर मस्जिद शहीद करने पर क्या किसी सांसद ने, विधायक ने, MLC, ने इस्तीफा दिया
ताकि जब सहारनपुर में दोबारा चुनाव हों तो देश के लोगों को ये पता लग सके कि एक मस्जिद को गैर कानूनी रूप से गिरा दिया गया था
जिसकी वजह से वहां के सांसद ने इस्तीफा दे दिया इसलिए आज सहारनपुर में चुनाव हैं.
ये ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि इन्हें कुर्सियों से प्यार है"
पंजाब के शाही इमाम उस्मान लुधियानवी का बयान
@asadowaisi@Imranmasood_Inc@ShayarImran
#saharanpurmasjid #masjiddemolition
#MP | #Inter_Faith_Couple |
फरवरी 2025 में भोपाल से सटे पिपरिया ब्लॉक के एक इंटरफेथ कपल भोपाल कोर्ट शादी के लिए आया।
तब उनके वकील ने कथित ₹35,000 लिए और कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े लोगों को सूचना देकर उन्हें आदलत परिसर में पीटा गया।
बाद में उस लड़के सैयद का मोबाइल और ₹10,000 कैश भी लूट लिया गया। वकीलों ने कोर्ट के अंदर लड़के से उठा बैठी भी करवाई।
इसके बाद लड़के पर ही धर्मांतरण के आरोप में FIR दर्ज कर अरेस्ट कर लिया।
ना मारपीट करने वाले कट्टरपंथी संगठन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई हुई, ना वकील द्वारा धोखा दिए जाने और कोर्ट परिसर में मारपीट किए जाने पर कोर्ट द्वारा कोई संज्ञान लिया गया।
भोपाल से मामला पिपरिया ट्रांस्फर हुआ जहाँ लड़की के परिवार के दबाव में अपहरण के अलावा और भी धाराएँ जोड़ी गई।
खैर, कोर्ट ने सैयद को जल्द बेल दे दिया।
उसे लड़के के परिवार को इतना सताया गया कि वह अपने गाँव और पिपरिया से हट गए। उन्हें मारने कि धमकियाँ मिल रही थी।
खैर, जब पेशी शुरू हुई, तब युवती ने कोर्ट में लड़के के पक्ष में बयान दिया और परिवार द्वारा लगाए गए सारे आरोपों को पुलिस साबित नहीं कर पाई।
लगभग 20 माह बाद जिला पिपरिया कोर्ट ने सैयद को सारे आरोपों से दोष मुक्त (बरी) कर दिया।
बरी तो हो गए, लेकिन वह दोनों एक हो पाए, यह अभी भी मुंकिन नहीं दिखता।
बाकि प्रदेश में शांति है।
बकौल सरकार, अगर कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन सरकारी होने के कारण वहां बनी मस्जिद को अवैध बताया गया और उसे बुलडोज़ कर दिया गया, तो हमारा सीधा सवाल है -
उसी कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन पर मौजूद मंदिर को लेकर भी क्या यही नियम लागू होता है?
अगर मंदिर वैध है, तो किस आधार पर? और अगर मस्जिद अवैध थी, तो मंदिर की वैधता की जांच क्यों नहीं?
हमने यही सवाल उठाए तो मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया!
रात के अंधेरे में एक मस्जिद को बुलडोज़ कर दिया जाता है। मस्जिद का जरूरी सामान - कुरान पाक, जानमाज़, तस्बीह आदि - मस्जिद से कई किलोमीटर दूर मलबे में पाया जाता है।
जब हम इस सच्चाई को Red Chilli Live के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते हैं, तो हमारे खिलाफ मुकदमा ठोक दिया जाता है।
क्या सच दिखाना जुर्म है?
क्या सवाल पूछना जुर्म है?
क्या पत्रकारिता करना जुर्म है?
महिला पत्रकारों के खिलाफ बार-बार कार्रवाई और हमले की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं - कभी मुकदमों के जरिए तो कभी हिंसक तरीके से।
पत्रकारों पर हमला, लोकतंत्र की आवाज़ पर हमला है।
- पूजा माथुर
#SaharanpurMosque #Saharanpur #PoojaMathur #RedChilliLive
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने हेमंत बिश्वशर्मा सरकार और विदेश मंत्री जयशंकर की गाल पर थप्पड़ जड़ दिया है।
असम की 43 वर्षीय मुमताज़ बेगम के पास सारे डॉक्यूमेंट्स होने के बावजूद उनको वर्ष 2019 में मोरीगांव/नगांव के एक ट्रिब्यूनल द्वारा विदेशी नागरिक घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उनके परिवार की जानकारी और उचित कानूनी नोटिस के बिना 13 जून, 2026 की रात उन्हें सीमा पार कर बांग्लादेश में धकेल दिया गया था।
अब गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ट्रिब्यूनल के पूर्व आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने विदेश मंत्रालय (MEA) को बांग्लादेश में मुमताज़ बेगम का पता लगाने और उन्हें भारत वापस लाने का निर्देश दिया है। साथ ही, उनके पति को अंतरिम राहत(Compensation) के रूप में 2 लाख रुपया देने का भी आदेश सरकार को दिया गया है।
गुवाहाटी हाई कोर्ट के इस फैसले से पूर्व भी पश्चिम बंगाल की सोनाली खातून के केस में भी सुप्रीम कोर्ट ने यही फैसला सुनाया था और सोनाली ख़ातून को बांग्लादेश से वापस भारत लाया गया था।
हेमंत बिश्वशर्मा और शुभेंदु अधिकारी ने इसी घुसपैठिया को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ा था। अब हाई कोर्ट ने थप्पड़ जड़ दिया है।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद के इमाम साहब के इंटरव्यू पर मेरे खिलाफ UP में शिकायत दर्ज।
सच दिखाना जुर्म है क्या?
सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर मेरी ग्राउंड रिपोर्टिंग को लेकर मेरे खिलाफ कथित तौर पर प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी अखबार के माध्यम से मिली है।
सवाल सिर्फ मेरा नहीं है - क्या पत्रकारिता करना, ज़मीन पर जो देखा उसे दिखाना और सवाल पूछना अपराध है?
मैंने वही रिपोर्ट करने की कोशिश की जो मौके पर देखा और लोगों से सुना।
मैं कानून और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती हूं। लेकिन सवाल यह है -
अगर एक पत्रकार को सच दिखाने और सवाल पूछने की कीमत प्राथमिकी के रूप में चुकानी पड़े, तो फिर आम जनता की आवाज़ कौन उठाएगा? और लोकतंत्र में पत्रकार की भूमिका आखिर क्या बचेगी?
हम बाबा साहब के मानने वाले हैं , जो सच है उसे दिखाते रहेंगे।
@PTI_News@AP@ajitanjum@ravish_journo@Ashok_Kashmir@zoo_bear@Editor_SanjayS@bhimarmychief@sanjayazadsln@arvindkejriwal@rahulgandhi
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हेमंता सरकार को दिया 2 लाख रुपये मुआवज़ा देने का निर्देश, बोले- FT ने मुस्लिम महिला को बांग्लादेश भेजने के आदेश की कॉपी देने में जानबूझकर देरी की.
#Guwahati#HighCourt#Muslim#BJP
मोतिहारी में भैंस नहलाने के विवाद पर जानलेवा हमला, दो की मौत, तीन गिरफ्तार
बिहार: मोतिहारी के पताही थाना क्षेत्र के जमुनी टोला गांव में सड़क पर भैंस को पानी से नहलाने के मामूली विवाद को लेकर एक परिवार पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया गया। घटना में घायल मरीना खातून (35) और जमील अख्तर (36) की मोतिहारी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि मोहसीन अख्तर (40) की हालत गंभीर बनी हुई है।
पीड़ित परिवार ने गांव के ही संजय सिंह समेत अन्य लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। पुलिस ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पूरी खबर के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा के एसीपी डॉ. रवि शंकर मिश्रा को सस्पेंड कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट रोक के बावजूद, उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन में शामिल छात्र अक्षत त्रिपाठी को 5 लाख रुपये के मुचलके का नोटिस भेजा था।
विवाद बढ़ने पर पुलिस ने यह नोटिस वापस ले लिया है और डीजीपी ने गलत नोटिस जारी करने के मामले में जांच के सख्त निर्देश दिए हैं।
https://t.co/pTSWqiDH7h
📍 उत्तर प्रदेश
अभिषेक ठाकुर और उसके साथियों पर आरोप है कि अल्लाह और मुस्लिमों को लेकर आपत्तिजनक गाने पर रील बनाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई।
@Uppolice आखिर कब तक ऐसे तत्वों को खुली छूट देती रहेगी? कार्रवाई होगी या दंगा भड़कने का इंतज़ार है?