जावरा से इंदौर की दूरी 185 किलोमीटर है और उज्जैन की दूरी 102 किलोमीटर है, लेकिन मोहन यादव जी अपने जादू से इसे सिर्फ 20 किलोमीटर कर देंगे।
@drmohanyadav51 जी कृपया बताइए, सैकड़ों किलोमीटर की दूरी को 90 प्रतिशत तक कम करने वाली यह कौन सी टेक्नोलॉजी है।
इस पर तो ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे स��स्थानों को भी शोध करना चाहिए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर भड़की एक युवा लड़की
लड़की पूछ रही द्रौपदी मुर्मू की सच्चाई क्या है सत्ता में कुछ औरते बैठ जाती है फांसीवादियों के पक्ष में इसका मतलब ये नहीं है इस देश की आम मेहनतकश औरतें और छात्र युवा सब सुरक्षित है।
साथ में RSS को भी लपेट लिया !!!
“संसद, न्यायपालिका और ब्यूरोक्रेसी ढह चुकी हैं, खोखली हो गई हैं।
देश को सुधारने के लिए अब जनसंघर्ष ही एकमात्र रास्ता बचा है।” 🔥
-- पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज मार्कण्डेय काटजू
सोचिए, देश की हालत कितनी ख़राब होगी 🤔
जब यह बात एक पूर्व सुप्रीम कोर्ट ���ज कह रहे हों। 🇮🇳
#InstitutionalFailure #IndianDemocracy
#TripuraStudent
भाई ईमानदारी से @JioCare , @reliancejio तुम्हारी सर्विस गांवों में बहुत ही खराब है।
अगर आपके गांवों में भी रिलायंस jio की सर्विस खराब है तो टैग करें और सवाल करें।
जब पैसे शहरों वाले तो नेटवर्क घटिया वाले क्यों ?
हार्वर्ड में रजत शर्मा को पत्रकार नहीं, बीजेपी एजेंट कहा गया!
छात्र ने खुली कुंडली पढ़ दी —
~तुम ABVP के हो
~ अरुण जेटली, विजय गोयल के दोस्त हो
~ बीजेपी-बसपा गठबंधन करवाया था
~ मोदी के ख़ास हो
~ बीजेपी को चुनाव में मदद करते हो
~ पद्मविभूषण ,अरुण जेटली की सिफ़ारिश पर मिला ।
मध्यप्रदेश सरकार युवाओं की आवाज दबाना चाहती है!
मध्यप्रदेश विधानसभा बजट सत्र 2025 को इतना छोटा रखा गया है कि 230 विधायकों को अपने क्षेत्र और जनता के मुद्दे रखने का मौका ही नहीं मिलेगा। सरकार को युवाओं और बेरोजगारों की सम��्याओं से कोई सरोकार नहीं है। लेकिन मैं आप सभी से वादा करता हूं कि आपके हक की लड़ाई में कोई कमी नहीं आने दूंगा।
🔹 जनसेवा मित्रों की नियुक्ति
🔹 शिक्षक भर्ती 2018
🔹 MPPSC इंटरव्यू
🔹 MPPSC 2025 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग
🔹 नवनियुक्त कर्मचारियों को 100% वेतन मिले, 87/13 फॉर्मूला बंद हो
🔹 OBC को 27% आरक्षण मिले
🔹 MP पुलिस फाइनल रिजल्ट जारी हो
🔹 MP पुलिस में 25,000 रिक्त पदों पर भर्ती हो
🔹 शिक्षा विभाग में हजारों रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए
सरकार चाहे जितनी बाधाएं खड़ी करे, लेकिन युवाओं की आवाज विधानसभा में जरूर गूंजेगी! आप सभी से अपील है कि इस संघर्ष में अपना समर्थन दें और मिलकर अपना हक मांगें।
#युवाओं_की_आवाज #MPPSC #MPPolice #शिक्षक_भर्ती #बेरोजगारी #HiralalAlawa
शिक्षा_पर_सवाल
📢 मध्यप्रदेश की सरकारी यूनिवर्सिटियों में शिक्षा का ये हाल!
👉 17 सरकारी यूनिवर्सिटियों में 81% फैकल्टी पद खाली
👉 5 यूनिवर्सिटी में एक भी रेगुलर शिक्षक नहीं
👉 60,000 से ज्यादा छात्र गेस्ट फैकल्टी के भरोसे
🚨 भर्ती क्यों नहीं हो रही?
▪️ OBC आरक्षण 27% होगा या 14%? सरकार स्पष्ट क्यों नहीं करती?
▪️ कुलसचिव-कुलपति भर्ती को लेकर डरे रहते हैं, कहीं सरकार उन्हें ही न हटा दे!
▪️ राज्य सरकार वर्षों से भर्ती टाल रही है, शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो रही है।
📢 क्या यही है "डबल इंज���" सरकार का विजन?
📢 MP के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा से वंचित करने की साजिश क्यों?
#MP_में_शिक्षा_संकट
#फैकल्टी_भर्ती_कब?
#भाजपा_की_शिक्षा_विरोधी_नीति
झुकती है दुनिया, बस झुकाने वाला चाहिए!
ESB का नया आदेश—एक जीत या नया जाल?
मध्यप्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में नॉर्मलाईजेशन (Normalization) की विवादित पद्धति के खिलाफ जो लड़ाई विधानसभा में मेरे द्वारा उठाई गई थी, उसका असर अब दिखने लगा है। ESB (मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल) ने नई नियमावली जारी की है, जिसमें Normalised Equi-Percentile (NEP) scaling technique लागू करने का फैसला किया गया है। लेकिन क्या यह वास्तव में युवाओं के हित में है, या सिर्फ नॉर्मलाईजेशन को दूसरे नाम से जारी रखने का नया तरीका?
"लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई!"
हमने एक भर्ती परीक्षा, एक दिन में कराने की मांग उठाई थी ताकि नॉर्मलाईजेशन पूरी तरह समाप्त हो। लेकिन ESB ने सिर्फ तकनीक का नाम बदल दिया।
📌 पहले — Normalization के नाम पर परीक्षार्थियों के अंक मनमाने ढंग से ऊपर-नीचे किए जाते थे।
📌 अब — NEP Scaling Technique के जरिए वही प्रक्रिया ज़रा घुमा-फिराकर लागू की जा रही है।
इस लड़ाई को रुकने नहीं देना है!
🚨 युवा अब जागरूक हो चुके हैं।यह लड़ाई सिर्फ नॉर्मलाईजेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए है।
👊 हमारा लक्ष्य:
✅ भर्ती परीक्षा एक दिन में, एक ही शिफ्ट में हो
✅ रिजल्ट में कोई छेड़छाड़ या गणितीय हेरफेर न हो
✅सबके लिए समान अवसर हो, मेरिट ही आधार बने
सरकार को झुकाना पड़ेगा!
इस फैसले को जीत मानना जल्दबाजी होगी, बल्कि यह दिखाता है कि दबाव में सरकार झुकती है, बस झुकाने वाला चाहिए!हमें इसे पूरा हटाने के लिए संघर्ष जारी रखना होगा।
युवाओं, अब तुम्हारी आवाज़ और बुलंद होनी चाहिए! 📢✊🔥
@ReporterRavish@aajtak@MPTakOfficial@akanshathakur7@Anurag_Dwary@INCMP@INCIndia
छात्रों के संघर्ष की जीत...
हमारी जो मांगे पूर्ण हुई वह निम्न लिखित हैंI
1. 87% वाले सभी छात्रों की कॉपी दिखाई जाएग��..
2. अधिकतम पोस्ट पर भर्ती होगी ..
3. इंटरव्यू के मार्क्स कम होगे एवं बिना पहचान के आयोजित होंगे..
4. 87/13 का शीघ्र निराकरण होगा
5. MPPSC में सुधार हेतु एक कमेटी का निर्माण होगा(एक सदस्य छात्रों की ओर से रहेगा) देश के सभी राज्य आयोग के नियमों का परीक्षण करके MPPSC में युक्तियुक्त सुधार किए जाएंगे
6. सहायक प्राध्यापक के साक्षात्कार जल्द आयोजित होगे।
7. सरकार भर्ती प्रक्रिया में ��ुधार हेतु एक पोर्टल बनाएगी जिसमें छात्रों से सुझाव लिए जाएंगे।
पढ़ेंगे,लड़ेंगे जीतेंगे..🤝🇮🇳
#MPPSC_PROTEST #MPPSC_महाआंदोलन
2014 के बाद कांग्रेस का जबरदस्त स्टैंड 😎👇
आम तौर पर क्या होता है कांग्रेस कोई एक मुद्दा उठाती है मीडिया या साहेब कोई बड़ा मुद्दा या विवाद ले आते है और कांग्रेस अपने मुद्दे से भटक जाती है लेकिन इस बार लग रहा है कांग्रेस अड गई है
जैसा की आप सब जानते है अंबेडकर के मुद्दे पर कांग्रेस लगातार अमित शाह को घेर रही है इस बीच धक्का मुक्की कांड के चलते अम��त शाह का मुद्दा दबने वाला था लेकिन कांग्रेस वापसी कर रही है
कांग्रेस अमित शाह द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर बीजेपी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन करने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस 24 दिसंबर को देशभर में बाबा साहेब अंबेडकर सम्मान यात्रा निकालेगी इस से अब एक चीज़ साफ़ है कांग्रेस भटकने वाली नहीं है इस बार .
पीएससी: 90 घंटे का आंदोलन, ठंड में संघर्ष और सरकार के वादे"
"रात 3 बजे कलेक्टर, सुबह 5 बजे आश्वासन;
यह सरकार है या रात की बस, हर पड़ाव पर ठहराव?
अभ्यर्थी कड़कड़ाती ठंड में,
और सरकार बहानों की गर्मी में।
चार दिन के संघर्ष के बाद जो वादे मिले,
क्या वह भी किसी अगली बैठक में फिसलेंगे?"
सवाल:
87% अभ्यर्थियों को कॉपियां दिखाने का वादा:
क्या यह ��्रक्रिया इतनी कठिन है कि आंदोलन की नौबत आए?
इंटरव्यू में सुधार:
पहचान उजागर न हो, यह पहले से क्यों नहीं लागू था?
हाई लेवल कमेटी:
यह समाधान है या फिर से एक और सरकारी फाइल?
जनता की बात:
सरकारें युवाओं को देश का भविष्य कहती हैं,
पर उनके हक के लिए लड़ने पर मजबूर करती हैं।
क्या ठोस कदम उठाने के लिए हर बार आंदोलन की ज़रूरत पड़ेगी?
संदेश:
सरकार को यह समझना चाहिए कि युवा केवल आश्वासन से नहीं,
बल्कि ईमान��ार और पारदर्शी क्रियान्वयन से संतुष्ट होंगे।
#MPPSC_आंदोलन
#युवा_हक_के_लिए
#मप्र_सरकार_जवाब_दो
ये तो ग़ज़ब हो गया
मुझे उम्मीद नहीं थी मेरे एक ट्वीट पर रेलवे से इतना क्विक रिस्पॉन्स आएगा।
रेलवे मंत्रालय दिल्ली से भी फोन आ गया, जीआरपीएफ भी तुरंत सक्रिय हो गयी और भाटापारा रेलवे स्टेशन पर उनके लोग भी ट्रेन के रुकते ही बोगी में पहुंच गए।
उन सभी मित्रों का शुक्रिया एवं आभार ज���न्होंने फिक्र व चिंता की।साथ ही साथ रेलवे का भी धन्यवाद।😊
तुलसीदास जी कहते हैं- “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी”
जिनके मन में ही क्रूरता भरी हो, उन्हें बच्चों की मासूमियत और उल्लास से भी दिक़्क़त होने ���गती है। #BharatJodoYatra