यह केवल एक धरना नहीं, अपने आत्मसम्मान और भविष्य को बचाने की निर्णायक जंग है। हम झुकने वाले नहीं हैं, हमारी आवाज़ लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गूंजेगी!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
सरकार कहती है 'डिजिटल गांव, सशक्त गांव', लेकिन गांवों को डिजिटल बनाने वाले पंचायत सहायक आज बुनियादी अधिकारों के लिए तरस रहे हैं। यह दोहरा मापदंड क्यों?
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
यह केवल एक धरना नहीं, अपने आत्मसम्मान और भविष्य को बचाने की निर्णायक जंग है। हम झुकने वाले नहीं हैं, हमारी आवाज़ लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गूंजेगी!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
गांव-गांव तक सरकार की हर योजना पहुंचाने वाले आज खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे हैं। हुक्मरानों, अब तो अपनी आंखें खोलो और हमारी पीड़ा सुनो!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
ग्राम सचिवालयों को रोशन करने वाले पंचायत सहायक आज अंधेरे भविष्य के मुहाने पर खड़े हैं। सेवा सुरक्षा और उचित वेतन हमारा अधिकार है, कोई खैरात नहीं!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
डिजिटल इंडिया की सबसे मज़बूत कड़ी आज सड़कों पर बैठी है। ₹6000 में परिवार चलाना नामुमकिन है, सरकार हमारी मेहनत का सम्मान करे और सम्मानजनक मानदेय दे!
#पंचायत_सहायक_संघर्ष
@Virendra_mla सरकार ग्रामीण स्तर पर शौचालय चलाने वाला केयरटेकर और ग्राम सचिवालय चलाने वाला गांव का टॉपर प्रतिभाशाली (पंचायत सहायक), दोनों के लिए समान मानदेय तय कर रखा है जबकि दोनों में पद दायित्व में बहुत अंतर है। मै इस सरकार के शोषणकारी नीति का घोर निंदा करता हूं। @myogioffice संज्ञान लें।
सीतापुर के पावर हाउस लहरपुर के लालपुर फीडर के ग्राम मैथौरा में नही आ रही है सरकार की फजीहत कराने पर तुले हैं लहरपुर पवार हाउस के अधिकारी नहीं दे भीषण गर्मी मे जनता होगी बेहाल @MVVNLHQ@MVVNLmd@mvvnlsitapur@dm_sitapur@UPPCLLKO
@aksharmaBharat@mvvnlsitapur@MVVNLHQ ग्राम पंचायत लखनियापुर के ग्राम मेथौरा, डीह पुरवा,पिपरहा में आज 4 दिन से लाइट नहीं है . कृपया करके सप्लाई प्रदान करने का कष्ट करें। जिला सीतापुर, पावरहाउस लहरपुर , लालपुर फीडर @UPPCLLKO
📢 माननीय जिलाधिकारी महोदय एवं उत्तर प्रदेश शासन से पंचायत सहायकों की न्यायोचित मांग
उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों में कार्यरत पंचायत सहायक/अकाउंटेंट कम डाटा एंट्री ऑपरेटर ग्रामीण प्रशासन की डिजिटल व्यवस्था की रीढ़ हैं। पंचायत सहायकों द्वारा प्रतिदिन शासन की विभिन्न योजनाओं एवं विभागों से संबंधित कार्य पूर्ण निष्ठा से किए जाते हैं।
हमसे कराए जाने वाले प्रमुख कार्यों में शामिल हैं— • परिवार रजिस्टर एवं पंचायत अभिलेखों का डिजिटलीकरण
• जन्म, मृत्यु एवं अन्य प्रमाण-पत्रों से संबंधित ऑनलाइन कार्य
• लाभार्थियों का सत्यापन एवं घर-घर सर्वेक्षण
• पीएम आवास, शौचालय, पेंशन, राशन कार्ड एवं अन्य योजनाओं का डेटा अपडेट
• पोर्टलों पर ऑनलाइन प्रविष्टि एवं रिपोर्टिंग
• शासन द्वारा समय-समय पर दिए गए लक्ष्य आधारित कार्यों का निष्पादन
इन सभी कार्यों के लिए पंचायत सहायकों को स्वयं का मोबाइल फोन, इंटरनेट डेटा, कॉलिंग सुविधा, संसाधनों का उपयोग करना पड़ता है। इन संसाधनों हेतु कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाती।
जबकि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी लगभग ₹15,244 प्रतिमाह निर्धारित है, पंचायत सहायकों को इससे बहुत कम मानदेय पर कार्य करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल आर्थिक रूप से कठिन है, बल्कि पंचायत सहायकों के मनोबल को भी प्रभावित करती है।
हमारी प्रमुख मांगें
✅ पंचायत सहायकों का मानदेय कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप निर्धारित किया जाए।
✅ कार्य हेतु स्मार्टफोन, CUG सिम, मासिक इंटरनेट डेटा एवं नियमित मोबाइल रिचार्ज उपलब्ध कराया जाए।
✅ संसाधन उपलब्ध न कराए जाने की स्थिति में इनके लिए पृथक भत्ता दिया जाए।
✅ अतिरिक्त विभागीय एवं लक्ष्य आधारित कार्यों के अनुरूप उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित किया जाए।
✅ पंचायत सहायकों के कार्य की महत्ता को देखते हुए सेवा शर्तों को अधिक स्पष्ट एवं सम्मानजनक बनाया जाए।
ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल शासन की सफलता पंचायत सहायकों के समर्पित कार्य पर आधारित है। अतः माननीय @DMKanpurDehat जिलाधिकारी महोदय एवं उत्तर प्रदेश @myogiadityanath शासन से विनम्र अनुरोध है कि पंचायत सहायकों की इन न्यायोचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाए।
समस्त पंचायत सहायकों की ओर से विनम्र निवेदन।
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@DMKanpurDehat@CdoKanpurDehat@CMOfficeUP@spgoyal@ChiefSecyUP@sanjaychapps1@InfoDeptUP@CommissionerKnp
BLO और पंचायत सहायक 60000 हजार ऊपर बैठे हैं और 6000 हजार नीचे बैठे हैं बाकी आप खुद समझ जाओ
सर आपने एक और सम्मान दिलाने वाला आदेश जारी कर दिया है उससे और पंचायत सहायकों को सम्मान मिलेगा 4 साल नौकरी करवा के कहते हो कि पंचायत सहायकों को और 2 साल का सेवा विस्तार मिलेगा 👍👍
@UPGovt
भाई ईमानदारी से @JioCare , @reliancejio तुम्हारी सर्विस गांवों में बहुत ही खराब है।
अगर आपके गांवों में भी रिलायंस jio की सर्विस खराब है तो टैग करें और सवाल करें।
जब पैसे शहरों वाले तो नेटवर्क घटिया वाले क्यों ?
IPS संजीव भट्ट की पूरी ज़िंदगी तबाह हो गई नरेंद्र मोदी को एक्सपोज़ करने के बाद
कहानी शुरू होता है फरवरी 2002 में अयोध्या से लौट रही साबरमती एक्सप्रेस में आग लग जाती है
जिसमें 60 हिंदू यात्रियों की मौत हो गई।
इसके बाद पूरे गुजरात में भीषण हिंदू-मुस्लिम दंगे भड़क गए
जिनमें हजारों लोग मारे गए।
इसी दौरान संजीव भट्ट ने एक बड़ा आरोप लगाया
उनका कहना था कि गोधरा हादसे के बाद नरेंद्र मोदी ने अपने घर पर हुई एक मीटिंग में कहा था
हिंदुओं को उनका गुस्सा निकालने दो।
संजीव भट्ट गुजरात कैडर के 1998 बैच के IPS अधिकारी थे
2011 में संजीव भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की जांच की मांग की,
लेकिन सरकार ने कहा कि संजीव भट्ट उस मीटिंग में मौजूद ही नहीं थे।
कोई ठोस सबूत नहीं मिला और उनके दस्तावेजों की सच्चाई पर सवाल उठाए गए।
इसके बाद गुजरात सरकार ने उनके खिलाफ कई पुराने केस दोबारा खोल दिए
जिनमें से एक केस में पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत का भी था।
इन सबके चलते संजीव भट्ट को बार-बार जेल जाना पड़ा,
और आखिरकार 2019 में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
वो आज उम्रकैद की सजा काट रहा है।
#SanjeevBhatt