आज समाजवादी पार्टी का कुनबा और ज्यादा बड़ा हो गया है।
गोंडा कटरा ब्लॉक के ब्राह्मण समाज के बड़े नेता जिला पंचायत सदस्य भवानीभीख शुक्ला जो बृजभूषण शरण सिंह के करीबी माने जाते हैं
वो अपने 4 भाइयों और परिवार के सदस्यों के साथ आज सपा में शामिल हुए इनमें
भगवान शुक्ला
कृष्ण भगवान शुक्ला
शिव भगवान शुक्ला
विष्णु भगवान शुक्ला
शंकर भगवान शुक्ला
सबसे मजेदार बात कि इन सभी भाइयों के नाम भगवान के नाम के साथ जुड़ा है जिसकी अखिलेश जी ने खुद चर्चा की है।
लखनऊ : ईको गार्डन में ANM कर्मचारियों का धरना
➡️ताली और थाली बजाकर जताया विरोध
➡️ताली और थाली के साथ लगाए जोरदार नारे
➡️मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी
➡️28 सितंबर से लगातार धरने पर ANM
➡️मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारी
#Lucknow#ANMEmployees#EcoGarden@AdminLKO
लखनऊ में ANM कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर इतना बड़ा धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन दलाल मीडिया को दिखाई नहीं दे रहा हैं और उनकी आवाज़ सरकार की कानों में गूंज भी नहीं रही है!
#ANM#Lucknow#JantarMantar#लोकतंत्र#आवाज_उठाओ
सोचिए ANM कर्मचारी लखनऊ में इतना बड़ा धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
इसीलिए दिल्ली में जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल के रूप में हटा दिया गया है ताकि आप अन्य जगह प्रदर्शन तो करेंगे लेकिन कोई ध्यान नहीं देगा।
उत्तर प्रदेश के गांवों में टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी ANM कर्मचारी आज लखनऊ सत्ता के केंद्र से दूर अपने मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं।
योगी सरकार उनकी सुनने को तैयार नहीं।
जंतर मंतर प्रदर्शन स्थल को इसलिए सत्ता के केंद्र से दूर किया जा रहा है।
लखनऊ का इको गार्डन धरना स्थल बहुत दूर है जहां से सरकार के कानों तक आवाज नहीं पहुँच पाती।
लखनऊ - ANM, CHO, NHM कर्मियों का धरना
➡️थाली बजाकर कर्मचारियों KE विरोध
➡️लंबित मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन
➡️इको गार्डन में स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन
➡️EPF, ESI और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग
➡️28 सितंबर से आंदोलन कर रहे हैं कर्मचारी.
#Lucknow@nhm_up
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अभी हाल ही में अगले छह महीने के अन्दर एक लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गयी है, किन्तु यह बेहतर होता कि जिन भी सरकारी विभागों में अस्थायी तौर पर लोग वर्षों से कार्यरत हैं उन्हें भी स्थायी नौकरी की व्यवस्था में शामिल किया जाये।
वैसे भी बी.एस.पी. ख़ासकर सरकारी तंत्र में आउटसोर्सिंग एवं संविदा आदि की शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध है और इसीलिये पार्टी की माँग है कि सरकारी नौकरी बहाली के क्रम में एनआरएचएम के अन्तर्गत विगत अनेक वर्षों से निरन्तर सेवा दे रहे है समस्त एनआरएचएम संविदाकार्मिकों को भी स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाये तो यह उचित होगा, जो वे लोग अपने स्थायीकरण आदि की माँगों के समर्थन में पिछले कई दिनों से लखनऊ के मान्यवर श्री कांशीराम जी ईको गार्डेन के पास धरना पर हैं।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं पर जिनके कंधों पर covid जैसी महामारी पर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है उनकी हालत और उनके परिवार की मुश्किलें सरकार को नहीं दिख रही महंगाई चरम पर है कैसे कोईअपना घर चले शोषण बंद करे सरकार
मेरी महीने की 20 हजार रुपए सैलरी है। इतना तो अधिकारियों के घर में कुत्तों के बिस्कुच का खर्च होता है। हम इस सैलरी में क्या करें? घर चलाएं, बच्चे पालें या उसके भविष्य के लिए पैसे बचाएं?
ये कहना है मीरजापुर में तैनात NHM चाइल्ड हेल्थ स्टाफ अंजलि राय का। लखनऊ के ईको गॉर्डन में NHM कर्मियों के चल रहे प्रदर्शन में अन्य 50 हजार कर्मचारियों के साथ अंजलि अपने बच्चे को लेकर पहुंची थी। उन्होंने समान काम के लिए समान वेतन और परमानेंट करने की मांग की है।
यह उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य व्यवस्था की दो वीडियोस है।
एक वीडियो में वेल क्वालिफाइड MBBS डॉक्टर्स समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
दूसरे वीडियो में अस्पतालों में NHM के जरिए काम करने वाले सहायक स्वास्थ्य कर्मी है जैसे ANM, फार्मासिस्ट और टेक्नीशियन है जो अपनी स्थाई नौकरी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक जी एक बात बताएं कि आप प्रदेश के पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को ई-रिक्शा चलाने का सुझाव देते हैं।
ऐसी डिग्री धारी और भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य मंत्री जी आप क्या सुझाव देना चाहेंगे।
क्योंकि समाधान तो आपके और आपकी सरकार के बस की नहीं है।
@brajeshpathakup@myogiadityanath@narendramodi महोदय कृपया आप सभी से अनुरोध है राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम)उत्तर प्रदेश लखनऊ के इको गार्डन में समस्त संविदा कर्मचारियों का लगातार धरना प्रदर्शन चल रहा है कृपया मांगों पर विचार करने का कष्ट करें
लखनऊ में 75 जिलों के NHM कर्मचारियों की गूंज— “हमको भी परमानेंट कर दो!”
प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ NHM कर्मचारी स्थायी नौकरी और अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं, लेकिन भाजपा सरकार उनकी आवाज़ कब सुनेगी?
एक तरफ़ बड़े उद्योगपतियों से नज़दीकियों के आरोप, दूसरी तरफ़ वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों के भविष्य पर अनिश्चितता!
भाजपा सरकार बताए—स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मान और सुरक्षा कब मिलेगी?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों संविदा कर्मचारियों का लखनऊ के इको गार्डेन में आंदोलन के पांचवें दिन भी धरने पर बैठे रहना गंभीर चिंता का विषय है।
करीब 20 वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाले ये कर्मचारी आज भी नौकरी की अस्थिरता और सामाजिक सुरक्षा के अभाव से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कर्मचारियों को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े, यह चिंताजनक है।
NHM संविदा कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा नियमितीकरण, EPF, ग्रेच्युटी एवं स्वास्थ्य बीमा, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और लंबित सेवा संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान शामिल है।
@UPGovt से मांग है कि कर्मचारियों की समस्याओं पर तत्काल वार्ता कर ठोस निर्णय लिया जाए और उन्हें सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा एवं स्थायी भविष्य की गारंटी दी जाए।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)-भीम आर्मी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की सभी जायज मांगों का पूर्ण समर्थन करती है और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार बनने पर NHM संविदा कर्मचारियों की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
@CMOfficeUP@brajeshpathakup@nhm_up
#UPNHM
#NHM #NHMprotest #NationHealthmission
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad