समायोजन प्रक्रिया हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए न्यायालय के निर्णय आने तक किसी भी शिक्षक को मूल विद्यालय वापस भेजना उचित नहीं होगा। जब तक अदालत से आदेश नहीं आता, तब तक बीएसए द्वारा जारी सभी वापसी आदेशों पर रोक लगाई जाए।
@myogiadityanath@thisissanjubjp@Aamitabh2
शिक्षक के साथ हुआ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्पक्ष जाँच हो,
शिक्षक को सम्मान वापस मिले,
दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।
यही आम शिक्षक की माँग है |
सीतापुर में हुए अन्याय को,
नहीं सहेगा शिक्षक समाज!
@myogiadityanath@CMOfficeUP#Istandwithbrijendraverma
बीएसए कार्यालय में उपस्थित बाबुओं और कर्मचारियों पर भी सख्त कार्यवाही होनी चाहिए, बीएसए के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए अध्यापक के आगमन से लेकर अंत तक पूरी रिकॉर्डिंग जारी कर निष्पक्ष कार्यवाही को पूरा किया जाए
#Istandwithbrijendraverma@DrDCSHARMAUPPSS
महमूदाबाद का नदवा कांड!
सीतापुर जिले के महमूदाबाद ब्लॉक के नदवा गाँव का प्राथमिक विद्यालय इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
यहाँ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सीधे-सीधे शिक्षा, भ्रष्टाचार और जातीय राजनीति को उजागर करता है।
मामला क्या है?
•विद्यालय की शिक्षिका अवंतिका गुप्ता महीनों से गैरहाज़िर।
•बच्चे कक्षा में, मगर मैडम घर पर!
•इसके बावजूद BSA अखिलेश कुमार “सिंह” प्रधानाचार्य पर दबाव बनाकर उनकी हाज़िरी लगाने और सैलरी निकलवाने पर आमादा।
•प्रधानाचार्य बृजेंद्र “वर्मा”, जो PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) वर्ग से हैं, ने बच्चों की पढ़ाई का हवाला देकर ऐसा करने से साफ इंकार कर दिया।
फिर क्या हुआ?
👉 और यहीं से असली खेल शुरू हुआ।
•प्रधानाचार्य का “ना” कहना, BSA और सत्ता के स्वजातीय नेताओं को नागवार गुज़रा।
•आरोप है कि BJP विधायक और BSA के बीच मिलीभगत है।
•नतीजा:
•जो शिक्षक बच्चों की पढ़ाई बचाना चाहता था → जेल भेजा गया।
•जो शिक्षिका स्कूल आई ही नहीं → उसकी तनख्वाह पचाई जा रही है।
बड़ा सवाल
•क्या यूपी की शिक्षा व्यवस्था ऐसे ही चलेगी?
•स्कूल में शिक्षक आएं न आएं, बच्चों को पढ़ाया जाए न पढ़ाया जाए, लेकिन तनख्वाह ज़रूर मिलती रहे?
•और जो ईमानदारी से काम करे, उसे जातीय आधार पर प्रताड़ित किया जाए?
मांग
👉 दोषी BSA अखिलेश कुमार “सिंह” पर तुरंत कार्रवाई हो।
👉 PDA वर्ग के ईमानदार शिक्षक बृजेंद्र “वर्मा” को तुरंत रिहा किया जाए।
👉 बच्चों की पढ़ाई को सियासत और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाना बंद किया जाए।
यह मामला सिर्फ़ एक गाँव या एक स्कूल का नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम का आईना है —
जहाँ जाति और सियासत मिलकर भ्रष्टाचार का नेक्सस खड़ा कर रहे हैं, और सबसे बड़ा नुकसान हो रहा है गरीब बच्चों की शिक्षा का।
शिक्षक श्री बृजेन्द्र वर्मा पर दर्ज मुकदमा को वापस ले,शिक्षक पर जानलेवा हमला करने वाले कार्यालय के बाबुओं पर मुकदमा दर्ज हो , निष्पक्ष जांच हो दोषियों को निलंबित किया जाए बीएसए ऑफिस का सीसीटीवी फुटेज पूरी जारी किया जाए।।
#Istandwithbrijendraverma
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BSA सीतापुर अखिलेश सिंह,
बेल्ट चलाने वाले शिक्षक जेल में हैं,
अपने ऊपर आरोप लगने के बाद BSA ने
महिला शिक्षिका को निलंबित कर दिया है , BSA की भूमिका पूर्णतया संदिग्ध है , सख्त जाँच /कार्रवाई की दरकार है , उच्चाधिकारी सन्नाटे में हैं !!
#Istandwithbrijendraverma
#Istandwithbrijendraverma
सीतापुर बीएसए-प्रधानाध्यापक बेल्ट कांड:
बेल्ट चलाने वाले शिक्षक जेल में हैं,
अपने ऊपर आरोप लगने के बाद BSA ने
महिला शिक्षिका को निलंबित कर दिया है, BSA की भूमिका पूर्णतया संदिग्ध है, सख्त जाँच/कार्रवाई की दरकार है, उच्चाधिकारी सन्नाटे में हैं!
@dm_sitapur@UPPSS1921@DrDCSHARMAUPPSS
शिक्षक के साथ हुआ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निष्पक्ष जाँच हो,
शिक्षक को सम्मान वापस मिले,
दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले।
यही आम शिक्षक की माँग है |
सीतापुर में हुए अन्याय को,
नहीं सहेगा शिक्षक समाज!
@myogiadityanath@CMOfficeUP#Istandwithbrijendraverma
आखिर अध्यापक की ये हालत किसने की?
इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, वेतन अवरूद्ध, निलंबन, प्रतिकूल प्रविष्टि, बर्खास्तगी.. ऐसे ना जाने कितने हथियार है जिनसे अध्यापकों को मानसिक प्रताड़ित किया जाता है।
हर चीज में अध्यापक दोषी नही होता।
#Istandwithbrijendraverma@Aamitabh2
सीतापुर जनपद में शिक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के बीच हुए वाद विवाद व मारपीट आदि को जिला संगठन को निर्देश दिया गया है। जिला कार्यकारिणी अपने स्तर से बैठक करते हुए मामले की स्वयं जांच करते हुए अवगत कराएगी।
एकतरफा कार्यवाही से शिक्षक समाज आहत है।
BSA कार्यालय से जारी वीडियो में एक पक्ष की बातों को ही रखा जा रहा है तथा कुछ ऑडियो भी वायरल है जिसमे शिक्षक को अनावश्यक दबाव भी बनाया जा रहा है।
बुजुर्ग शिक्षक इतना बड़ा कदम बिना समस्या के नहीं उठायेगा।
यदि दो दिनों के बीच उचित कार्यवाही नहीं होती है, तो प्रदेश के सभी जनपद के शिक्षक संगठन जिला अधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को निष्पक्ष जांच के लिए पत्र लिखते हुए कार्यवाही की मांग करेंगे।
शिक्षक संगठन सदैव शिक्षक के हित के लिए और समाज को नई दिशा प्रदान करने के लिए प्रेरित रहता है और लोगों को प्रेरित करता भी है।
डॉ0 दिनेश चंद्र शर्मा,
अध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ