BJP का काउंटडाउन शुरू!
डर की सल्तनत को चकनाचूर करने का हुनर सिर्फ देश के युवाओं और जुझारू लड़कियों के पास है। आज जिस तरह अहंकार के किले ढहे हैं, उसने बता दिया कि लोकतंत्र में युवाओं की मर्जी से बड़ा इस कायनात में कुछ भी नहीं।
लोकतंत्र में देश की असली प्रधान जनता है। जय भीम।
संदीप लांबा पर घिन आती है।
इसने छात्रों प�� डंडे बरसाए, मासूम लड़की को थप्पड़ मारे। इसने ही सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी की थी।
जब देश की राजधानी में एडिशनल DCP मासूम लड़कियों के साथ इतनी नीचता कर रहा है तो सोचिए आम पुलिसकर्मियों ने इन छात्रों के साथ कैसा बर्ताव किया होगा?
सिर्फ़ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी च��हिए।
हो गई है पीर पर्वत-सी, पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
#संसद_मार्च #जंतर_मंत्र
प्रिय दिल्ली पुलिस कुछ पता चला इनका। वर्ना लोग प्रदर्शनों में इनकी तरह कपड़े में जाने लगेंगे और लाठी लेकर भी। आपको लगेगा कि पुलिस ही पुलिस आई है। जनता तो आई नहीं। सोशल मीडिया में इस तरह के पोस्टर चल रहे हैं।
इन सुरक्षा कर्मियों को किसने कहा था इस धरना प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए खुद के ���ंडे से गाड़ियों के शीशे तोड़फोड़ करो ??
क्या यह आदेश गृहमंत्री अमित शाह जी को पता हैं ??
दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेट���यों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आदर्श वाक्य को विडंबना बना देता है।