हिमतनगर में @Bajrangdal_Guj के कार्यकर्ताओं ने नवजीवन होटल से एक मुल्ले को हिन्दू लड़की के साथ दबोचा , होटल ने बीना id प्रूफ रूम दिया था अनहोनी होने से पहले लड़की को बचा लिया गया , आरोपी मोहमद को @SPSabarkantha के A डिवीजन पुलिस को सोपा गया है ,होटल सील होना चाहिए @dgp
हमेशा की तरह, आज नीट के अनेक परीक्षा केंद्रों में भी हिंदुओं का कलावा नहीं, माला नहीं किंतु, हिजाब वहीं, बुर्का भी सही...
आखिर क्यों..?
कौन हैं जो अपने इस प्रकार के मजहबी मंसूबों को पूरा करने के लिए सांप्रदायिक भेदभाव और तनाव पैदा करने में लगे हैं?
@NTA_Exams को परीक्षाओं के अभूतपूर्व और सफल आयोजन के लिए साधुवाद के साथ उससे प्रार्थना है कि बच्चों के साथ हुए सांप्रदायिक भेदभाव इस बारे में गंभीर जांच कर कठोर कार्यवाही हो।
उसे इस बात को भी स्पष्ट करना चाहिए क्या वाकई हिंदू विद्यार्थियों के हाथों में कलावे या गले में सामान्य माला प्रतिबंधित और मुस्लिम बच्चियों के चेहरे पर हिजाब और शरीर पर बुर्का पहनने की छूट है?
नगर सेठ अमरचन्द बांठिया / बलिदान दिवस 22 जून
जिस नीम के पेड़ पर सेठ अमरचन्द बाँठिया को फाँसी दी गयी थी, उसके निकट ही सेठ जी की प्रतिमा स्थापित है। हर साल 22 जून को वहाँ बड़ी संख्या में लोग आकर स्वतन्त्रता के लिए प्राण देने वाले उस अमर हुतात्मा को श्रद्धाजलि अर्पित करते हैं
हिंदू समाज द्वारा मंदिरों में किए गए धन समर्पण को 'चंदा' बताना हिंदू जन भावनाओं का अपमान है। हिंदू मान्यताओं में इस शब्द का कोई स्थान नहीं है।
जैसा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथ जी ने आज कहा है कि किसी भी व्यक्ति के पास श्री राम मंदिर के दान में हुई कथित हेरा फेरी के कोई भी तथ्य हैं या सबूत हैं तो वे उन तथ्यों को अबिलंब विशेष जांच दल को भेज दें जिससे कि जांच में सहयोग मिल सके, सभी लोगों को इस बात पर शीघ्र अमल करना।
जो लोग पिछले कुछ दिनों से लगातार बे-बुनियाद और तथ्यहीन 'चंदा चोरी' 'चंदा चोरी' चिल्लाते हुए आरोप लगा रहे हैं और इसके लिए वे कोई सबूत भी नहीं दे रहे हैं तो उनके विरुद्ध एसआईटी को संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी करना चाहिए और ऐसे लोगों के विरुद्ध हिंदू जन भावनाओं को भड़काने और श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करने के लिए कठोर कार्रवाई की संस्तुति अवश्य करनी चाहिए। हिंदू समाज ऐसे सभी लोगों के विद्वेषपूर्ण और भड़काऊ बयानों को बारीकी से नोट कर रहा है। वह किसी भी अपराधी को छोड़ेगा नहीं।
भारत के बर्डमैन
डॉ सलीम अली का निधन 20 जून 1987 को हुआ था
डॉ सलीम अली पक्षी विज्ञानी, वन्यजीव संरक्षणवादी, प्रकृतिवादी थे। डॉ अली देश के पहले ऐसे पक्षी विज्ञानी थे जिन्होंने सम्पूर्ण भारत में व्यवस्थित रूप से पक्षियों का सर्वेक्षण किया और पक्षियों पर ढेर सारे लेख, किताबें लिखीं
विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मार्ग दर्शक मण्डल की हरिद्वार बैठक में आए विषयों पर दण्डी स्वामी पूज्य स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती तथा विहिप अध्यक्ष श्री आलोक कुमार (@AlokKumarLIVE ) का संयुक्त प्रेस वक्तव्य
अप्रतिम शौर्य की प्रतिमूर्ति, नारी शंक्ति, मातृभूमिं की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली एवं वीरता की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर शत शत नमन्
हल्दीघाटी विजय सार्द्ध चतु:शती समारोह
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने पर समारोह
महाराणा भूपाल स्टेडियम - उदयपुर
वक्ता - डॉ. मोहनराव भागवत जी,
प. पू. सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
#MaharanaPratap#महाराणा_प्रताप#हल्दीघाटी_विजय_450वर्ष
शर्मनाक.....
चिकित्सा शिक्षा का लाभ प्राप्त कर रही एक विद्यार्थी #सेजल द्वारा सार्वजनिक मंच पर प्रणीत मोरे के कार्यक्रम में देहदान से प्राप्त शवों (कैडेवर) के संबंध में अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं। यह न केवल देहदाताओं और उनके परिवारों की भावनाओं को आहत करता है, बल्कि #चिकित्सा #शिक्षा की गरिमा तथा उस पवित्र परंपरा का भी अनादर है, जिसके कारण लाखों विद्यार्थियों को सीखने का अवसर मिलता है।
@dadhichidehdan समिति का स्पष्ट मत है कि #देहदान केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं बल्कि समाज और #मानवता के प्रति, सर्वोच्च #सेवा एवं #समर्पण का प्रतीक है। हमारे देश में अनेक जागरुक एवं प्रतिष्ठित नागरिक #आध्यात्मिक एवं #सामाजिक जीवन से जुड़े लोग, अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ अपनी देह चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए दान करते हैं, ताकि भावी चिकित्सक बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें और समाज की सेवा कर सकें।
हमें संतोष है कि इस विषय को समाज ने गंभीरता से लिया। सोशल मीडिया सहित विभिन्न वर्गों ने इस कृत्य की व्यापक आलोचना की और इसके प्रति अपना स्पष्ट विरोध दर्ज कराया। जनभावनाओं तथा नैतिक उत्तरदायित्व के दबाव में संबंधित विद्यार्थी को सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना भी करनी पड़ी, जो यह दर्शाता है कि समाज देहदान जैसी महान परंपरा के सम्मान के प्रति सजग और संवेदनशील है।
यह भी उल्लेखनीय है कि इस प्रकरण को लेकर विभिन्न स्तरों पर गंभीर संज्ञान लिया गया है। मामले में शिकायतों एवं एफआईआर की कार्यवाही की जानकारी सामने आई है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तथा महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग द्वारा भी इस विषय पर संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों से जानकारी एवं स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने भी इस प्रकार की टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि चिकित्सा शिक्षा में कैडेवर विद्यार्थियों के ‘प्रथम शिक्षक’ होते हैं और उनके प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक चिकित्सा विद्यार्थी का नैतिक एवं व्यावसायिक दायित्व है। इन सभी घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि समाज, चिकित्सा जगत एवं संस्थागत निकाय, देहदान और चिकित्सा शिक्षा की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
हम यह आशा करते हैं कि यह मामला केवल सेजल के क्षमा मांगने से पूरा नहीं होता। जो FIR हुई है, उसमे पूरी जांच होने के बाद कोर्ट में यह विषय जाना चाहिए और सेजल व #प्रणीत_मोरे को इसका दंड मिलना चाहिए।
प्रेस वक्तव्य:
गाजियाबाद जैसी जघन्य घटनाओं पर पूर्ण विराम के साथ जिहादी मनोवृति पर भी बुलडोजर जरूरी: आलोक कुमार
राज समंद, (राजस्थान), 02 जून 2026।
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने ग़ाज़ियाबाद में नाबालिग हिंदू युवक सूर्य चौहान की ईद पर कुर्बानी के नाम पर की गई निर्मम हत्या सहित हाल के वर्षों में हिंदू समाज को लक्षित कर हुई अनेक हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता और रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि गाजियाबाद, दिल्ली और उदयपुर जैसी घटनाएँ किसी सामान्य आपराधिक प्रवृत्ति का परिणाम नहीं हैं, बल्कि ऐसी जिहादी कट्टरपंथी मानसिकता की अभिव्यक्ति हैं जो हिंदुओं के प्रति घृणा और हिंसक मनोवृति को दर्शाती हैं। इस मनोवृत्ति के विरुद्ध शासन, सरकारों व समाज के जिम्मेदार लोगों को मिलकर पूरी तरह से मिटाना होगा।
श्री आलोक कुमार ने कहा कि 28 मई 2026 को बकरीद पर मित्र के नाते बुलाकर गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में 17 वर्षीय हिंदू युवक सूर्य चौहान की निर्मम हत्या, 4 मार्च 2026 को दिल्ली के उत्तम नगर में होली के अवसर पर तरुण की हत्या, उदयपुर में विद्यालय परिसर में छात्र देवराज पर हुए प्राणघातक हमले तथा महाराष्ट्र में उमेश कोल्हे की हत्या जैसी घटनाएँ केवल अलग-अलग अपराध नहीं हैं। इन घटनाओं में एक समान प्रवृत्ति दिखाई देती है—धार्मिक पहचान के आधार पर वैमनस्य, असहिष्णुता और हिंसा का नग्न प्रदर्शन।
उन्होंने कहा कि यदि किसी युवक को केवल इसलिए मार दिया जाए कि वह हिंदू है अथवा दोस्ती के रिश्ते और विद्यालय जैसे पवित्र स्थान में बच्चों के बीच भी कट्टरता और हिंसा प्रवेश कर जाए, तो यह पूरे समाज के लिए चेतावनी का विषय है। ऐसे घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि जिहादी कट्टरपंथी सोच का विष समाज के विभिन्न स्तरों तक पहुँच रहा है।
श्री आलोक कुमार ने कहा कि यह समझना होगा कि हिंसा, आतंक और जिहादी कट्टरवाद की अवधारणा का आधुनिक विश्व में कोई स्थान नहीं हो सकता। ऐसी गंभीर घटनाओं को केवल कानून-व्यवस्था की समस्या मानना भी पर्याप्त नहीं होगा। ये विश्व शांति और सामाजिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं।
उन्होंने कहा कि जितने दोषी ऐसे जघन्य कृत्य करने वाले लोग हैं, उतने ही दोषी वे लोग भी हैं जो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उन्हें वैचारिक संरक्षण प्रदान करते हैं, उनके अपराधों पर पर्दा डालते हैं या सुविधानुसार मौन धारण कर लेते हैं। समाज को यह प्रश्न पूछना चाहिए कि जब पीड़ित हिंदू समाज का व्यक्ति होता है तब तथाकथित सेक्युलर समूहों, मानवाधिकारवादियों और अनेक राजनीतिक दलों की आवाज़ क्यों बंद हो जाती है। यह चयनात्मक मौन न केवल नैतिक दिवालियापन है, बल्कि कट्टरपंथ को प्रोत्साहन देने का माध्यम भी बनता है।
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि विहिप संपूर्ण समाज, सभी धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों तथा सरकारों से आग्रह करती है कि वे ऐसी हिंसक मनोवृति का स्पष्ट और निर्भीक विरोध करें। कट्टरता के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी भविष्य में और बड़ी त्रासदियों को जन्म दे सकती है।
श्री आलोक कुमार ने हिंदू समाज का भी आह्वान किया कि वह संगठित, सजग और आत्मरक्षार्थ पुरुषार्थी बने।
उन्होंने कहा कि शांति और सद्भाव तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब समाज हिंसा करने वालों के साथ-साथ उनके समर्थकों और मौन दर्शकों को भी कठघरे में खड़ा करे।
राजस्थान के राजसमन्द में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विहिप अध्यक्ष ने राजस्थान सरकार से इसी वर्ष राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने तथा केंद्र सरकार से अपने पुराने प्रेसिडेंशियल आदेश में संशोधन कर अनुसूचित जन जाति के धर्मांतरित लोगों को अनुसूचित जाति के सभी अधिकारों से बंचित करने की माँग भी की।
जारी कर्ता:
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता
विश्व हिंदू परिषद
बजरंगदल कर्णावती महानगर द्वारा आयोजित युवा-संवाद कार्यक्रम में "वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद" विषय पर विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री श्री मिलिंद परांडे ( @MParandeVHP ) जी ने युवाओं से गुजरात यूनिवर्सिटी में संवाद किया ।