लखनऊ में बच्चों की वैन पर पथराव करने वाले का नाम "अभिषेक राजपूत" है।
इसकी टी शर्ट पर तूफानी डांक कांवड़ लिखा है, अब तक तो टी शर्ट बदल चुका होगा।
पुलिस चाहती तो अगले चौराहे पर इसको पकड़ सकती थी।
मैंने राज्यसभा सांसद @SanjayAzadSln की कल सदन में दी गई तारीखी स्पीच को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था, जिसे भारत सरकार ने भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है? अब कोई पूछे कि सदन में ऐसे कौनसे असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल हुआ जिन्हें सदन में नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर रोका जा रहा है?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक पंडित ट्रैन के एसी कोच में ऊपर की बर्थ पर बैठकर आग जलाकर पूजा कर रहा है.
ज्यादातर यात्रियों को पता ही नही था वो आदमी ऊपर बैठकर क्या कर रहा है.
एक यात्री ने धुंआ निकलते हुए देखा तो उसने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया और पंडित को ऐसा करने से मना किया.
पंडित सुनकर भी अनसुना कर रहा था. यात्री ने बार बार कहा, पंडित जी ऐसा मत करो, कोच में आग लग सकती है, धुंए से फायर अलार्म बज जाएगा.
एसी कोच में नमाज पढ़ने पर खूब विरोध हुआ था. क्या इस पंडित की हरकत पर भी उतना विरोध होगा या ?
कहने को 9 साल सरकार चला ली,
और करने को सिर्फ 9 बातें-
1- हिंदू
2- मुसलमान
3- मंदिर
4- मस्जिद
5- मज़ार
6- श्मशान
7- कब्रिस्तान
8- रमजान
और
9- ग़ाज़ी!!
धँसा हुआ विकास का एक्सप्रेस वे!
योजनाओं में करप्शन का गेटवे!
हासिल सिर्फ़ लफ़्फ़ाज़ी?
नारंगी संतरे अपनी माता गाय की तस्करी कर रहे थे मुस्लिमों ने गाय से भरी गाड़ी पकड़ी।
जब से मुसलमान गौ रक्षा कर रहा है तो सामने आ रहा है कि ये नारंगी अपनी माता की तस्करी कर रहे हैं।
बिना हेलमेट... जुर्माना 1000/-
नो पार्किंग में पार्किंग करना... जुर्माना 3000/-
मोटरसाइकिल का बीमा नही ... जुर्माना 1000/-
शराब पी कर वाहन चलाना... जुर्माना 10000/-
नो एंट्री में वाहन चलाना... जुर्माना 5000/-
मोबाईल फोन पे बात करना... जुर्माना 2000/-
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं... जुर्माना 1100/-
ट्रिपल सीट ड्राइविंग... जुर्माना 2000/-
1-खराब सिग्नल... कोई जिम्मेदार नहीं है!
2-सड़क पर गड्ढ़े... कोई जिम्मेदार नहीं है!
3-अतिक्रमित फुटपाथ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
4-सड़क पर रोशनी नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
5-सड़क पर कचरा बह रहा है...कोई जिम्मेदार नहीं है!
6-सड़कों पर लाइट के खंभे नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
7-सड़क के मेनहोल में गिर के मर जाये...कोई ज़िम्मेदार नहीं!
8-महीनों से खुदी सड़क ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
9-गड्ढों में गिर कर आप गिरो चोटिल हो जाएँ... कोई जिम्मेदार नही है!
10-आवारा गायें जानवर टकरा जाए कुत्ता काट ले... कोई जिम्मेदार नहीं!
11-सड़कों में उफनाते नाले... कोई जिम्मेदार नहीं!
ऐसा लगता है कि जनता ही एकमात्र अपराधी है और जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी है। प्रशासन, निगम और सरकार कोई जिम्मेदार नहीं है। उनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते हैं। वे किसी भी चूक के लिए कभी ज़िम्मेदार नहीं हैं।
क्या उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए ????
नागरिक केवल काम करेंगे... दर्द का सामना करेंगे... टैक्स चुकाना होगा... जुर्माने का भुगतान करेगा... सरकार की जेब भरें... और उन्हें फिर से सत्ता में आने के लिए वोट दें !
गडकरी जी, आपने देश को पैदल कर दिया. न गाड़ियाँ चलने लायक छोड़ी हैं न सड़कें. गाड़ियाँ कभी भी ख़राब हो जा रही हैं तो सड़कें कहीं भी टूट रही हैं.
@nitin_gadkari
ट्रेन में सफर के दौरान मौलाना इस्लाम बरकाती का बड़ा आरोप, कहा— वेशभूषा देखकर कुछ अराजक तत्वों ने उन्हें निशाना बनाया। उनके मुताबिक, ट्रेन में मौजूद CRPF जवानों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना का वीडियो उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा किया।
📸 - @/islambarkati.official (ig)
ट्रैफिक पुलिस लड़के की बाइक का चालान काट रही थी। शायद साइलेंसर मोडिफाइड था या और कुछ कमी रही होगी। एक नागरिक के तौर पर उसने बहस की, तो पुलिसवाले ने तुरंत गाली दे दी।
लड़के ने कहा, "तुमने गाली कैसे दी?"
फिर उन्होंने पीटकर बताया कि गाली की छोड़ो, हम तुम्हें पीट भी सकते हैं।
पुलिस के सामने एक नागरिक के अधिकार बस इतने ही होते हैं कि वह चुपचाप उनकी बात मानता रहे।
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में बसने के लिए भारत छोड़ने वाले 67 साल के NRI संघी का कहना है कि मोदी ने भारत को दुनिया में नंबर 1 बना दिया है, वे तो सोते भी नहीं हैं।
तो भाई साहब आप भी ऑस्ट्रेलिया से अब वापिस भारत आ जाइए। नंबर 1 बन गया है तो फिर वहां क्यों रहना
मिस्र के फुटबॉल कोच होसाम हुसैन ने कहा, अगर दुनिया में कोई ऐसा शख़्स है जिसे फ़िलिस्तीनी अवाम से कोई हमदर्दी नहीं है, तो वह इंसान नहीं है, चाहे वह अरब हो, यूरोपियन हो या अमेरिकन.
रोमाना इसरार खान- आप कश्मीरी पंडित हैं,आपने कश्मीर फाइल्स देखी
एम के रैना- जी हां देखी मैंने
रोमाना इसरार खान- कैसी लगी फिल्म ?
एम के रैना- मुझे फिल्म पसंद नहीं आई
रोमाना इसरार खान- विवेक रंजन अग्निहोत्री ने बड़ी हिम्मत का काम किया क्योंकि एक ऐसा टॉपिक जिसको कभी किसी ने टच नहीं किया उसे पर उन्होंने फिल्म बनाई.
एम के रैना- फैंटास्टिक 200 करोड रुपए कमाए, घर खरीदा और एक चवन्नी भी कश्मीर पंडितों को नहीं दिया 🔥🔥🔥