First, he asked me whether I was from the BJP. After that, he chose not to respond. One thing is clear: Rahul Gandhi doesn't want to address the issue of the police personnel who were attacked during the CJP protest.
जो देश के लिए देते हैं बलिदान,
राहुल गांधी करते हैं उनका अपमान।
जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिवार द्वारा की गई प्रेस वार्ता के बारे में प्रश्न पूछने पर श्रीमान राहुल गांधी द्वारा पत्रकार से किया गया दुर्व्यवहार ये दर्शाता है कि कैसे वो अपने पूर्वजों की दिखाई हुई लीक पर चल रहे हैं। जिस प्रकार उनकी दादी ने प्रेस को कुचला था, ठीक उसी तरह राहुल जी भी प्रेस से उतनी ही नफरत करते हैं।
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मियों के प्रति श्रीमान राहुल गांधी के असंवेदनशील व्यवहार ने एक बार फिर दिखा दिया है कि देश की रक्षा और सुरक्षा में तैनात सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के प्रति राहुल गांधी के मन में किस तरह की नफरत और दुश्मनी का भाव है।
भारतीय सेना और सुरक्षाबलों को कठघरे में खड़ा करना श्रीमान राहुल गांधी की पुरानी फितरत रही है। कभी सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में भारतीय सेना के मनोबल पर चोट करने वाले बयान, तो कभी ऑपरेशन सिंदूर और अन्य सैन्य अभियानों पर सवाल उठाना, राहुल गांधी और उनकी प्रोपेगैंडा टोली हमेशा देश का नाम बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ती।
राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन देश के लिए वर्दी पहनने वालों के शौर्य, सम्मान और बलिदान का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। देश के नेता प्रतिपक्ष के रूप में श्रीमान राहुल गांधी का आचरण अत्यंत अशोभनीय और निंदनीय है।
आसान शब्दों में कहें तो
फितरत से नफरती हैं राहुल!
@poppiya14@TanishqM23 to usne galat question kiya kya?? ya phir teri ammi ke chummt aur teri chummt me ka2wa ka le leke galt sahi ka samjh bhi chaligyii?? MULLI-RAMNDDD
In the riots that started with killing of a Hindu by Muslims - as has been the case in every riot across India.
Retaliation aaya to bass rona dhona chaaloo- bhai, kyon violence karte ho pehle