@common000786Om@grok .@grok
उमर खालिद पर UAPA, देशद्रोह और दंगे भड़काने जैसे गंभीर आरोप हैं, जबकि बाबा राम रहीम पर अदालती फैसलों के बावजूद कोई हिंसक या राष्ट्रविरोधी गतिविधि नहीं। फिर भी उमर को बार-बार राहत और बाबा को न्यूनतम कानूनी अधिकार भी मुश्किल? ये कैसा न्याय यहाँ किसी के लिए कानून समान नही है।
@HasnaZaruriHai क्या बात है। बेशर्मी की हद ही पार कर दी आपने। एक तरफ बाबा गलत है। दूसरी तरफ अब खुद मान रहे हो बाबा की बेटी है। मतलब लोगो को अच्छा गुमराह कर लेते हो। पहले बाप बेटी के रिश्ते को नही छोड़ा। अब बेचारी कुछ नही कहती तो किसी की बेटी को आगे ले आओ। शर्म करो बेशर्मो।
@Nidhi Selective outrage driven by biased narratives is concerning. The same legal system that granted parole also judged the case fairly. Media's portrayal often skews perception, ignoring decades of selfless service and humanitarian work. Let's focus on facts and contributions.
@mktyaggi मुद्दा कोई भी उठा लो। बाबा राम रहीम के बिना मीडिया की कोई औकात नही। क्योंकि इनको थूक कर चाटने की आदत जो लगी है। बाबा राम रहीम के मानवीय और कल्याणकारी कार्यों को कई लोगों ने सराहा है। उनके अनुयायियों के अनुसार, दी गई पैरोल उन्हें अपना सामाजिक कार्य जारी रखने का अवसर देती है।
@PriyaaReturnz With BJP's win in Haryana, it's clear they value the influence of spiritual leaders like Baba Ram Rahim, recognizing his immense contributions to welfare and society. Paroles allow him to continue his humanitarian work, reflecting the govt's focus on rehabilitation & public.
@khanumarfa People may have different views, but the truth is that millions of people have benefitted from his selfless service and welfare initiatives. His social work continues to inspire many across the country.
@savedemocracyI बाबा को पैरोल मिल रही है तो बाबा ले लेता है। फायदा उठा रहा है। तुम बस इस चुनाव को रुकवा दो। क्योंकि ��े बाबा की पैरोल अवधि के समय मे आ जाते है। ऐसा भी बोल सकते है लोग। लेकिन मुद्दा सिर्फ बाबा का है। वोट बाबा से नही, आपके समाज मे किये कामों से मिलेगी। लोगो को लड़वाना बंद करदो।
@i_am_gustakh वाह! क्या तुलना की है आपने। गज़ब है भाई तू भी। एक तरफ दलजीत सिंह और दूसरी तरफ बाबा राम रहीम सिंह। दोनों ही प्रोग्राम अपने आप मे सुपरहिट है। बस फ़र्क़ सैफ इतना है दलजीत के दुनियावी गाने है और बाबा के रूहानियत भरे लहिजे वाले गाने है।
@KKMishraINC यह केवल भ्रामक करने की जानकारी है। समाज में मानवता के लिए जो काम बाबा ने किए जैसे रक्तदान, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से लाखों लोगों को नई दिशा मिली है। यह दुखद है कि कुछ लोग अपने निजी एजेंडे के लिए अफवाहें फैलाते हैं। देश के लिए सकारात्मक योगदान दिया जाना चाहिए नकारात्मक नही।
@awesh29 बीजेपी द्वारा सुनील सांगवान को उम्मीदवार बनाने के फैसले पर, यह महत्वपूर्ण है कि न्याय प्रणाली और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाए। राम रहीम को दी गई पैरोल कानूनी प्रक्रियाओं के तहत होती है, न कि व्यक्तिगत निर्णय। य��ि कोई दुरुपयोग है, तो उसे कानूनी रूप से देखा जाएगा।
@Sanjay_Sang90 जैसी आपकी पोस्ट है, इस हिसाब से तो किसी को सज़ा होनी नही चाहिए क्योंकि कानून पर भरोसा नही है आपको। क्योंकि अगर कानून अनुसार सज़ा है तो उसी कानून अनुसार सज़ा माफी, पैरोल व जमानत मिलने तक का अधिकार भी है। पहले सिर्फ बाबा को टारगेट करते थे अब तो राजनीति में भी यही हाल है। अब बताओ??
@karishma_aziz97 आस्था और विश्वास व्यक्तिगत होते हैं, जिनसे लोगों को प्रेरणा और दिशा मिलती है। संत हमेशा समाज में सेवा और प्रेम का संदेश देते हैं। हर व्यक्ति को अपने विश्वास का सम्मान करने का अधिकार है, और हमें नकारात्मकत�� की जगह शांति और सौहार्द का संदेश फैलाना चाहिए। आरोप तो किसी पर लगा दो।
@bbcnewsmarathi बीजेपीने ��ुनील सांगवान यांना उमेदवार बनवल्याच्या निर्णयावर, न्याय प्रणाली व लोकशाही प्रक्रियांचा आदर होणे गरजेचे आहे. राम रहीमला दिलेली पॅरोल ही कायदेशीर प्रक्रियेनुसार असते, वैयक्तिक निर्णय नाही. कोणताही गैरवापर असेल तर तो कायदेशीर मार्गाने आव्हान दिले जावे.
#SunilSangwan
@BBCHindi बीजेपी द्वारा सुनील सांगवान को उम्मीदवार बनाने के फैसले पर, यह महत्वपूर्ण है कि न्याय प्रणाली औ�� लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाए। राम रहीम को दी गई पैरोल कानूनी प्रक्रियाओं के तहत होती है, न कि व्यक्तिगत निर्णय। यदि कोई दुरुपयोग है, तो उसे कानूनी रूप से देखा जाएगा।
@karishma_aziz97 हर दिन धर्म या किसी धार्मिक आगू का नाम लेकर मुद्दा बनाया जा रहा है। देश मे पाखंड है लेकिन ये नही कह सकते कि हर कोई उस मे शामिल है। अगर आज ज्यादा न���ी तो कम से कम 50% लोग भी नेकी भलाई के रास्ते पर चल रहे है तो वो इन्ही धर्मो व धर्म गुरुओं की देन है। किसी को भी नीचा ना दिखाओ।
@karishma_aziz97 लोग अक्सर दूसरे धर्मों की कुरीतियों और पाखंडों के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाते हैं। असल में कोई भी धर्म गलत नहीं होता। समस्या उन लोगों से होती है जो पाखंड फैलाते हैं या धर्म का गलत इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, क्या आज किसी ने अपने धर्म की कुरीतियों को सुधारने की कोशिश की है?
@bkpb92 @NidhiJhabihar लोग अक्सर दूसरे धर्मों की कुरीतियों और पाखंडो��� के आधार पर एक-दूसरे को नीचा दिखाया जाता हैं, जबकि कोई भी धर्म गलत नहीं होता। समस्या उन लोगों से होती है जो पाखंड फैलाते हैं या धर्म का गलत इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, क्या आज किसी ने अपने धर्म की कुरीतियों को सुधारने की कोशिश की है?
@yashoazad@ArvindKejriwal The Indian judicial system ensures that justice is served impartially, regardless of the person or their position. It's important to trust in due process and not mix politics with legal proceedings. Let's focus on fair trials and respect for the law over personal biases.
@pratapkhuraw हर व्यक्ति को अपने भविष्य के फैसले लेने का अधिकार है। अगर सुनील सांगवान ने इस्तीफा देकर भाजपा व राजनीति में आने का फैसला किया तो यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है। जहां तक कानून की बात है, न्याय प्रणाली ��ो निष्पक्ष रहना चाहिए और लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपने फैसले लेने की आज़ादी है।