AI SC-ST Sikshak Sangh अ०भा०अनु० जा-जन जा० शि० संघ
@aiscstteacher
संघ की प्रथम प्राथमिकता एससी एसटी तत्पश्चात सभी शिक्षकों की समस्याओं को सफलतापूर्वक निराकरण करना तथा सांगठनिक रूप से जरूरतमंदों को मदद हेतु दृढसंकल्पित..
मैंने शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी से पूछा कि सर लाइब्रेरियन की बहाली क्यों नहीं कर रहे हैं?
उन्होंने साफ-साफ कहा - अमित जी आप यह बताइए बिहार के कितने सरकारी स्कूलों में लाइब्रेरी है? आप लोग जिद करके केस करवा कर कंप्यूटर शिक्षकों की बहाली तो करवा दिए लेकिन आज वह क्या कर रहे हैं आप भी अच्छे से जानते हैं। ऐसे में हम लाइब्रेरियन की भी बहाली कर दें उसी स्कूल में तो वो भी क्या करेंगे ये भी आप जानते हैं।
जहां कक्षा है वहां कक्षा में बैठने के लिए बच्चे नहीं हैं और जहां बच्चे हैं वहां कक्षा नहीं है। ऐसे में क्या लाइब्रेरियन और शारीरिक शिक्षक की बहाली करें? नौकरी सबको चाहिए लेकिन पढ़ाई हो स्कूलों में इसकी चिंता किसी को नहीं है। सरकार वित्तीय बोझ के तले अभी दबी हुई है। कोई नया पद का सृजन अभी नहीं होगा।
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यह उनका जवाब था। आप अपनी प्रतिक्रिया इस पर दे सकते हैं।
आज केकेसी के राष्ट्रीय चेयरमैन @Dr_Uditraj जी के नेतृत्व में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का उद्देश्य दिल्ली सरकार से यह मांग करना था कि वह बौद्ध भिक्षुओं, गुरु रविदास के पुजारियों और भगवान वाल्मीकि के पुजारियों को हर महीने ₹18,000 का वेतन दे।
यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया गया, लेकिन सरकार की उदासीनता और जनता की मांगों को अनसुना करने की वजह से प्रदर्शनकारियों को मजबूर होना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने डॉ. उदित राज सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाना मंदिर ले जाया गया।
हमारी प्रमुख मांगें:
दिल्ली सरकार बौद्ध भिक्षुओं, गुरु रविदास और भगवान वाल्मीकि के पुजारियों को हर महीने ₹18,000 का वेतन सुनिश्चित करे।
इन धार्मिक गुरुओं और पुजारियों को उचित सम्मान और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
संविधान में निहित समानता और न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए दलित और पिछड़े वर्ग के धार्मिक गुरुओं के साथ हो रहे भेदभाव को रोका जाए।
डॉ. उदित राज का बयान:
"यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली सरकार, जो खुद को गरीबों और वंचितों की सरकार कहती है, इन वर्गों की उपेक्षा कर रही है। बौद्ध भिक्षुओं, गुरु रविदास और भगवान वाल्मीकि के पुजारियों का समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान है। इन्हें हर महीने ₹18,000 का वेतन दिया जाना चाहिए ताकि वे अपने जीवन-यापन और सामाजिक कार्य को जारी रख सकें।"
हम दिल्ली सरकार से अपील करते हैं कि वह इस मांग को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए।
मंदिर मार्ग थाना , दिल्ली में मेरे साथ बौद्ध भिक्षुओं, वाल्मीकि व रविदास मंदिर और चर्च के पुजारियों सहित सैकड़ों लोगों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार करके रखा है, कब छोड़ेंगे कोई कुछ बताने को तैयार नही है ।
पूर्व सांसद श्री @Dr_Uditraj जी आज दोपहर 1:00 बजे दिल्ली प्रदेश कांग्रेस सभागार में विशेष प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे।
समस्त संवाददाता व कैमरा टीम सादर आमंत्रित हैं।
#CongressHaiZaroori