@PMOIndia@ncbn@PawanKalyan @TranpsportAndhra I am from Maharashtra & come regular to Balaji darshan. Before covid there will be direct bus from Gudur rly station to Tirumala. But now this bus service stop. Please observe this situation. Govinda.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र (न्यास) श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए योग्य जनों से आवेदन आमंत्रित करता है
आवेदन की अंतिम तिथि: शनिवार १८ जुलाई २०२६; सायं ४ बजे
Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) invites applications from eligible persons for the position of Chief Executive Officer of the Shri Ram Janmabhoomi Mandir
Last date of application: Saturday 18 July 2026; 4 PM
जगतगुरु संत तुकाराम महाराजांच्या "अल्ला देवे अल्ला दिलावे" या अभंगाचे अर्धवट बॅनर सध्या पुण्यात लावले जात आहेत. या अर्धवट उद्धरणांचा आधार घेत काही डावे पुरोगामी संत तुकाराम महाराज अल्लाहची भक्ती करण्याचा संदेश देत होते असा चुकीचा प्रचार करत आहेत. या दाव्यामागील सत्य जाणून घेण्यासाठी खालील व्हिडिओ नक्की पाहा 🙏🙏
सौजन्य :- सर्वेश मेहेंदळे
#अपप्रचार #तुकारामगाथा #रामकृष्णहरी #पुणे
BLA Releases Footage of Jiwani Camp Attack
The Baloch Liberation Army (BLA) has released footage that it says shows the coordinated VBIED attack carried out by its Majeed Brigade and Fateh Squad against a joint military and Coast Guards camp in Pawan, Jiwani, Gwadar district.
According to the group's statement, it claimed that more than 30 personnel from the Punjab Regiment, Pakistan Coast Guards, and Military Intelligence were killed in the attack.
The authenticity of the footage and the BLA's casualty claims have not been independently verified.
#WarMonitor #Gwadar #Balochistan
गज़वा ए हिंद का इम्तिहान बाकी है
अभी तो पूरा हिंदुस्तान बाकी है
ये नौटंकी झारखंड में ही संभव है, हेमंत सोरेन के अलावा कोई और मुख्यमंत्री इस छिछोरेपन को बर्दाश्त नहीं करेगा https://t.co/MGI0noFx3E
औरंगजेब ने पूछाः "मतिदास कौन है?"...
तो भाई मतिदास ने आगे बढ़कर कहाः "मैं हूँ मतिदास। यदि गुरुजी आज्ञा दें तो मैं यहाँ बैठे बैठे दिल्ली और लाहौर का सभी हाल बता सकता हूँ। तेरे किले की ईंट से ईंट बजा सकता हूँ।"
औरंगजेब गुर्राया और उसने भाई मतिदास को धर्म परिवर्तन करने के लिए विवश करने के उद्देश्य से अनेक प्रकार की यातनाएँ देने की धमकी दी। खौलते हुए गरम तेल के कड़ाहे दिखाकर उनके मन में भय उत्पन्न करने का प्रयत्न किया, परंतु धर्मवीर पुरुष अपने प्राणों की चिन्ता नहीं किया करते। धर्म के लिए वे अपना जीवन उत्सर्ग कर देना श्रेष्ठ समझते हैं।
जब औरंगजेब की सभी धमकियाँ बेकार गयीं, सभी प्रयत्न असफल रहे, तो वह चिढ़ गया। उसने काजी को बुलाकर पूछाः "बताओ इसे क्या सजा दी जाये?"
काजी ने हुक्म सुनाया कि 'इस काफिर को इस्लाम ग्रहण न करने के आरोप में आरे से लकड़ी की तरह चीर दिया जाये।'
औरंगजेब ने सिपाहियों को काजी के आदेश का पालन करने का हुक्म जारी कर दिया।
दिल्ली के चाँदनी चौक में भाई मतिदास को दो खंभों के बीच रस्सों से कसकर बाँध दिया गया और सिपाहियों ने ऊपर से आरे के द्वारा उन्हें चीरना प्रारंभ किया। किंतु उन्होंने 'सी' तक नहीं की। औरंगजेब ने एक बार फिर फिर कहाः "अभी भी समय है। यदि तुम इस्लाम कबूल कर लो, तो तुम्हें छोड़ दिया जायेगा और धन दौलत से मालामाल कर दिया जायेगा।"
वीर मतिदास ने निर्भय होकर कहाः "मैं जीते जी अपना धर्म नहीं छोड़ूँगा।"
ऐसे थे धर्मवीर मतिदास ! जहाँ आरे से चिरवाया गया, आज वह चौक 'भाई मतिदास चौक' के नाम से प्रसिद्ध है।
आज राम खुद मेरे मुवक्किल हैं, मैं बैठकर बहस कैसे कर सकता हूँ?
राम जन्मभूमि मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण की भूमिका आज भी श्रद्धा और समर्पण के उदाहरण के रूप में याद की जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रामलला पक्ष की ओर से कई घंटों तक खड़े होकर और जूते उतारकर दलीलें रखीं।
जब जज ने के. पारासरन को बैठने के लिए कहा तो उन्होंने यही जवाब दिया।
मैंने आज तक अपने सभी मुवक्किलों के लिए खड़े होकर बहस की है।" जब उन्हें बैठने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा, “आज राम खुद मेरे मुवक्किल हैं, मैं बैठकर बहस कैसे कर सकता हूँ?”
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, परासरण सुनवाई के दौरान रोजाना चार से पांच घंटे अदालत में खड़े रहते थे और भगवान राम के प्रति सम्मान के कारण जूते उतारकर बहस करते थे। उन्होंने कहा था कि यह सब उन्होंने रामलला के प्रति अपनी आस्था, भक्ति और समर्पण के कारण किया।
उनकी उम्र और शारीरिक स्थिति को देखते हुए यह क्षण और भी खास माना गया। कोर्टरूम में उनका संयम, कानून की गहरी समझ और धार्मिक आस्था एक साथ दिखाई दी।
के. परासरण केवल एक वकील नहीं, बल्कि भारतीय विधि जगत के सम्मानित नामों में गिने जाते हैं। वे भारत के अटॉर्नी जनरल भी रह चुके हैं और उन्हें पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। उनकी यह भूमिका बताती है कि कर्तव्य, विश्वास और पेशेवर निष्ठा जब साथ आते हैं, तो इतिहास में अमिट छाप छोड़ते हैं।
पहचानते हैं इन टाई और सूट पहने हुए शख्सों को?
पहली तस्वीर तुर्की के राष्ट्रपति एरडोगन की है और दूसरी मलेशिया के प्रधानमंत्री महातीर मोहम्मद की।
2016 में तुर्की में सरकार के खिलाफ आंदोलन हुआ। बहुत से शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, पत्रकार, और एनजीओ वालों को हिरासत में लिया और कल उनमें से 16 को आजीवन कारावास की सजा सुना दी गई और जिस तुर्की में 2004 में मृत्युदंड को कानूनी रूप से खत्म कर दिया गया था उसी मृत्युदंड का प्रावधान अब एरडोगन साहब ला रहे हैं, देशद्रोह के खिलाफ।
मलेशिया: एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार वर्ष 2018 में चीन पाकिस्तान और बांग्लादेश के बाद में चौथे नंबर पर मलेशिया में ही मृत्युदंड दिये गये।
मलेशिया में मृत्युदंड देने के लिए कई वजह हो सकतीं हैं जैसे नाबालिग का बलात्कार, हत्या, ड्रग्स रखना या राजा को अपशब्द कहना। अपने देश में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कृतसंकल्प हैं। मगर दोनों को भारत में हाल में पास हुए कानूनों से दिक्कत है। मालूम है क्यों?
क्योंकि इन कानूनों से भारत के मुसलमानों को दिक्कत है। तुर्की तो शायद सौ साल बाद खिलाफत आंदोलन में भारत के मुसलमानों के एहसान का बदला चुका रहा है लेकिन मलेशिया?
यहां भी कामन डिनोमिनेटर इस्लाम है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इन्होंने टाई और सूट पहन रखा है, इल्म के नाम पर इनके दिमाग में भर दिया गया है ईमान वाले आपस में भाई हैं और काफिर इनके खुले दुश्मन।
सारी अंतरराष्ट्रीय औपचारिकताओं को ताक पर रखकर ये दोनों लगातार भारत और नये कानूनों के विरोध में बोल रहे हैं।
उस समय भी जब स्थानीय कबीलों ने कासिम का साथ दिया था तो राजा दाहिर ने यही कहा था कि "इन अरब वालों और तुम्हारे बीच मैं ही दीवार हूँ, अगर ये दीवार गिर गयी तो इनके हाथों विनाश से इन्हें कोई नहीं बचा पायेगा (As quoted in Chach Nama)नहीं समझ में आई थी बात स्थानीय राजाओं और कबीलों की। उसके बाद के 1200 साल का इतिहास सबको मालूम है।
जिन्हें नहीं मालूम या जो उससे सबक नहीं लेना चाहते वो आज भी तुर्कों के साथ खड़े हैं और तुर्क अपने दीनी भाईयों के साथ मगर ये जो हिजड़े जो न दीन के हैं न धर्म के उनका इनके साथ खड़ा होना कालीदास की याद दिला देता है।
वर्तमान के कालीदास उसी पेड़ को मुल्लों के साथ मिलकर पूरी शिद्दत के साथ काटने की कोशिश कर रहे हैं जो इनके भविष्य में छांव देने के लिए शाखाएँ फैला रहा है।
बाकि कोई सेक्युलर विशेष रूप से हिन्दू अगर ये सोचता है कि टाई सूट पहन कर हाथ में कम्प्यूटर पकड़ लेने से इनकी मौलिक सोच बदल जायेगी तो गलत सोचता है। भाईचारे के नाम पर आज तुमको चारा खिला कर तंदरुस्त बना रहे हैं और फिर तुम क्या जानो कि तंदुरुस्त बकरे को खुदा का नाम पढ़ कर जिबह करने का शबाब क्या होता है।
टाई सूट कम्प्यूटर जेएनयू जामिया आक्सफोर्ड मानचेस्टर इनसे इनकी सोच नहीं बदलती।
चढ़ावा चोरो का वकीलों ने केस लड़ने तक से मना कर दिया।
और
2008 अहमदाबाद आतंकी हमले के दोषी आतंकवादियों को सज़ा के ख़िलाफ़ अपील करेगा जमीयत।
और हाँ
आतंकवाद का धर्म नहीं होता।
Sshhhh Secularism है।
अच्छा है 🙏
भारत ने अब पड़ोसी देशों के साथ इस कदर संबंध बड़ा बर्बाद कर दिए हैं कि अब हमारा छोटा पड़ोसी देश सिक्किम भी हमको आंख दिखा रहा है :- अजय कुमार कांग्रेस प्रवक्ता
और हां अजय कुमार आईपीएस रह चुके हैं और टाटा ग्रुप में वाइस प्रेसिडेंट सिक्योरिटी भी रह चुके हैं तो आप इसे स्लिप आफ टँग भी नहीं कह सकते
और उनके लिए सिक्किम भारत का भी नहीं हिस्सा नहीं बल्कि एक पड़ोसी देश है
असल में यह कांग्रेस की मानसिकता है कांग्रेस भारत को टुकड़े-टुकड़े में तोड़ना चाहती है
दो व्यक्ति थे
एक मेजर जनरल असद दुर्रानी जो पाकिस्तान सेना का अधिकारी था और पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई का चीफ था
और दूसरा एक भारतीय ब्यूरोक्रेट था अमरजीत सिंह दुलत यानी AS दुलत जो भारतीय गुप्तचर एजेंसी रॉ का चीफ था
रिटायरमेंट के बाद दोनों कुछ महीने तक काठमांडू के होटल में साथ रहे और वहां उन्होंने एक साथ एक किताब लिखी स्पाई क्रॉनिकल्स रॉ आईएसआई
इसमें दोनों ने अपने-अपने देश के कुछ फेल्ड मिशन के बारे में विस्तार से लिखा
इस किताब के बाद भारत में AS दुलत की विपक्ष खासकर कांग्रेस ने खूब तारीफ की राहुल गांधी इस अपनी भारत तोड़ो यात्रा में साथ लेकर चलते थे क्योंकि यह लगातार मोदी पर मोदी सरकार पर जहर उगल रहा था
वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में मेजर जनरल असद दुर्रानी को गिरफ्तार कर लिया गया 3 महीने जेल में रहे पाकिस्तान के सभी टीवी चैनलों पर उनकी खूब निंदा की गई उसे देश का गद्दार कहा गया उसे यह कहा गया कि वह खाने को तो आईएसआई का चीफ था लेकिन वह रॉ के लिए काम कर रहा था
उसकी सारी पेंशन और जितनी भी सुविधा उसे रिटायरमेंट के बाद मिल रही थी सब बंद कर दी गई उसके पूरे परिवार को पाकिस्तान छोड़कर रातों-रात फरार होना पड़ा और आज वही मेजर जनरल असद दुर्रानी कहीं गुमनामी की जिंदगी जी रहा है
अगर आप भारत में गद्दारी करेंगे तब आप कांग्रेस और राहुल गांधी की नजरों में हीरो बन जाएंगे
सगळ्या चाय बिस्कीट वाल्यानी, घरात बसून आभाळ वाकवणाऱ्यांनी, रोज दुपारी उठून एक दिवस सकाळी अमीर खानच्या तिसऱ्या लग्नाला हजेरी लावणाऱ्यांनी, १० एकरात १०० कोटींची वांगी पिकवणाऱ्या तै ना हा व्हिडिओ समर्पित आहे.
या सर्वांनी स्वतःच तोंड एकदा आरश्यात बघून घेतलं पाहिजे..
A disturbing video circulating on social media shows a group attacking a vehicle near Dasham Thana, Jharkhand.
This is a serious law & order concern that deserves immediate attention.
Tourism cannot thrive on advertisements alone. Visitors and residents must feel safe on the ground.
Any incident of mob violence or targeted attacks damages public confidence and the state’s image.
I urge @JharkhandPolice to identify those responsible and publicly update citizens on the action taken.
JH01GH4141
@HemantSorenJMM, ensuring public safety should remain your highest priority.
Yeh Ek Adbudh Cockroach Nikla Hai 😂
Kuch lines ratt ke aaya aur shuru ho gaya button dabate hi 😅 Look at the ‘Super Girl’ who finished him in two minutes, look at her expression while she watches him…too good. Eventually she finished him and won 7 crores….
😂😂😂😂😂
He just got trolled for the idiot he came across as 😅
Credit : Public Sampark.
250 रुपये महीना मिलता था राम लला के टेंट के कपड़े बदलने के लिए-
सरकार किसकी थी- केंद्र में कांग्रेस और राज्य में समाजवादी पार्टी की।
राम मंदिर उद्घाटन के दिन इन्होंने काले कपड़े पहनकर धर्मविरुद्ध कार्य किए थे।
आज ये सिर्फ हिंदुओं में निराशा पैदा करने के लिए दिन रात काम पर लगे हुए है- अन्यथा इनमें रत्ती बराबर भी राम भक्ति नहीं।
"आरारारा... खतरनाक...🫰"*
एक फुरोगामी किडा अभिनेते प्रविण तरडेंना हिंदूत्वावर अक्कल पाजळत होता. त्यावर प्रविण तरडेंनी दिलेली प्रतिक्रिया..
"जाळ आणि धुर" सोबतच....
@WriterPravin
जयपुर कि ईसाई संस्था से रेस्क्यू कि गई 29 अवयस्क लड़कियां••••!
संतों पर लगने वाले झूठे आरोपों पर दिन-रात हल्ला करने वाली मीडिया पादरी और मौलवी पर चुप रहती है•••क्यों??
जयपुर की इसाई संस्था "ग्रेस होम" से 29 मणिपुरी लडकियाँ छुड़ाई गई हैं। इन सबके साथ यौन शोषण हुआ है। लड़कियों की उम्र सिर्फ 7 से 15 के बीच हैं!
जब लड़कियों का मेडिकल करवाया गया तो पता चला कि अधिकांश का कौमार्य भंग किया जा चुका है और 13 लड़कियों को ल्यूकोरिया नामक रोग से ग्रसित पाया गया जो कि सेक्स की अधिकता या सेक्स वर्करोँ में होता है!
एक डॉक्टर ने जो इनकी देखभाल कर रही है उसने बताया इन लड़कियों को अँधेरे कमरे में रखा गया था जिससे इनमें विटामिन डी की कमी हो गई है जब इन्हे बाहर निकाला गया तो हाथ पैर कांप रहे थे ।अभी इनको विटामिन डी की गोलियाँ दी जा रही हैं!
पुलिस की गिरफ्त में संस्था का मालिक पॉस्टर जैकब जॉन आया है जो कि एक पादरी है!
यह खबर केवल इंडियन एक्सप्रेस में छपी है और इसे किसी मीडिया चैनल ने नहीं दिखाया क्योंकि मामला ईसाई संस्था का था किसी हिंदू संत का होता तो आशाराम की तरह हर रोज डिबेट करवाते••• ईसाई मिशनरी!!
“हिंदू जिनको रामलला कहता है, वो अवैध क़ब्ज़ाधारी हैं
हिंदू हमें वोट दें या न दे, हमें फ़र्क़ नहीं पड़ता
हमें गर्व है कि जो हिंदू मुलायम सिंह यादव की सरकार में बाबरी पर चढ़े, हमने उन्हें उतरने तक नहीं दिया (वहीं मार दिया)”
~ समाजवादी पार्टी के प्रधान महासचिव रामगोपाल यादव