आदरणीय @CP_Noida मैम, @noidapolice@Uppolice@DCPCentralNoida, निवेदन है कि चौकी इंचार्ज द्वारा इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई न करके मामले को दबाने अथवा लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है। हम सभी नागरिकों को @CP_Noida मैम, आप पर पूरा विश्वास है कि आप इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाकर सत्य के आधार पर उचित एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश देंगी।
पीड़ित की पीड़ा:
“दिनांक 19 जुलाई 2026 को हुई मारपीट की घटना में गंभीर कान की चोट, पुलिस एवं चिकित्सीय लापरवाही तथा निष्पक्ष जांच एवं न्याय हेतु प्रार्थना।
माननीय पुलिस आयुक्त महोदया,
सविनय निवेदन है कि दिनांक 19 जुलाई 2026 को मेरे साथ गंभीर मारपीट की घटना हुई, जिसके परिणामस्वरूप मुझे गंभीर शारीरिक चोटें आईं, विशेषकर मेरे बाएं कान में गंभीर क्षति हुई। घटना के पश्चात पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, थाना पहुंचने पर मेरी चोटों की गंभीरता को समझे बिना दोनों पक्षों को लॉकअप में बंद कर दिया गया।
मैंने बार-बार पुलिसकर्मियों को बताया कि मुझे अत्यधिक दर्द हो रहा है तथा मेरे बाएं कान से सुनाई नहीं दे रहा है, इसलिए तत्काल चिकित्सा सहायता और मेडिकल परीक्षण की आवश्यकता है। काफी अनुरोध के बाद मुझे बिसरख प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉ. अमित कुमार टोंक द्वारा प्राथमिक परीक्षण किया गया। मैंने डॉक्टर को स्पष्ट रूप से बताया कि मुझे बाएं कान से सुनाई नहीं दे रहा है तथा कान के अंदर लगातार सीटी जैसी आवाज आ रही है। मैंने ईएनटी विशेषज्ञ के पास रेफर करने का अनुरोध किया, किंतु अस्पताल में विशेषज्ञ एवं आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध न होने की बात कहकर मुझे जिला अस्पताल, सेक्टर-39, नोएडा जाने की सलाह दी गई।
जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मामले को MLC बताते हुए रेफरल लेटर की मांग की। जब मैंने इस संबंध में थाने के एसआई राहुल से सहायता मांगी, तो मेरी गंभीर स्थिति को संवेदनशीलता से लेने के बजाय उन्होंने मेरी शिकायत को हल्के में लेते हुए कहा कि मैं “राई का पहाड़ बना रहा हूं” और सामान्य ओपीडी में उपचार कराने की सलाह दी। इसके बाद भी मुझे रेफरल उपलब्ध नहीं कराया गया, जिसके कारण मुझे अस्पताल और थाने के बीच बार-बार भटकना पड़ा।
अंततः मैंने स्वयं ओपीडी पर्चा बनवाकर जिला अस्पताल में जांच कराई। जांच के दौरान चिकित्सक ने स्पष्ट रूप से बताया कि मेरे बाएं कान का पर्दा (Eardrum) फट चुका है तथा कान के अंदर रक्त जमा हुआ है। चिकित्सक ने भविष्य में ऑपरेशन की संभावना भी व्यक्त की तथा आगे की विस्तृत जांच के लिए मुझे अली यावर जंग अस्पताल, सेक्टर-12, नोएडा रेफर किया।
अली यावर जंग अस्पताल में कराए गए सभी परीक्षणों में यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि मेरे बाएं कान की सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है तथा मुझे Hearing Loss हुआ है। चिकित्सकों ने कान का पर्दा फटने और अंदर रक्त के पैच होने की पुष्टि भी की।
सभी मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उन्हें थाने में जमा कर दिया गया। इसके पश्चात लगभग चार-पांच दिन बाद जांच अधिकारी श्री सुनील कुमार के साथ संबंधित अस्पताल में रिपोर्टों का सत्यापन भी कराया गया, जहां चिकित्सक ने जांच अधिकारी के समक्ष भी मेरे कान का पर्दा फटने तथा अंदर रक्त के पैच होने की पुष्टि की।
इतने गंभीर एवं स्पष्ट चिकित्सीय प्रमाण उपलब्ध होने के बावजूद आज तक इस मामले में कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद मुझे न्याय दिलाने के बजाय लगातार थाने और अस्पतालों के चक्कर लगाने के लिए विवश किया जा रहा है। यह स्थिति केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि पीड़ित को न्याय से वंचित करने का प्रयास प्रतीत होती है।
स्थिति और भी चिंताजनक तब हो गई जब जिस अस्पताल में मेरी जांच हुई थी, वहां से मुझे पुनः जांच करवाने हेतु फोन किए जाने लगे। इससे मुझे आशंका है कि पहले से सत्यापित मेडिकल रिपोर्टों को प्रभावित करने, कमजोर करने अथवा संदेह के घेरे में लाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपियों की प्रभावशाली पहुंच के कारण पूरे मामले को दबाने एवं निष्पक्ष जांच को प्रभावित करने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
मेरे कान का पर्दा फट चुका है, मेरी सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है तथा भविष्य में ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा समय पर उचित धाराओं में कार्रवाई न करना, उपलब्ध मेडिकल प्रमाणों के बावजूद मामले को लंबित रखना तथा एक पीड़ित को लगातार भटकाना अत्यंत गंभीर विषय है।”
CP Ma'amपर मुझे पूरा भरोसा हैं कि इस मामले मैं निष्पक्षता से कार्यवाही कर उचित न्याय दिलाएंगी।
भवदीय,
जयप्रकाश शर्मा
मोबाइल: 9910693312
आम इंसान को न्याय मिलना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि सभी आवश्यक दस्तावेज़ देने के बाद भी कई दिनों से FIR तक दर्ज नहीं हो पाई केवल इधर-उधर घुमाया जा रहा है एक आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करे? @bisrakh@noidapolice
@NCRKHABAR Abhishek ji always raising voice for concern of GNW & always fights till positive outcome eg is now green signal for metro being himself one of the resident of GNW he understands very well people. so upcoming Vidhayak should be one who understands each &every problem of people
#SupertechEcoVillage1 में मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाया गया है क्या इसके लिएApex Committee एवंLearned AmicusCuriae की अनुमति ली गई थी? यदि नहीं तो यह निर्णय पारदर्शिता और अधिकार क्षेत्र पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है निवासी जवाब और तत्काल समीक्षा की मांग करते हैं@OfficialGNIDA@dmgbnagar
@abhishek_nefowa जब अधिकारी अपनी जिम्मेदारी भूलकर सिर्फ कठपुतली बन जाएं, तो ऐसे हालात बनना तय है।घर खरीदारों के हित में कभी ईमानदारी से काम किया होता, तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ता। याद रखिए, ये सिर्फ शुरुआत है आगे और बड़ी लड़ाई बाकी है। @abhishek_nefowa@Village1Eco@Mihirlawyer@mihirg
Had escalated multiple times unfortunately no action has been taken. Kindly remove these scrapers in front of EcoVillage1 society @OfficialGNIDA@CP_Noida@dmgbnagar@abhishek_nefowa huge amount of penalty should be imposed on such irresponsible people who always burn scrap
नोएडा में कन्हैया मित्तल की ऐसी हनक उतारी साउंड वाले ने की पूछो मत 😎
साउंड वाले भाई को ज्ञान दे रहे थे कन्हैया मित्तल , साउंड वाले भाई ने बोला 25 हजार कमिशन लेते समय याद नहीं आया कुछ 😅
#kanhiyamittal#noida#GreaterNoida