आजकल संसद में “डिलिमिटेशन” को लेकर काफी चर्चा हो रही है। आसान भाषा में समझें तो डिलिमिटेशन का मतलब है जनसंख्या के आधार पर सीटों का नया बंटवारा करना। जिन राज्यों की आबादी ज्यादा बढ़ी है, उन्हें ज्यादा सीटें मिल सकती हैं और जहां आबादी कम बढ़ी, उनकी सीटें घट सकती हैं।
@FactdiaryIn आज़म खान साहब 9 मंत्रालय रखते थे वो भी वो वाले मंत्रालय थे उन ज़्यादातर सिर्फ जो सिर्फ मुस्लिम ही रखे सकते है और उनको 9 मंत्रालय रखने की सजा भी मिल रही है और चाचा शिवपाल के पास 10 मंत्रालय थे उनके ऊपर कोई नहीं न वो जेल जा रहे है
@JournoMirror ये दलाल वो है जो आपने भाई को अपने लालच के लिए आपने सामने मरवा सकते हैं अपनी बहनों की इज्जत लूटा सकते हैं ये बेजमीर लोग हैं ये नाली के कुत्ते हराम की कमाई खाने वाले लोग है ये आपने आप को मुसलमान बताते हैं पर ये लोग मुनाफिक हैं जातिवाद के नाम पर नेता पर नेता बने फिर रहे हैं
@JournoMirror ये साले मानसिक गुलाम इनको बस कुत्ते की तरह टुकड़े मिलते रहे अपनी जब भरनी चाहिए तो ये खुश है बाकी आवाम के नाम पे टुकड़े खाने वाले दलाल ये मुस्लिम नेता बने फिर रहे है पर ये मुस्लिम नहीं सब के अपने आपने फिर्का अपनी अपनी बिरादर के नेता बने फिर रहे है