जिस तरह अकाल तख्त के नष्ट होने पर जो घाव सिख मानस को हुआ था, वैसा ही घाव हिंदू समाज को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से लगा हैं।राम मंदिर में भ्रष्ट लोगों का बचाव करके या इस मामलें में चुप रहकर हम हिंदू समाज का वही करेंगे जो अकालियों ने चुप रहकर सिख समाज का किया था।
हम किसी चंपत या मिश्रा की कैद में हमारे राम मंदिर को नहीं छोड़ सकते।चंपत या मिश्रा राम मंदिर के द्वारपाल नहीं हैं और ना ही राम मंदिर किसी चंपत, मिश्रा या किसी संगठन की निजी जागीर है।हर हिंदू राम मंदिर का शेयर होल्डर है।हर हिंदू राम का सेवक है।हम सब हिंदू धर्म के वाहक हैं।
हिंदू समाज एक खुला,आत्म आश्वस्त और स्वतंत्र समाज हैं।सच को सच कहने की ताकत हमारा हिंदू धर्म हमे देता हैं।युद्ध लड़ने को भी भगवान कृष्ण ने धर्म कहा हैं,अगर वह धर्म को बचाने के लिए लड़ा जाए।यह हमारा धर्म युद्ध है।
अयोध्या के राम मंदिर में जो चोरी हुई हैं,वह अनैतिक हुए,अमर्यादित हुए,चरित्र से भ्रष्ट्र हुए हिंदू लोगो का अपकर्म हैं और इस पर कोई भी सभ्य सनातनी,
सुसंस्कृत,देशभक्त और अपने धर्म से प्यार करने वाला हिंदू चुप नहीं रह सकता।
हिंदू ने ही हिंदू के राम मंदिर को लूटा।जिन्होंने राम मंदिर को लूटा,उन्हें पाई पाई लौटानी होगी।जिन्होंने हिंदू भावनाओं को चंद सिक्कों में बेचने का किया है, उन्हें राम मंदिर परिसर से बाहर जाना ही होगा।
अभी तक चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।इस्तीफ़ा हुआ है या नहीं,कोई बोलने को तैयार नहीं है।सब चंपत के आगे नतमस्तक हैं।
चंपत राय तो सत्ता का निर्लज्ज नशेड़ी निकला।
अभी तक ना विश्व हिंदू परिषद ने देश के हिंदुओं से माफ़ी माँगी,ना चंपत ने सार्वजनिक माफ़ी माँगी है।माफ़ी मांग भी ले तो भी माफ़ी से मुक्ति नहीं मिलेगी।
विश्व हिंदू परिषद बेशर्मी से चंपत का बचाव कर रहा है।क्या चंपत जैसे लंपट,लालची और लोभी विहिप के प्रतिनिधि हैं? हम हिंदुओं ने विश्व हिंदू परिषद को अपने हिंदू धर्म का ठेका नहीं दिया है,कि धर्म के नाम पर कोई भी अधर्म का काम हो और हम चुपचाप देखते रहे।
चतुर,चालाक चंपत बचने की हर संभव कोशिश करेंगे।चंपत राय,अनिल मिश्रा और गोपाल राव को राम मंदिर ट्रस्ट से बाहर जाना ही होगा।तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि कोई दूसरा चंपत राम मंदिर परिसर में ना आ जाए।
चंपत राय और उसके अनुयायियों के दिए कलंक को हिंदू समाज को ताउम्र ढोना है।यह घाव कभी नहीं भरेगा।हमेंशा हरा रहेंगा।
राम मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत बहुत ही चतुर और चालाक हैं।
खबर है कि चंपत राय राम मंदिर परिसर में बैठकर दिल्ली,नागपुर और लखनऊ में तमाम प्रभावशाली व्यक्तियों को कॉल कर रहे हैं और ख़ुद को पाक साफ़ बताकर बचाने की गुहार लगा रहे हैं।
चंपत राय सुख,सुविधा के मोह में ऐसे समा गए हैं कि वे भूल गए हैं कि वह संघ के स्वयंसेवक और प्रचारक रहे हैं।
चंपत राय के कारण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बहुत असहज है,हिंदू समाज असहज है।
संघ चाहता है कि चंपत राय इस्तीफ़ा देकर राम मंदिर परिसर से नौ दो ग्यारह हो जाए,लेकिन चंपत के लिए कुर्सी का मोह मान सम्मान से बड़ा हो गया है।
चंपत राय के अहंकार,राम मंदिर में उनके तानाशाही से भरे रवैये, मैं हूँ तो सब है, वरना कुछ भी नहीं है के दंभ ने राम मंदिर परिसर की पवित्रता को गंभीर और गहरी चोट पहुंचाई है।
एक व्यक्ति की ज़िद और अड़ियल रूख ने संपूर्ण हिंदू समाज को शर्मिंदा कर दिया है।
चंपत राय के लिए कुर्सी,हिंदू समाज और हिंदू संगठनों के सम्मान से बढ़कर हो गयी है।
चंपत सब चौपट करने पर तुले हुए हैं।
क्या दुनिया की किसी सभ्यता ने अपने आरंभिक काल में ही अयोध्या,काशी और मथुरा जैसे नगर बसाए थे? शौर्य,ज्ञान और संपन्नता की साधना के लिए बने ऐसे शहर दुनिया में कही नहीं हैं।
अयोध्या एक धर्म राज्य के लिए जाना जाता है,जो बल और नीति दोनों में इतना श्रेष्ठ हैं कि उससे युद्ध नहीं किया जा सकता।वह अयोध्य हैं,इसलिए अयोध्या हैं।काशी अर्थाथ प्रकाशित करने वाली इसलिए आरंभ से ही काशी आत्मज्ञान का स्थान मानी जाती रही हैं। मथुरा मूल रूप से मधुरा है,जो भौतिक जीवन की संपन्नता का आदर्श रही हैं।दुनिया के किसी भी समाज में सत्य,बल और वैभव की साधना के ऐसे तीर्थ स्थान नहीं मिलेंगे जो भारत में है।
ऐसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक अयोध्या का राम मंदिर आज अपवित्र हाथों में हैं।
राम को अपना सर्वस्व मानने वाले हिंदू धर्म के लोगों ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि,जिस प्रभु राम ने लंका को रावण से मुक्त कराया,उन्ही राम के अयोध्या में रावण राज करेगा।
राम के राम मंदिर में राम को रावण ने बंधक बना लिया है।राम के अयोध्या में अब राम राज्य नहीं,रावण का राज है।चरित्रवान राम के मंदिर में रावण चरित्र के लोग राजकाज चला रहे हैं।सब चुप हैं।प्रधानमंत्री मोदी चुप हैं।संघ प्रमुख मोहन भागवत चुप हैं।सबकी अपनी चुनी हुई चुप्पी है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ऐसा नैतिक पतन होगा,संघ के स्वयंसेवक के रूप में मैं कल्पना भी नहीं कर सकता।संघ की चुप्पी ने सिर्फ़ मुझे ही नहीं इस देश के बहुसंख्यक हिंदू समाज को आहत किया है। हिंदू धर्म को अपना सर्वस्व मानने वाले चुप क्यो हैं?
राम भगवान ने कल्पना भी नहीं की होगी कि उनके अयोध्या में,उनके राम मंदिर में रावण राज करेगा। और पूरा हिंदू समाज देखता रहेगा।
यह हिंदू समाज मुगलों के राज में भारत को लूटते देखता रहा।यह हिंदू समाज अंग्रेजों के हाथों सोने की चिड़िया को लूटते देखता रहा,यह हिंदू समाज अब हिंदू राज में राम मंदिर में राम को लूटते चुपचाप देख रहा है।
एक मरा समाज ऐसा ही होता है।मरे समाज से उम्मीद करना बेमानी हैं।
राम मंदिर से राम का पलायन तय है।राम और रावण साथ नहीं रह सकते।धर्म और अधर्म साथ नहीं रह सकतें।चरित्रवान कभी चरित्रहीन के साथ नहीं रह सकते। नैतिकता कभी अनैतिकता के साथ नहीं रह सकती।
यह हिंदू समाज को तय करना होगा कि राम में राम रहेंगे या रावण।चुप मत रहिए।
जहा अधर्म है,वहाँ धर्म नहीं रहता।जहाँ अनैतिकता का निवास होता है वहां से नैतिकता पलायन कर जाती है। जहाँ राक्षसों का बोलबाला होता है, वहाँ राम नहीं रहते।
राम मंदिर में रावण कौन है? वह कौन है जिसने पूरे हिंदू समाज को शर्मिंदा किया? चरित्रवान राम के घर में चरित्रहीन लोगों ने कैसे कब्जा कर लिया?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के कारण कितने रुपये की चपत लगी है यह सामने आना बाकी है।
चंपत तो खोटा सिक्का निकला।खोटे सिक्के को अशर्फी बनाकर राम मंदिर ट्रस्ट में किसने बैठाया?
।चंपत राय कुर्सी के मोह में ऐसा चिपका है कि इतनी बदनामी होने के बाद भी अभी तक इस्तीफ़ा नहीं दिया।ग़ज़ब के लोभी और लालची है।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों
के परिवारों की,भाई, भतीजों,भांजों और सभी रिश्तेदारों के सम्पत्ति की जाँच होनी चाहिए।
राम मंदिर में कौन रावण है,यह पता लगना चाहिए।
यह हमारी आस्था और हमारे धर्म के साथ धोखा है।चुप नहीं रहना है।जो चुप है वह सब इस पाप में भागीदार है।
जहाँ अधर्म है, जहाँ अनैतिकता है,जहाँ आसुरी शक्तियों उपस्थित है,वहाँ धर्म नहीं रहता,वहाँ नैतिकता नहीं रहती, वहाँ भगवान नहीं रहते,वहाँ राम नहीं रहते।
राम मंदिर से राम का पलायन हो, इसके पहले हमें आसुरी मानसिकता के लोगों को मंदिर परिसर से बाहर निकालना होगा।
22 जनवरी 2024 को राम मंदिर के उद्घाटन पर पीएम मोदी ने कहा था कि “अधर्म और आसुरी शक्तियों के ख़िलाफ़ लड़ना राष्ट्र के हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
सोमनाथ की पुनरावृत्ति हम राम मंदिर में नहीं होने देंगे। हिंदू समाज की चुप्पी से यह देश लूटा है।
हिंदू समाज की चुप्पी से यह देश टूटा है।
अब हम हमारे राम मंदिर को लूटने नहीं देंगे।
जिन्होंने लूटा है उन्हें लौटाना होगा।
हिंदुओं के आस्था के केन्द्र राम मंदिर में चढ़ावे में हुई चोरी, हेराफेरी,डकैती को लेकर तमाम हिंदू संगठनों,हिंदू धर्म के ठेकेदारों और हिंदुओं का झंडा लेकर चलने वाले लोगों में गजब की खामोशी हैं।
मुंह से एक शब्द नहीं फूट रहा।हर बात पर बोलने वालों की बोलती बंद हैं।
अयोध्या में राम मंदिर प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र' ट्रस्ट देश के बहुसंख्यक हिंदुओं का ट्रस्ट खो चुका हैं।इस ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग कर देना चाहिए।जाँच के लिए बनी एसआईटी छोटे मछलियों को पकड़ लेगी,बड़े बड़े मगरमच्छ बच जाएगे।
श्रीराम मंदिर सिर्फ पत्थर से बना मंदिर नहीं है,यह मंदिर हिंदुओं की आस्था,संघर्ष,त्याग,धैर्य का प्रतीक हैं।सदियों बाद हिंदुओं के धैर्य को धरोहर मिली।
मंदिर में धर्म के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं ने नकदी नहीं चढ़ाई,यह श्रद्धालु द्धारा अर्पित पवित्र न्यास हैं।
मर्यादा पुरूषोत्तम राम के मंदिर की देखभाल करने वाली संस्था में मर्यादा,नैतिकता,शुचिता और पारदर्शिता होना ही चाहिए।
मैं लगातार अयोध्या में तमाम प्रभावशाली लोगों से बातचीत करता रहा।अयोध्या में जो खबर छन कर आ रही है,वह हैरान और परेशान करने वाली हैं।जानकारों का कहना है कि मंदिर निर्माण शुरू होने के पहले से ही राम मंदिर निर्माण के नाम पर एक गिरोह लूट तंत्र चला रहा है।
एक संगठित गिरोह राम मंदिर में लूटतंत्र चला रहा था।किसी को भनक नहीं लगी।खबर लगी तो बेखबर होने का दिखावा किया।
चंपक राय को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चुप्पी भी हैरान करने वाली हैं।
एक हिंदू होने के नाते और राम में अटूट आस्था रखने के कारण मेरा हिंदू मन व्यथित है, दुखी है।
Based purely on scientific evidence, the Madhya Pradesh High Court has confirmed that a magnificent temple once stood where a mosque does now at Bhojshala.
Not just 4 or 40 or 40,000 - every demolished temple must be legally reclaimed. We owe this to our civilisation. My views:
राजस्थान में जो नीट पेपर लीक का आरोपी पकड़ा गया है
इसका एक बेटा 12वीं में ग्रेस मार्क से पास हुआ लेकिन नीट में उसकी ऑल इंडिया 93 रैंक आई थी
उसके परिवार के कुल 6 लोग भारत के टॉप गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कर रहे हैं
और उसका यह पेपर लीक का काम 2024, 2025 और 2026 तीनों वर्ष चला
सर @PMOIndia@narendramodi@dpradhanbjp
सबसे पहले इसके परिवार के जितने भी सदस्य एमबीबीएस कर रहे हैं उन सबको कॉलेज से निकाला जाए और उनको भी गिरफ्तार किया जाए
मेरे पिताजी पूज्य श्री हरिशंकर जैन जी की कठोर मेहनत, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है कि आज हिंदू समाज यह दिन देख पाया। 2 मई 2022 को उन्होंने माननीय इंदौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस न्यायिक लड़ाई की शुरुआत की थी, जिसके परिणामस्वरूप आज ऐतिहासिक फैसला आया है।
Today the Indore High Court has delivered a historic verdict, the Court has granted the Hindu side the right to worship and has recognised the Bhojshala complex as belonging to Raja Bhoj.
Dharm ki jay ho, Adharm ka Naash ho🚩
Jai Maa Vaag Devi🙏🏻
I am glad you are out. No one see anything offensive in your tweet. I can't understand what Delhi police see in that tweet.
I am afraid now that I may arrested for this tweet some random day 😭
Yesterday was a long day.
I was called for questioning in connection with a case that I believed had no merit, and I attended the questioning to present my version. However, the police arrested me at 5.30 PM.
I was granted bail at 10 PM, and the Hon’ble Duty Judge clearly stated that he saw no offence in the case. He also said that he saw no mens rea and failed to understand why I had even been arrested.
Grateful to @RaviSharmaTalks and @sidcool2302, the wonderful lawyers who helped me through this.
Thankful to the many people, both online and offline, who supported me. I’m truly grateful. Of course, there are many who dislike you and use such opportunities to strike harder when you are down, but that’s fair game. It was your day, and you took it. I can take those blows and come back.
At times like these, one realises the importance of ideological support. The people who stood by me at the most crucial juncture were neither close friends nor relatives, but those with whom I am bound by ideology. And it delivered for me when it mattered most.
This incident has added many new layers of perspective, most importantly the ones we usually miss in the melee of day-to-day social media discourse.
I’ll write about the specifics of this case another day. For now, I just want to say thank you so much to everyone who has been a well-wisher. I’m grateful.
Thank you for monitoring the situation.
One mother forbade medicines to the dying, converted them, then laughed at the death count; the other mother has provided free treatment to 5.9 million, built 13 million sqft, 95 OT, 101 speciality, 4050 bed hospitals employing 1540 doctors.
The first mother got the Nobel Prize.
आपका नाम राजू नारायणस्वामी है।
1991 में आपने UPSC में AIR 1 हासिल की थी। पूरे देश में पहला स्थान।
आप IIT मद्रास से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट थे। MIT ने स्कॉलरशिप ऑफर की। लेकिन आपने ठुकरा दी। आपने कहा — IIT की पढ़ाई गरीब भारतीयों के टैक्स से हुई है, अब देश को लौटाना मेरा कर्तव्य है।
फिर आपने IAS जॉइन किया।
पहली पोस्टिंग में एक बिल्डर धान के खेत को भरना चाहता था। 60 गरीब परिवारों ने कहा इससे उनका इलाका डूब जाएगा। आपने अनुमति नहीं दी। आपका ट्रांसफर हो गया।
केरल के PWD मंत्री के बच्चों के अवैध जमीन सौदे उजागर किए। मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। आपका ट्रांसफर हो गया।
Coconut Development Board में भ्रष्टाचार पकड़ा। अफसर सस्पेंड हुए। आपका ट्रांसफर हो गया।
सिविल सप्लाई विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। जांच पूरी होने से पहले हटा दिए गए।
34 साल की सेवा में 32 ट्रांसफर।
एक बार आपने सरकार को चिट्ठी लिखकर पूछा “जब मुझे कोई काम ही नहीं दिया जा रहा, तो मुझे वेतन क्यों दिया जा रहा है?”
2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी Chief Secretary पदोन्नति की याचिका खारिज कर दी।
AIR 1 होने के बावजूद।
30 साल की ईमानदार सेवा के बावजूद।
उन्होंने 34 किताबें भी लिखीं। साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता। कानून में PhD की।
MIT उन्हें अमेरिका देना चाहता था।
उन्होंने भारत के लोगों को चुना।
लेकिन भारत की व्यवस्था ने उन्हें 34 साल तक सिर्फ एक संदेश दिया
“ईमानदारी की कीमत सब कुछ खोकर चुकानी पड़ती है।”
और उन्होंने हर बार वो कीमत चुकाई।
ऐसी कहानियों के लिए फॉलो करें, जिन्हें भारत की सुर्खियाँ कभी जगह नहीं देतीं।
फर्जी विकलांग सर्टिफिकेट बनवा के लोग IAS बन सकते हैं,
लेकिन असली दिव्यांग सड़क किनारे दुकान नहीं लगा सकते टी9डी दी जाएगी, दुकान की कहीं और व्यवस्था की जाए
This is not just my case. Many current and former employees are reportedly facing similar delays in salary and settlement payments.
Requesting urgent intervention from @LabourMinistry and @PMOIndia for fair resolution.
#LabourLaw#CorporateEthics#India
Despite repeated follow-ups through emails, calls, and government grievance portals, there has been no resolution so far.
PG Portal: MOLBR/E/2026/0013723 MOLBR/E/2026/0067334
Samadhan: 300161610 300194138
#FullAndFinalSettlement#WorkplaceJustice
Despite repeated follow-ups through emails, calls, and government grievance portals, there has been no resolution so far.
PG Portal: MOLBR/E/2026/0013723 MOLBR/E/2026/0067334
Samadhan: 300161610 300194138
#FullAndFinalSettlement#WorkplaceJustice
What will didi do now?
She can't go to the Assembly because she lost the election. If she makes one of her MLAs resign to fight a bypoll, Suvendu Adhikari will stand against her and defeat her for the third time.
She can't ask any of her Rajya Sabha MPs to resign and make way for her because she no longer has a majority in the Bengal Assembly, and BJP would snatch that seat if fresh Rajya Sabha elections are held due to resignation.
She can't go to the Lok Sabha either till at least 2029.
So where will she go after getting up every day?
एक औरत हकीम साहब के पास गई और बोली:
“हकीम साहब, मैंने शनिवार को पालक बनाया और अपने पति को तड़का लगाकर दिया। उन्होंने कहा, ‘वाह वाह… मज़ा आ गया, क्या ज़बरदस्त पालक है!’
फिर मैंने वही पालक रविवार को तड़का लगाकर दिया, तो पति ने फिर कहा, ‘वाह वाह… मज़ा आ गया, क्या ज़बरदस्त पालक है!’
फिर सोमवार को भी ऐसा ही हुआ, उन्होंने तारीफ़ की।
लेकिन जब मैंने मंगलवार को वही पालक बिल्कुल उसी तरह तड़का लगाकर दिया, तो मेरे पति ने पालक देखते ही उठाकर दीवार पर दे मारा।
हकीम साहब! अचानक मेरे पति को ऐसा दौरा क्यों पड़ गया? मेरे पति तो मुझसे बड़ा प्यार करते हैं!”
हकीम साहब को समझ नहीं आ रहा था कि पत्नी को क्या नुस्खा बताएँ।
—^^—
मोई जी, आपका साढ़े आठ बजे वाला पालक का साग अब नहीं खाया जा रहा है। पहले आपने स्वच्छ भारत वाला साग खिलाया,
जनता ने कहा— मज़ा आ गया।
फिर आपने नोटबंदी वाला साग खिलाया, उसी तड़के के साथ।
सबने कहा— मज़ा आ गया!
इसके बाद वही पुराने तड़के के साथ आपने वही पालक बार-बार खिलाया— आत्मनिर्भर भारत, कोविड लॉकडाउन से लेकर वन नेशन वन राशन और ना जाने क्या-क्या।
सबने बार-बार यही पालक, यही तड़का खाकर आनंद लिया, नारे भी लगा दिए।
लेकिन अब ये पालक नहीं खाया जा रहा है। महिला आरक्षण जैसे पालक को गले के नीचे उतारना इसलिए मुश्किल है क्योंकि और भी बढ़िया सब्ज़ियाँ जैसे—
कन्वर्ज़न रोकना,
भ्रष्टाचार खत्म करना,
यूनिफॉर्म सिविल कोड आदि बाज़ार में पड़ी हैं। लोग इन सब्ज़ियों को भी खाने को तैयार हैं।
कृपया अब पालक मत खिलाइए।
खाकर “मज़ा आ गया” नहीं कह पाएँगे!
इतना पालक खिलाकर शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ा दिए हो। क्या जनता से हर सुबह शौचालय के अंदर टट्टी की जगह TMT सरिया निकलवाओगे?
कुछ लाना ही है तो अब “यूनीफॉर्म सिविल कोड” लाओ
80 घावोंवाले राणा सांगा के लिए मोदी सरकार के मंत्रालय ट्वीट नहीं डाल रहे.
जो धर्म बेचकर ईसाई बन गया था, उसका गुणगान हो रहा है.
जो आक्रांताओं से लड़ा, उसका मूल्य नहीं है, जिसने धर्म का अपमान किया और आक्रांताओं के रिलीजन का गुणगान किया, उसके लिए मंत्री-संतरी नतमस्तक हैं.
वोट का चक्कर बाबू भैया, वोट का चक्कर.