अयोध्या श्री राम मंदिर में 200 करोड़ रुपये की चोरी हुई, बरामद हुए सिर्फ 80 लाख रुपये।
बाकी पैसा कहाँ गया?
बड़ी मछलियां खुलेआम घूम रही हैं और जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है।
- @ArvindKejriwal जी, राष्ट्रीय संयोजक, AAP
देश के नेताओं और मीडिया को खटकने ही थे
क्योंकि खान सर ने वो करके दिखा दिया था,
जो देश के 543 सांसद मिलकर नहीं कर पाए
जो बड़े बड़े उद्योगपति नहीं कर पाए.....
ब्लड टेस्ट 7 रुपए, CT scan 150/-
तो X-ray और ECG 25-30 रुपए में
और तो और हॉस्पिटल में सारी मशीनें हाई क्वालिटी
देश के बड़े-बड़े और जाने माने डॉक्टर.....
खान सर को रोकने की कोशिश नई नहीं है, और हर बार वे पहले से ज्यादा मजबूती से खड़े दिखाई देते हैं।
उनका संदेश साफ है—"एक कोचिंग बंद करवा दोगे तो क्या होगा दूसरी खोल लूंगा, लेकिन छात्रों को पढ़ाना नहीं छोड़ूंगा।"
आज विवादों से ज्यादा बड़ा सच यह है कि लाखों छात्र उनके साथ खड़े हैं। क्योंकि उन्होंने सिर्फ पढ़ाया नहीं, बल्कि उन युवाओं को आत्मविश्वास दिया जिन्हें कभी लगता था कि बड़ी सफलता सिर्फ बड़े शहरों और अंग्रेज़ी बोलने वालों के लिए है।
फैसला अदालत करेगी, लेकिन छात्रों का प्यार और विश्वास किसी अदालत या टीवी डिबेट का मोहताज नहीं होता।
देश की पहली महिला पार्टी अध्यक्ष - कांग्रेस से
देश की पहली महिला प्रधानमंत्री - कांग्रेस से
देश की पहली महिला मुख्यमंत्री - कांग्रेस से
देश की पहली महिला राष्ट्रपति - कांग्रेस काल में
देश की पहली महिला स्पीकर - कांग्रेस काल में
देश की पहली महिला जज - कांग्रेस काल में
RSS और BJP में टॉप पर महिलाओं का स्थान- 0
बाकी आप समझदार हैं।
Right...👏
"हमारे देश में चाहे पेट्रोल 500 हो जाए या सिलेंडर पांच हज़ार, लेकिन ये तीन चीजें हमेशा सस्ती रहेंगी",,,,,!!!!
गरीबों की जान,
किसानों की मेहनत
और लड़की की इज्जत,
BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा गुजरात में एक कार्यक्रम में भाषण दे रहे थे, तभी एक सुरक्षा कर्मी बेहोश होकर गिर पड़ा।
लेकिन न तो जेपी नड्डा ने भाषण रोका, न ही मंच पर बैठे BJP के नेता मदद को आगे आए।
ये बताता है कि BJP के नेताओं में संवेदना का जरा भी भाव नहीं है।
यही वजह है कि जनता चाहे प्रदूषण से परेशान हो, युवा बेरोजगारी से परेशान हो, महंगाई और आर्थिक तंगी से लोग जूझ रहे हों, किसान आत्महत्या को मजबूर हों... BJP के नेताओं और इनकी सरकारों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
BJP के नेता, मंत्री और सरकारें अपनी धुन में मस्त हैं। मोदी मन की बात में व्यस्त हैं।
और इस वीडियो में जिस तरह सुरक्षा कर्मी है... ठीक उसी तरह जनता को अपने हाल पर छोड़ रखा है।
नितिन ठगकरी जी भाजपा के इकलौते ऐसे नेता हैं
जिनकी बड़ी बड़ी बातों में मे भी आ गई थी
मुझे भी लगने लगा था ये ईमानदारी से काम कर रहे हैं
लेकिन इनके बेटे के एथेनॉल वाला गेम ने दिमाग पलट दिया पूरा
हम नहीं जानते कि 15 लाख का हिसाब कैसे लगाया गया है लेकिन अगर इतने लोगों की नौकरियों पर संकट है तो लफ़्फ़ाज़ी के बजाए इसकी चिंता करनी चाहिए। बाक़ी बातें होती रहेंगी लेकिन कोई बताए कि नौकरी नहीं जा रही है और जाएगी तो क्या होगा। आत्म निर्भर भारत की बात तो 2020 के मई में हुई थी जब प्रधानमंत्री ने बीस लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की। अब पांच साल हो गए। किसी को आगे कर बीस लाख करोड़ के पैकेज का रिज़ल्ट बताना चाहिए।