Assistant Professor,Blogger, National, Co-incharge Research Cell, Bhartiya Shikshan Mandal, Allahabad University Unit. District Secretary, @yiaindia Prayag Unit
हृदय रोग से पीड़ित हैं तो गरीब हों या धनाड्य लॉरी कार्डियोलॉजी में प्रो.रिषि सेठी की सलाह ज़रूर लें...लखनऊ में उनसे सुलझा, जानकार , स्पष्ट जानकारी देने वाला दूसरा डाक्टर शायद हो.इसलिए कि डॉ. सेठी प्राइवेट प्रेक्टिस नहीं करते.एंजियोप्लास्टी के विशेषज्ञ भी हैं...बस, केजीएमयू तो केजीएमयू है...थोड़ा धैर्य रखना होगा !!!
#धरती के ईश्वर शब्द को सार्थक करते डाक्टर-एक
जौनपुर के कुसुमी गांव का हिमांशु यादव, इसके माता-पिता दोनों का देहांत हो गया है। लड़का पढ़ने मे बड़ा मेधावी है,IIT एडवांस निकाला है। एडमिशन के लिए पैसा नहीं था। इसके गांव के #बाबू_साहब ने इसका संज्ञान लिया। वानर सेना #अजीत_प्रताप_सिंह के आवाहन पर सब लोग बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे है।
अन्नामलाई वस्तुतः वहीं काम करने जा रहे हैं जो संघ का मूल काम है अर्थात व्यक्ति निर्माण एवं नेतृत्व का विकास। इसलिए अन्नामलाई के कार्यपद्धति से किसी प्रकार के विरोध का कोई प्रश्न नहीं है।
जब तक वह भारतीय राष्ट्रवाद को लेकर अपने उस विचार पर खङे रहते हैं की तमिल पहचान और भारतीय राष्ट्रीयता एक दूसरे में इस तरह से गुंथे हुए हैं की उनको एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता, तब तक उनका अनावश्यक विरोध करना मूर्खतापूर्ण होगा।
अन्नामलाई के पास अभी बहुत समय है, यह बात सही है की उनके पास धनबल नहीं है, लेकिन उनका जन बल सब प्रकार के बलों पर तब तक भारी पङता रहेगा जब तक की वह अपने एकात्मता के विचार पर कायम रहेंगे। राजनीति में दूरदृष्टी से नैतिक बल ही सबसे बङी पूंजी होती है, फिलहाल अन्नामलाई के पास इसकी भरमार है। उनके नये लीडरशिप प्रोग्राम पर उन्हें बहुत बहुत बधाई।
@annamalai_k
एक जोशीली यात्रा का सफलतापूर्वक संपन्न होना , एक नई यात्रा का आग़ाज़ बनता है । #NaxalTerrorVanquished के जीवंत लेखन, समय बद्ध प्रकाशन और उत्साहवर्धक लोकार्पण के उपरांत अब इसके हिंदी संस्करण “नक्सल मुक्त भारत” के आगमन की तैयारी आरम्भ हो गई है ।
इस यात्रा से जुड़े हर एक व्यक्ति का हृदय से आभार प्रकट करना चाहता हूँ । विशेष आभार मेरे सह लेखक और अनुज @alokdup जी का, जिनके धैर्य और संलग्नता से यह यात्रा कुछ सरल हुआ है ।
इतिहास के पन्नों में वर्तमानकाल स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा जब प्रधान मंत्री श्री @narendramodi जी और गृह मंत्री श्री @AmitShah जी की राजनीतिक इक्छा शक्ति और कर्मठता ने दशकों से चली आ रही समस्याओं को निर्णायात्मक रूप से समाप्त किया गया।
यह पुस्तक अब प्रीओर्डर हेतु उपलब्ध है । https://t.co/GjqQJmY2kp
अफवाहों से बचें
#FakeAlert#Beware
A press conference video is being circulated across media and social media platforms with an attempt to malign the image of the #IndianArmy.
It is reiterated that the individuals seen in the video, namely Chandu Chavan, Harendra Yadav and P Narender, were dismissed from service on grounds of indiscipline and unsoldierly conduct. The fourth individual, Shankar Singh Gujjar, is a deserter and disciplinary proceedings are undergoing against him in both military and civil courts.
These individuals are deliberately spreading fake, malicious and misleading narratives on social media to divert attention from their own misconduct and dismissal from service. Citizens are advised not to fall prey to such propaganda and to remain vigilant against misinformation. (1/2)
@SpokespersonMoD
महाभारत में एक प्रसंग आता है- जब पांडवों को बार-बार अपमान, षड्यंत्र और अन्याय का सामना करना पड़ा तब भी श्रीकृष्ण ने उन्हें हर छोटे विवाद में अपनी शक्ति नष्ट करने की सलाह नहीं दी। यदि पांडव केवल अपमानों का उत्तर देने और हर व्यक्ति से उलझने में ही लगे रहते तो शायद वे कभी धर्मस्थापना के उस लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते जिसके लिए उनका जन्म हुआ था। अर्जुन का ध्यान यदि हर ताने, हर विरोध और हर छोटे संघर्ष पर होता, तो वह गांडीव उठाकर इतिहास नहीं रच पाता।
जीवन भी बिल्कुल ऐसा ही है। जो लोग हमेशा खेतों की मेड़ों, छोटी-छोटी सीमाओं और तुच्छ विवादों में उलझे रहते हैं, वे वहीं ठहर जाते हैं। उनकी ऊर्जा आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों से लड़ने में समाप्त हो जाती है। याद रखिए आपके विरोध में लोग अवश्य आएंगे, आलोचना भी होगी, बाधाएँ भी आएंगी; परंतु हर पत्थर उठाकर जवाब देना बुद्धिमानी नहीं है। नदी कभी रास्ते के पत्थरों से लड़ती नहीं, वह उन्हें पार करके आगे बढ़ जाती है इसलिए अपनी शक्ति को विवादों में नहीं, अपने लक्ष्य, अपने कर्म और अपनी प्रगति में लगाइए। समय स्वयं सिद्ध कर देगा कि कौन मेड़ों में अटका रह गया और कौन क्षितिज तक पहुँच गया।
हर हर हर महादेव 🖤✨
#LifeMantra
बंगाल में जीत के पीछे एक गुमनाम चेहरे की भी बात हो जाए….
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पूर्व राष्ट्रपति स्व. प्रणब दा को 2018 में आरएसएस के नागपुर कार्यक्रम में जाने के लिए राज़ी करने के पीछे संघ के एक गुमनाम मगर धुरंधर प्रचारक हैं। नाम है- रामचंद्र पांडेय। बंगाल से आने वाले कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे प्रणव दा के नागपुर जाने की घटना ने बंगाली भद्रलोक में संघ और भाजपा के प्रति भरोसा भर दिया। बंगाल में बीजेपी की जीत के यूँ तो बहुत से सूत्रधार हैं। फ़्रंट पर कार्य करने वालों को दुनिया जानती है, किंतु पांडेय जी का नाम पहले भी गुमनाम था, आज भी गुमनाम है। मौजूदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को मिर्जापुर में आरएसएस का जिला कार्यवाह बनाकर पहली बार संगठन सिस्टम में सक्रिय करने वाले रामचंद्र जी हैं। अब बात बंगाल में उनके योगदान की।
2016 विधानसभा चुनाव के बाद आरएसएस ने अपने इस धुरंधर प्रचारक का केंद्र कोलकाता बनाकर उन्हें पूरे राज्य में संगठन को चुस्त-दुरुस्त रखने की कमान सौंपी। यह रामचंद्र पांडेय थे, जिन्होंने सिलिगुड़ी से लेकर बर्दवान, आसनसोल तक, कोलकाता के गली-कूचों से लेकर मुर्शिदाबाद, मालदा तक आम लोगों में छिपे बीजेपी और संघ कार्यकर्ताओं की कड़ियों को जोड़ना शुरु किया। कांग्रेस, टीएमसी और लेफ्ट के उन लोगों से संपर्क साधा जो बंगाल की दुर्दशा से अपने संगठनों में अंसतुष्ट थे। टीएमसी में सबसे मुखर सुवेंदु अधिकारी से लेकर प्रणब दा के संपर्क-सूत्र मनोज कुमार तक रामचंद्र पांडेय ने अपनी तीक्ष्ण बुद्धि का इस्तेमाल किया, और यहां तक कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब दा को आरएसएस के नागपुर कार्यक्रम तक पहुंचा कर बंगाली भद्रलोक और कांग्रेस के काडर में आरएसएस और बीजेपी के प्रति हर तरह के भरोसे और आश्वस्ति से भर दिया। उसी समय भविष्य के बंगाल की इबारत वस्तुतः रामचंद्र पांडेय के संपर्कों ने रच दी थी।
यह सारा कार्य रामचंद्र पांडेय के संपर्क सूत्रों से आरएसएस के नागपुर केंद्र ने साकार कर दिखाया।
रामचंद्र पांडेय कोई साधारण नाम नहीं है। 1967 में जब मोदीजी ने प्रचारक जीवन शुरु किया, उसी समय रामचंद्र पांडेय ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के अपने गांव को अलविदा कह दिया। वह प्रो. राजेंद्र सिंह के संपर्क में आए और फिर आरएसएस के होकर रह गए। 1967 से 2000 तक रामचंद्र पांडेय ने 33 साल अपनी जवानी पूर्वी यूपी से लेकर अवध, बुंदेलखंड आदि इलाकों में आरएसएस को मजबूत करने में खपा दी। बीजेपी के अनेक संगठन महामंत्री रामचंद्र पांडेय के द्वारा प्रशिक्षित हैं।
रामचंद्र जी आज भी गुमनाम तरीके से रहते हैं। दो जोड़ी कपड़ों में वह अपना साल गुजार देते हैं। उनकी साधारण चप्पल और निरंतर चलते रहने की उनकी इच्छाशक्ति ने उन्हें आरएसएस के सभी प्रचारकों में सबसे जमीनी स्तर पर खड़ा किया है। कोलकाता का कोई गली-कूचा नहीं, किसी आरएसएस और पुराने बीजेपी कार्यकर्ता का घर नहीं, जहां रामचंद्र पांडेय ने प्रवास न किया और बैठकी नहीं लगाई। उनके साथ इस कार्य में आरएसएस के युवा प्रचारकों की पूरी टोली दिन-रात संपर्क में जुटी रही। आरएसएस की घोषवादकों की टीम के वह पूरे देश के मार्गदर्शक संचारक हैं। और तो और, उत्तर प्रदेश के अवध, गोरखपुर, काशी, बुंदेलखंड के इलाकों में अधिकांश आरएसएस कार्यकर्ताओं के निर्माण में यदि सबसे ज्यादा सक्रिय भूमिका किसी ने निभाई तो 1967 से 2000 के मध्य रामचंद्र पांडेय ने निभाई।
सूत्र बताते हैं कि बीजेपी में नेताओं के चयन से लेकर टिकट बंटवारे तक में युवाओं को चुन चुनकर रामचंद्र पांडेय ने आगे किया और केंद्रीय नेतृत्व को सही सूचनाएं दीं। बीते 10 साल में रामचंद्र पांडेय ने पश्चिम बंगाल की जमीन के चप्पे चप्पे को छान मारा। बदलाव की बयार ऐसे ही आरएसएस कार्यकर्ताओं के बूते भी बीजेपी ने बंगाल में खडी की है।
बंगाल में 800 वर्षों बाद पूर्ण भारतीय सांस्कृतिक सोच वाली सरकार बनने जा रही है, 1204-05 में लक्ष्मण सेन आख़िरी सनातनी सम्राट थे, उन्हें बख्तियार खिलजी ने हराकर ख़िलजी वंश को स्थापना की थी, इसके बाद अफ़ग़ान, मुग़ल, अंग्रेज, सीपीएम(विदेशी विचारधारा) और सीपीएम की सोच वाली टीएमसी की सरकार बनी, 800 वर्षों बाद पूर्ण भारतीय सांस्कृतिक सोच वाली सरकार बंगाल में सत्ता में आई है.
#WestBengalLegislativeAssemblyelection2026
हॉस्टल वाली बाई को तबला बजवाने से फुर्सत मिले तब तो पता करें क्लिप एडिटेड है या असली....
तबला बजता रहना चाहिए, धंधा चलता रहना चाहिए, माल आता रहना चाहिए।
इस @nehafolksinger को बस यही चाहिए।
दूध, दही, घी चाहिए तो गाय पालनी है, उसके गोबर के उपलों से ईंधन भी चाहिए, सब कुछ इस एक फ़ोटो में नज़र आ रहा है
पीछे मालिक का दो मंज़िला शानदार मकान भी दिख रहा है
लेकिन इतना कुछ देने वाली गाय और बछिया के लिये कोई छाँव की व्यवस्था नहीं, 42 डिग्री तापमान में खुले में बँधी हैं
पता नहीं क्यों, गाँव हो या शहर, भारतीय जनमानस में संवेदना का बड़ा अभाव दिखाई देता है
अनुराग यादव जी जब डीएम जौनपुर थे तब नगर निगम चुनाव के समय यह अपनी जिला मजिस्ट्रेट की गाड़ी से साइकिल का सिंबल वितरित कर रहे थे लेकर चलते थे अपनी गाड़ी में सिंबल लोगों को दिखाते थे और मुझे बहुत अच्छी तरीके से याद है, कि मनी ग्रामसभा से चंदवक तक इन्होंने साइकिल यात्रा निकलवाई थी वह भी स्कूल बच्चों से सपा का प्रचार कर रहे थे ,एजेंट बनकर और तो और इन्होंने रारी विधानसभा के यादव बाहुल्य गांवों को काटकर एक मल्हनी विधानसभा का निर्माण नव सृजन किया जहां से लकी यादव विधायक बनते हैं बार-बार।
अफ़वाहों और पैनिक से बचें. यूपी में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी के हालात सामान्य हैं. मैंने 28 मार्च को बुकिंग की थी और आज 5 अप्रैल को बगैर किसी जुगाड़ या अतिरिक्त प्रयास किए मुझे सिलेंडर मिल गया. कालाबाजारी नहीं हो रही है क्योंकि प्रशासन चुस्त है.
@IndianOilcl@myogiadityanath
शासन द्वारा #चित्रकूट आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों की सुविधा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब चित्रकूट स्थित सर्किट हाउस की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब कोई भी नागरिक, चाहे वह भारत का हो या विदेश का, निर्धारित शुल्क का भुगतान कर सर्किट हाउस में कक्ष आरक्षित कर सकता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आवास आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और पर्यटन को सुगम बनाना है।
प्रमुख जानकारी: -
1- बुकिंग पोर्टल: इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक वेबसाइट https://t.co/zYQiVSzaeX पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं।
2- पात्रता: रिक्तता के आधार पर यह सुविधा सभी के लिए उपलब्ध है।
3- प्रक्रिया: वेबसाइट पर पंजीकरण के बाद अतिथि अपनी श्रेणी चुनकर उपलब्ध कमरों की बुकिंग कर सकते हैं।
4- शुल्क संरचना (प्रति कक्ष, प्रतिदिन)
बुकिंग के नियम एवं शर्तें:-
भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम (नेट बैंकिंग/न्च्प्/कार्ड) से ही स्वीकार किया जाएगा। चेक-इन के समय मूल पहचान पत्र दिखाना आवश्यक होगा। ऑनलाइन बुकिंग सुविधा शुरू होने से अब आम जनता को ठहरने के लिए सुरक्षित और सुलभ विकल्प मिलेगा।
#Chitrakoot #DigitalIndia #TourismDevelopment #GoodGovernance #UPGovernment #EaseOfLiving #SmartAdministration
सभी देशवासियों को हनुमान जन्मोत्सव की अनंत शुभकामनाएं। यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में नई ऊर्जा और स्फूर्ति लेकर आए। मेरी कामना है कि पवनपुत्र हनुमान जी सभी को बल, बुद्धि और विद्या का भरपूर आशीर्वाद दें, जिससे देश का सामर्थ्य और बढ़े। जय बजरंगबली!
UP कैडर के 2022 बैच के #IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने नौकरी से इस्तीफ़ा दे दिया है.साल 2009 में मुजफ्फरनगर में 100 करोड़ के घोटाले का खुलासा करने के बाद 7 गोलियां लगने के बावजूद वे जिंदा बच गए थे. बीते दिनों शाहजहांपुर में SDM के रहने के दौरान, वकीलों के सामने उठक-बैठक करने का वीडियो वायरल होने पर उन्हें जुलाई 2025 में राजस्व परिषद से अटैच कर दिया गया था।
क्या सफल परिणय रहेगा...?
कौन कहता है कि केवल उर्दू में ही मिठास है? @satendrasuman बाबा को सुनिए, लगातार अपने कंटेंट के माध्यम से Gen Z को बता रहे हैं कि भारत की धरती से निकली हर भाषा-बोली माधुर्य का मुकुट पहनकर चलती है।
उत्तर प्रदेश ने ढाँचागत विकास में जो मानदंड बनाए हैं, वह यूपी की छवि को राष्ट्र के ग्रोथ इंजन के रूप में स्थापित करता है। ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लिए पोर्ट, कारगो टर्मिनल आदि के साथ छोटे-बड़े उद्योग आदि की आवश्यकता पड़ती ही है। आज के समय में किसी भी राज्य को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए उसी स्तर का एयरपोर्ट भी चाहिए।
जेवर वही एयरपोर्ट है जिसे सरकार ‘gateway to UP’ कह कर प्रचारित कर रही है। तीन करोड़ लोगों के जीवन को पर्यटन, रोजगार, आर्थिक तंत्र से जोड़ने वाला यह एयरपोर्ट यूपी की विकास यात्रा का इंजन बन सकता है। आशा है कि इसे डेडिकेटेड मेट्रो आदि से जोड़ कर नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को आधे-पौने घंटे की दूरी पर ला दिया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ का पूरा विजन उत्तर प्रदेश को उस गुंडागर्दी, विकासहीनता की छवि से बाहर निकालने का है। ऐसे में यह एयरपोर्ट और संबद्ध विकास के ढाँचे नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चरल विजन को भी आगे ले जाते हैं। यह #NayeUPKiUdaan है जो नए भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।