लिखते तो वह लोग हैं, जिनके अंदर कुछ दर्द है, अनुराग है, लगन है, विचार है। जिन्होंने धन और भोग-विलास को जीवन का लक्ष्य बना लिया, वह क्या लिखेंगे?
~प्रेमचंद
@hindisopan
हम उस शिक्षित समाज में जीते है जहाँ एकसाथ एक लड़के और एक लड़की को देखे जाने पर सर्वप्रथम उन्हें प्रेमी की संज्ञा दी जाती हैं..।
~स्वराज रंजन ❤️❤️
@ch14622
"सच को जाने अहिंसा को जाने असली गांधी जी को जाने"
सेंट्रल हिन्दू बॉयज स्कूल, वाराणसी के छात्र आयुष चतुर्वेदी का प्रार्थना सभा में "विद्रोह व मजबूती के प्रतीक- महात्मा गाँधी" विषय पर दिया भाषण!
यह भाषण विश्व भर में बहुचर्चित हुआ था..एक बार पुन: सुने @TheAyushVoice भाई का भाषण ❤️🌻
मजबूरियों को हाबी होते मैंने देखा हैं
एकमात्र साक्षी हूँ मैं इसका ..
,,जैसे अमरबेल द्वारा पेड़ को जकड़ा जाना,,
यही तो है पूरी घटना
~ स्वराज रंजन चतुर्वेदी
@hindisopan
@Kavi_Ghar @akshatvedvidya@Hindinama2@kalamshala1
वो माँ ही है जो सुबह पहले उठकर मेरा मोबाइल चार्ज में लगाती है ,,वो माँ ही हैं जो हर चीज़ का ध्यान रखती हैं
~ मेरी पंक्तियाँ
@Kavi_Ghar
@kavyaghar@ch14622@hindi_house_
हम उस शिक्षित समाज में जीते है जहाँ एकसाथ एक लड़के और एक लड़की को देखे जाने पर सर्वप्रथम उन्हें प्रेमी की संज्ञा दी जाती हैं.....
#true@Im_pradyumn@ch14622@shakeel_writes
चाह नहीं मैं सुरबाला के 🌼🌸
गहनों में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं प्रेमी-माला में,
बिंध प्यारी को ललचाऊँ,
चाह नहीं सम्राटों के शव,
पर हे हरि डाला जाऊँ......
मुझे तोड़ लेना बनमाली,
उस पथ पर देना तुम फेंक,
मातृ-भूमि पर शीश- चढ़ाने,
जिस पथ पर जावें वीर अनेक
~माखनलाल Chaturvedi
@ch14622