Made in Maharashtra, Now Reaching New Zealand! 🇮🇳🇳🇿
Under the visionary leadership of Hon. PM Shri. @narendramodi Ji, the Make in India initiative is strengthening India’s manufacturing capabilities and global reach.
The first-ever export of a JCB machine to New Zealand, manufactured in Pune, marks a significant milestone for Maharashtra’s manufacturing sector.
The "India NewZealand FTA" is opening new avenues for Indian manufacturing, boosting exports and strengthening Maharashtra’s position as a global manufacturing hub.
@PiyushGoyal@Dev_Fadnavis #MakeInIndia #IndiaNewZealandFTA #BJP #Narendramodi #Maharashtra #Devendrafadnavis
जनसंघापासून भारतीय जनता पक्षापर्यंत: एक अखंड वैचारिक प्रवास! 🪔 🪷
२१ ऑक्टोबर १९५१ रोजी श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यांच्या दूरदर्शी नेतृत्वाखाली भारतीय जनसंघाची स्थापना झाली. हा असा काळ होता जेव्हा देश फाळणीची शोकांतिका आणि विस्थापितांच्या समस्यांशी झुंजत होता.
“एका देशात दोन कायदे, दोन निशाण आणि दोन प्रधान चालणार नाहीत” या ठाम घोषणेसह, काश्मीरमधील परमिट सिस्टीमच्या विरोधात डॉ. मुखर्जी यांनी ऐतिहासिक आंदोलन छेडले आणि देशाच्या एकतेसाठी आपल्या प्राणांचे बलिदान दिले.
डॉ. मुखर्जी यांच्यानंतर पंडित दीनदयाळ उपाध्याय, श्री. अटल बिहारी वाजपेयी, श्री. लालकृष्ण अडवाणी आणि नानाजी देशमुख यांसारख्या महान नेत्यांनी संघटनेला एकात्म मानववाद आणि राष्ट्रवादाची एक नवीन ऊर्जा दिली. १९७५ च्या आणीबाणीच्या कठीण काळात जनसंघाने लोकशाहीच्या रक्षणासाठी अग्रगण्य भूमिका बजावली आणि १९८० मध्ये जनता पक्षाच्या विघटनानंतर 'भारतीय जनता पक्षा'ची स्थापना झाली.
पंतप्रधान श्री. नरेंद्र मोदी आणि गृहमंत्री श्री. अमित शाह यांच्या नेतृत्वाखाली, वर्ष २०१९ मध्ये कलम ३७० कायमचे हटवून डॉ. मुखर्जी यांचे स्वप्न पूर्ण करण्यात आले. ‘राष्ट्र प्रथम’, ‘अंत्योदय’ आणि ‘एकात्म मानववाद’ या तत्त्वांवर आधारित हा ७५ वर्षांचा प्रदीर्घ आणि गौरवशाली प्रवास आज गरीब कल्याण, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास आणि हर घर जल यांसारख्या योजनांच्या माध्यमातून प्रत्येक नागरिकाच्या जीवनात प्रकाश पसरवत आहे.
राष्ट्रसेवेला समर्पित असलेला हा प्रवास अखंड सुरू आहे! 🇮🇳
ध्रुव राठी भारतीय सेना को Educate, Agitate, Organise की सलाह दे रहे हैं। प्रशांत भूषण खुलकर कहते हैं “Yes, we want regime change.” और नेहा बोरा Bangladesh के student movement को inspiration बताती हैं।
लेकिन क्या इन्हें भारतीय सेना की professional परंपरा, उसके बलिदान और उसकी संवैधानिक भूमिका की कोई समझ है? और Bangladesh में सत्ता परिवर्तन के बाद क्या हुआ?
@sharmasimran_@himanshi__bisht
Europe की सड़कों पर हिंसक protests, clashes और arson की घटनाओं के बीच 27 देशों के 400+ Indian-origin academics और researchers का संदेश: “SPARE INDIA FROM ANARCHY”
Political disputes का जवाब evidence और constitutional process से होना चाहिए, street violence से नहीं।
देखिए पूरी रिपोर्ट।
@india_expert
CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह ने SEM कोर्ट्स को खत्म करने की मांग की है।
CJP के नेताओं की बयानबाजी को ध्यान से सुनिए, एक पैटर्न साफ दिखाई देगा। जब कानून इनके मुताबिक काम नहीं करता, तो ये कानून और व्यवस्था पर ही सवाल उठाने लगते हैं।
Anarchy यानी अराजकता सिर्फ सड़कों पर हंगामा करने का नाम नहीं है। यह उस सोच में भी दिखाई देती है, जो कानून, व्यवस्था और संवैधानिक प्रक्रियाओं को तभी तक स्वीकार करती है, जब तक वे उसके पक्ष में हों।
@harshkumarnayak@SP_Pratibha
Hindenburg गायब, SC-SEBI से clean chit, US courts में केस खारिज: फिर भी Rahul Gandhi का वही पुराना राग! क्या यह हमला Adani पर है या भारत के Global Stature पर?
जानिए Nirwa Mehta (@nirwamehta) से पूरे political script की असली सच्चाई!
Boston से Jantar Mantar तक… क्या ये सिर्फ संयोग हैं?
एक तरफ Boston University, दूसरी तरफ “nonviolent action” की किताबें और protest toolkit, और फिर भारत में CJP का protest model।
इन कड़ियों को एक साथ रखकर देखिए, क्या ये महज़ संयोग हैं, या इनके पीछे कोई बड़ा pattern है?
The Pamphlet presents: The Boston Files
@shreya_arora22@himanshi__bisht
उपवास भोजन का नही बल्कि गलत नीयत, गलत सोच और गलत विचारों का किजिये
जिंदगी को जिंदगी की तरह जीना जरूरी है, चार लोगों की फिक्र छोड़कर अपनी सुनना भी जरूरी है
नहीं समझेगा हर कोई हमारे इन ख्वाबों को इसलिए खुद ही खुद की काबिलियत पर भरोसा करना जरूरी है
जय जिनेन्द्र🙏
Havlama seslerini takip eden bir adam tarlaya kadar gittiğinde, boynuna kadar çamura gömülmüş bir köpekle karşılaştı. Onu orada bırakmaya gönlü elvermedi; elleriyle çamuru kazıyıp onu kurtardı ve sahiplendi.
Dünya böyle iyi insanların hatırına dönüyor…