राजस्थान सरकार चाहे कितनी ही साजिशे रच ले लेकिन कोई व्यक्ति भावुक उसी के सामने होता है जिससे न्याय की उम्मीद होती है.....
न्याय की अंतिम उम्मीद @hanumanbeniwal 🙏
नागौर जिले के रियां बड़ी में बजरी माफियाओं के खिलाफ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने जन-सहयोग से बड़ा आंदोलन किया,प्रशासन ने माफियाओं के दबाव में कोई समझौता करना उचित नहीं समझा तो उसके बाद जयपुर कूच का ऐलान हुआ और हजारों लोग नागौर से अजमेर के मध्य स्थित बाडी घाटी पहुंचे तब सरकार हरकत में आई, मुख्यमंत्री के ACS से दूरभाष पर वार्ता हुई और सीएमओ के निर्देशों पर जिला कलक्टर,जिला पुलिस अधीक्षक,खनन विभाग सहित अन्य विभागों के आला अधिकारी समझौता करने मौके पर पहुंचे। विस्तार से बातचीत के बाद बजरी माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने, माफियाओं के खिलाफ आंदोलित लोगों पर दर्ज मुकदमों में कोई कार्रवाई नहीं करने, गलत रूप से आवंटित लीजों को निरस्त करने सहित कई मुद्दों पर सहमति बनी। मगर आपकी पुलिस ने आज अलसुबह 3-4 बजे रियां क्षेत्र में दर्जनों घरों में महिलाओं और बच्चों को नींद में परेशान किया और जिस तरह हार्डकोर अपराधियों को पकड़ने के लिए छापे मारे जाते हैं, उसी तर्ज पर छापेमारी कर बजरी माफियाओं के खिलाफ आंदोलन करने वाले दो दर्जन से अधिक लोगों और जन-प्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया गया। मैं पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूं।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि क्या आपकी सरकार में आंदोलन के समय जनता से किए गए वादे और हुए समझौते केवल कागजों तक ही सीमित रह गए हैं ? सरकार के निर्देशों के बाद अधिकारियों द्वारा किए गए वादों से मुकरना जनता के विश्वास के साथ छल है। मुख्यमंत्री जी को याद रखना चाहिए कि आंदोलनकारियों ने भरोसा करके समझौता स्वीकार किया था, बहाने सुनने के लिए नहीं।
चूंकि गृह और खनन विभाग का जिम्मा मुख्यमंत्री के पास है, ऐसे में यदि पुलिस, खनन विभाग और सत्ता में बैठे कई नेता मिलकर अवैध बजरी के कारोबार को बढ़ाने में व्यस्त हैं, तो मुख्यमंत्री ऐसे लोगों के फोन सर्विलांस पर कब लेंगे ?
क्या सरकार का लक्ष्य सिर्फ आंदोलन करने वाले लोगों के इरादों को कुचलने का है ? मैं मुख्यमंत्री जी को स्मरण दिलाना चाहता हूं कि वादा निभाना नेतृत्व की पहचान होती है और वादा तोड़ना राजनीतिक मजबूरी नहीं, बल्कि राजनीतिक चरित्र का परिचय होता है। आंदोलन के दौरान जिन मांगों पर सहमति दी गई, आज उन्हीं से मुंह मोड़ा जा रहा है।
अगर समझौते लागू करने का इरादा नहीं था, तो जनता को झूठे आश्वासन क्यों दिए गए? जनता की याददाश्त कमजोर नहीं है और वादाखिलाफी का जवाब लोकतंत्र में जनता ही देती है।
आज नागौर पुलिस ने बजरी माफियाओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे जिन निर्दोष लोगों को हिरासत में लिया है, उन्हें तत्काल रिहा करें। अन्यथा हम ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं। हम पूरी मजबूती से सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
@RajCMO@PoliceRajasthan
सांसद हनुमान बेनीवाल से ख़ास मुलाक़ात
सत्ता, संगठन और संघर्ष पर बेबाक बातचीत
RLP चीफ का 2028 चुनाव को लेकर क्या प्लान?
बीजेपी से दूरी और सियासी भविष्य पर चर्चा
राजस्थान की राजनीति पर खुलकर रखी राय
सत्ता परिवर्तन का दावा, 2028 चुनाव पर नज़र
खास मुलाकात
देखिए शाम 4:24 बजे
@hanumanbeniwal #RajasthanNews #Podcast #News18Rajsthan
RLP नेता रामनिवास पोषक जी ने लम्बे समय जनता के हितों के संघर्ष मे 14 दिन जेल यात्रा करने के बाद कार्यकर्ताओं सहित देर रात्रि RLP सुप्रीमो @hanumanbeniwal जी से जालूपुरा आवास पर मुलाकात की 🤞💥🔰 @withRamniwas
हाल ही में जयपुर स्थित आवास पर झुंझुनूं जिले के अनेक साथियों ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर सभी साथियों ने पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया |
@RLPINDIAorg
असम के जोरहाट में भारतीय वायु सेना के ट्रांसपोर्ट विमान के क्रैश हो जाने की खबर अत्यंत दुखद है।
इस दुर्घटना से प्रभावित सभी वायु योद्धाओं एवं उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हुं । राष्ट्र की सेवा में समर्पित शहीद हुए हमारे वीर जवानों का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें।
ॐ शांति। 🇮🇳
@IAF_MCC
जयपुर में 1100 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री तथा बड़ी मात्रा में अवैध पटाखों का बरामद होना बेहद गंभीर मामला है,आखिर आबादी के बीच इतने बड़े स्तर पर अवैध भंडारण और निर्माण की गतिविधियां लंबे समय तक कैसे चलती रहीं ? यह जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर बड़ा सवालिया निशान है| यदि पुलिस और प्रशासन की नियमित निगरानी प्रभावी होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। एक चिंगारी से बड़े पैमाने पर जनहानि और संपत्ति का नुकसान हो सकता था। यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
मेरा राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से प्रश्न है कि 8 मौतों के बाद केवल C.I. और कुछ पुलिस कार्मिकों को हटाकर आपने इतिश्री कर ली मगर पुलिस कमिश्नर और संबंधित DCP की जिम्मेदारी सरकार अभी तक क्यों नहीं तय कर पाई ?
समाचार पत्रों की खबरों से यह स्पष्ट हो गया कि जयपुर में 6 साल से अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी, 16 बीघा तालाब भूमि पर बस्ती बस गई, 60% घरों में बारूद का काम होता रहा, और महज 700 मीटर दूर IOCL पाइपलाइन होने के बावजूद जयपुर कमिश्नरेट की नजर नहीं पड़ी ,ऐसे में क्या पुलिस कमिश्नर और अन्य अफसरों की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती ? इतने बड़े स्तर पर अवैध गतिविधियां वर्षों तक चलती रहीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कार्रवाई की ? किसके संरक्षण में यह सब चलता रहा ?
नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाली ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
राज्य सरकार इस मामले में दोषियों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करके उनके खिलाफ कार्यवाही करें |
@PMOIndia@AmitShah@RajCMO
अभी जयपुर में चार वर्ष की मासूम बच्ची की हत्या हो जाने,कल टोंक में वृद्ध महिला की निर्मम हत्या करके उसका शव कट्टे में बंद करके फेंक देने के प्रकरण सामने आए |
राजस्थान में अपराधियों का आतंक और सरकार की चुप्पी, दोनों ही चिंताजनक हैं।
प्रदेश में आए दिन हत्या, लूट, गैंगवार, महिलाओं के खिलाफ अपराध और संगठित अपराध की घटनाएँ सामने आ रही हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है और आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
प्रदेश की जनता राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से जानना चाहती है कि आखिर अपराधों पर प्रभावी अंकुश कब लगेगा ?
पुलिस ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही करके अपराधियों को सजा दिलवाने के लिए प्रभावी पैरवी करें |
@RajCMO@PoliceRajasthan@jaipur_police@TonkPolice_
जब किसान फलों से लदे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने को मजबूर हो जाए, तो यह एक किसान की हार नहीं बल्कि सरकार की नीतियों की विफलता का प्रमाण है। चुनावी मंचों से किसानों की आय दोगुनी करने के दावे भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा किए गए, कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने की बातें की गईं, लेकिन जब किसान ने नई फसल अपनाते हुए आधुनिक बागवानी की, जोखिम उठाया, तब सरकार उसे बाजार, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग सुविधा तक नहीं दे सकी।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूं कि कल आप खेती किसानी को लेकर लंबे - चौड़े भाषण दे रहे थे, अक्सर सड़को पर फल खाते हुए आप किसानों की बात करते हो मगर बाड़मेर जिले के किसान के यह हालात आपसे सवाल कर रहे कि मुख्यमंत्री जी, यह "विकसित राजस्थान" का मॉडल है या किसानों को बर्बादी की ओर धकेलने का मॉडल ?
इससे यह भी स्पष्ट हो रहा है कि किसान की मेहनत फलों से लदे पेड़ों पर दिखाई दे रही है, लेकिन सरकार की नीतियां कहीं दिखाई नहीं दे रहीं।
मुख्यमंत्री जी, किसानों को भाषण नहीं, बाजार चाहिए। घोषणाएं नहीं, खरीद व्यवस्था चाहिए क्योंकि केवल विज्ञापनों में कृषि क्रांति दिखाने से धरातल पर क्रांति नहीं आती ,यदि सरकार किसानों को नई फसलें लगाने के लिए प्रेरित करती है तो उनकी उपज की बिक्री सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है। अन्यथा यह किसानों के साथ सीधा छल है।
मैं सरकार से मांग करता हूँ कि तत्काल हॉर्टिकल्चर विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा जाए,प्रभावित अंजीर उत्पादक किसानों को विशेष राहत पैकेज दिया जाए,अंजीर सहित बागवानी फसलों के लिए स्थायी मार्केटिंग और निर्यात व्यवस्था बनाई जाए व इस नुकसान के लिए जिम्मेदार प्रशासनिक विफलताओं की समीक्षा की जाए।
@ChouhanShivraj@OfficeofSSC@AgriGoI@RajCMO@RajGovOfficial
असम के जोरहाट में भारतीय वायु सेना का ट्रांसपोर्ट विमान क्रैश हो जाने के कारण नागौर संसदीय क्षेत्र के डीडवाना - कुचामन जिले के नावां क्षेत्र में स्थित पांचोता के निवासी व अग्निवीर वायुसैनिक खेमाराम जी कुमावत भी शहीद हो गए |
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत शहीद की आत्मा को शांति प्रदान करें,मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है |
@IAF_MCC
बेटा हाथ जोड़ रहे है ऐसे मत करो..
बच्चे को देखो, बच्चा है आपका...... इस सरकार में आपकी सुनने वाला कोई नहीं है जो सुनने वाले है वो आपके सामने खड़े है - @hanumanbeniwal
RLP का बढ़ता परिवार......
आज सीकर से बड़े भाई @VikashPachar_ जी के नेतृत्व में सैंकड़ो युवाओं ने ABVP, NSUI और SFI छोड़कर RLP की सदस्यता ग्रहण की....❤️🔰✌️@hanumanbeniwal
तुम देओ बयान, तुम कहो जातिवादी, तुम जलाओ पुतले, तुम लगाओ आरोप, तुम दर्ज करवाओ मुकदमे, तुम गालियाँ दो और तुम बदनाम करने की हर मुमकिन कोशिश कर लो... ❌🔥
लेकिन राजस्थान की यह स्वाभिमानी जनता एक बात कभी नहीं भूलेगी...
जब किसी गरीब का बेबस बेटा इस दुनिया को छोड़ जाता है, जब किसी लाचार बेटी का परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता है, जब किसी बेबस माँ की आँखों से आँसू रुकने का नाम नहीं लेते, और जब किसी बेसहारा घर का इकलौता चिराग बुझ जाता है.....
तब बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमने वाले और महलों में बैठकर राजनीति करने वाले नेता कहीं दिखाई नहीं देते। एसी कमरों में बैठकर ट्विटर पर दो लाइन की श्रद्धांजलि लिख देना आसान है, लेकिन उस वक्त धरातल पर सिर्फ एक ही इंसान सबसे पहले उस पीड़ित परिवार के बीच जमीन पर बैठा दिखाई देता है— हनुमान बेनीवाल! ❤️
आज की इस दर्दनाक घटना को ही देख लीजिए.....
एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह टूट चुका है। परिजन बिलख रहे हैं, और सिस्टम के आगे न्याय की उम्मीद लगभग दम तोड़ चुकी है। ऐसे कठिन समय में सत्ता के कितने मंत्री वहाँ पहुँचे? विपक्ष के कितने विधायक पहुँचे? कितने बड़े-बड़े रसूखदार नेता परिजनों का हाथ थामने आए? कोई नहीं!
लेकिन एक व्यक्ति बिना बुलाए, बिना किसी स्वार्थ के वहाँ पहुँचा.....
❌ कुर्सी बचाने नहीं,
❌ राजनीति चमकाने नहीं,
❌ फोटो खिंचवाने नहीं,
बल्कि उस बेबस परिवार के आँसू पोंछने, उनका दर्द अपने सीने पर लेने और यह भरोसा दिलाने कि—"जब तक आखिरी सांस है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, मैं तुम्हारे साथ दीवार बनकर खड़ा हूँ।" 🔰👊
शायद यही सबसे बड़ी वजह है कि हनुमान बेनीवाल को समझने के लिए राजनीति नहीं, बल्कि एक संवेदनशील दिल चाहिए। सोचिए, एक ऐसा व्यक्ति जो वर्षों से जनता की सेवा में इस कदर मसरूफ है कि अपने खुद के परिवार को पूरा समय नहीं दे पाया। जिसके मासूम बच्चे अपने पिता की एक झलक के लिए इंतजार करते होंगे, जिसकी बूढ़ी माँ कई बार अपने लाडले बेटे को देखने को तरस जाती होगी....
लेकिन इस सब के बावजूद, प्रदेश के किसी भी सुदूर कोने में किसी के साथ भी अन्याय हो जाए, किसी गरीब की आवाज को दबाने की कोशिश की जाए, या किसी परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट जाए, तो अपनी सुध-बुध भूलकर सबसे पहले वही व्यक्ति वहाँ खड़ा मिलता है। सरकार से लड़ना पड़े तो आर-पार की लड़ाई लड़ता है, प्रशासन से टकराना पड़े तो फौलाद बनकर टकराता है, झूठे मुकदमे झेलने पड़ें तो हंसकर झेलता है, और विरोधियों की तीखी आलोचनाएँ सुननी पड़ें तो सुनता है, लेकिन किसी भी हाल में पीड़ित परिवार का साथ कभी नहीं छोड़ता! 🦁🌾
आज की इस मतलबी राजनीति का सबसे बड़ा संकट यही है कि नेताओं के पास भाषण देने के लिए शब्द तो बहुत हैं, लेकिन जनता का दर्द महसूस करने के लिए संवेदनाएँ खत्म हो चुकी हैं। सोशल मीडिया पर शोक संदेश पोस्ट कर देना बहुत आसान है, लेकिन किसी रोते हुए पिता के गले लगकर उसके आँसू अपने कुर्ते पर महसूस करना हर किसी के बस की बात नहीं होती।
राजस्थान का इतिहास इसलिए हमेशा याद रखेगा कि इस मतलबी दौर में जब अधिकांश नेता मोबाइल की स्क्रीन और बंद कमरों से अपनी सियासत चमका रहे थे, तब एक जननायक भीषण गर्मी और कड़कती ठंड की परवाह किए बिना धरातल पर लोगों के दुःख-दर्द में अपना सब कुछ झोंक रहा था। पदों के बड़े होने से कोई इंसान बड़ा नहीं होता, बड़ा वो होता है जो किसी टूटे और बिखरे हुए इंसान को सहारा देने के लिए उसके दरवाजे तक चलकर पहुँच जाए।
और यही अटूट कारण है कि चाहे लाख विरोध कर लो, लाख मनगढ़ंत आरोप लगा लो और लाख राजनीतिक साजिशें रच लो... राजस्थान की जनता के दिलों के सिंहासन से तुम हनुमान बेनीवाल का नाम कभी नहीं मिटा सकते! ❤️🚜🔥
#पीड़ितों_का_मसीहा #न्याय_की_लड़ाई
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