तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को आयु सीमा और प्रयासों (Attempts) में 5 वर्ष की छूट देकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत किया है। जब राजस्थान, गुजरात और अब तेलंगाना जैसे राज्य EWS वर्ग को आयु सीमा में राहत दे सकते हैं, तो केंद्र सरकार अब तक इस वर्ग के साथ अलग व्यवहार क्यों कर रही है?
EWS आरक्षण केवल कागज़ों पर समानता का वादा नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में वास्तविक समान अवसर भी सुनिश्चित होने चाहिए। यदि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को संवैधानिक मान्यता प्राप्त है, तो उसे आयु सीमा और प्रयासों में भी समान न्याय मिलना चाहिए।
देश के लाखों EWS युवा आज केंद्र सरकार से जवाब मांग रहे हैं जब राज्यों ने रास्ता दिखा दिया है, तो केंद्र कब तक इस वर्ग की जायज़ मांगों को अनदेखा करता रहेगा?
#EWS #AgeRelaxation #EqualOpportunity #SocialJustice #EWSJustice
श्रीराम की चरण पादुकाएं अयोध्या के सिंहासन पर रखकर भरत ने चौदह वर्ष अयोध्या का राज-काज चलाया था। पर वो त्रेतायुग था। ये टिन्नूयुग है। तो रामलला की चरण पादुकाएं फिलहाल गायब बताई जा रही हैं।
🚨 UPSC रिजल्ट में EWS SCAM? 🚨
2025 के UPSC रिजल्ट में 100 से ज्यादा कैंडिडेट्स ऐसे थे, जो EWS कोटा से सेलेक्ट हुए.
मगर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि इनमें से 👇
• 67 कैंडिडेट ने उन कोचिंग से पढ़ाई की, जिनकी फीस लाखों में थी
• 28 कैंडिडेट के माता-पिता का अपना बिजनेस है
• 10 कैंडिडेट MNCs में और प्राइवेट नौकरी करने वाले थे
• 14 कैंडिडेट IIT से ग्रेजुएट, पोस्ट-ग्रेजुएट थे और करीब 3 NIT से थे
बाकी इस वीडियो को देखिए 👇
इतिहास में किसी भी जाती की बहादुरी त्याग बलिदान के बाद में उसको उपाधि दी जाती है । जैसे आज कोई भी व्यक्ति तहसील में सर्वश्रेष्ठ कार्य करता है तो तहसील गौरव जिले में करता है तो जिले का गौरव राज्य में करता है तो राज्य का गौरव कहा जाता है जैसे कोई भी व्यक्ति राजस्थान से है तो उसे राजस्थान गौरव कह सकते हैं हम । गुजरात से है तो । गुजरात गौरव जिस समय काल में उस राज्य का नाम रहता है उससे उपाधि दी जाती है लेकिन व्यक्ति की उससे ने जाती बदलती न धर्म बदलता जैसे सचिन तेंदुलकर को किरकेट का भगवान कहते हैं । उसके बेहतरीन प्रदर्शन के कारण पर वो भगवान तो नहीं है । वो उसे क्रिकेट में उपाधि मिल गई जैसे। प्रताप सिंह खाचरियावास लिखते हैं गांव आगे लिखते हैं नाम के आगे जब की उनका गांव खाचरियावास कभी खाचरिया जाटों की गोत्र की ढाणी थी किसी समय में पर क्या खाचरियावास लिखने से प्रताप सिंह खाचरियावास की जाती बदल जाएगी । जैसे गुजरात के वीर योद्धा सोलंकी वंश के पूर्वज दादा चालाक्य को गुजरात के होने के गुजरात्रा गौरव कहा गया। उनके वंशजो की राजधानी टोडा रायसिंह रही है । तो क्या उनकी जाती बदल सकती है आज कल मात्र दस बारह साल में ऐसे ही कही लोग राजनीतिक के कारण महापुरुषों की जाती बदलने का काम कर रहे हैं ।जो सभी जातियों में एक दूसरे को गालियां देकर उनमें आपस में फूट डालने का काम कर रहे हैं । आने वाले समय में इसके परिणाम भयंकर होंगे जातीय युद्ध होंगे आपस में टकराव की स्थिति उत्पन हो रही है । जो देश को खंड खंड में बिखेर देगी जहां गांव ढाणी में आपस में सभी जातियों में आपस में प्रेम की भावना से रहते थे आज सब एक दूसरे को दुश्मन समझते हैं । आने वाले समय में ओर ज्यादा मतभेद उत्पन होंगे ओर सरकार खुद करवा रही है जातिगत वोट का + - देखकर पर ये ही एक दिन भारत को गृह युद्ध की ओर ले जाएगा । ठीक है वैसे महापुरुषों को जाती में नहीं बांधा जाता । न ही भगवान को बांधा जा सकता वो सभी के है । सभी जातियां अच्छी है सभी में बुरे लोग हैं भारत के निर्माण में हर जाती का किसी न किसी काम में सहयोग रहा है । खेर अब राजतंत्र खत्म हुआ सारे राजा मर चुके अच्छे थे बुरे थे अब अनाज की बोरिया डालने नहीं आयेंगे न ही हमारी रक्षा करने आयेंगे उनसे उनके कर्मों की सीख अवश्य ले सकते हैं हम मात्र । अभी तक आमजन देख रहा है ये खंडर होते किले उनकी छतरियां देवलिया जगह जगह बनी है जब तक ये किले खंडर रहेंगे जब तक उनकी जाती कैसे बदल सकती है आपकी जाती के पास कितने किले हैं और एक भी है तो वो वहां का राजा या जागीरदार हो सकता है पर जहां जिनके पास है वो उनके ही पूर्वज थे जब उनके पास है । क्यों देश में ऐसे हालात उत्पन करते हो जो देश में फूट डालने का काम हो । कही लोग बोलते नहीं देखते सभी है गालियां देते हो उसका जवाब लोकतंत्र में जनता बिना बोले वोट से कर देती है कुछ लोगों का खामियाजा समस्त समाज को भुगतना होता है ।
भूल गए होंगे, याददाश्त बहुत कमजोर है आपकी।
सोचा याद दिला दूं, जिसको याद आ गया को रिपोस्ट करो, ताकि सभी क्षत्रिय नींद से जाग जाएं खास करके बूंदी के हाडा चौहान क्षत्रिय।
जब जब क्षत्रिय समाज के नेताओं की लिस्ट बनेगी तो सबसे ऊपर श्री Dharmendra Singh Rathore साहब का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा..
क्यों?
क्योंकि EWS सरलीकरण में राजस्थान मॉडल पूरे देश में नंबर 1 है जिसके पुरोधा आदरणीय धर्मेन्द्र राठौड़ साहब ही हैं,
जय श्री रंगनाथ जी। 🙏
हमारी गौरवशाली विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण किसी एक समाज का नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक का साझा दायित्व है।
दुर्भाग्यवश, राजस्थान में वर्तमान विरासत एवं पैनोरमा नीति के अंतर्गत अनेक स्थानों पर स्थानीय इतिहास, प्रामाणिक धरोहरों और क्षेत्रीय प्रेरणास्रोतों की उपेक्षा कर बाहरी अथवा विवादास्पद आख्यानों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह प्रवृत्ति हमारी सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक सत्य और स्थानीय गौरव के लिए चिंताजनक है।
इसी संदर्भ में आज 16 जून 2026 को आयोजित "सर्व समाज एकता रैली" में हम अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण हेतु लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे।
📍 स्थान:
रामसागर की पाल, हिण्डौली (बून्दी)
📍 मुद्दा:
हाड़ा-चौहान राजवंश से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहर - भवन, बारहदरी एवं बगीची - के संरक्षण, संवर्धन तथा उनकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने की मांग।
आइए, हम सब मिलकर अपनी विरासत बचाएँ और आने वाली पीढ़ियों को उनकी सच्ची ऐतिहासिक पहचान सौंपें।
एकता • जागरूकता • संरक्षण
सादर। 🙏
@RajCMO@KumariDiya
#बून्दी #SaveHeritage
This is the true face of the Ghatis. Their Hindutvavad has nothing to do with nationalism or love for the country.
One of them is a retired Brigadier of Indian Army, Para SF veteran, Shaurya Chakra, and a participant of both Operation Meghdoot and Kargil War.
Another is a descendant of the revered Maharana Pratap, from whose lineage their own greatest king claimed descent.
The third is a respected teacher who focuses on history and has mostly spoken positively about their own people.
These are the people they choose to abuse and target. Their main contention is that these people opposed a false map in NCERT books, about which no historian could provide any evidence.
@Bhupesh@VishvarajSMewar@BjpMahimakumari
#चढ़ावा_चोरों का पोल खुलते ही अचानक सबकी तबियत खराब है घर से गायब है।
जैसे चंपत राय (खांसी,जुकाम, बदन दर्द), अनिल मिश्रा (मोतियाबिंद), लवकुश मिश्रा (जी मिचलाना, खट्टा खाने का मन), अनुकल्प मिश्रा (गुदा द्वार में संभोग से सूजन की शिकायत)
उत्तर प्रदेश पुलिस इनका उपचार कीजिए।
मुंबई में कुछ लोगो द्वारा भारतीय सेना के एक सम्मानित ब्रिगेडियर भूपेश सिंह जो कि सेना में वीरता चक्र(VC )और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित हैं ,मेवाड़ महाराणा विश्वराज सिंह और सम्मानित शिक्षक राजवीर सिंह चलकोई की तस्वीरो को पैरों तले रौंदा गया है
@MumbaiPolice आपके होते हुए भारतीय सेना के एक ब्रिगेडियर की तस्वीर को पैरों से रौंदा गया है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है
NCRT में मराठा साम्राज्य का एक नक्शा जोड़ा गया था जिसमे बिना तथ्यों के ही राजस्थान के कुछ भाग को मराठा साम्राज्य के अधीन बताया गया जो कि सरासर ग़लत था
इन तीनो ने अपनी अस्मिता को नीचा दिखाने के विरोध में आवाज बुलंद की थी
लोगो द्वारा इस नक्शे का विरोध किया गया उसके बाद NCRT को वो नक्शा हटाना पड़ा
उसी बात से नाराज होकर मुंबई में कुछ लोगो ने इस घटना को अंजाम दिया है
विचारो का प्रतिवाद तर्कों से किया जाता है इन हरकतों से नहीं
मुंबई पुलिस और @DGPMaharashtra कृपया मामले में संज्ञान ले
@Dev_Fadnavis@AmitShah@adgpi
4 साल का, 10 साल का और 15 साल का बच्चा ने पाछो तैयार करयो के... थने थारे बाप को, दादे को पाछो बदलो लेनो है ; राजवीर सिंह चलकाेई
बाड़मेर में आयोजित सम्राट पृथ्वीराज चौहान के जयंती समारोह में मुख्य वक्ता राजवीर सिंह चलकोई ने हर किसी को भाव विभोर कर दिया।
राजवीर सिंह ने कहा कि केवल राजाओं और वीर योद्धाओं का स्मरण किया जाता रहा है। लेकिन,मातृ शक्ति का योगदान में उस समय बेहद अहम था
आप सोचिए राजस्थान की यह धरती जहां 18 साल तक के बालक एक योद्धा की तरह युद्ध में उतरते थे। यही कारण रहा कि 480 साल तक राजस्थान अकेले ने मुगलों को रोके रखा। किसी घर में 18 साल तक के बच्चे तक नहीं बचे थे।
तो मैं इस मौके पर उन माताओं और मातृ शक्ति को भी दंडवत प्रणाम करता हूं।
बीते डेढ़ माह से गिरल कोयला खदान के मजदूर अपनी जायज़ मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। मैं भी मेरे मजदूर भाइयों के साथ उनकी मांगों के समर्थन में लगातार संघर्षरत हूँ।
आज धरना स्थल पर प्रदेश सरकार को सद्बुद्धि मिले, इसी कामना के साथ हवन-पूजन संपन्न किया गया, ताकि ग़रीब मज़दूरों की वाजिब माँगें स्वीकार की जाएँ और सरकार अपनी दमनकारी नीतियों से वंचित व शोषित वर्ग की आवाज़ को दबाने का कुकृत्य न करे।
“ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे इन्होंने ठगा नहीं।”
नागौर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा ने हनुमान बेनीवाल की बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,
"हनुमान बेनीवाल जी की कई लोगों ने मदद की है। आपने रिछपाल जी को भी सुना होगा, उनसे भी इन्होंने मदद ली है। यदि अशोक गहलोत जी से पूछा जाए तो उन्होंने भी कई मुद्दों पर इनकी सहायता की है। मुझे लगता है कि ये किसी भस्मासुर प्रवृत्ति से ग्रसित हैं, क्योंकि जो भी इनकी मदद करता है, ये अंततः उसी के खिलाफ खड़े हो जाते हैं। यही कारण है कि इनके बारे में कहा जाता है कि ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे इन्होंने ठगा नहीं।"