माननीय गृहमंत्री जी आपने अपने व्यक्तव्य में कहा उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार में उत्तर प्रदेश अपराध की इंडस्ट्री,कट्टा और तमंचा की इंडस्ट्री लगती थी। वाहन चुराने का कुटीर उद्योग लगता था, चैन स्नेचिंग का उद्योग था, माननीय गृहमंत्री जी जिस पद को आप सुशोभित कर रहे हैं उसे पद पर बिना तथ्यों के बिना बात करना आपकी छवि को धूमिल करता है। आपकी जानकारी हेतु बताना चाहता हूँ।
उत्तर प्रदेश में आदरणीय बहन जी की चार बार की सरकार में उत्तर प्रदेश में गुंडाराज माफिया राज और डाकुओं का राज खत्म किया। गुंडा टैक्स बंद कर कराया गया। कहीं कोई दंगा फसाद नहीं हुआ। हर वर्ग में अमन चैन स्थापित हुआ। गरीब और अमीर पूरी तरह खुश थे। गरीब परिवारों को जमीनों का मालिकाना हक दिया गया जहाँ पर वह रहते थे।
भूमिहीनों को दो से तीन तीन एकड़ के जमीन के पट्टे दिये गये।लेकिन आपकी सरकार ने उनको बुलडोजर से बेघर कर दिया आज भी यूपी के गरीब लोग दर-दर भटकने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
��पकी जानकारी में बताना चाहता हूँ, 2017 से लेकर 2024 की यूपी में आपकी बीजेपी सरकार में पेपर लीक का उद्योग चरम पर पहुंच गया है। जिसके तहत नए-नए कीर्तिमान स्थापित हुए 2017 में यूपी पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा रद्द 2018 में (uppcl) उत्तर प्रदेश में पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड परीक्षा रद्द, 2018 में यूपी पुलिस कांस्टेबल नलकूप चालक भर्ती परीक्षा रद्द ,2021 में UPTET परीक्षा पेपर वापस रद्द ,2022 में लेखपाल भर्ती परीक्षा पेपर लीक रद्�� ,2024 में यूपी पुलिस कांस्टेबल पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक और रद्द जिसमें 48 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए, 2024 में यूपी में RO/ARO समीक्षा अधिकारी परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द, 2022 में यूपी बोर्ड के इंग्लिश पेपर 12 जिलों में परीक्षा पेपर लीक हुआ जिसकी वजह से आपको पेपर रद्द करना पड़ा था।
आपकी बीजेपी सरकार में उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाला की तरह ही पेपर लीक उद्योग स्थापित हुआ ।जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में करोड़ों छात्र प्रभावित हुए हैं और तमाम छात्रों का भविष्य अंधकार मय हुआ है।उसकी पूरी की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की है। साथ ही मैं कुछ आंकड़ों को आप को बताना चाहता हूँ, 2017 से अब तक 26000 ज्यादा उत्तर प्रदेश में सरकारी प्राथमिक और जूनियर स्कूल बंद किए गए शिक्षा का पूरा हाल हुआ।
आज उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार की गलत नीतियों की वजह से सात लाख से अधिक बच्चे आउट ऑफ स्कूल हैं उनको पढ़ने के अवसर ही नहीं मिल रहा है।
वही 2007 से 2012 के बीच में आदरणीय बहन जी के शासनकाल में 5000 प्राथमिक और जूनियर स्कूल खोले गए। 2007 से 12 के बीच में आदरणीय बहन जी की सरकार में 572 राजकीय हाई स्कूल माध्यमिक विद्यालय खोले गए, साथी 100 से अधिक डिग्री कॉलेज और 6 विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय,5 इंजीनियरिंग कॉलेज, 7 मेडिकल कॉलेज भी खोले गए ,विशेष रूप से दलित और पिछड़े बहुल ग्रामीण क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए इन विद्यालयों का निर्माण कराया गया। और इस कार्य में आपकी बीजेपी सरकार ने 10 सालों में जीरो का कीर्तिमान स्थापित किया है।
गरीब परि��ारों के बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, बैंकर्स बनाने के लिए छह कोचिंग इंस्टीट्यूट खोलने का काम किया उदा��रण स्वरूप लखनऊ के गोमतीनगर स्थापित भागीदारी भवन है आप यहाँ जाकर विजिट कर सकते हैं।उसके साथ ही में आपको या भी बताना चाहता हूं 2007 से पहले उद्योग प्रदेश डाकुओं के नाम से जाना जाता था चारों तरफ दहशत का माहौल था उस माहौल को खत्म करके उत्तर प्रदेश को भय मुक्त प्रदेश बनाया।
आज यूपी में जातिवाद ऊँच नीच की भावना चरम पर हेयर बहन जी के शासनकाल में इस तरह का कोई माहौल नहीं था। सभी लोग भाई चारे के साथ अमन और चैन से रहते थे। पिछले 10 सालों में हत्या बलात्कार जबरन कब्जा आदि घटनाएं चरम पर हैं।
उत्तर प्रदेश में नकली दवाइयां का उद्योग भी चरम पर है जिसकी वजह से कई बच्चों की जान चली गई लेकिन दोषियों और नकली दवाई उद्योग को बुलडोजर चला कर ध्वस्त करने की बजाय उनको भी संरक्षण प्राप्त है।इसलिए आप इस तरह की बातें करना कहीं ना कहीं से आपका और आपके पद को शोभा नहीं देता है।
धन्यवाद
जय भीम जय भारत
~ श्री रामजी गौतम जी ( बीएसपी स��ंसद, केंद्रीय कोऑर्डिनेटर )
#bsp I #india
@airtel_tanzania एयरटेल अपनी घटियां नेटवर्क मे कब तक सुधार करेगी, कम्पनी ग्राहकों से धनराशि वसूली करती है 4G, 5G की नेटवर्क की देती है 2G से भी ख़राब। जब ग्राहकों का रिचार्ज पैक खत्म हो जाता हैं तो कम्पनी ग्राहकों को फ्री मे 1 घंटे वैलिडिटी नही देती है, तो हम ग्राहकों को घटियां नेटवर्क क्यों?
@airtelindia@adobeexpress एयरटेल अपनी घटियां नेटवर्क मे कब तक सुधार करेगी, कम्पनी ��्राहकों से धनराशि वसूली करती है 4G, 5G की नेटवर्क की देती है 2G से भी ख़राब। जब ग्राहकों का रिचार्ज पैक खत्म हो जाता हैं तो कम्पनी ग्राहकों को फ्री मे 1 घंटे वैलिडिटी नही देती है, तो हम ग्राहकों को घटियां नेटवर्क क्यों?
@Mayawati यही सब अन्दर और बाहर की राजनीति पार्टी में चलता रहा तो लोकसभा चुनाव 2024 की ही तरह नाराज बहुजन समाज का वोटर #बीजेपी को हराने के चक्कर मे दूसरे पार्टियों मे चला जाएगा, बहन जी के बाद आकाश आनंद जी का कद बढ़ रहा था इसलिए कुछ लोगो का कद छोटा होने लगा तभी पार्टी से बाहर बैठा दिया गया।
@bstvlive माननीय मुख्यमंत्री जी #प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत जो कंप्यूटर आपरेटर है, कई महीनों का बकाया मानदेय है उसे भी दिलाने की कृपा करें।
@KraantiKumar बहन जी कुछ प्रभारियों को 05 से 10 प्रदेशों की कमान दिया था वे घर के लोग नही थे चुनाव में रिजल्ट मिला शून्य। जब तक बहन जी सभी विधान सभा में रैली या प्रोग्राम नहीं करेंगी तब तक कोई सुधार नहीं होगा या परिवार का व्यक्ति वोटर तक पहुंचे तभी चुनाव में रिजल्ट अच्छा मिलेगा।
मिश्रा परिवार जमीन पर कहाँ है?
सतीश मिश्रा BSP के राष्ट्रीय महासचिव हैं, मीडिया मैनेजमेंट उनके हाथ में है, लेकिन न तो वह कभी BSP का प्रचार करते हैं और न ही मीडिया मैनेजमेंट करते दिखाई देते हैं।
हां, चुनाव आते ही पूरा समय अपने बेटे कपिल मिश्रा के साथ हेलीकॉप्टर पर घूमते हैं। दामाद परेश मिश्रा मीडिया मैनेजमेंट के नाम पर बस इन्हीं सबका चेहरा चमकाते हैं। पत्नी से लेकर बेटी तक को मीडिया में बैठाकर गुणगान किया जाता है। ये जनाब हर साल बहन जी को बस यही बताते हैं कि अबकी बार ब्राह्मण बसपा के साथ आ रहा है। बस इसी छलावे को रचकर उन्होंने अपने और अपने बेटे-बेटी-दामाद, सभी को सेटल कर दिया है। हालांकि सच यह ��ै कि इनसे कोई ब्राह्मण नहीं जुड़ता। जब ये कभी बसपा का प्रचार करते ही नहीं, तो ब्राह्मण जुड़ेगा कैसे? मीडिया इनके हाथ में है, तो माहौल बना लेते हैं।
दूसरी बात, एक खूब हवा बनाई जाती है कि सतीश मिश्रा जी बसपा का सारा कानूनी मामला देखते हैं। अच्छी बात है, फिर मनु मीडिया द्वारा बसपा और बहन जी के खिलाफ फैलाए जा रहे दुष्प्रचार पर उन्होंने आज तक संज्ञान क्यों नहीं लिया?
कुछ ही महीने पहले TV9 भारतवर्ष ने बहन मायावती के नाम को एप्सटीन फाइल से जोड़ा था। हालांकि न तो सतीश मिश्रा ने इस पर एक शब्द बोला और न ही कोई कार्रवाई की। आखिरकार हमने इसके खिलाफ मुहिम छेड़ी और चैनल को माफी मांगने पर मजबूर किया।
इसी तरह, पत्रकार आशुतोष और अभय दुबे ने बयान दिया कि "अमित शाह जैसा नचाते हैं, मायावती वैसे नाचती हैं।" इस पर भी मीडिया मैनेजमेंट संभाल रहे सतीश मिश्रा ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं की। आप कल के ही चित्रा त्रिपाठी के आज तक द्वारा माननीया बहन जी को 'मायावी' कहते हुए शो करने पर भी उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया।
बहुजन समाज के साथी जानते हैं कि मनु मीडिया के पत्रकार आए दिन बहन जी और बसपा के खिलाफ उल-जुलूल, अभद्र और अनर्गल बयान देते रहते हैं। चूंकि बसपा इस पर कोई कार्रवाई नहीं करती है, इसलिए टुच्चे यूट्यूबर्स भी बहन जी के खिलाफ कुछ भी अपमानजनक बातें बोलकर पार्टी को B टीम से जोड़ देते हैं। अब सवाल यह है कि जब मीडिया की जिम्मेदारी सतीश मिश्रा देख रहे हैं, तो ऐसे चैनलों पर कार्रवाई करवाने की जिम्मेदारी कौन लेगा? इन्होंने ने अपने जीवन में आज तक कभी बहुजन मूवमेंट के लिए समर्पित दलित बहुजन यूट्यूबर्स के साथ तो एक मीटिंग तक नहीं की है। उन्हें सपोर्ट करना तो दूर की बात है।
सतीश चंद्र मिश्रा आज बहन जी के बाद पार्टी में दूसरे सबसे बड़े नेता हैं। ऐसे में क्या वह केवल बहन जी की मीटिंगों में शामिल होने के लिए जिम्मेदारी ग्रहण किए हुए हैं? वह केवल चुन��व के समय दूसरे स्टार प्रचारक बनकर अपने बेटे के साथ हेलीकॉप्टर से घूमने के लिए ही क्यों सक्रिय होते हैं? मीडिया के जरिए बसपा का माहौल बनाने की बजाय केवल ��नके परिवार का महिमामंडन क्यों होता है? वहीं प्रदेश के ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए उनसे कोई प्रयास तक नहीं होता है। पार्टी के प्रचार अथवा कैडर विस्तार की बात तो भूल ही जाइए। आलम यह है कि इन्होंने बहन जी से परशुराम तक की मूर्ति लगवाने की बात करवा दी, लेकिन फिर भी ढेला भर ब्राह्मण जोड़ने में असमर्थ रहे।
अब जबकि यूपी का चुनाव सिर पर है, आकाश आनंद ने पार्टी के पक्ष में मस्त माहौल बना दिया था, तो सती��� मिश्रा एवं उनके चहेते प्रभारियों ने बहन जी को गुमराह करके आकाश आनंद को पार्टी से बाहर निकलवा दिया। इतना ही नहीं, बल्कि ईशान आनंद को आगे लाकर परिवार में और भी आंतरिक कलह पैदा कर दी। अंत में मेरा समाज से बस यही सवाल है कि आप ही बताइए कि आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करके किसका फायदा हो रहा है?
बहन जी, आपसे निवेदन है कि किसी पदाधिकारी के काम का मूल्यांकन उसके पद अथवा जाति से नहीं, बल्कि उसके कामों के परिणाम से किया जाए। जो आकाश आनंद पार्टी को जमीन से जुड़े युवाओं को जोड़ने का काम कर रहे हैं, उन्हें ��गे बढ़ाया जाए या फिर उन्हें कमजोर कर रहे सतीश मिश्रा को? जिस व्यक्ति के पास मीडिया और संगठन से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, उनके कार्यों की समीक्षा कब होगी?
- सूरज कुमार बौद्ध
@Mayawati @AnandAkash_BSP
@SurajKrBauddh यही लोग पार्टी के अन्दर बैठकर सिर्फ मठाधीशी कर रहे है। जो पार्टी के अन्दर अच्छे कार्यकर्ता, नेता थे उन सभी को #मिश्रा जी ने पार्टी से बाहर कराकर अब घर के अंदर कलह पैदा कर दिया, 2027 का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है, #बीएसपी चुनाव न जीते इसीलिए पार्टी में नेताओं को न��कलवाया जा रहा है
@SurajKrBauddh ये लोग सरपंच या प्रधानी का चुनाव नही जीत सकते, हमारे अयोध्या जिला मे कुछ ऐसे विधानसभा अध्यक्ष एवं जिला के अन्दर का पद दिया गया है जो वर्तमान मे ग्राम पंचायत का प्रधानी नही जीत सकते है। जो अच्छे कार्यकर्ता, जमीनी कार्यकर्ता उनको बैठा दिया गया या पार्टी से बाहर कर दिया
@Mayawati
देश में लंबे अरसे तक कॉंग्रेस और फिर बीजेपी की सरकार है लेकिन सभी ने उच्च शिक्षा को आम आदमी और गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य का ध्यान नहीं रखा.अच्छे कॉलेज यूनिवर्सिटी में होनहार गरीब बच्चा पढ़ ही नहीं सकता.एडमिशन हो भी जायेगा तो रहने की कोई व्यवस्था सरकारों ने नहीं बनायीं.केन्द्र की 2023-24 की उच्च शिक्षण संस्थानों की रिपोर्ट के मुताबिक,56 केंद्रीय विश्वविद्यालय में करीब पौने 10 ��ाख सीटों पर महज 125000 हॉस्टल सीट उपलब्ध हैँ.यही हाल दिल्ली यूनिवर्सिटी का है यहाँ 251474 नियमित छात्रों में डीयू के 20 हॉस्टल में सिर्फ 6957 सीट ही उपलब्ध हैँ इसका अर्थ महज 2.77% छात्रों को ही हॉस्टल की सुविधा है बाकी के लिए नहीं.बाकी के सभी छात्र कैंपस के बाहर बहुत ही बुरी कंडीशन के मकानों और हॉस्टलों में रहने को मजबूर हैँ.यह हाल जामिया,एमयू का भी है.शिक्षा के जरिए छात्रों के भाविष्य निर्माण हेतु बेहतर शिक्षा व्यवस्था,आबा���ी के अनुसार स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम, हॉस्टल बनाने के बजाय बड़े-2 उद्योगपतियों के कर्ज और टैक्स के लगभग 15 से 16 लाख करोड़ रुपये माफ कर दिये गये.अभी हाल ही में किसी उद्योग पति का 22 हजार करोड़ भी माफ किये गय ऐसा सुनने को मिला.इतने पैसे में हजारों यूनिवर्सिटी हॉस्टल के साथ खुल जाती.यही नहीं तमाम राजनैतिक दलों और सरकारों ने छात्रों को जाति धर्म और मजहब आदि में बाँट कर अपने फायदे के ��िए देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया.इसके उलट उत्तर प्रदेश में आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के शासन काल में 6 विश्वविद्यालय तमाम डिग्री कॉलेज और सरकारी कोचिंग इंस्टिट्यूट उच्च हॉस्टल की सुविधा सहित खोलने का काम किया.लखनऊ के हजरतगंज में अम्बेडकर PG हॉस्टल और भागीदारी भवन इसका जीता जगता उदाहरण है.बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर ने कई देशों में रहकर उच्च शिक्षा ग्रहण की और वहाँ रहकर पश्चिमी देश���ं की तरक्की के बारे में गहन स्टडी भी की आखिर यह देश इतना हर मामले में आगे कैसे हैँ.बाबा साहब ने कहा की पश्चिमी देशों ने शिक्षा के दम पर साइंस और टेक्नोलॉजी में महारत पा ली है. इसी लिए बाबा साहब डॉ अम्बेडकर ने भारत आकर अपने अनुयाइयों को शिक्षित बनो का उपदेश दिया साथ ही मुम्बई के अन्दर भव्य सिद्धार्थ साइंस और कॉमर्स कॉलेज खोलने का काम भी किया. संविधान के अन्दर शिक्षा का कानून भी बनाया और 13 साल तक ��े बच्चों को फ्री शिक्षा का कानूनी अधिकार भी किया.
अशोक सिद्धार्थ का गुनाह था कि उन्होंने समर राज की एक पोस्ट को RT कर दिया। अतः राजनीति से संन्यास लो।
��काश आनंद का गुनाह है कि उन्होंने बहन जी की एक पोस्ट को RT नहीं किया। अतः पार्टी से बाहर हो जाओ।
लेकिन बहन जी, सतीश मिश्रा पर कार्रवाई कब होगी, जो न तो आपके हर पोस्ट को रीट्वीट करते हैं और न ही पार्टी को मजबूत करने के लिए कोई काम करते हैं। ऊपर से सतीश मिश्रा ने BSP में अपने प्र��ाव का इस्तेमाल करके अपने बेटे, बेटियों और दामाद... सबको सेटल कर दिया है।
बहन जी उन धूर्त पदाधिकारियों की बिल्कुल समीक्षा नहीं कर रही हैं, जो कई-कई राज्यों के प्रभारी बनकर डमी कैंडिडेट खड़ा करने अथवा टिकट दिलाने के नाम पर करोड़ों का धन लुटाने और पार्टी को रसातल में धकेलने के काम किए हैं।
आखिर सतीश मिश्रा से सवाल कब होगा, जो लंबे समय से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं, कई बार पार्टी के सांसद भी ���हे हैं और विगत कई वर्षों से मीडिया की जिम्मेदारी भी संभालते हैं? लेकिन पार्टी का नैरेटिव गढ़ने के नाम पर उन्होंने बहन जी को केवल गुमराह किया है कि इस बार पूरा ब्राह्मण आपके साथ खड़ा है लेकिन हकीकत इससे उलट है।सच कहूं तो उनके कहने से कोई भी ब्राह्मण बसपा से नहीं जुड़ता है। साथ ही, आए दिन पार्टी के खिलाफ फेक न्यूज और झूठा नैरेटिव चलता रहा, लेकिन न तो उन पर कोई कार्रवाई हुई और न ही मीडिया IT सेल खड़ा करने का कोई प्रयास दिखाई दिया। हाँ, लखनऊ के अपने सजातीय YouTubers पर अकूत प���सा लुटाकर अपना माहौल बनवा लेते हैं। दलित-बहुजन YouTubers को तो कोई पूछता भी नहीं।
ऊपर से आगामी यूपी विधानसभा का चुनाव सिर पर है। ऐसे में बहन जी को इन जैसे पदाधिकारियों एवं प्रभारियों से सवाल करने की बजाय सारी चिंता इस बात की है कि ट्विटर पर उन्हें आकाश आनंद ने रीट्वीट क्यों नहीं किया। ऊपर से बहन जी ने आदेश दिया कि बसपा के सभी पदाधिकारी आकाश आनंद को अनफॉलो कर दें। इतने बड़े समाज और इतने बड़े राष्ट्��� की इतनी बड़ी नेता का ध्यान इस बात पर हो कि उन्हें किसी ने रीट्वीट क्यों नहीं किया... यह सोचकर भी पीड़ा हो रही है।
आपने कहा कि अगर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास ले लें, तो आकाश आनंद की वापसी का रास्ता खुल जाएगा। जबकि ऐसी मांग भी अपने आप में अनैतिक और असंवेदनशील है, फिर भी अशोक सिद्धार्थ ने समाजहित को ध्यान में रखते हुए राजनीति से संन्यास ले लिया और कहा कि बहन जी, आपके लिए तो जान भी हाजिर है।
���ब अपने वादे पर कायम रहने की बजाय आप कह रही हैं कि अशोक सिद्धार्थ ने तुरंत संन्यास क्यों नहीं लिया? संन्यास लेने में कुछ घंटे की देरी क्यों हुई? हद है। भला इस बात का भी कोई ��ुक है? संवेदना और सदमा भी कोई चीज होती है।
माननीया बहन जी को चाहिए कि जो लोग उन्हें गुमराह कर रहे हैं और जिनकी वजह से किसी के राजनीतिक जीवन का फैसला कुछ घंटों की देरी और सोशल मीडिया पर रीट्वीट करने या न करने से तय होने लगे, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
इसलिए समय आ गया है कि सतीश मिश्रा समेत तमाम राष्ट्रीय महासचिवों, प्रभारियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के कामकाज की निष्पक्ष समीक्षा हो। पार्टी ���ें जवाबदेही तय हो और यह देखा जाए कि कौन वास्तव में BSP को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है और कौन केवल पद और प्रभाव का लाभ उठा रहा है। क्योंकि चुनाव सोशल मीडिया के रीट्वीट से नहीं, बल्कि संगठन, कार्यकर्ताओं, रणनीति और जमीन पर किए गए काम से लड़ा जाता है।
- सूरज कुमार बौद्ध
@Mayawati @AnandAkash_BSP
@FactdiaryIn जो घिनौनी कृत्य #कांग्रेस करके गई है वहीं कृत्य #बीजेपी कर रही है। एक कांग्रेस का डर दिखाकर सत्ता में आयी अब बीजेपी का डर दिखाकर सत्ता में आना चाहती है, एक नागनाथ दूसरे सापनाथ डसेंगे दोनो, जब दलित और पिछड़ा जाति के लोगो की पा��्टी से मुख्यमंत्री बनने लगे तब यही कांग्रेस EVM ले आई