CJP has given the government a 24-hour ultimatum. CJP representatives met Union Ministers J.P. Nadda and Jitendra Singh, demanding the removal of Education Minister Dharmendra Pradhan.
The organization warned that if no action is taken within 24 hours, it will launch a nationwide mass protest.
The “chargesheet” against the govt is long, one video will not absolve him or his government: Neha Bora, AISA president, articulate as ever, responds to Modi’s “reel”.
#Breaking Jamia students are being detained by Delhi police. These 3 students from Jamia escaped Delhi police’s preventive detention at Nizamuddin a few minutes back. Listen to how they were forcefully taken by police while they were on their way to the protest. Students are afraid and that is why they asked us to blur this video.
"This is called a pellet gun. His eye has been damaged. He cannot see properly from that eye. These are the future of India. Pellet guns have been fired at thousands of such young people. They have been beaten with lathis, assaulted, and attacked" - @RahulGandhi
हैलमेट में अपना चेहरा छिपाए दिल्ली पुलिस का ये जवान एक लड़की के माथे पर वार कर रहा है . पुलिस वालों ने सारी सीमाएं तोड़ दी .
पुलिस की ये लाठियां सरकार को भारी पड़ेगी .
@CPDelhi@DCPNewDelhi@DelhiPolice वर्दी वाले इन अपराधियों के खिलाफ कब कार्रवाई होगी ?
छात्रों के इस आंदोलन में @neha_aisa का नौ मिनट का भाषण एक ऐतिहासिक दस्तावेज है
सहेज कर रखिए, जब जरूरत लगे बार बार सुनिए
सावित्रीमई से प्रेरणा लेते हैं हम,
फातिमा शेख से प्रेरणा लेते हैं हम,
आंबेडकर से प्रेरणा लेते हैं हम,
भगत सिंह से प्रेरणा लेते हैं हम.
ये भी अजब बात है कि एक तरफ़ तो भाजपा और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं; दूसरी तरफ़ जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वो चिढ़ जा रहे हैं।
आज जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के घर-मकान-दुकान-प्रतिष्ठान व गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतरे हैं कल भाजपा भी उनके दिलोदिमाग़ से उतर जाएगी क्योंकि वो भोले-भाले भावुक लोग हैं लेकिन उनमें भी बुद्धि-विवेक है और वो भी भाजपाइयों की निम्नलिखित काली-करतूतों से बेहद-बेहद शर्मिंदा हैं :
1. अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ का रामघात
2. दिल्ली में बच्चियों तक पर बेदर्दी से प्रहार
3. पूरे देश में युवाओं पर हिंसक प्रहार
4. मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे केस में फँसाने की धमकी
5. लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की दुखी माँ तक के साथ उप्र के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, अति निंदनीय दुर्व्यवहार व माँ का तिरस्कार
अब भाजपा के Paid & Unpaid तथाकथित समर्थक भी अब किसी काम नहीं आ रहे हैं। दरअसल अब वो जनाक्रोश को देखकर घर से बाहर तभी निकल रहे हैं, जब बहुत ज़्यादा मजबूरी हो। इसीलिए मोहल्ले और सोसाइटियों के पार्कों में भी, अब वो बरसाती वायरल बुख़ार या सर्दी-ज़ुकाम के नाम पर तबियत ख़राब होने का बहाना करके नहीं जा रहे हैं, उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी ठंडे पड़े हैं।
भाजपा के कट्टर समर्थकों के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि उन्होंने पिछले 10-12 सालों में हर कुतर्क से भाजपा और उनके संगी-साथियों की ढाल बनकर रक्षा की, अपने बचपन के मित्रों, सहपाठियों, सहकर्मियों व सहयोगियों से लड़ाई की लेकिन अब वो भी भाजपा की कारस्तानियों से समझ गये हैं कि असल में वो ख़ुद ही गलत थे, तो वो किस मुँह को लेकर घरों से बाहर निकलें। जिस तरह भाजपा ने लोकतंत्र को ख़त्म किया, सरकारी विभागों-एजेंसियों का भ्रष्टाचारीकरण किया, कमीशनख़ोरी से महंगाई बढ़ाकर लूटा, शिक्षा-परीक्षा में घनघोर धांधली की व भर्ती-नौकरी-रोज़गार की जगह केवल अपने कुछ भाजपा समर्थक गिने-चुने खरबपतियों के लिए श्रमिकों को पैदा करने का काम किया, बलात्कारियों को छुड़वाकर गले में हार डलवाया, दुनिया के सबसे घिनौने अमेरिकी कांड में नाम आने पर भी अपने मंत्री को नहीं हटाया, उत्तराखण्ड हो या उत्तर प्रदेश की बेटी उनके बलात्कारियों को बचाया, लखीमपुर खीरी के थारकांड में किसानों को मारनेवाले के साक्षात् सबूतों को झुठलाया, पीडीए पर हर तरह का अत्याचार किया व उनका आरक्षण मारने के लिए कोर्ट में साज़िशों का जाल बिछाया, संविधान को मिटाने की हर संभव कोशिश की, विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाकर झूठे मुक़दमे किये, बुलडोज़र व एनकाउंटर का अमानवीय दुरुपयोग किया, यहाँ तक कि शंकराचार्य जी पर भी निकृष्टतम आरोप लगाया… ऐसे और भी अनेक कुकृत्य और कुकर्म हैं जिनसे भाजपा का असली चेहरा अब उनके समर्थकों के भी सामने आ गया है।
इसीलिए भाजपा समर्थकों के लिए ये तथाकथित अमृतकाल अब सरेआम अपमान के ज़हर भरे घूंट पीने के ‘विषकाल’ बन गया है।
Muslim woman targeted on train.
During a train journey, while a Muslim woman named Alia Khan was talking about the NEET paper leak case, a Hindutva woman replied, “We will get Muslim girls married to our boys,” after which the Muslim woman strongly objected.
Muslims are overreacting. This isn't even an important issue. The real issues are the NEET paper leak, Sonam Wangchuk's hunger strike and Dharmendra Pradhan's resignation.
As an alumni of Delhi University and as a law maker myself being a Member of Parliament I totally condemn this misleading and threatening statement from @UnivofDelhi
Which SC ruling has rendered the Jantar Mantar demonstrations/assemblies as blanket “unlawful” as claimed in this DU statement? Shame on DU for lying to its students.