माननीय मोदीजी को इस ऐतिहासिक जीत केलिये up के 32000 हजार अनुदेशको के परिवारों की तरफ से हार्दिक बधाई व शुभकामनाये और उम्मीद करते है इसबार आप इनका जरूर समाधान करेंगे।🙏
@PMOIndia
उत्तरप्रदेश के अनुदेशक,शिक्षामित्र की अगर आकस्मिक मौत हो जाए तो किसी भी प्रकार का कोई कंप्सेशन नही मिलता नाही मुख्यमंत्री योगी की तरफ से कोई शोक संवेदना व्यक्त की जाती है।
आखिरअनुदेशकों,शिक्षामित्रों से ऐसा कौन बड़ा पाप हो गया है कि सरकार दोयम दर्जे का व्यवहार करती है।
पहले 5.31 pm पर ट्वीट किया जाता है कि शिक्षक, बीईओ,अनुदेशक व शिक्षामित्र ड्रॉप आउट बच्चों की पहचान करेंगे फिर 3 मिनट बाद beo, शिक्षक को हटा दिया जाता है। बचते है सिर्फ अनुदेशक, शिक्षामित्र जिनका शोषण हमेशा से किया जाता है।
परम आदरणीय मुख्यमंत्री जी आखिर अनुदेशक का न्याय कब तक????
आदरणीय अमिताभ अग्निहोत्री जी हम लोगों के लिए डिबेट में जरूर सोचे हम लोग की आवाज जरूर उठाया जाए
@Aamitabh2@aajtak
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मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है पत्रकारिता का दायित्व आजकल के पत्रकार नहीं निभा रहे हैं आजकल के पत्रकार केवल गुलामी करने के लिए मीडिया हाउस में बैठे हुए.?
किसी मीडिया वाले के पास यदि हिम्मत हो तो उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अंशकालीन अनुदेशक का मानदेय ₹17000
आजादी का अमृत महोत्सव मनाने की खूब तैयारी चल रही है अनुदेशक और शिक्षामित्र इस आजादी में भी भुखमरी के कगार पर है कोई सुध नहीं ले रहा, अरे इस दिखावा करने का क्या फायदा !यदि आजाद रहेंगे तो दिखाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी, ना किसी को जश्न मनाने के लिए कहना पड़ेगा
@shivkmishra
यदि किसी भी देश की शिक्षा नीति,दो दशक से अनवरत पढ़ा रहे अपने प्रशिक्षित संविदा शिक्षकों (शिक्षामित्रों) को समाज में मान-सम्मान से जीने का अधिकार नहीं दे पाये तो उस देश की शिक्षा नीति का कोई औचित्य नही।
@narendramodi@PMOIndia@dpradhanbjp@anandibenpatel@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश सरकार को परिषदीय विद्यालय में कार्यरत अनुदेशकों की चिंता करनी चाहिए उनके भविष्य को संवारने का काम उत्तर प्रदेश सरकार का है उनको 9 वर्षों से संविदा पर रखा गया है लेकिन अब नियमित भी किया जाना सरकार का काम।
@myogiadityanath@kpmaurya1@thisissanjubjp@narendramodi