कुछ लोग आजकल मेरे कमेंट मे आकर मुझपर धार्मीक कट्टरता का आरोप लगाते है...
तो उनको मे एक बात साफ-साफ केहना चाहता हुँ..
अगर हिन्दू अस्मिता की बात करना कट्टरता है..
तो मैं कट्टर हूँ..
अगर हिन्दू हित की बात करना साम्प्रदायिकता है.. तो मैं सांप्रदायिक हूँ...
😡😡😡
🚩जयश्रीराम 🚩
वक्त की कद्र करना बहुत जरूरी है क्योंकि
सही समय आने पर कोयला भी कोहिनूर बन जाता है
@Dev_Fadnavis जी के इन प्रेरणादायक विचारों से
हमें सीख लेनी चाहिए कि मेहनत और सही वक्त का मेल
किसी भी साधारण चीज को अनमोल हीरा बना सकता है।
जंगल का नियम साफ है—शिकारी भी कभी शिकार बन जाता है।
ब्लैक मांबा को हवा में दबोचने वाला स्नेक ईगल खुद उसकी पकड़ में फँस गया… और तभी शेरों की एंट्री ने इस लड़ाई को युद्ध बना दिया।
अंत में बचता वही है, जो हालात से बड़ा हो।
तुम्हारे बाद मुझको प्रेम हो जाएगा ये सिर्फ़ भ्रम है तुम्हारा... !!
और गर हुआ भी मुझको प्रेम... तुम्हारे जाने के बाद...
वो किसी और तुम्हारे होने का भ्रम मात्र होगा मुझे !!
❤️🩹🖤
( खैर! मैं जनता हूं मुझे ये भ्रम भी नहीं होगा कभी! )
Watch | A man was attacked by stray cattle in Veraval village near Kotda Sangani in Rajkot district. The assault, which lasted less than three minutes, left him severely injured. He was rescued by nearby residents and rushed to a hospital.
पिठौरी पंचायतवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।।
संविधान की शक्ति, लोकतंत्र का सम्मान और देशभक्ति का अभिमान गणतंत्र दिवस हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है।
जय हिंद जय भारत!
#RepublicDay
Prashant Dubey Pithauri Panchayat
सत्ता बहुत व्यस्त है,
जनता को समझाने में
कि सब ठीक है।
काग़ज़ों पर खुशहाली मुस्कुराती है,
भाषणों में भविष्य चमकता है,
और ज़मीन पर
इंसान थोड़ा और चुप हो जाता है।
नारे इतने ऊँचे हो गए हैं
कि सवाल
सुनाई ही नहीं देते।
जो सवाल पूछता है,
उसकी देशभक्ति खतरे में है,
जो सहता है,
वह देशभक्त।
सरकार कहती है—
“धैर्य रखो”,
जैसे धैर्य ही
रोटी का विकल्प हो।
यह अजीब लोकतंत्र है—
जहाँ ताली बजाना सहभागिता है
और सोचना
साज़िश।
और कविता कभी विरोध नहीं करती,
बस आईना रख देती है—
और सरकार
आईने से
हमेशा डरती रही है।
- सूर्यभान 'सूरी'🌷/ @ImSury9
[तस्वीर: संविधान सदन]
SIR (Special Intensive Revision) के तहत बिहार में मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
लोकतांत्रिक देश में हर व्यक्ति को वोट देने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन जब नागरिकता का प्रमाण मांगा जाता है और उपलब्ध दस्तावेज़ (जैसे आधार कार्ड) को चुनाव आयोग अमान्य बताता है, तो नागरिक अपने अधिकार कैसे सुनिश्चित करे?
आधार से गैस, बैंक, स्कूल, अस्पताल सब मिल सकता है, पर नागरिकता नहीं। तो हम भारत के नागरिक हैं, यह किस कागज़ से साबित करें?
Special Intensive Revision अभियान जनसंख्या शुद्धिकरण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मज़बूत करने का प्रयास है, लेकिन नागरिकता की परिभाषा और प्रमाण की स्पष्टता के बिना क्या यह प्रक्रिया सुलभ और न्यायसंगत रहेगी?
#SIR #BiharElections2025 #VoterVerification #SupremeCourt #ElectionCommissionOfIndia
"मुझे संदेह है"
वह व्यक्ति जो हँस रहा अधिक है
मुझे उस पर संदेह है।
वह व्यक्ति जो रो रहा अधिक है
मुझे उस पर संदेह है।
वह व्यक्ति जो बोल रहा अधिक है
मुझे उस पर संदेह है।
वह व्यक्ति जो चुप रहता अधिक है
मुझे उस पर संदेह है।
वह व्यक्ति जिसमें अनुरक्ति अधिक है
मुझे उस पर संदेह है।
वह व्यक्ति जिसमें रोष अधिक है
मुझे उस पर संदेह है।
वह व्यक्ति जिसमें दर्प अधिक है
मुझे उस पर संदेह है।
वह व्यक्ति जिसमें विनय अधिक है
मुझे उस पर संदेह है।
जो दिखता है जैसा, हो भी वैसा
यह आवश्यक तो नहीं।
चेहरा होता है मन का आईना
मुझे उस पर संदेह है। 🦋
~ कुँवर दिनेश
#छोटा_दरवाज़ा
#संदेह