कब तक Telecom कपानियों की जनता से मनमानी लूट जारी रहेगी?
क्यों हर टेलीकॉम कंपनी जबरदस्ती डेटा पैक थोप रही है, जबकि करोड़ों गरीब लोगों को उसकी जरूरत ही नहीं?
👉 सिर्फ कॉल करने वालों के लिए सस्ता वॉयस प्लान क्यों नहीं है?
👉 30 दिन का न्यूनतम रिचार्ज प्लान सभी कंपनियों पर लागू क्यों नहीं किया जाता?
👉 क्या सरकार जानबूझकर चुप है क्योंकि इन कंपनियों से भारी चंदा आता है?
👉 TRAI और दूरसंचार मंत्रालय आखिर कर क्या रहे हैं — क्या उन्हें नहीं दिखता कि ये “मोनोपॉली” बन चुकी है?
👉 जो लोग सिर्फ कॉल करना चाहते हैं, उनसे हर महीने 200–300 रुपए वसूलना क्या लूट नहीं है?
👉 क्या अब मोबाइल रखना भी अमीरों का हक़ बन जाएगा?
जनता पूछ रही है — जब डेटा नहीं चाहिए तो डेटा के नाम पर मजबूरी क्यों?
सरकार जवाब दे, ये कंपनियां नहीं — पब्लिक प्रॉब्लम बन चुकी हैं।
Diluting the capital structure of RRBs will definitely impact their unrelenting services to the most ignored and lower strata of society, be it senior citizens, farmers, old age pensioners or people living in extreme rural areas. Therefore, we oppose IPO
#SaveGraminBanks
No we are not against pvt banks. We are just saying k Itna shauk hai pvt ka to naye khulwalo naa.. govt walo ko q private karna hai?!!!
#SellerPmStopBlackBill
बिहार में 13,14,15 ,, झारखंड में 13,14,15… उत्तर प्रदेश में 14,15…और मध्य प्रदेश में सिर्फ़ 15 को और दिवाली की भी बस एक वो भी 4th को।ऐसा क्या नाराज़गी हे mp के बैंकरसे।हमें परिवार के साथ फ़ेस्टिवल मानने का हक़ नी है क्या?@CMMadhyaPradesh@ChouhanShivraj