Aahad1
#_माँ और #_मुल्क कभी बदले नहीं जाते🇮🇳
Behind every Successful lovestory, there is friendship..
And behind every broken friendship, there is love.
Online Shopping में आपने जो सामान ऑर्डर किया है, वही सामान आपको मिलना चाहिए। अगर डिलीवर किया गया उत्पाद, ऑर्डर किए गए उत्पाद के विवरण से मेल नहीं खाता या उसकी गुणवत्ता अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।
ऐसी अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ अपनी शिकायत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) 1915 या WhatsApp नंबर 8800001915 पर दर्ज करें।
#JagoGrahakJago #ConsumerAwareness #ConsumerRights #NCH1915 #ConsumerProtection #ConsumerGrievances
गाजा में फिलिस्तीनी नागरिकों के सामूहिक नरसंहार पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘नाज़ा’ ने वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इतिहास रच दिया है. फिल्म के प्रीमियर के बाद वहां मौजूद लोगों ने 25 मिनट तक खड़े होकर तालियां बजाईं.
इसे इजरायली फिल्ममेकर्स युवल अब्राहम और रेचल जोर ने बनाया है. यह डॉक्यूमेंट्री इजरायली सेना के उन खुफिया अधिकारियों और सैनिकों के इंटरव्यू पर आधारित है, जिन्होंने गाजा में नागरिकों की मौतों पर खुलकर बात की है.
https://t.co/eJbnAN9mjr
Israel | Gaza | Venice Film Festival
मैं ने कल ही बोला था कि दीपक भाई के नाम से ट्रेंड चलाओ लेकिन आप तो नाबालिग ठहरे, दीपक के साथ मोहम्मद लगा दिया।
अब बजरंग दल वाले उसी बात को लेकर आपतिजनक टिप्पणी कर रहे हैं।
भाई आप लोग कितनी नाबालिग और नादान सोंच वाले हो। सोंच समझ के ट्रेंड यूज किया करो। #IStandWithDeepak
महात्मा गांधी की हत्या के बाद अगर सांप्रदायिकता का सिर सख़्ती से कुचल दिया जाता तो देश तबाह होने से बच जाता
आज़ादी के बाद कांग्रेस ने अपने शासन काल में धर्म के आधार पर नफ़रत की राजनीति पर जो लचकदार नीति अपानाई उसने देश और संविधान दोनों को बड़ा नुक़सान पहुंचाया। आज जिस तरह संविधान और लोकतांत्रिक चरित्रों को खुले तौर पर मिटाया जा रहा है इसकी कल्पना आज़ादी के हमारे पूर्वजों ने कभी नहीं क्या होगा, जिन रेखाओं पर आज़ाद भारत के संविधान की नींव रखी गई अगर इन्ही रेखाओं पर संविधान को भी पूरी ईमानदारी के साथ लागू कर दिया जाता तो आज हमें यह दिन न देखने पड़ते।
ऐतिहासिक रूप से यह एक दुखद सत्य है कि कांग्रेस के नेताओं ने न जाने किस भय से पहले दिन से धर्म के आधार पर नफ़रत की राजनीति के विरोध में एक लचकदार नीति अपनाई, सांप्रदायिक शक्तियों के साथ नर्मी बरती गई, संविधान के अनुसार उनके खिलाफ कड़ी क़ानूनी कार्रवाई से बचा गया जिसके नतीजे में सांप्रदायिक शक्तियों को खूब फलने फूलने का अवसर मिला।
महात्मा गांधी की हत्या के पीछे सांप्रदायिक शक्तियों का हाथ था, अगर उसी समय सांप्रदायिकता के सिर को कुचल दिया जाता तो देश को तबाही से बचाया जा सकता था, विभाजन के बाद देश भर में जब मुस्लिम विरोधी दंगे शुरू हुए तो उन्हें रोकने के लिए महात्मा गांधी ने उपवास रखा, सांप्रदायिक शक्तियां यहां तक कि कांग्रेस में मौजूद कुछ बड़े नेताओं को यह बात अच्छी नहीं लगी, वह उनके खिलाफ हो गए, अंततः उन्हें क़त्ल करदिया गया। हमारी नज़र में महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्ति की हत्या देश की धर्मनिरपेक्षता की हत्या थी मगर अफसोस उस समय कांग्रेसी नेतृत्व को जो करना चाहिए था वह उसने नहीं किया।
जमीअत उलमा-ए-हिंद का नेतृत्व लगातार कांग्रेसी नेतृत्व से यह मांग कर रही थी कि सांप्रदायिकता के इस जुनून को रोकिए मगर अफसोस इस मांग पर गंभीरता से घ्यान नहीं दिया गया जिससे सांप्रदायिकों को बाढ़ावा मिल गया। आज की पीढ़ी उस इतिहास से भी अनभिज्ञ है कि आज़ादी से पहले ही जमीअत उलमा-ए-हिंद के नेतृत्व ने कांग्रेसी नेताओं से एक लिखित आश्वासन ले लिया था कि आज़ादी के बाद देश का संविधान सैक्यूलर होगा, जिसमें सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों को पूर्ण धार्मिक आज़ादी होगी, लेकिन आज़ादी के बाद जब देश विभाजित हुआ तो कांग्रेसी नेताओं का भी एक बड़ा वर्ग उन उन्य नेताओं की इस मांग में शरीक हो गया कि अब जबकि मुसलमानों के लिए धर्म के नाम पर एक नया देश बन चुका है, हमारे देश का संविधान सैक्यूलर नहीं होना चाहीए.
इस अवसर पर जमीअत उलमा-ए-हिंद के नेतृत्व कांग्रेस के नेताओं का हाथ पकड़ कर बैठ गया और उनसे कहा कि अगर देश का विभाजन हुआ है तो इसके मसौदा पर हमने नहीं आपने हस्ताक्षर किए हैं, इस लिए आप अपना वादा पूरा करें। इस के बाद एक सैक्यूलर संविधान तैयार हुआ लेकिन सांप्रदायिकता की जड़ें अंदर ही अंदर गहिरी होती गईं। जमीअत उलमा-ए-हिंद के लगातार कहने के बाद भी इस पर नकेल नहीं कसी गई जबकि उस समय केंद्र और सभी राज्यों में कांग्रेस की ही सरकार थी, अगर वह चाहती तो उसके खिलाफ कड़ा कानून बन सकता था, मगर उसने जो लचकदार नीति अपनाई थी उसके नतीजे में सांप्रदायिक ताकतें और शक्तिशाली होती गईं।
अगर कांग्रेस ने 77 साल पहले सांप्रदायिकता के खिलाफ यही कड़ा रुख अपनाया होता, तो वह सत्ता से बाहर नहीं होती और देश बर्बादी के कगार पर नहीं पहुंचता।
#SaveConstitution #AssassinationofMahatmaGandhi
#SaveDemocracy
#Freedom_of_India
#ArshadMadani
माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी मामले में अब तक ये पता था कि मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्रों का एडमिशन ज्यादा कर लिया और हिंदुओं का कम इसलिए ये संगठन भड़क गए लेकिन अब सच्चाई पता चली है तो डर लगने लगा है कि कैसे हम भीड़तंत्र में बदलते जा रहे हैं...बात ये थी कि
मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों पर एडमिशन होना था तो राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली NEET परीक्षा के जरिए हुआ इसमें
50 में से 42 मुस्लिम स्टूडेंट पास हुए
1 सरदार और 7 हिंदू स्टूडेंट पास हुए
इस पर हिंदू संगठनों ने हंगामा शुरू कर दिया कि माता का पैसा इन लोगों पर क्यों लगेगा और कॉलेज की मान्यता रद्द करवा दी और उसके बाद जश्न मनाया गया।
सोचिए कि ये बच्चे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा पास करके आए हैं और कुछ लोगों ने सिर्फ नफरत के चलते कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी इससे पूरी दुनिया में यही संदेश गया कि भारत में NEET का कोई महत्व नहीं है...
#NEET
@UzmaParveen94 Inko dekh kar to lagta hy inki auqat restorent mein ek tea pine ki b nahi hy.. ?? To karte b kiya??... tod-fod hi kar saktey ye jalankhaor
In Haryana's Rohtak Several Muslim men were attacked by cow vigilantes after being labelled Rohingya and accused of beef consumption. The assault took place in a slum settlement in the presence of police. No arrests reported.
Odisha | Jatni, near Bhubaneswar
A Muslim street vendor was assaulted while at work and forced to chant “Jai Shri Ram”, “Vande Mataram” and “Modi Zindabad”. Witnesses say he was targeted for his religious identity. Police say CCTV footage is being examined.
#Odisha
आसमानी 4 किताबें और नबी —
1. तौरेत Taurat – मूसा अलैहिस्सलाम
2. ज़बूर Zaboor – दाऊद अलैहिस्सलाम
3. इंजील Injeel – ईसा अलैहिस्सलाम
4. क़ुरआन Quran – प्यारे नबी मुहम्मद ﷺ
खुदा Allah का कोई बेटा नहीं है
अल्लाह तन्हा है,
सबसे बेनियाज़ है,
न उसकी कोई औलाद है,
और न वो किसी की औलाद है,
उसके जैसा कोई भी नहीं,
(सुर:इखलास 1-4)
न मुसलमान लड़के को (मुशरिक) गैर मुस्लिम लड़की से शादी करना चाहिए
न मुस्लिम लड़की को (मुशरिक) ग़ैर मुसलमान लड़के से शादी करना चाहिए
चाहे वह तुम को कितनी ही या कितने ही अच्छे लगें क्युं कि यह तुम को जहन्नुम की तरफ़ ले जाती हैं
इनसे मुसलमान लौंडी व मुसलमान गुलाम बेहतर हैं
2:221
बस नाम रहेगा अल्लाह का
जो ग़ाएब भी है हाज़िर भी
जो मंज़र भी है नाज़िर भी
उठेगा अनल-हक़ का नारा
जो मैं भी हूँ और तुम भी हो
और राज करेगी ख़ल्क़-ए-ख़ुदा
जो मैं भी हूँ और तुम भी हो।
मुफ़्ती @muftishamail साहब को अल्लाह सलामत रखे 🤲🏻