अल जजीरा ने उज्जैन शाही मस्जिद की न्यूज़ प्रकाशित की है।
कुछ लोग कह रहे थे लिखने से क्या होता है आगे देखते जाए कैसे इंटरनेशन मीडिया इसे कवर करेगी। #SaveUjjainShahiMosque
सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उज्जैन शाही मस्जिद को तोड़ने की प्रशासनिक कवायद को थोड़ा संवेदनशील होना चाहिये।
600 साल पुरानी धरोहर को सिर्फ सड़क चौड़ीकरण और विकास के नाम पर ध्वस्त कर देना तो नफ़रत की पराकाष्ठा है।
मेरे संज्ञान में आया है कि मामला जब न्यायालय में लंबित है तो फिर प्रशासन बार बार मस्जिद की घेराबंदी करके आख़िर क्या संदेशा देना चाहता है ?
उज्जैन के हज़ारों युवा लगातार इस मुद्दे पर आवाज़ उठा रहे हैं।
उज्जैन प्रशासन से मेरा अनुरोध है कि जन भावनाओं का सम्मान करिये और सड़क चौड़ीकरण के लिये आवश्यक ज़मीन दूसरी साइड से ले लीजिये।
इतनी एैतिहासिक धरोहर को तोड़ा जाना कहीं से भी सामान्य घटना नहीं मानी जायेगी।
@DrMohanYadav51
वीडियो उज्जैन की है। BJP राज में सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर अगर किसी समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, तो यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
आख़िर मुसलमानों के साथ यह अत्याचार कब तक चलता रहेगा?
सवाल सिर्फ एक समुदाय का नहीं, न्याय और संविधान की रक्षा का है।
#Ujjain#MP
शाही मस्जिद के पेश इमाम से सुनिए मस्जिद 600 से ज्यादा साल पुरानी है।
प्रशासन इसे तोड़ने की मनसा रखता है जबकि मस्जिद के काग़ज़ भी है और आजादी से पहले के कागज़ात है।
#SaveUjjainShahiMosque
ये एक बेहद गंभीर समाचार है कि पिछले 10 महीनों में 2 चुनाव आयुक्तों ने निर्वाचन आयोग के गलत निर्णयों पर 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज़ कराई है।
इसका सीधा मतलब ये है कि सभी चुनाव आयुक्त अपना सही काम नहीं कर पा रहे हैं। एक स्वतंत्र निकाय के सदस्यों को अगर न्यायपूर्ण कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है या उनकी कोई सुनवाई नहीं है तो ये लोकतंत्र के लिए बेहद घातक और ख़तरनाक हालात हैं। कुछ लोगों द्वारा सत्ता की कठपुतली बनकर लोकतंत्र को धोखा देना घोर सांविधानिक अपराध है। ये लोकतंत्र को मिटाने के किसी षड्यंत्र से कम नहीं है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय स्वत: संज्ञान ले!
"मोदी सरकार को मालूम था कि एक दिन चुनाव आयोग के भीतर का खेल बाहर आएगा और जनता चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार करने की मांग करेगी। इसीलिए दिसंबर 2023 में मोदी सरकार ने कानून बनाया कि चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यह कानून तब बना जब दोनों सदनों के 141 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। सदन में कोई विपक्ष ही नहीं था। अब समझ में आ रहा है कि वह कानून किसलिए बनाया गया था।"
मैंने अपनी जिंदगी में कभी TMC नेता ममता बनर्जी को इतने गुस्से में नहीं देखा , ममता बनर्जी ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा ,
" चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया जाना चाहिए ",
Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.
मुस्लिम टीचर नौशाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी, ये न्यूज़ इंटरनेशनल मिडिया दिखा रहा है जबकि ये इंडिया के न्यूज़ चैनल का काम है
लेकिन गोदी मिडिया जलते दीपक दिखाने मे बिजी है
Activists & students in Kolkata are now protesting against the West Bengal government's order to close down around 300 independent madrasas.
If independent madrasas must close, why are over 1,000 unverified RSS schools allowed to run without any registration? As CM said, there will be no checking on this..
What other tactics are being used to suppress minorities?
It is clear that they just want to trap the public in Hindu-Muslim politics.
जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के सदर मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि गृह मंत्री का यह ऐलान कि 2029 से पहले एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी, एक बुनियादी सवाल खड़ा करता है कि देश संविधान से चलेगा या किसी राजनीतिक दल के वैचारिक एजेंडे से?
आगे उन्होंने कहा कि हम ऐसा कोई कानून स्वीकार नहीं कर सकते जो शरीयत के खिलाफ हो। मुसलमान हर चीज से समझौता कर सकता है, लेकिन अपने धर्म और दीन से हरगिज़ कोई समझौता नहीं कर सकता। यह सवाल मुसलमानों के वजूद का नहीं, बल्कि उनके संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों का है। सरकार समान नागरिक संहिता के माध्यम से मुसलमानों से वे अधिकार छीनना चाहती है, जो देश के संविधान ने उन्हें दिये हैं।
सहारनपुर मस्जिद के 1896 के दस्तावेज़ है फिर भी मस्जिद को बुल्डोज़ कर दिया गया, काग़ज़ होते हुए भी मस्जिद को तोड़ दिया! हाईकोर्ट जाने का मौक़ा भी नहीं दिया गया! बोले हमज़ा मसूद
सहारनपुर में मस्जिद गिराने की घटना अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है, इसीलिए इस घटना ने राज्य के स्तर से बहुत ऊपर उठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश की पंथ निरपेक्ष छवि को धूमिल किया है।
उप्र की साम्प्रदायिक भाजपा सरकार और कुछ साम्प्रदायिक अधिकारी भी इस कुकृत्य में संलिप्त हैं। हमारी मांग है कि उन सब दोषियों की जानकारी निकाली जाए और अगर सरकार को इन अपराधियों की जानकारी न हो तो हम उनके नामों का खुलासा करने में मदद करेंगे।
उप्र की भाजपा सरकार जिस प्रकार जुल्म और नाइंसाफ़ी पर उतारू है, उसकी वजह से देश की एकता और अखंडता को ठेस न पहुँचे इसीलिए हम महामहिम राष्ट्रपति महोदय को एक पत्र लिखकर ये दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कुकृत्य उनके संज्ञान में लाएंगे और उनसे कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की अपील करेंगे। जिस तरह भाजपा राज में सांविधानिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है उससे ‘कान्सटीट्युशनल ब्रेकडाउन’ का दौर आ गया है। जिसकी रक्षा की अपील हम महामहिम राष्ट्रपति जी से करेंगे।
कोई भी दोषी अगर आज बच भी गया तो कल नहीं बचेगा।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद: 1909 की यह ईंट बता रही है कि मस्जिद 1911 में बनी थी। जिस मस्जिद को अवैध बताकर ढहा दिया गया, उसी के मलबे से निकली यह ईंट आज उसकी मौजूदगी और इतिहास की गवाही दे रही है।