Financial regulators in India
👉 RBI - 5 Days Week
👉 SEBI - 5 Days Week
👉 IRDA - 5 Days Week
👉 NABARD - 5 Days Week
👉 Finance Ministry -5 Days week
So why not PSBs?
We demand ✊
#5daysbanking#5DaysBankingKab
Five Days week timing & plan was signed between IBA & Bank Unions early in this year, Still go ahead from Govt end pending.
With this pace #5DaysBankingKab ?
As on 30/6/24
Total global business
PNB. 24.37 lakh cr
BOB. 23.79 lakh cr
Can bank. 23.10 lakh cr
UBI. 21.36 lakh cr
Global advances
BOB. 10.72 lakh cr
PNB. 10.29 lakh cr
Can bank. 9.75 lakh cr
UBI. 9.12 lakh cr
Global deposits
PNB. 14.08 lakh cr
Can bank. 13.35 lakh cr
BOB. 13.07 lakh cr
UBI. 12.24 lakh cr
PNB regains no 2 PSB position.
Congrats to PNBians for this achievement.
Fresh slippage to NPA June 24 quarter
Can bank 3015 cr
BOB. 2787 cr
UBI. 2058 cr
PNB. 1653 cr
When it comes to containment of fresh slippage to NPA
PNB is the best .
Congrats to PNB for continuous stupendous performance in checking fresh slippage of advances to NPA category.
Keep on doing better every quarter.
On a train to Delhi from udaipur.
क्या आप जानते हैं कि,
हमारे देश में चुनावी बिगुल बज चुका हैं। इसलिए आज हम इस पोस्ट के माध्यम से जानने का प्रयास करेंगे कि हमारे द्वारा चुने गये नेताजी (सांसद) की वैध्य रूप से वार्षिक कमाई कितनी हैं? उन्हें प्रतिमाह देश विकास के पुनीत कार्यों को करने हेतु कितना वेतन मिलता हैं? इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने से पहले एनसीआईबी मुख्यालय का आप सबसे अनुरोध हैं कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी सहभागिता निभाते हुए राष्टहित में मतदान अवश्य करें।
आज इस चुनावी मौसम में यह बात जान लेना हम सबके लिए जरुरी हैं कि आपके द्वारा देश के विकास हेतु चुने गये सांसद जी को हर माह 1 लाख 40 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है। जिसमें फिक्स सैलरी 50, 000+ कंस्टीट्यूटेन्सी अलाउंस 45, 000 + ऑफिस अलाउंस 45,000 शामिल है।
इसके अलावा नेता जी को डायरेक्ट एरियर (सालाना) : 3 लाख 80 हजार रु, हवाई सफर भत्ता (सालाना) : 4 लाख 8 हजार रु, रेल सफर भत्ता (सालाना) : 5 हजार रु, पानी भत्ता (सालाना) : 4 हजार रुपए रु, बिजली भत्ता (सालाना) : 4 लाख रु जैसे कई भत्ते शामिल हैं।
इस हिसाब से एक सांसद को सैलरी के अलावा करीब 1 लाख 51 हजार 833 रुपए प्रतिमाह यानी 18 लाख 22 हजार रुपए सालाना भत्ता दिया जाता है। अगर फिक्स्ड सैलरी और भत्ते को जोड़ें तो एक सांसद एक महीने में 2,91,833 रुपए वेतन पाता है। यानी देश को एक सांसद सालाना 35 लाख रुपए का पड़ता है।
इसमें भी सबसे खास बात ये है कि इनकी सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगता। वहीं इन्हें मिलने वाले भत्ते कई तरह के होते हैं, जिनमें कई सुविधाएं इनके परिवार के लोगों के लिए भी होती हैं। इसमें वाइफ या पार्टनर के लिए 34 फ्री हवाई सफर, अनलिमिटेड ट्रेन का सफर और संसद सत्र के दौरान घर से दिल्ली तक सालाना 8 हवाई सफर भी शामिल हैं।
अगर हम बात करें भत्ते में जुड़ी चीजों की तो एक सांसद को 50 हजार यूनिट फ्री बिजली, 1 लाख 70 हजार फ्री कॉल्स, 40 लाख लीटर पानी, रहने के लिए सरकारी बंगला (जिसमें सारे फर्नीचर और एयरकंडीशन, और इनका मेंटेनेंस भी फ्री) शामिल है। इस सबके अलावा इनके सुरक्षा हेतु सिक्युरिटी गार्ड्स, जिंदगीभर की पेंशन, जीवन बीमा और सरकारी गाड़ी, जो सरकार की तरफ से सांसद को मुफ्त दिया जाता है।
और अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात कि अपने दुकान/ मकान/ कार्यालय या कम्पनी में कार्यरत 10 से 15 हजार प्रतिमाह वेतन लेने वाले कर्मचारी से हर कोई पूरे महीने के कार्य का हिसाब माँग लेता हैं। परंतु, लाखों रूपये प्रतिमाह वेतन एवं तरह तरह की सुविधाओं को पाने वाले नेताजी से कोई हिसाब नहीं माँगता। जिस दिन जनता सार्वजनिक मंच से अपने नेताजी से हिसाब माँगना चालू कर देगी, उस दिन से हमारे देश में स्वर्ण युग का आरंभ हो जाएगा।
Indigo Airlines - Group bought 36 Crore of #ElectoralBond
While we wonder when Crude oil is lesser and Passengers demand is more, still why Air Fare have been doubled, and Ministry doing nothing to Cap it, Remember, someone getting donation of 36 Crore.
#ElectrolBondScam
एसबीआई की ओर से कुल 22,217 इलेक्टोरल बॉन्ड बेचे गए। हर बॉन्ड के पीछे एक घोटाला है। कुछ नजीर देखिए-
केस नंबर 1
2 अप्रैल 2022 : फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज की 409 करोड़ की संपत्ति ED ने अटैच की।
7 अप्रैल 2022 : कंपनी ने 100 करोड़ का इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदकर चंदा दिया। किसको दिया होगा? रेड फिर क्यों नहीं पड़ी?
केस नंबर 2
अप्रैल 2023 : मेघा इंजीनियरिंग ने करोड़ों का चंदा दिया।
मई 2023 : मेघा इंजीनियरिंग को 14,400 करोड़ का प्रोजेक्ट मिल गया।
इन्हें चंदा मिला, उन्हें धंधा मिला।
केस नंबर 3
18 अगस्त 2022 : सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिक पूनावाला ने एक ही दिन में 52 करोड़ का चंदा दिया।
22 अगस्त 2022 : मोदी ने उनसे मुलाकात की। फिर क्या तमाशा हुआ, देश जानता है। कोविड वैक्सीन पर सीरम इंस्टीट्यूट को मोनोपोली बख्शी गई।
केस नंबर 4
खनन समूह वेदांता ने 400 करोड़ रुपये से ज्यादा के इलेक्टोरल बॉन्ड दान किए।
फिर सरकारी कंपनी BPCL वेदांता को सौंप दी गई।
सरगना को मिला चंदा, पंटर को मिला धंधा
केस नंबर 5
नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी ने 90 करोड़ के बॉन्ड खरीदे।
यही कंपनी उत्तराखंड में सुरंग बना रही थी। 41 मजदूर 17 दिनों के लिए फंस गए।
मामले की जांच तक नहीं हुई।
केस नंबर 6
गाजियाबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल पर कोविड के दौरान जनता से वसूली के आरोप लगे। यशोदा पर छापा पड़ा।
यशोदा हॉस्पिटल ने 162 करोड़ बॉन्ड खरीदे और दान करके वॉशिंग मशीन में धुल गया।
केस नंबर 7
टोरेंट पॉवर नाम की कंपनी ने 86.5 करोड़ का चंदा दिया।
कंपनी को गुजरात में 47000 करोड़ का सरकारी प्रोजेक्ट मिल गया।
ठेके कौन देता है? फिर चंदा किसको मिला?
चंदा दो, धंधा लो।
केस नंबर 8
IRB Infrastructure नाम की कंपनी ने जुलाई 2023 में करोड़ों का चंदा दिया।
कंपनी को अगले कुछ महीनों में लगभग 6000 करोड़ का प्रोजेक्ट मिला।
केस नंबर 9
भाजपा सरकार ने मित्तल ग्रुप को गुजरात में सबसे बड़ा धंधा दिया।
मित्तल ग्रुप ने इलेक्टोरल बॉन्ड से भाजपा को चांप कर चंदा दिया।
केस नंबर 10
पुलवामा हमले के बाद Hub Power Company नाम की पाकिस्तानी कंपनी ने भारत में इलेक्टोरल बॉन्ड क्यों खरीदा और किसे चंदा दिया, इसकी जांच नहीं होगी। जैसे पुलवामा हमले की जांच कभी नहीं हुई।
केस नंबर 11
दिसंबर, 2023 : शिरडी साई इलेक्ट्रिकल लिमिटेड पर छापा पड़ा।
जनवरी 2023 : शिरडी साई ने छप्पर फाड़कर चंदा दिया।
#ElectoralBondsCase
#ElectoralBondScam