मा मुख्यमंत्री @myogiadityanath
जी,पीड़ित के वक्तव्य अनुसार कुछ लोग (जिसमे 1 व्यक्ति पुलिस की वर्दी में)उसका अपहरण करके जौनपुर के सुरेरी थाने ले जाते है,उसको मारपीट करके डरा धमकाकर दो लाख रुपये ट्रांसफर करा लेते है कृपया संज्ञान लें @dgpup@IgRangeVaranasi https://t.co/7nFlSGnPhi
मा मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, जौनपुर जिले के सिकरारा थानान्तर्गत एक बेटी गायब हुई अज्ञात में मुकदमा दर्ज हुआ,परिजन का कहना है कि एक व्यक्ति बार बार धमकी दे रहा है @jaunpurpolice कार्यवाही के बजाय परिजन को थाने से भगा रही है संज्ञान लें @dgpup@IgRangeVaranasi@Uppolice
कमलेश-कन्हैया के कत्ल के बाद:
निंदा की गई
ट्विटर ट्रेंडिंग हुई
रैली निकाली गई
मीडिया डिबेट हुई
फांसी देने की मांग हुई
अखबारों में खबर छपी
आर्थिक सहायता दी गयी
लेकिन नियम कानून सिस्टम नहीं बदला इसलिए हत्या बंद नहीं हुई
Justice Within Year ही जिहाद का स्थाई इलाज है @narendramodi
https://t.co/QVtkVlpPVV
मा. मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी,जौनपुर जिले में मृतक को भर्ती करके पैसे ऐंठने वाला डॉक्टर ऋषभ यादव BR मेमोरियल कटघरा मानवता की सारी हदें पार कर चुका है ऐसी मानसिकता के डॉक्टर गरीब किसान मजदूर की जीवन भर की कमाई लूट रहे है संज्ञान ले @brajeshpathakup
@UPPCLLKO की बैठक में चेयरमैन द्वारा टीजी–2 कर्मचारियों के संबंध में“दलाल”जैसी टिप्पणी आपत्तिजनक एवं निंदनीय है । टीजी 2 कर्मचारियों के सम्मान व मनोबल पर यह सीधा आघात है
संघ तत्काल सार्वजनिक खेद एवं सम्मानजनक स्पष्टीकरण की मांग करता है
@UPPCLLKO की बैठक में चेयरमैन द्वारा टीजी–2 कर्मचारियों के संबंध में“दलाल”जैसी टिप्पणी आपत्तिजनक एवं निंदनीय है । टीजी 2 कर्मचारियों के सम्मान व मनोबल पर यह सीधा आघात है
संघ तत्काल सार्वजनिक खेद एवं सम्मानजनक स्पष्टीकरण की मांग करता है
@myogioffice@aksharmaBharat@ANI@RVPPKSUP
मा.मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी,जिला जौनपुर , बक्शा थानांतर्गत अलीगंज बाजार के आस पास सुबह 05:45 बजे धार्मिक स्थलों से ध्वनि विस्तारक यंत्रों से तेज आवाजें आने के कारण बीमारों बुजुर्गों व छात्रों को परेशानी हो रही है संज्ञान ले @dgpup@IgRangeVaranasi@Uppolice@jaunpurpolice
निजीकरण का टेंडर होते ही सामूहिक जेल भरो आंदोलन: आन्दोलन के लगातार 300 दिन पूरा होने पर बिजली कर्मियों ने भरी हुंकार : प्रान्त भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन : आरएफपी डॉक्यूमेंट गोपनीय रखने के समाचार से बिजली कर्मियों में उबाल
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने चेतावनी दी है कि यदि जोर जबरदस्ती करके निजीकरण का टेंडर निकाला गया तो टेंडर निकलते ही बिजली कर्मी समस्त जनपदों में सामूहिक जेल भरो आंदोलन प्रारंभ कर देंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबन्धन की होगी ।
निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे आंदोलन के 300 दिन पूरा होने पर आज बिजली कर्मियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर सामूहिक जेल भरो सत्याग्रह प्रारम्भ करने का संकल्प लिया।
राजधानी लखनऊ में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश और राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, उप्र के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आज शक्ति भवन मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और कहा कि बिजली कर्मी घाटे के झूठे आंकड़े,दमन और उत्पीड़न के नाम पर किसी भी स्थिति में निजीकरण की साजिश कामयाब नहीं होने देंगे।
संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि यह विदित हुआ है कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन और आल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के बीच यह तय हुआ है कि टेंडर की पूरी प्रक्रिया गोपनीय रखी जाय। इसके अंतर्गत पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के पांच निगम बनाकर पांच अलग अलग टेंडर निकाले जाएंगे जिनमें एक लिंक दी जाएगी। लिंक तभी खुलेगी जब टेंडर डालने वाली निजी कंपनी पांच लाख रुपए का भुगतान करें साथ में यह शपथ पत्र भी देना होगा की लिंक खुलने के बाद आरएफपी डॉक्यूमेंट को कोई कंपनी सार्वजनिक नहीं करेगी।
संघर्ष समिति ने कहा कि ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन की निजी घरानों के साथ नियमित मुलाकात हो रही है और डिस्कॉम एसोशिएशन निजीकरण के मामले में बिचौलिए की भूमिका का निर्वाह कर रही है। ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोशिएशन के बीच में आ जाने के बाद से निजीकरण के मामले में लेन देन की चर्चा भी है।
संघर्ष समिति ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति है।ऐसे में टेंडर की पूरी प्रक्रिया और आरएफपी डॉक्यूमेंट को गोपनीय रखना बहुत गंभीर बात है और इस तरह सारी प्रक्रिया में ही भ्रष्टाचार की बू आ रही है।
संघर्ष समिति ने कहा कि यदि ऐसा होता है तो संभवत: यह देश के इतिहास में पहली बार होगा की लाखों करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों को इतने गुपचुप ढंग से बेचा जा रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि आरएफपी डॉक्यूमेंट को छिपाना बहुत ही गंभीर मामला है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में विगत 28 नवंबर से लगातार चल रहे आंदोलन के आज 300 दिन पूरे होने पर बिजली कर्मियों,संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने प्रदेश के समस्त जनपदों में जोरदार विरोध प्रदर्शन कर संकल्प लिया कि वे किसानों और उपभोक्ताओं को साथ लेकर निजीकरण के विरोध में अपना आन्दोलन तब तक जारी रखेंगे जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता।
राजधानी लखनऊ में हुई विरोध सभा को शैलेन्द्र दुबे, जितेंद्र सिंह गुर्जर, अजय कुमार, बलबीर सिंह यादव, महेन्द्र राय, पी के दीक्षित, सुहेल आबिद,श्री चन्द ,दीपक चक्रवर्ती, मोहम्मद इलियास , प्रेम नाथ राय, सरजू त्रिवेदी ने मुख्यतया सम्बोधित किया।
राजधानी लखनऊ के अलावा वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।
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