जय मैथिली🙏 CBSE में छट्ठा स मैथिली भाषा क पढ़ौनी शुरू...
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड त्रिभाषा सूत्र के अंतर्गत 2026-27 के शैक्षणिक सत्र स कक्षा 6 में R3 के रूप में मैथिली भाषा के पढ़ाई शुरू करय जा रहल अइछ. एकटा विशेषज्ञ समिति के देख रेख म���ं पाठयक्रम आ पोथी तैयार कएल जा रहल। एहि पोथी के NCERT के द्वारा प्रकाशित कएल जायत. जे बच्चा एखन R3 के रूप में मैथिली भाषा के चयन करत से शैक्षणिक सत्र 30-31 में मैट्रिक स्तर तक मैथिली क पढ़ाई निरंतर क सकैत छथि.
अपना अपना क्षेत्र के स्कूल प्रबन्धन स आग्रह करी जे ऑनलाइन एफिलिएटेड स्कूल इंफॉर्मेशन सिस्टम (OASIS) portal पर देल गेल एकेडमिक डिटेल में अन्य भाषाक संग R3 के रूप में मैथिली भाषा के स्थान अपडेट करैथ. एहि प्रयास स मैथिली भाषा के समुचित सम्मान भेटत...
हित वचन तूने नहीं माना
मैत्री का मूल्य न पहचाना
तो ले, मैं भी अब जाता हूँ
बहुत-बहुत धन्यवाद @BJP4India! नमन रहेगा @narendramodi यह दिन दिखाने के लिए कि इस राष्ट्र में आतंकवादी सड़क घेर सकते हैं, दंग�� कर सकते हैं, फिर वापस प्रदर्शन कर सकते हैं, पर आपकी कायर सरकार को समस्या मेरे जैसों से है।
आज मैं अपने घर में कैद हूँ। आज मेरा आना-जाना बंद है। न तो व्यक्ति अमर होता है, न सत्ता!
आप लोग कायरों का एक समूह मात्र हैं। आप समाज को बाँटने वाले, डरपोक हो जो ट्रोल बंदरों की एक सेना बिठा कर हमें कलंकित करना चाहते हो।
दिल्ली में आए मित्रों का आह्वान करता हूँ कि रामलीला मैदान की ‘मोदी छावनी’ तक पहुँचिए। मोदी ने छावनी बनवाई है तो आप उसी मोदी तक अपने नारों को पहुँचाइए।
ये आपके बच्चों को जन्मजात अपराधी बना चुके हैं और आपको आतंकवादी की तरह देखते हैं। आप सवर्ण हैं तो इसका प्रतिकार कीजिए।
#March8DelhiChalo
Train No - 02570, New Delhi to Darbhanga (Humsafar) running around 12 hrs late. Started yesterday from NDLS till not reached to destination.
This is the situation on normal days.
@RailwaySeva@ECRlyHJP
🚨 दरभंगा | खतरे में हराही पोखर? 🚨
दरभंगा के ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण जलस्रोत हराही पोखर में बड़े पैमाने पर मिट्टी भरा�� को लेकर गंभीर चिंता गहराती जा रही है। यह कार्य सौंदर्यीकरण और तीन पोखरों को जोड़ने के नाम पर किए जाने का दावा किया जा रहा है।
📍 क्या हो रहा है?
▪️ हराही पोखर के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मिट्टी भरी जा रही है
▪️ स्थल पर कोई योजना बोर्ड या स्वीकृत परियोजना की जानकारी नहीं
▪️ पारदर्शिता और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के आरोप
⚖️ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
तालाब बचाओ अभियान (𝐓𝐁𝐀) ने इस काम पर तत्काल रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने का फैसला किया है।
𝐓𝐁𝐀 के अधिवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कमलेश कुमा�� मिश्रा ने बताया कि दरभंगा के तालाबों के मामले में 𝐍𝐆𝐓 के निर्णय के आलोक में पहले से ही पटना हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की जा चुकी है।
🗣️ “हम सौंदर्यीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अवैध तरीकों से पोखर को नुकसान पहुँचाने का विरोध करते हैं,” — कमलेश कुमार मिश्रा
🌱 पर्यावरणविदों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी भराई से पोखर की जलधारा और पारिस्थितिकी तंत्र स्थायी रूप से प्र��ावित हो सकता है।
▪️ हराही पोखर की उत्पत्ति 𝟏𝟒वीं शताब्दी मानी जाती है
▪️ यह दिघ्घी और गंगा सागर पोखर से जुड़ी ऐतिहासिक जल प्रणाली का हिस्सा है
▪️ यह तंत्र शहर की प्राकृतिक जल निकासी में अहम भूमिका निभाता है
🏗️ कौन कर रहा है काम?
𝐓𝐁𝐀 का आरोप है कि यह कार्य 𝐁𝐔𝐈𝐃𝐂𝐨 द्वारा बिना आवश्यक पर्यावरणीय अनुमति के किया जा रहा है।
वहीं 𝐁𝐔𝐈𝐃𝐂𝐨 का कहना है कि मिट्टी भराई स��मित क्षेत्र में और पार्किंग सुविधा विकसित करने के लिए की जा रही है।
🚩 राजनीतिक प्रतिक्रिया
भाकपा (माले) ने इस मिट्टी भराई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे सरकार की जल-जीवन-हरियाली योजना के खिलाफ करार दिया है।
पार्टी ने 𝟑𝟏 जनवरी को नगर निगम के सामने धरना देने की घोषणा की है।
📜 न्यायिक आदेशों का हवाला
▪️ 𝐍𝐆𝐓 (𝟏𝟏 अगस्त 𝟐𝟎𝟐𝟐) ने हराही, दिघ्घी और गंगा सागर पोखर के आसपास अवैध निर्माण पर रोक ल���ाई थी
▪️ 𝐍𝐆𝐓 ने झीलों व आर्द्रभूमि के चारों ओर नो-कंस्ट्रक्शन बफर ज़ोन अनिवार्य किया है
🧑💼 प्रशासन का पक्ष
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि यह कार्य स्वीकृत योजना का हिस्सा है और मॉडल की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि न्यूनतम क्षेत्र प्रभावित हो।
⚠️ क्यों गंभीर है मामला?
कार्यकर्ताओं का कहना है कि 𝐍𝐆𝐓 निर्देशों के बावजूद मिट्टी भराई जारी रहना न्यायाल�� के आदेशकी अवमानना है और इससे दरभंगा की नाज़ुक आर्द्रभूमि को अपूरणीय क्षति पहुँच सकती है।
🌊 पोखरों का ऐतिहासिक फैलाव
▪️ दिघ्घी पोखर: 𝟏𝟏𝟐 बीघा 𝟏𝟎 कट्ठा
▪️ हराही पोखर: 𝟔𝟐 बीघा 𝟏𝟎 कट्ठा
▪️ गंगा सागर: 𝟕𝟖 बीघा 𝟐 कट्ठा 𝟏𝟎 धुर
➡️ कुल क्षेत्रफल: 𝟐𝟓𝟑 बीघा से अधिक
📢 सवाल यही है:
क्या सौंदर्यीकरण के नाम पर दरभंगा की जल विरासत से समझौता किया जा रहा है?
@VijayKrSinhaBih
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@IndexBihar@PMOIndia@narendramodi@JPNadda@OfficeofJPNadda Very soon the gate passes and the OPD form counter will open.
बहुत जल्द गेट के ठीक बगल में ओपीडी फॉर्म सेंटर भी बन कर तैयार हो जाएगा ।
बीरबल की खिचड़ी वाला कहानी को भी मात दे दिया यहां तो 😆
Bihar Cabinet has granted approval for land acquisition near Darbhanga Airport for the development of a Logistics Park and Cargo Hub.
🔹 Land to be acquired: 50.04 acres
🔹 Approved compensation amount: INR138 Cr 82 Lakh
Major step toward strengthening cargo operations, trade, and employment opportunities in Mithila and North Bihar as well the Nepal's Tarai Region
Darbhanga is steadily emerging as a key aviation and logistics hub in the region.
दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, अररिया सहित पूरा मिथिला क्षेत्र पिछले बीस वर्षों से एक भी बड़े उद्योग के लिए तरस रहा है।
कभी यही मिथिला क्षेत्र ब्रिटिश काल में उद्योगों का गढ़ माना जाता था।
यहाँ की चीनी मिलें, पेपर मिलें और जूट मिलें दिन-रात गूंजा करती थीं, जिनके उत्पादों की माँग देश ही नहीं, विदेशों तक थी।
आज वही क्षेत्र बाढ़, सूखा, बेरोज़गारी और पलायन का प्रतीक बन गया है।
हज़ारों लाखो युवाओं को रोज़गार देने वाले उद्योग सिर्फ इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह गए हैं।
मुज़फ़्फ़रपुर और बेगूसराय में कुछ उद्योगों का स्थापित होना निश्चित रूप से सुखद समाचार है