@PMOIndia@AmitShah@RahulGandhi
Request to take cognizance on the matter please.
इस तरह के भड़काऊ भाषण चाहे किसी भी राजनीतिक दल के नेता के द्वारा दिये जाते हैं, घोर निंदनीय हैं और सामाजिक भाईचारे के लिए खतरनाक हैं।
@flipkartsupport Till now no repsonse received from Flipkart. It is the first instance i have faced such issue with flipkart. I think there is lapse on the part of Delivery Partner / Ekart wishmaster who has done such act of looting the customer.
Please update ASAP.
@cmohry@mlkhattar@anilvijminister बंधेल मोहल्ला गोहाना रोड रोहतक जहाँ पर अधिकतर दलित रहते हैं, उस मोहल्ले की नालियां जगह जगह से धँसी हैं और सारा गंदा पानी मकानों में मर रहा हैं, कई बार शिकायत करने पर भी कोई समाधान नहीं हुआ हैं। पार्षद जी भी उचित कार्य नहीं कर रहे हैं।
@mlkhattar सरकार में ऊंची पहुंच वाले ही सक्षम योजना का लाभ ले रहे ��ै जबकि असली पात्र खाली हाथ घूम रहे है, पकड़े जाने पर ना कोई कानूनी कार्यवाही ना कोई सजा. मुख्यमंत्री जी संज्ञान ले व दोषियों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करे @anilvijminister @Dchautala @rssurjewala @dipro_bhiwani
तब्लीगी जमात के लोगों ने एक नेक काम किया है. झज्जर के हॉस्पिटल में जो 129 ठीक हो गए उनमें से कई दूसरे मरीज़ों की प्लाज़्मा थेरेपी के लिए अपना खून देने के लिए तैयार हैं. मदद का ये जज़्बा क़ाबिले तारीफ़ है. सवाब मिलेगा.
अत्यंत अहम विभाग एवं जनसेवा परंतु वर्तमान संकटपूर्ण परिस्थितियों में सबसे कम चर्चित ��िजली कर्मचारियों के योगदान को आखिर किसी चैनल ने तो सराहा है,न्यूज़ 11 का हार्दिक धन्यवाद।
@mlkhattar @cmohry @Ch_RanjitSingh @PowerHaryana
@anjanaomkashyap@narendramodi दिये और मोमबत्ती जलाते वक्त एक बात का विशेष तौर पर ध्यान रखें कि जलाने से पहले अपने हाथों को हैंड-सैनिटाइजर (जिसमे कम से कम 70% अल्कोहल हैं, और ज्वलनशील हैं) से साफ करने में सावधानी बर���ें कहीं कोई अप्रिय घटना ना घट जाएं।
😊🙏🏼😊
@RubikaLiyaquat@ABPNews शायद इनको डॉक्टर रूपी फरिश्तों की नहीं बल्कि जन्नत की हूरों की जरूरत हैं। या अल्लाह इन्हें अक्ल बख्शे।। खुदा इनके दिमाग मे ये बात डालों की महामारी का कोई धर्म-मजहब नहीं होता और ये महामारी भगवान या खुदा नहीं बल्कि हम इंसानों की वज़ह से ही हैं।
@RubikaLiyaquat शायद इनको डॉक्टर रूपी फरिश्तों की नहीं बल्कि जन्नत की हूरों की जरूरत हैं। या अल्लाह इन्हें अक्ल बख्शे।। खुदा इनके दिमाग मे ये बात डालों की महामारी का कोई धर्म-मजहब नहीं होता और ये महामारी भगवान या खुदा नहीं बल्कि हम इंसानों की वज़ह से ही हैं।
WhatsApp पर ख़ूब चर्चा हो रही है कि कोरोना क़यामत की निशानी है, अक़्ल के अंधों... ये तस्वीर क़यामत की निशानी है जहां फ़रिश्तों पर शैतानी भीड़ पत्थरों से हमला कर रही है।