The fact that political parties are still playing caste politics to win elections shows how long we have been fooled.
We need a course correction and the onus is on every community.
हाई कोर्ट के अंतरिम आर्डर में लिखा है कि सरकार ने undertaking दी है कि सही आरक्षण व्यवस्था 2026-27 में लागू की जाएगी!
फिर इस undertaking का उल्लंघन क्यों किया गया??
क्या UP सरकार ने हाई कोर्ट में अपने ही द्वारा दिये गए Undertaking का उल्लंघन किया है?
UP में 91% आरक्षण का मामला - तथ्य:
1. UP के 4 मेडिकल कॉलेज (अंबेडकर नगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर) में 91.76% आरक्षण लागू किया गया था।
SC=72.94%
ST=5.88%
OBC=12.95%
UR=8.24%
2. इस आरक्षण व्यवस्था को 2025 में इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी गई।
सरकार ने तर्क दिया कि ये चारों मेडिकल कॉलेज Special Component Plan (SCP) के तहत बनाए गए हैं, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति के लिए विशेष प्रावधान करना था। इसलिए SC के लिए अधिक आरक्षण दिया गया।
3. इलाहाबाद हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने सरकार के इस आदेश को रद्द कर दिया और कहा कि आरक्षण की सीमा को इस तरह नहीं बढ़ाया जा सकता।
4. इसके बाद UP सरकार ने सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील की। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की।
डिवीजन बेंच ने उस समय आरक्षण के मूल विवाद पर अंतिम फैसला नहीं दिया। चूंकि 2025–26 में एडमिशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, इसलिए उस साल की पुरानी सीट व्यवस्था को जारी रहने दिया गया।
5. UP सरकार ने हाई कोर्ट में Undertaking दी कि 2026–27 के शैक्षणिक सत्र से सही और कानूनी आरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी।
लेकिन 2026–27 में सरकार ने फिर वही पुरानी सीट व्यवस्था लागू कर दी है।
अब सवाल ये है कि अगर हाई कोर्ट में उत्तरप्रदेश सरकार ने खुद Undertaking दी थी कि 2026–27 से सही आरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी, तो फिर पुरानी 91% आरक्षण व्यवस्था को लागू करना, उस Undertaking का उल्लंघन क्यों न माना जाए?
@myogiadityanath@myogioffice
यह न्यायसंगत नहीं है।
अगर सरकार ने हाई कोर्ट में कोई Undertaking दी है, तो सरकार खुद अपनी ही Undertaking से पीछे कैसे हट सकती है?
मोदी योगी सरकार खुल्लमखुल्ला गुंडागर्दी पर उतर आई हैं
UP के 4 मेडिकल कालेजों में आरक्षण बढ़ाकर 90% कर दिया गया है
इस गुंडागर्दी को देखकर कम से कम उन लोगों की आंखें अब तो खुल जानी चाहिये जो आरक्षण हटाओ के मुद्दे को छोड़कर आरक्षण सुधार के मुद्दे पर आ गए हैं
Reforms संभव नहीं हैं
> Protest for Reservations
Get water from BJP leader to break your hunger strike.
> Protest for Reservation Reforms
Get lathicharged & detained.
The height of appeasement politics !
My heart broke after watching the soft hands of kids.
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Why Indian constitution is so cruel for GC. Why can't they have PM Awaas Yojna?
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Doesn't these questions screams in ur mind?💔
कोई लॉजिक है ऐसी योजनाओं का? जो भारत में एंट्रेंस पास नहीं कर पा रहा, उसको हमारे पैसों पर विदेश भेजा जा रहा है! अब मोदी जी ने एक BHEEM भी लांच किया है स्पेस के लिए, वहाँ भी यदि कुछ SC/ST के लिए प्रावधान हो जाए तो सामाजिक न्याय आ जाएगा।
भीम आर्मी कार्यकर्ता 1:
"वीडियो हमने लगाई, DVD हमने लगाई, तुमने अपने नाम से कैसे FIR कर लिया?"
भीम आर्मी कार्यकर्ता 2:
"अरे भैया, जो तुमको पैसे चाहिये ना, तुम रख लेना"
ऐसे SC/ST एक्ट का उपयोग हो रहा है, लोगों की जेबें भरने के लिए!
साफ है कि मुआवजे के लालच में ही ये लोग केस करते और करवाते हैं! बातचीत से पुलिस की भी मिलीभगत समझ आती है!
इतना खुलेआम इस एक्ट के दुरूपयोग हो रहा है, लेकिन सरकार सो रही है!
Caste certificate in India >>> Green card in USA
Low cut-offs, Unlimited attempts, Fee & age relaxations, freebies, benefits, programs, scholarships & so on....
Green card is just overrated !!
🚨 बरगदिया गाँव में भूख से जूझता एक ब्राह्मण परिवार …
सबसे दर्दनाक बात ये है कि …
बच्चों की थाली में महीनों से दाल-सब्जी नहीं, सिर्फ सूखे चावल, नमक और थोड़ा तेल है। 😢
अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है।
जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया तो रूहें थर्रा गई 🥹💔
अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ।
क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।
अक्टूबर 2025 में @singh_kikki द्वारा CJI गवाई को ले कर एक पोस्ट किया गया। यह तब हुआ था जब जूता फेंकने वाली बात हुई थी। आप सोचिए कि अभी अगस्त चल रहा है और इस लड़की को एक रैंडम वकील, जो कि संभवतः (मोदी जी की कृपा के बाद) खोज-खोज कर ऐसे ही केस करता है, उसने एक एससी-एसटी का केस कर दिया।
अब 27 अगस्त को उसकी कोर्ट में सुनवाई होनी है। किक्की सिंह दिव्यांग हैं और CJI ने स्वयं इसका कोई ऑफेंस नहीं लिया पर एक रैंडम वकील इस से आहत हो चुका है। @narendramodi बताएँ कि इस बवासीर का क्या इलाज है जो आपने तैयार कर दिया है।
केस प्रूव हो नहीं पाते, अधिकांश दुर्भावना से ग्रस्त होते हैं और सवर्ण समाज इसका शिकार लगातार हो रहा है। फिर आप कहते हैं कि आप हिंदुत्ववादी हैं! आपकी हर नीति ऐसी आ रही है जो समाज को एक जातिवादी घृणा की व्यवस्था में बदल रही है।
इस एक्ट में संशोधन की आवश्यकता है और केस फ़र्ज़ी निकलने पर दूसरे पक्ष को दंड और जुरमाना दोनों ही करने की व्यवस्था होनी चाहिए। यह एक व्यवसाय बन चुका है।
हमारी बहन किकी सिंह झारखंड से हैं और विकलांग हैं!
इनपर एक सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से SC/ST एक्ट लगा दिया गया है और अब इनको परेशान किया जा रहा है!
ये व्हीलचेयर पर हैं, चल-फिर नहीं सकतीं फिर भी इनको प्रताड़ित किया जा रहा है!
कोई वकील है रांची या झारखंड से जो इनकी मदद कर सके?
SC/ST एक्ट लगाने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली है कि वह शायद ऐसे केस पहले भी लोगों पर लगाता रहा है! अब अफसोस ये है कि लोगों ने इस कानून को पेशा बना लिया है!
इसलिए इस कानून में सुधार की सख्त ज़रूरत है!
Dalit teacher beats Brahmin girl so badly she dies in hospital. She even gave her statement before dying. Imagine if the girl was Dalit and the teacher Brahmin the entire state would have been on fire by now.
Amit Shah's nurtured Bhim goons have filled people's minds with so much poison that we have to witness all this.
आरक्षण की खैरात से नौकरी मिलने के बाद मास्टर साहब बच्चों के सामाजिक न्याय करते हुए । बैकग्राउंड में महामानव की तस्वीर लगाकर चार चांद भी लगा दी ।
जय हो बाबा की