BPSC TRE में चयनित अन्य राज्य की जितनी भी शिक्षिकाएं CTET में 90 अंक से कम पर बहाल हुई हैं वो तत्काल प्रभाव से नौकरी से इस्तीफा देकर अपने घर चली जाएं। अन्यथा की स्थिति में उनसे वेतन की राशि भी वसूली जाएगी और FIR भी होगा उन पर। इसलिए बेहतर होगा कि स्वयं नौकरी छोड़ दे���!
@DeveshSharma_RJ तुम और रमेश दोनों बच्चो को गुमराह कर रहे हो . अब और चंदा क्या करोगे, जब न्यायलय सिर्फ उनका बात सुन रहा है जो बहाल हो चुके है तो फिर आप लोग चंदा चंदा खेलना चालू कर दिए हो अब और गुमराह मत करो
@samrat4bjp@VijayKrSinhaBih जब आप विपक्ष में थे तब हम लोगों ने अपने मुद्दे से आपको अवगत कराया ��ा! अब आप सरकार में माननीय उपमुख्यमंत्री की भूमिका में हैं! महोदय सरकारी वकील की अनुपस्थिति और विरोधियों द्वारा तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर रखने के कारण पटना हाई कोर्ट से बिहार शिक्षक बहाली 2019-20 में नियुक्त बीएड शिक्षकों के खिलाफ जो फैसला आया आज 3 महीने हो गए! लेकिन शिक्षा विभाग आश्वासन देकर सुप्रीम कोर्ट में नहीं गई है! यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील करें तो पहले हेयरिंग में इस फैसले पर #स्टे लगा सकता है!
@BiharEducation_
BPSC द्वारा आयोजित विद्यालय अध्यापक परीक्षा में,(1- 5)B.Ed. योग्यताधारी नियोजित शिक्षकों को न्यूनतम अर्हतांक से अधिक अंक प्राप्त करने की स्थिति में उनकी योग्यता अनुसार वर्ग (6- 8,9- 10,11- 12) में पदोन्नति कर बिहार के हजारों परिवारों में उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करें।
@ProfShekharRJD BPSC द्वारा आयोजित विद्यालय अध्यापक परीक्षा में,(1- 5)B.Ed. योग्यताधारी नियोजित शिक्षकों को न्यूनतम अर्हतांक से अधिक अंक प्राप्त करने की स्थिति में उनकी योग्यता अनुसार वर्ग (6- 8,9- 10,11- 12) में पदोन्नति कर बिहार के हजारों परिवारों म���ं उत्सव मनाने का अवसर दें।
आदरणीय @RanjitIAS सर छठा चरण आपके द्वारा सींचा गया पौधा है! आपको भी पता है कि अभ्यर्थियों ने कितनी मेहनत और सहनशीलता दिखाई! 2019 के नोटिफिकेशन पर 2021 में काउंसलिंग हुई और 8 महीने बाद न��युक्ति पत्र मिला! सुप्रीम कोर्ट के 11 अगस्त देवेश शर्मा वाले फैसले के बाद भी बिहार के अलावा किसी भी राज्य के माननीय हाईकोर्ट ने नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ फैसला नहीं दिया! चाहे हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट हो चाहे पश्चिम बंगाल या मध्य प्रदेश! कल ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएलएड की याचिका खारिज करते हुए फैसला सुनाया कि जो नियुक्त हो गए वह हो गये आगे सरकार ��ाने! सुप्रीम कोर्ट ने भी कहीं नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की! सर छठा चरण को सभी लोग सातवां चरण जैसा समझ रहे हैं! सुप्रीम कोर्ट ने जो भी जजमेंट दिया वह सातवें चरण यानी BPSC TRE1 से संबंधित था! आप इस बहाली के एक-एक बिंदु से अवगत हैं! सर नौकरी क्या होती है वह आप भी समझते हैं! इतना मानसिक तनाव में विद्यालय 9 से 5 करते हुए अपने परिवार के सामने, समाज के सामने आदमी मुंह नहीं दिखा पा रहा !कृपया आप से निवेदन है आप 22000 नियुक्त बीएड शिक्षकों के लिए अपने स्तर से प्रयास करें! कम से कम इस बहाली से संबंधित सारी चीजों को शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक स्पष्ट कर दें छठे चरण में क्या स्थिति थी! शायद कोई नहीं जानता और सुप्रीम कोर्ट ने भी अपनी सुनवाई में बहुत बार ऐसा कहा है जो नियुक्त हो गए उनको हम नहीं टच करेंगे और जजमेंट में भी कहीं नियुक्त शिक्षक का जिक्र ही नहीं है! देवेश शर्मा के केस में ही WP 137/2022 में बिहार से डीएलएड वालों का केस था जो ��ठे चरण की नियुक्ति पत्र रोकने और बीएड को बाहर करने की मांग थी! जिसे सुप्रीम कोर्ट मानने से इनकार करते हुए कोई फैसला नहीं सुनाया! पटना हाई कोर्ट में हमें यह सब तथ्य रखने का मौका नहीं मिला! सरकार एसएलपी लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी तो हम लोगों को जरूर जीत मिलेगी!
अपना आदर्श बालीवुड के कलाकारों को नही बल्कि भारतीय सेना को बनाए , जो अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा करते हैं ताकि हम सब सुरक्षित रहे
जय हिंद !!जय गोविंदा !!🙏🇮🇳♥️
#WeWantBEDInPRT#WeWantBEDInPRT
we the students of B.ed have invested lots of time in our preparation. We respect Supreme Court's decision but who will take the responsibility for the loss. We are depressed. The amount of time, money, hope, we lost everything! @ncteDelhi