Hey @DFS_India@RBI,
Ye kaun se law me aata hai.
India me to nahi pata aisa koi law mujhe.
Siria ka kanoon chal raha hai kya banks me??
Would you ever intervene in such matters ya marne chhod diya hai sab bankers ko??
बीच चौराहे पे फांसी पे क्यों नहीं लटका देते ब्रांच वालों को। पचास हजार की तनख्वाह में खरीद लिया है ना। किसी दिन आधी रात को ब्रांच मैनेजर के बेडरूम में भी घुस जाना टारगेट की लिस्ट लेके। एक से एक दरिंदे जानवर भरे हैं ऊपर ऑफिसों में।
निवास पर आयोजित गृह विभाग की उच्च-स्तरीय बैठक को सम्बोधित किया।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने एवं अनुचित साधनों के प्रयोग में शामिल लोगों के खिलाफ सख्ती के लिए राज्य सरकार इससे जुड़े कानून को और कड़ा बनाएगी। इस सम्बन्ध में जल्द ही अध्यादेश लाया जाएगा।
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रीट-2021 की तरह ही अक्टूबर माह में प्रस्तावित पटवारी भर्ती परीक्षा एवं इसके बाद आयोजित होने वाली आरएएस प्रारंभिक परीक्षा के सभी अभ्यर्थियों को निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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चार साल से KCC रिन्यू नहीं करवाया। मतलब ब्याज में छूट का कोई फायदा नहीं। ऊपर से पीनल इंटरेस्ट भी लगा होगा। टोटल मतलब पहले साल ब्याज लगा 7%, उसके बाद एक साल 11% और फिर दो साल तक 12%. पैसा तो भरोगे ही ना। लेकिन बारहवीं पास मंत्री को ये सब कहां ���मझ आएगा।
40000 रु तनख्वाह वाले तथाकथित बैंक अधिकारी को 2000 km दूर पोस���टिंग दोगे जिस जगह का नाम उसने पूरे जिंदगी भर ना सुना हो तो क्या घंटा Consumer से touch बनेगा।
इन्हीं की सरकार के बनाये हुए नीति आयोग के CEO चार साल पहले बात रहे थे कि 3 साल में ब्रांचलेस बैंकिंग कर देंगे। आज मैडम कह रही हैं कि ब्रांच लेवल पर ध्यान देने की जरूरत है। मतलब कोई विज़न, प्लानिंग है ही नहीं। जिसका जो मन आये कर रहा है जो मन आये कह रहा है।