We want our separate area as a BHILPRADESH . Demand of all tribals. From early time this was a biggest demand of tribals but didn't completed.
#भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है
अलग अलग राज्यो में बिखरे आदिवासियों का राजनैतिक एकीकरण कर भील प्रदेश बनाया जाए । ताकि हमारी संस्कृति , बोली, भाषा व साहित्य का पुनरुद्धार हो सके । #भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है
जिस राज्य, क्षेत्र को भीलो ने बलिदानियों से जिंदा रखा। उस राज्य की संस्कृति और विरासत को जिंदा रखने के लिए भीलों को अलग राज्य 6 वी अनुसूची के तहत देने की मांग सरकार ने नहीं मानी तो हम तीरों के बलबूते भी मनवाना जानते है।
#भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है@PMOIndia@RajCMO
#आदिवासी समुदाय ने कभी गुलामी स्वीकार नही की उसका प्रमाण समय समय पर उनके द्रारा अन्याय-शोषण के खिलाफ आवाज व उठाये गए स्वतंत्र प्रदेश, राज्य की मांग व उसके लिये देश व बाहरी ताकतो से किये गये उनके संघर्ष से जान सकते है। #भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है@TribalwebTeam@MundaArjun
અમને અમારું ભીલ પ્રદેશ અલગ જોઈએ છે વર્ષોથી આદિવાસી ને છેતરિયા બસ હવે હવે આદિવાસી જાગી ગયો છે જળ જમીન અને જંગલ પર માત્રને માત્ર આદિવાસીઓ નોજ હક છે અબવા દીસમ અબવા રાજ
જય આદિવાસી
જય જોહાર
જય ભીલ પરદેશ
अरावली पर्वतमाला , दक्षिणी राजस्थान - गुजरात से प्रवाहित हो रही है , साबरमती नदी किनारे पाषाणकाल के पुरा अवशेष मिले हैं , जो भील पूर्वजों द्वारा इस्तेमाल किए गए थे।
#भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है
#भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है
ऋग्वेद के प्रमाणित तथ्यों से स्पष्ट होता है कि ऋग्वेदिक आर्यों के आगमन काल में शबर ( शम्बर ) राजा था . जिसके 100 किलों - नगरों को इन्द्र ने ध्वस्त किया । आदिवासी राजा शबर ( शम्बर ) से संबंधित साबरमती नदी आज भी भील आदिवासियों की मूल भूमी 1/2
#भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है
ऋग्वेद के प्रमाणित तथ्यों से स्पष्ट होता है कि ऋग्वेदिक आर्यों के आगमन काल में शबर ( शम्बर ) राजा था . जिसके 100 किलों - नगरों को इन्द्र ने ध्वस्त किया । आदिवासी राजा शबर ( शम्बर ) से संबंधित साबरमती नदी आज भी भील आदिवासियों की मूल भूमी 1/2
#भीलप्रदेश का ऐक अपना स्वतंत्र इतिहास रहा है, लेकिन अब तक कि सरकारो ने उसे छुपाने की कोशिश की है। इस अन्याय के खिलाफ न्याय की आवाज है स्वतंत्र भीलप्रदेश।
#भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है
आवाज ऐसे ही बुलंद नहीं हुवी सरकारों के अत्याचार सहन कर के अब आदिवासी थक सा गया है इस लिए अब चाहिए ही चाहिए भीलप्रदेश ।।
#भीलप्रदेश_राज्य_हमारी_पहचान_है