देवरी
जमीन रजिस्ट्री के समय ही दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया है। रजिस्ट्री के तुरंत बाद, झारभूमि पोर्टल पर दाखिल-खारिज के लिए एक केस नंबर जेनरेट हो जाता है लेकिन कोई फायदा नहीं जब तक C.O, C.I, कर्मचारी को घुस नहीं दीजिएगा तब तक कुछ होने वाला नहीं है
@deepakbiruajm
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वीडियो के द्वारा दो-तीन युवकों ने मिलकर जो दुमका जिला के थे भड़काऊ बयान दे रहे थे जो मधुपुर के लालगढ़ क्षेत्र में चल रहे विवाद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा था हमारे झारखंड पुलिस ने उन्हें दबोच कर अपने गृह में ले लिया है जैसा कि आप फोटो में देख पा रहे हैं
@JakirAn65340144@HemantSorenJMM@JharkhandPolice@DumkaDc@DumkaPolice कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वीडियो के द्वारा दो-तीन युवकों ने मिलकर जो दुमका जिला के थे भड़काऊ बयान दे रहे थे जो मधुपुर के लालगढ़ क्षेत्र में चल रहे विवाद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा था हमारे झारखंड पुलिस ने उन्हें दबोच कर अपने गृह में ले लिया है जैसा कि आप फोटो में देख पा रहे हैं
कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वीडियो के द्वारा दो-तीन युवकों ने मिलकर जो दुमका जिला के थे भड़काऊ बयान दे रहे थे जो मधुपुर के लालगढ़ क्षेत्र में चल रहे विवाद से जुड़ा हुआ बताया जा रहा था हमारे झारखंड पुलिस ने उन्हें दबोच कर अपने गृह में ले लिया है जैसा कि आप फोट�� में देख पा रहे हैं
गिरिडीह और दुमका में चिड़ियाघर खोलने पर सहमति देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी का हृदय से आभार।
चिड़ियाघर ���े खुल जाने से क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
@HemantSorenJMM #giridih #dumka #jamua #Jharkhand
@GiridihDc@IrfanAnsariMLA@HemantSorenJMM@JakirAn65340144 दुबे नर्सिंग होम में इलाज कराने आए रिटायर्ड शिक्षक और परिजनों के साथ अस्पताल के बाउंसर द्वारा मारपीट का आरोप डॉक्टर ने समुदाय विशेष को टारगेट करते हुए कहा आतंकवादी थे जिसके बाद हिंदू-मुस्लिम एक होकर किया महापंचायत #jamua
✔️ सहायक आचार्य नियुक्ति को लेकर जिला स्तरीय काउंसलिंग कार्यों का निरीक्षण।
✔️ प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संचालित करने के निर्देश।
#MediaCoverage@JharkhandCMO@prdjharkhand
@HemantSorenJMM@JharkhandCMO@IrfanAnsariMLA@BhartiHaque @JairamMahto99 @ पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का निधन अत्यंत दुखद व पीड़ादायक है।
वे जनजातीय अस्मिता व अधिकार के सशक्त स्वर थे।
राजनीतिक-सामाजिक जगत में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।