यह वाहन बीच सड़क पर रोककर परिचालन बाधित कर रहा । आपत्ति करने पर अमर्यादित व्यवहार कर रहा कृपया चालान कर उचित कार्यवाही करें
Location BPCL पेट्रोल पंप NEAR तेलीबाग चौराहा
@lucknowtraffic
बिग ब्रेकिंग :-
यह कहानी आपके पैरों के नीचे की ज़मीन खिसकाने को काफ़ी है।आप चौकेंगे, यह तय है।
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट घोटाले को लेकर जनाक्रोश थामने का नाम नहीं ले रहा है लेकिन इस बीच अबु धाबी के नवनिर्मित हिन्दू मंदिर से जुड़े ग़ज़ब के घोटाले का पता चला है जिसमें भारतीयों के हजारों करोड़ रूपये स्वाहा हो गए।
दरअसल बैंक ऑफ बड़ौदा ने अबू धाबी की दिवालिया कंपनी NMC से अदालत के बाहर समझौता कर लिया है। इस समझौते के तहत बैंक ने 600 मिलियन डॉलर यानि करीब 5,700 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर सहमति जताई और पैसा उनके खाते में जमा भी कर दिया।
समझौते के बाद अबू धाबी की अदालत में चल रही कार्यवाही बंद कर दी गई है। जबकि यह पैसा हम भारतीयों का था। इसके बाद बैंक के शेयर धड़ाधड़ गिर गए।बैंक कह रहा है कि हमने कोई गलती नहीं की है कब तक मुक़दमा लड़ते? मजेदार यह कि यह मुकदमा इंग्लैंड और अबू धाबी में चल रहे थे।
आप पूछ सकते हैं कि मंदिर अबु धाबी में तो भारतीयों की कमाई पर डाका कैसे?
दरसल पिछले दिनों जब पीएम मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के ऐतिहासिक दौरे किए, तो वहां के प्रमुख भारतीय प्रवासी उद्योगपति बी. आर. शेट्टी ने उनके स्वागत और द्विपक्षीय बिजनेस फोरम के आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अबू धाबी में बने पहले हिंदू मंदिर की स्थापना और उसके लिए यूएई सरकार से जमीन मिलने की शुरुआती प्रक्रियाओं व समन्वय में भी बी. आर. शेट्टी सक्रिय रूप से जुड़े रहे, जो पीएम मोदी के कूटनीतिक प्रयासों का एक बड़ा हिस्सा था। यह बी आर शेट्टी NMC हेल्थ के मालिक हैं।
बताते चलें कि साल 2020 में कंपनी के संस्थापक बी. आर. शेट्टी और उनके प्रबंधन द्वारा करीब 4 से 5 अरब डॉलर का छुपा हुआ कर्ज और भारी वित्तीय धोखाधड़ी सामने आने के बाद यह कंपनी पूरी तरह डिफाल्टर और दिवालिया हो गई थी।
किसी को नहीं पता था कि अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ में ली गई ये सेल्फी कंचन गुप्ता की आखिरी तस्वीर बन जाएगी। 30 दिन लगातार मेडिकल टेररिज्म, धनपशु डॉक्टर के आतंक से लड़कर कंचन ने प्राण त्याग दिये। पीछे छोड़ दिया निरंकुश डॉक्टरों और लुटेरों अस्पतालों का ऐसा कच्चा चिट्ठा जो इस पूरे पेशे को ही कटघरे में खड़ा कर देता है। तसल्ली से पूरी कहानी पढ़ियेगा।
कन्नौज की कंचन भाजपा से पार्षद भी रह चुकी हैं। उनके पति पुनीत गुप्ता बीजेपी में हैं, उन्होंने हमें फोन पर जो बताया, उसे वैसे ही लिख रहा हूं।
कंचन को पेट में दर्द हुआ। स्थानीय डॉक्टर ने बताया कि पित्त की थैली की जगह पर पथरी है। ऑपरेशन होगा। दोस्त ने बताया कि लखनऊ के अपोलो हॉस्पिटल में इसके अच्छे डॉक्टर हैं। पुनीत कंचन को लेकर अस्पताल पहुंचे। जांच हुई। 50 हजार रुपए का खर्च बताया गया। 21 अप्रैल को तारीख सुनिश्चित हुई।
पहला दिन- डॉक्टर सही बीमारी नहीं पकड़ पाए। इंडोस्कोपी के दौरान आंत में कट लग गया।
दूसरा दिन- बिना सीटी स्कैन, बिना ऑपरेशन के जनरल वार्ड में भर्ती कराया।
तीसरा दिन- शरीर में इंफेक्शन फैलने लगा। कंचन को बेइंतहा दर्द हुआ। सीटी स्कैन हुआ। पेट में ड्रेन नली पड़ी। ICU में शिफ्ट किया गया।
चौथा दिन- मरीज आईसीयू में रहा, कोई अपडेट नहीं दी गई।
पांचवां दिन- पहले दिन डाले गये गलत स्टंट को निकालकर बड़ा मेटल स्टंट डाला गया। इसके बाद अगले तीन दिन तक अस्पताल में रखा।
आंठवां दिन- रात में पेट का बड़ा ऑपरेशन कर इंफेक्टेड फ्लूड निकालने के लिए 5 जगह से ड्रेनेज नली लगी। लिक्विड फूड देने के लिए आंत से जुड़ा फूड पाइप डाला गया।
तेरहवां दिन- एक नस से फ्लूड बैग में प्योर ब्लड आने लगा। एंज्योग्राफी करके नस को ब्लॉक किया गया।
इस दौरान पहले दिन 50 हजार रुपए जमा करवाये गये। इसके बाद कहा गया कि मरीज की हालत खराब हो रही, 3 लाख रुपए और लगेंगे। पुनीत ने कहीं से पैसों की व्यवस्था की। फिर डॉक्टर ने बताया कि अब 1 से डेढ़ लाख रुपए का खर्च प्रतिदिन का है। खैर परिजन पैसों की जुगत में लगे रहे।
15वें दिन डॉक्टर ने कहा कि इन्हें कहीं और ले जाइये। परिजन घबरा गये। बोले कि ऐसी स्थिति में कहां ले जाऊंगा। अस्पताल की तरफ से बताया गया कि 4 लाख रुपए और जमा करिये। पुनीत ने कर्ज लेकर पैसा जमा करवाया। अब 7 लाख से ज्यादा का खर्च हो चुका था। 17 लाख का बिल बन चुका था। गौरतलब है कि ऑपरेशन का खर्च महज 50 हजार रुपए बताया गया था।
16वें दिन कहा गया कि आप अब पीजीआई ले जाइये। वहां हमने डॉक्टर से बात कर ली है। रेफर कर दिया गया
17वें से 30वें दिन- पीजीआई में मरीज को लगातार वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। धीरे-धीरे हार्ट , लीवर, लंग्स , किडनी, पैनक्रियाज सब फेल होने लगा। 20 मई को कंचन ने आखिरी सांस ली। परिजन ने जब मौत की वजह पूछी तो पीजीआई के डॉक्टर ने बताया कि 5वें दिन जो मेटल स्टंट डाला गया था, वह गलत जगह डाल दिया गया था जिसका कोई इलाज नहीं था। सोचिए, वैसे तो पीजीआई में किसी को एडमिट करवाना हो तो छीकें आज जाएं, लेकिन उस दिन तुरंत एडमिट कर लिया गया।
मैं फिर से पुरानी बात दोहरा रहा, इस देश में अगर स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का लूट बंद हो जाए तो मिडिल क्लास की आधी समस्या खुद खत्म हो जाएगी।
ओबीसी - तुझमे रब दिखता है बाबा जी मै क्या करूं।😂
आज UPSSSC ने सहायक लेखाकार का नया विज्ञापन जारी किया है।
कुल पद - 609
UR - 536
OBC-09
27% आरक्षण के हिसाब से 164 मिलना था मिला सिर्फ 9 पद।
देखो अगर 164 दे देते तो यादव भर्ती हो जाते इसलिए सरकार ने सिर्फ 9 दिए जिससे यादव भर्ती न हो।😂
क्योंकि बाकी ओबीसी जातियों को तो वैसे भी 5kg राशन मिल ही रहा है ऊपर से यादव कम लगेंगे तो दोहरी खुशी मिल रही।😉
राष्ट्र सेठ को...
अंडोमान निकोबार द्वीप पसंद आया।
सेठ जी ने इस द्वीप के लिए अपने आदमी को इशारा किया और ये अत्यंत संवेदनशील द्वीप एक चुटकी में सेठ साहब की जेब मे आ गिरा ।
और सबसे बड़ा कमाल देखिए
वर्षों-वर्ष तक बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स अटकाने वाली नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी एक झटके में रास्ता साफ कर दिया।
यकीन करना मुश्किल है कि NGT जैसे संस्थान इतने नाज़ुक पर्यावरण वाले क्षेत्र में ऐसी अनुमति दे सकते हैँ।
अब इस द्वीप पर “मेगाप्रोजेक्ट” शुरू हो चुका हैँ। कागज़ों में यह नीति आयोग के साथ साझेदारी हैँ…
लेकिन हकीकत में यह सिर्फ एक मुखौटा है ताकि लगे कि यह भारत सरकार का प्रोजेक्ट हैँ।
बाकी पूरी दुनिया जानती है कि माल कूटने का काम सिर्फ सेठ जी ही करेंगे।
166 वर्ग किलोमीटर में फैलने वाला यह प्रोजेक्टट्रांसशिपमेंट पोर्ट, एयरपोर्ट, दो विशाल तटीय शहर,
और 450 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट खड़ा करेगा। लेकिन इसकी कीमत क्या होगी? घने वर्षावन कटेंगे।
तटीय पारिस्थितिकी तंत्र उजड़ेगा।
लाखोँ सालोँ से संरक्षित हैरिटेज बर्बाद।
पर्यावरणविद खुलकर विरोध कर रहे हैं पर उनकी आवाज़ कौन सुन रहा है?
शोम्पेन और निकोबारी जैसी बेहद संवेदनशील जनजातियाँ
जिनका अस्तित्व ही इस प्रकृति से जुड़ा हैँ, आज अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर खतरे में हैँ।
याद रखिए यह कोई सामान्य जमीन नहीं हैँ।यह भारत के सबसे संरक्षित क्षेत्रों में से एक हैँ
96 वाइल्डलाइफ सेंचुरी,
9 नेशनल पार्क,
1 बायोस्फियर रिजर्व।
यूनेस्को के “मैन एंड बायोस्फियर प्रोग्राम” में शामिल यह क्षेत्र
कोरल रीफ्स, मैंग्रोव्स और सैकड़ों दुर्लभ जीवों का घर हैँ।
लगभग 100 मरीन प्रोटेक्टेड एरिया यहाँ मौजूद हैँ।
कानून भी कम नहीं हैँ
वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972,
एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986,
कोस्टल रेगुलेशन जोन।
लेकिन जब इरादे ही काले हों… तो कानून कमजोर पड़ जाते हैँ।
90 हजार करोड़ का यह प्रोजेक्ट
20 लाख पेड़ों की बलि मांग रहा हैँ।
सोचिए
20 लाख पेड़!
जैव विविधता खत्म होगी,
प्राकृतिक संपदा उजड़ेगी,
और जो समुद्री तट आज निर्मल हैं वे कल गंदगी और कंक्रीट में बदल जाएंगे। और वहाँ के मूल आदिवासी ?
या तो “नक्सलवादी” घोषित कर दिए जाएंगे…या “घुसपैठिये” बताकर डिटेंशन सेंटरों में डाल दिए जाएंगे।
यानी साफ हैँ देश और दुनिया का सबसे संरक्षित द्वीप क्षेत्र
चंद धनपशुवों के लालच और हवस की भेंट चढ़ने जा रहा हैँ।
यह कोई नई कहानी नहीं हैँ।
“कॉर्पोरेट प्रोजेक्ट्स” के नाम पर
वन और पर्यावरण की बर्बादी का खेल पहले से जारी है।
अब अगला शिकार अंडमान-निकोबार हैँ।दो बेच रहे हैँ…
दो खरीद रहे हैँ…
और पूरा देश देख रहा हैँ
कि कैसे संसाधनों को
दो-तीन धनपशुओं के हवाले किया जा रहा हैँ।संवैधानिक संस्थाएँ?
सिस्टम?
कोर्ट?
सब “मैनेज” हैँ।
क्योंकि सच यह हैँ
दुनिया का सबसे गिरा हुआ देश भी
चंद सिक्कों के लिए अपनी अमूल्य धरोहर नहीं बेचता।
लेकिन यहाँ
अब खेल खुला हैँ।
चुनौती भी खुली हैँ
जो उखाड़ना है, उखाड़ लो।
और अगर यही चलता रहा
तो अगले 20 साल…
यही खेल चलता रहेगा...!!😐
@RahulGandhi@Dr_MonikaSingh_@garrywalia_@sakshijoshii@Rashmi22302711@AnumaVidisha@RuchiraC@maulinshah9@Iam_MKharaud@Kumarjyoti49291@GoIShadow@sudhirchaudhary@AMISHDEVGAN@anjanaomkashya@RubikaLiyaquat@chitraaum@RajatSharmaLive@AwasthiGyyan@PMNehru@RaGa4India@Raga3689@Pawankhera@SupriyaShrinate
इस आदमी ने राघव चड्ढा को पूरी तरह से expose कर दिया😂👇🏻
एक बार इस वीडियो को पूरा जरूर सुने ताकि आपको पता चले कि किस तरह algorithm को जारी किया जाए,
कैसे gen z , youth को इस propaganda में फंसाया गया और फिर इसे एक स्मार्ट मूव का नाम दे दिया गया।
#raghavchaddha
फेसबुक के बाद Molitics का इंस्टाग्राम अकाउंट भी सस्पेंड हो गया है। इस बात META ने कम्युनिटी स्टैंडर्ड्स का हवाला देते हुए सस्पेंड किया है अकाउंट।
तरीके अलग अलग हैं। मकसद एक है - आवाज़ों को चुप करवाना। इसी प्लेटफॉर्म पर कई वीडियो मिल जायेंगे जो निदा खान को HR हेड बता रहे हों, लेकिन कोई कार्रवाई झूठ के ख़िलाफ़ नहीं होगी। खैर ये एक उदाहरण है।
छोड़िए, इन्हें डराने का शौक है और हमें न डरने का ज़ौक!!!!
हो सके तो #restoremolitics के लिए बोलिए।
जब तक रिस्टोर न हो बैकअप अकाउंट फॉलो कर लीजिए।
यूट्यूब बचा हुआ है, उससे भी जुड़ सकते
11,000 लीटर दूध नर्मदा नदी में बहा दिया गया. नदी का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाएगा. लेकिन इतना भारी नुकसान पहुंचाने पर कोई गिरफ्तारी नही होगी, गिरफ्तारी केवल नदी में हड्डी फेंकने पर होती है.
आज UPSSSC ने कृषि विभाग में तकनीकी सहायक (AGTA) के 2759 पदों पर भर्ती निकाली है।
वर्गवार पद देखे तो
UR 1692 (61%)
OBC 573 (21%)
EWS 275 (10%)
SC 213 (8%)
ST 6 (0%)
अब आरक्षण के हिसाब से देखें तो
OBC को 745 (27%)
SC को 579 (21%)
ST को 55 (2%) मिलना चाहिए था लेकिन काफी कम सीट दी गई है!
केवल EWS को आरक्षण के हिसाब से exact सीट मिला है बस!
अब सवाल यही है कि नियम होने के बाद भी ये फर्क क्यों है ?
आज UPSSSC आयोग द्वारा कृषि विभाग में कृषि प्राविधिक सहायक (AGTA) के 2759 पद पर विज्ञापन जारी किया गया ,
जिसमें SC,ST,OBC के छात्रों के पदों पर डांका डाला गया पिछली 2024 की AGTA की भर्ती में भी इसी तरह PDA छात्रों के पदों को लुटा गया था ,
चलिए देखिए कितने पद किसको दिए गए ,
जनरल — 1692 (61%)
OBC — 573 (20%)
SC — 213 (7%)
ST — 06 (0%)
EWS — 275 (10%)
जबकि दिए जाने चाहिए।
OBC — 745 (27%)
SC — 413 (15%)
ST — 206 (7.5%)
EWS को छोड़कर हर वर्ग के लगभग 200 पद लूटे गए पिछली 2024 की AGTA 3446 पदों की भर्ती में भी इसी तरह का आरक्षण घोटाला देखने को मिला था।
आखिर कब तक OBC,SC,ST के बच्चों का हक मारा जाता रहेगा सभी छात्रों को इस पर बेबाक होकर आवाज उठानी होगी।
@yadavakhilesh@samajwadiparty@aashishsy@PriyaSarojMP@Pushpendra_MP_@spshahibjp@myogiadityanath@myogioffice
-कॉलेजियम सिस्टम के थ्रू जजों की भर्ती भी खुद करेंगे।
-ऊपरी अदालतों में 65 लाख केस बकाया होने के बावजूद साल में 170 दिन छुट्टी भी लेंगे।
-Judicial Accountability बिल को रोककर किसी तरह की जवाबदेही से बचेंगे।
-हायर ज्यूडिशरी के खिलाफ 10 सालों में मिली 8600 शिकायतों में किसी एक पर भी कार्रवाई नहीं करेंगे।
-जज के घर से करोड़ों रुपए मिलने के बावजूद उसे काम से भी नहीं रोकेंगे।
-आज़ादी के 70 साल बाद खुद को मिलोर्ड भी कहलवाएंगे।
-ठाठ-बाठ ऐसे कि इनके सामने पुराने ज़माने के राजा भी जेबकतरे लगते हैं।
-बावजूद इसके ठसक ऐसी कि बदचलन होने के बावजूद आप न्यायिक व्यवस्था की इस पवित्र गाय को कुछ कह नहीं सकते,
वरना ये पागल सांड की तरह मारने दौड़ती है।
#NCERT #NCERTControversy #SupremeCourt
अलंकार अग्निहोत्री वाराणसी जाकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया.
SC-ST एक्ट के खिलाफ देशभर में आंदोलन चलाने का ऐलान किया है.
अग्निहोत्री ने अगर 6 फरवरी तक सरकार यह कानून वापस नहीं लेती, तो 7 फरवरी से दिल्ली कूच किया जाएगा.
बहुजन युवाओं के सामने एक बात साफ हो गयी है की
OBC आरक्षण का दुश्मन अब्दुल नही है.
UGC नियमों का दुश्मन अब्दुल नही है.
SC-ST एक्ट का दुश्मन अब्दुल नही है.
जब सब आरक्षण विरोधी, UGC एक्ट और SC-ST एक्ट विरोधी एक हो सकते हैं. तो हम लोग एक क्यों नही हो सकते. OBC SC ST एकता जिंदाबाद. मित्रों, इस हैशटैग को टॉप ट्रेंड करें.
#UGC_लागू_करो
#UGC_बहाल_करो
#We_support_UGC_Act
आज हम हार गए हैं। भारत, अमेरिकी दबाव में बरसों से चल रही चाबहार पोर्ट परियोजना से बाहर हो गया है। अमेरिकी डर से अधिकारियों को वापस बुला लिया गया है और इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड की वेबसाइट बंद कर दी गई है।
बाकी देश में सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है। पतंग उड़ रही है, चुनाव जीते जा रहे हैं मुस्लिमों के स्कूल कॉलेज बंद हो रहे। अब मध्य एशिया में जाने के लिए पाकिस्तान हमारी मजबूरी होगा। गजब यह कि हमने ईरान को 120 मिलियन डॉलर दे भी दिया है।
समाजवादी पार्टी के करीब 1.5 लाख BLA हैं, कांग्रेस के 94 हजार हैं, आज उसके बावजूद 100 वोट भी नहीं जुड़ा है,
वहीं बीजेपी ने 1000 से ज्यादा फॉर्म भरवा दिए।
ध्यान दें @samajwadiparty@INCIndia
क्योंकि एक दिन मुसलमान आकर मार देंगे इसलिए चुपचाप रोज़:
सीवर का पानी पीकर मरेंगे
नकली कफ़ सीरप पीकर मरेंगे
पॉल्यूशन में सांस लेकर मरेंगे
कुंभ की भीड़ में कुचल कर मरेंगे
रेलवे स्टेशनों की भगदड़ में मरेंगे
हर महीने ट्रेन हादसों में मरेंगे
हवाई जहाज़ों के गिरने से मरेंगे
हर दिन पुल गिरने से मरेंगे
पहलगाम-पुलवामा में मरेंगे
कोरोना में पैदल चल-चलकर मरेंगे
नोटबंदी की लाइन में लग-लगकर मरेंगे
जैसे भी ये मारेंगे, वैसे मरेंगे...क्योंकि....
क्या इसी के साथ OBC आरक्षण की समाप्ति माना जाए..?
उत्तर प्रदेश में आने वाली लगभग हर बहाली में OBC के साथ लगातार आरक्षण की हक़मारी हो रही है।
2027 में यूपी में अखिलेश यादव जी की सरकार बनाइए नहीं तो आपके पास कुछ भी नहीं बचेगा.