जम्मू-कश्मीर से दर्दनाक खबर सामने आ रही है
- वीरगति को प्राप्त हुए सेना के 10 जवान
- डोडा में खाई में गिरी जवानों को ले जा रही गाड़ी
- 10 जवानों की गई जान, 7 गंभीर रूप से घायल
प्रभु, हमारे इन जवानों को अपने श्रीचरणों में स्थान देना
ॐ शांतिः शांतिः शांतिः
#अरावली: गुजरात का सुरक्षा कवच या मरुस्थल की ओर बढ़ता विनाश ?
अरावली केवल पत्थरों का ढेर या पहाड़ियों की एक श्रृंखला नहीं है; यह गुजरात और उत्तर भारत की वह "प्राकृतिक दीवार" है, जिसने करोड़ों वर्षों से हमें मरुस्थलीकरण और विनाशकारी हवाओं से बचाया है। लेकिन आज, विकास की अंधी दौड़ और 100 मीटर की घातक परिभाषा ने इस प्राचीन विरासत को मरणशैया पर ला खड़ा किया है।
🛑पर्यावरणीय सर्जिकल स्ट्राइक: १०० मीटर की परिभाषा का छलावा
हालिया कानूनी और प्रशासनिक गलियारों में अरावली को परिभाषित करने के लिए '100 मीटर' का पैमाना तय किया गया है। यह तर्क पूरी तरह से अवैज्ञानिक है।
📌तर्क: अरावली का 90% हिस्सा कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों से बना है। यदि हम केवल 100 मीटर से ऊँचे पहाड़ों को अरावली मानेंगे, तो इसका मतलब है कि हमने खनन माफ़ियाओं को 90% पहाड़ियों को मलबे में बदलने का 'लाइसेंस' दे दिया है।
📌तथ्य: पारिस्थितिकी (Ecology) में पहाड़ की महत्ता उसकी ऊँचाई से नहीं, बल्कि उसकी जैव-विविधता और जल-पुनर्भरण (Water Recharge) क्षमता से होती है।
🛑गुजरात के संदर्भ में खतरा: रेंत का सैलाब और प्यासी धरती
गुजरात के बनासकांठा, साबरकांठा और अरावली जिले इस पर्वतमाला के प्रवेश द्वार हैं।
📌मरुस्थलीकरण (Desertification): अरावली वह अवरोधक है जो थार के रेगिस्तान को मध्य गुजरात और उत्तर भारत की ओर बढ़ने से रोकता है। यदि ये पहाड़ियाँ समतल हो गईं, तो बनासकांठा और पाटन के उपजाऊ खेत कुछ ही दशकों में धूल के मैदान बन जाएंगे।
📌जल संकट: अरावली गुजरात के लिए 'वाटर टावर' है। साबरमती और बनास जैसी नदियों का उद्गम और पोषण इन्हीं पहाड़ियों से होता है। पहाड़ों के कटने का अर्थ है—भूजल स्तर का पाताल में चले जाना।
🙏🏻हमारी संस्कृति में पहाड़ पूजनीय हैं।🙏🏻
जिस आरासुर की पहाड़ियों पर माँ अंबा का वास है, जिस ईडर के गढ़ ने हमारी वीरता की गाथाएँ लिखी हैं, आज उन पहाड़ियों की छाती को जेसीबी (JCB) से छलनी किया जा रहा है।
📌क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी को विरासत में केवल खोखली खदानें और जहरीली हवा देकर जाएंगे ?❓ अमृता देवी बिश्नोई ने पेड़ों के लिए बलिदान दिया था, आज हमें उन पहाड़ों के लिए खड़ा होना होगा जो उन पेड़ों को थामे हुए हैं।
👇🏻विकास बनाम विनाश
कहा जाता है कि सड़कें और अस्पताल बनाने के लिए पत्थर चाहिए। लेकिन सवाल यह है:
❓"यदि हवा में ऑक्सीजन नहीं होगी और जमीन में पानी नहीं होगा, तो उन शानदार सड़कों पर चलकर हम किस अस्पताल में अपनी जान बचाएंगे?"
❓सरकार को यह समझना होगा कि अरावली 'इको-सेन्सिटिव ज़ोन' है, कोई व्यावसायिक वस्तु नहीं। विशेषज्ञों की राय और पर्यावरणीय रिपोर्ट स्पष्ट कहती हैं कि अरावली की दीवार टूटी तो उत्तर भारत का तापमान 5 से 7 डिग्री बढ़ जाएगा।
अरावली का अंत, हमारी सभ्यता के अंत की शुरुआत होगी। हमें सरकार से स्पष्ट शब्दों में मांग करनी होगी:
👉🏻अरावली की परिभाषा ऊँचाई के आधार पर नहीं, बल्कि भूगर्भीय संरचना के आधार पर तय हो।
👉🏻समस्त अरावली श्रृंखला को 'नो-माइनिंग ज़ोन' घोषित किया जाए।
👉🏻खनन माफ़ियाओं और भ्रष्ट तंत्र की सांठगांठ पर कड़ा प्रहार हो।
अंतिम शब्द: "पहाड़ चुप हैं, लेकिन उनका मौन किसी बड़े तूफान की आहट है। प्रकृति जब अपना हिसाब मांगती है, तो कोई भी तिजोरी उसे चुका नहीं पाती। अरावली बचाइये, अपना अस्तित्व बचाइये!"
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જાહેરાત ક્રમાંકઃGPRB/202324/1 અન્વયે લોકરક્ષક કેડરની સમગ્ર ભરતી પ્રક્રિયા પારદર્શક અને નિષ્પક્ષ રીતે પૂર્ણ કરી, લોકરક્ષક કેડરનું આખરી પરીણામ આજ તા.૧૨-૧૨-૨૦૨૫ના રોજ મુખ્ય સચિવશ્રી, ગુજરાત રાજય તથા પોલીસ મહાનિદેશક અને મુખ્ય પોલીસ અધિકારીશ્રી, ગુજરાત રાજયનાઓને સુપ્રત કરેલ છે.
જાહેરાત ક્રમાંકઃ GPRB/202324/1 અન્વયે લોકરક્ષક કેડરની ભરતી પ્રક્રિયામાંથી જે ઉમેદવારોએ પોતાની ઉમેદવારી પરત ખેંચેલ (Withdraw Candidature / OPT Out) છે તેવા ઉમેદવારોની યાદી ભરતી બોર્ડની વેબસાઇટ ઉપર મુકવામાં આવેલ છે.
ગુજરાત પોલીસ ભરતીને લઈ મોટા સમાચાર
PSIની 858 અને LRDની 12733 જગ્યા પર ભરતી
જાન્યુઆરીના ત્રીજા સપ્તાહમાં લેવાશે શારીરિક પરીક્ષા
પોલીસ ભરતી બોર્ડે સો.મીડિયા પર પોસ્ટ કરી આપી જાણકારી
તા.૦૨/૧૨/૨૦૨૫ નારોજ લોકરક્ષક કેડરના હંગામી પરીણામની સુચનાઓમાં બિન હથિયારી પોલીસ કોન્સ્ટેબલ કટઓફની વિગતોમાં SEBC અને ST મહિલા કટઓફમાં ટાઇપીંગ ભુલ હોવાથી સુધારીને વેબસાઇટ ઉપર મુકવામાં આવેલ છે.
#પોલીસની દોડ જાન્યુઆરી, ફેબ્રુઆરીમાં આવી જ જશે એવું #એકેડેમીઓ વાળા કહે છે. ઉમેદવારો કરતાં એમને વધારે ઉતાવળ છે કેમ કે એમના Course રાહ જોઈને બેઠાં છે.
સરકારે કે ભરતી બોર્ડએ હજુ એ બાબતે કંઇપણ કીધું નથી. મને લાગે ત્યાં સુધી 1,2 બીજા મહિનામાં નહીં લેવાય. (વધારે ચિંતા કરવાની જરૂર નથી)
कल शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी के मन को व्यथित किया है। मैं पीड़ित परिवारों का दुख समझता हूं। पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
मैं हर किसी को आश्वस्त करता हूं कि हमारी जांच एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी। जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा।
कुछ लोग हे जो हमें डराने की कोशिश कर रहे
जो नहीं चाहते देश में अमन और शांति बनी रहे
थोड़ा सब्र करो इसके पीछे जो भी हे उसे हमारी
फोर्स पाताल से भी ढूंढ निकालेगी
कोई भी भ्रम न फैलाए शांति रखे हम सब एक हे
विश्व में हमारी एकता को कोई नहीं तोड़ सकता
जयहिंद जय भारत 🇮🇳