@parvezahmadj शायर कहना चाह रहा है …
पीडीए बहुत मज़बूत है अर्थात धार्मिक आस्था से इसे नुक़सान पहुचाने की कोशिश किया जाएगा,लेकिन बीच में एक “अगर”लगा कर शायर ने भी अपनी निष्पक्ष इमेज को बरकार रखने की कोशिश किया हुआ है !!
Arvind Kumar, a resident of Uttar Pradesh, secretly recorded a video from inside his car of a Muslim female student who was standing by the roadside waiting for her vehicle or guardian, without her knowledge. After this, he posted three video clips of that student on his Instagram account @/arvindmaurya7989 by adding obscene Bhojpuri songs in the background.
This is not only a violation of her privacy, but this behavior also raises serious concerns related to stalking (following/monitoring). Additionally, it is also a serious matter for her safety and dignity.
@Nargis_Bano78 जो फोटो आप ने डाला है उसमे में तो बटर नान दिख रही है,आपकी स्टोरी में लच्छा पराठा लिखा हुआ है तो ढाबे वाले ने लच्छा पराठा का चार्ज तो नहीं किया हुआ है ?
ये मोहम्मद इरफ़ान ह��ं, इन्हें औपचारिक शिक्षा नहीं मिली।
दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती में रहते हैं, ये भी जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का हिस्सा थे लेकिन लोगों तक इनकी आवाज़ शायद पहुंच नहीं सकी,
लोकतंत्र पर इनकी बात एक बार ज़रूर सुनिए।
Warning to every Muslim parent and GenZ girls:
Interfaith "romance" is a death trap. Liberals glorify it, Bollywood sells it, but our sisters pay with their lives.
Insharah Ayyubi,
a young Muslim girl full of dreams and faith, was lured into a dangerous relationship with Hindu boy Shresth.
Police recovered her rotting body, stabbed multiple times, dumped like garbage inside Shresth’s room.
How many more Muslim girls will be sacrificed on the altar of interfaith fantasies pushed by liberals? #IndianMuslims
नज़रबंदी, ख़ौफ़ और बेबसी... क्या सोशल मीडिया पर बैठकर फतवे देने वाले आयुष मलिक का दर्द समझ पाएंगे? 💔
वही हुआ जिसकी उम्मीद थी! दूर बैठकर सिक्के का एक पहलू देखना और अपनी राय का रायता फैलाना बहुत आसान होता है, लेकिन उन कड़वे हालातों को जीना बेहद मुश्किल।
कल तक जो लोग आयुष मलिक के ईमान पर 'माशा अल्लाह' और 'सुब्हान अल्लाह' की सदाएं बुलंद कर रहे थे, आज वही लोग उन पर उंगलियां उठा रहे हैं, उन्हें बुरा-भला कह रहे हैं। आख़िर किस हक़ से?
तमाशा देखने वालों, ज़रा ये भी सोचो:
जब आयुष मलिक मुश्किलात के भंवर में फंसे थे, तब क्या कोई एक भी अल्लाह का बंदा उनके हक में खड़ा ह���आ था?
वह कल भी तन्हा थे और आज भी भारी मुश्किल में हैं। 8 जून के बाद से उनका कोई अता-पता या सार्वजनिक बयान नहीं आया है।
जब बीबीसी की टीम पहुंची, तो वह पुलिस के साए में अपने ही घर में नज़रबंद थे। वीडियो साफ गवाह है ��ि खौफ के मारे उनकी ज़ुबान उनका साथ नहीं दे रही।
धर्म बदलने के बाद से वह अपनी बहन के घर हैं, मीडिया के सामने आने की हालत में ही नहीं हैं। मां-बाप के साथ आई उनकी तस्वीर चीख-चीख कर उनके हालात की बेबसी बयां कर रही है।
मसला बेहद संगीन और गहरा है। बस उस परवरदिगार से यही दुआ है कि वह उनके लिए आसानी का मामला फरमाए।
मैं आज भी पूरे दावे के साथ कहता हूँ कि आयुष मलिक का ईमान उन तमाशबीन लोगों से कहीं बड़ा है ��ो सोशल मीडिया पर बैठकर सिर्फ बकवास करना जानते हैं।
बाकी इंसान सिर्फ चेहरे देखता है, दिलों के हाल अल्लाह जानता है । इतना काफी है।
दिल्ली के त्रिलो��पुरी में 70 वर्षीय दृष्टिहीन और मानसिक रूप से अस्वस्थ मुस्लिम महिला के साथ दरिंदगी की गई। आरोप है कि विष्णु उर्फ विक्की ने पहले उसके सिर पर पत्थर से हमला किया और फिर दुष्कर्म किया।
संस्कारी धर्म का है तो दुनियाँ खतरे में नहीं आयेगी।