वो शहर दर शहर घूमता रहा प्रेम की तलाश में
कभी शाम बना तो कभी सुबह तो कभी दोपहरी
की तपती लू बना।
अंततः प्रेम में पागल हो उसने प्रेम त्याग दिया
जोगी बन गया....
बावरा पतझड़!
#छोटा_दरवाजा
काजल भरी डिबिया को
ज्यों ही आँख में उंडेला
श्रृंगार पूरा हुआ
मन परिजात हुआ
मन की देहरी पर
कमल पुष्प का
आगाज़ हुआ।
पर!
श्रृंगार तो पूरा हुआ
प्रेमी के विरह में
प्रेमिका का काजल
फिर उसके गाल पर बहा
और श्रृंगार फिर अधूरा रहा।
#छोटा_दरवाज़ा#काजल
एक-दूसरे के पहलू में बैठे दो लोग.. अक्सर कहते हैं "तुमसे अलग होकर मर जाऊँगा..
पर विडंबना देखो..अलग होकर दोनों जीवन चुन लेते हैं.. और प्रेम मृत्यु चुन लेता है...!!!
💙
सुनो प्रिये वैदेही :)🌹
हृदय की अनंत व्याकुलता
और मेरे मौन अनुराग
के मध्य ,
तुम उस परम सत्ता
की अनुपम
अनुभूति बन ,
समा गई हो मेरी
सांसों के
अंतिम प्रमाण पर :)
जैसे किसी लहर
को सदियों
पश्चात , उसके
वास्तविक
तट का संबल मिल
गया हो ,
हाँ! स्वीकार
कर लो ,
मुझे स्वयं के इस
ही पूर्ण
स्वामित्व के साथ :)
मेरा हृदय सदा सर्वदा
के लिए ,
तुम्हें ही समर्पित
रहेगा ,
तुम मेरा अंतिम नहीं
अनंत ,
प्रेम.. हो मेरी वैदेही :)🌹 ~💙
~छुअन
❤️💛❤️
💙
केवल इतना ही
प्रयत्न रहता ,
के हर उस सुन्दर
शब्द का
प्रयोग करूं ,
जो तुम्हें परिभाषित
कर पाए ,
मगर सदा असफल
ही रहा
हूं प्रिये ~:)
सुनो ~:)
मेरी आँखों से
स्वयं को देखो , तो
अनुभव होगा
के इस अनुपम
रूप-सौंदर्य को
परिभाषित
करने जैसा कुछ
भी नहीं ब्रह्मांड मे :)🔥 ~💙
~छुअन
लड़के मंदिर तभी जाते हैं जब कोरे काग़ज़-सी उनकी जिंदगी में ऐसा कोई आता है जिसकी मौजूदगी को वो अपनी माँ के बाद सर्वाधिक शिद्दत से महसूस करते हैं।पर शायद यहीं ग़लती हो जाती है।जो लड़का कभी कृष्ण सरीखा चंचल था,वो यकायक थम जाता है, स्थिर हो जाता है,अचानक से अटक जाता है