नहीं कि तेरे इशारे नहीं समझता हूँ
समझ तो लेता हूँ सारे नहीं समझता हूँ
कहीं कहीं मुझे अपनी ख़बर नहीं मिलती
कहीं कहीं तिरे बारे नहीं समझता हूँ
कभी तो होता है मेरी समझ से बाहर ही
कभी मैं शर्म के मारे नहीं समझता हूँ,
ज़फ़र इक़बाल 🌻
મોર્નિંગ મ્યુસિંગ્સ:
ઈમોશનલ એડિક્શન શબ્દ સાંભળ્યો છે? ગુજરાતીમાં એને લાગણીવેડા, વેવલા�� કે પોમલાવેડા કહે છે, પણ એ શુદ્ધ અર્થમાં લાગણીઓના વ્યસનને ચિત્રિત નથી કરતા. ઈમોશનલ એડિક્શન એટલે જેમાં કોર્ટિસોલ (cortisol), એડ્રેનાલિન (adrenaline) અને હાર્ટ બીટ, બ્લડ પ્રેશર, બ્લડ સુગર (નીચે)
यह जानकर आपको हैरानी होगी कि,
देश का सबसे पुराना पेंडिंग केस असल में उस कोर्ट से भी पुराना है, जिस कोर्ट में उस केस की सुनवाई चल रही हैं। नैशनल जूडिशल डेटा ग्रिड के मुताबिक कलकत्ता हाई कोर्ट का केस नंबर AST/1/1800 ��ेश का सबसे पुराना पेंडिंग केस है। 218 साल पुराना यह केस साल 1800 में रजिस्टर्ड किया गया था। जबकि, कलकत्ता हाईकोर्ट की स्थापना वर्ष 1862 में हुई थी। इस केस में आखिरी सुनवाई 20 नवंबर 2018 को हुई थी।