सरकार को तत्काल छात्रों की ये 5 मांगे माननी चाहिए।
1️⃣ Railway Calendar जारी हो।
2️⃣ Group D Vacancy बढ़ाई जाए।
3️⃣ CCAA प्रशिक्षुओं का समायोजन हो।
4️⃣ Exam Centre पास में दिया जाए।
5️⃣ धांधली पर सख़्त कार्रवाई हो।
#Railway_Reform#GuruPurnima2025@AshwiniVaishnaw@HansrajMeena
रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी कहा है 2025 का कैलेंडर , कहा है RRB JE , NTPC , GROUP D 2025 का notification , कब आएगा ,और कब परीक्षा होगी , कब रिजल्ट जारी होगा ,पंचवर्षीय योजना बना के रख दिया RRB को ।
#Railway_Reform@HansrajMeena@adity
रेलवे में लाखों पद ख़ाली है बहुत सारी ख़ामिया है इनको दुरुस्त करे..छात्रो की माँगे जायज़ है #रेलमंत्री जी इनकें के साथ न्याय करे।
1️⃣ Railway Calendar जारी हो
2️⃣ Group D Vacancy बढ़ाई जाए
3️⃣ CCAA छात्रों का समायोजन
4️⃣ Exam Centre पास में दिया जाए
#Railway_Reform#AshwiniVaishnaw
जब देश की रीढ़ — बिजली और रेल — पर निजीकरण का साया मंडराए, तो चुप रहना भी अपराध है।
कॉ. शिवगोपाल मिश्रा ने स्पष्ट रुप से कहा कि बिजली हो या रेल — देश की सेवा का सौदा नहीं होने दिया जायेगा और जिस दिन बिजली बिकेगी, उसी दिन कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेलें भी खड़ी हो जाएंगी। उनकी यह घोषणा जैसे ही सभागार में गूंजी, पूरा हॉल "कॉमरेड शिवगोपाल मिश्रा ज़िंदाबाद" के नारों से गूंज उठा।
लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी के अंबेडकर सभागार में आयोजित विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश की महापंचायत में दीप प्रज्वलन के साथ संघर्ष का स्पष्ट संदेश देते हुए कॉ. शिवगोपाल मिश्रा ने दो टूक कहा कि जनसेवा बिकाऊ नहीं है और बिजली हो या रेल — ज़रूरत है जनहित की, न कि मुनाफाखोरी की।
निजीकरण के खिलाफ उत्तर प्रदेश के आंदोलनरत बिजली कर्मचारियों को पूरा समर्थन देते हुए कॉ. शिवगोपाल मिश्रा ने साफ कहा कि हम कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ खड़े हैं। यह केवल विरोध नहीं, ये देश के भविष्य के लिए निर्णायक संघर्ष है और हर कर्मचारी की अब एक ही बुलंद आवाज़ है — जनसेवा किसी कीमत पर निजी हाथों में नहीं जाने दी जाएगी।
#RailMinIndia #tradeunions #tradeunion #indian #ITF #NRMU #AIRF @RailMinIndia@RailwayNorthern@MinOfPower@IR_CRB
CEN-08/2024 में RRB ने CCAA की संख्या 131420 टेंटटीव डाटा दिखाया जबकि NSDC के अनुसार 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2025 से 40750 कुल अप्रेंटिस है। जिसमे से कुछ ग्रुप-डी 2019 में भी सिलेक्ट हो चुके है। CEN-08/2024 में इतने अधिक CCAA का डेटा में बहुत बड़ी संख्या में नॉन-रेलवे CCAA है।
सर पुराने रेल अपरेंटिस के लिए आप ही कुछ कर सकते है पर आप हमारे बारे क्यों नहीं सोच रहे है AIRF रेल्वे का सबसे बड़ा संगठन है जो कर्मचारी पर अपरेंटिस पर हो रहे अन्नय पर जोर दार आंदोलन कर हक दिलाकर रहता था अपरेंटिस हित का निर्णय ले सर आपका सदा आभारी रहेंगे अपरेंटिस 🙏🏻🚩old APRENTICE
2018 अपरेंटिस का 20% सीट 12000 हजार पास सिर्फ 1288 CCAA क्वालीफाई हुवे बाद मैं/2019 की बहाली आई 20734 पोस्ट CCAA पास सिर्फ 10000 हुवे बाकि का कोटा हर भर्ती मैं open जा रहा है अपरेंटिस के आखरी प्रशिक्षु तक इस नीति का फायदा नहीं हो रहा दोनों भर्ती का भरते तो हम बेरोजगार नहीं रहते
UPA सरकार में रेल अप्रेंटिस को स्थाई नौकरी के लिये रेलवे में समायोजित कर लिया जाता था। आज NDA सरकार में रेल अप्रेंटिस की स्थाई नौकरी खत्म कर दी गई है। डबल स्किल रेल अप्रेंटिस को बेरोजगारी के दलदल धकेलने का काम NDA और रेलवे बोर्ड कर रहा है।
@AshwiniVaishnaw@BJP4India@AmitShah
आदरणीय महामंत्री श्री @ShivaGopalMish1 जी सभी पुराने CCAA का 20% कोटा भर दीजिए CEN 01/2019 मैं जो दिया गया था इस काम को सिर्फ AIRF ही कर सकता है और जायज भी है 2 वर्ष कड़ी मेहनत से ट्रैंनिंग किया हु 12 साल से देहाड़ी मजदूरी कर रहा हु आप ही सोचो हमारे हालात कैसे सुदरेंगे 🙏🏻