"वो लोग भी भूल कर रहे हैं जो टर्की या काबुल, मक्का या जेद्दा का स्वप्न देखते हैं, क्योंकि वे उनकी जन्मभूमि नहीं और इससे कुछ भी कटुता न समझी जानी चाहिए यदि हम ये कहें कि उनकी कब्रें इसी देश में बनेंगी और उनके मर्सिए इसी देश में गाए जाएंगे।" ~ प्रताप #RememberingVidyarthiji
"कुछ लोग हिन्दू राष्ट्र चिल्लाते हैं। हमें क्षमा किया जाए, यदि हम कहें नहीं, हम इस बात पर ज़ोर दें कि वे एक बड़ी भारी भूल कर रहे हैं और उन्होंने अभी तक राष्ट्र शब्द के अर्थ ही नहीं समझे।"
~ प्रताप (राष्ट्रीयता शीर्षक से अग्रलेख)
#RememberingVidyarthiji
"No pact will bind our hearts. But heroism such as Ganesh Shankar Vidyarthi showed is bound in the end to melt the stoniest hearts, melt them into one." ~ Mahatma Gandhi (Young India) #RememberingVidyarthiji
"शान से वे जिए और शान से वे मरे, और मरकर भी उन्होंने जो सबक सिखाया वह हम बरसों ज़िंदा रहकर भी क्या सिखा पाएंगे" ~ पंडित जवाहरलाल नेहरू जी
#RememberingVidyarthiji
"शान से वे जिए और शान से वे मरे, और मरकर भी उन्होंने जो सबक सिखाया वह हम बरसों ज़िंदा रहकर भी क्या सिखा पाएंगे" ~ पंडित जवाहरलाल नेहरू जी
#RememberingVidyarthiji
1930 का वक्त था कानपुर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे, लोग मजहब के नाम पर एक-दूसरे को मार रहे थे। ऐसे मौके पर गणेश शंकर विद्यार्थी से रहा न गया और वो निहत्थे निकल पड़े दंगे रोकने। कई जगह पर वो कामयाब रहे पर कुछ देर में वो दंगाइयों की भीड़ में फस गए। #RememberingVidyarthiji
"राजा और प्रजा में, एक जाति और दूसरी जाति में, एक संस्था और दूसरी संस्था में बैर और विरोध, अशान्ति और असंतोष न होने देना हम अपना परम कर्तव्य समझेंगे।"
~ गणेश शंकर विद्यार्थी जी (प्रताप) #RememberingVidyarthiji
"वो लोग भी भूल कर रहे हैं जो टर्की या काबुल, मक्का या जेद्दा का स्वप्न देखते हैं, क्योंकि वे उनकी जन्मभूमि नहीं और इससे कुछ भी कटुता न समझी जानी चाहिए यदि हम ये कहें कि उनकी कब्रें इसी देश में बनेंगी और उनके मर्सिए इसी देश में गाए जाएंगे।" ~ प्रताप #RememberingVidyarthiji
9/11/1913 को गणेश शंकर विद्यार्थी, शिव नारायण मिश्र, नारायण प्रसाद अरोड़ा और यशोदा नंदन जी के सहयोग ये साप्ताहिक 'प्रताप' की नींव पड़ी। प्रताप इतना क्रांतिकारी था कि शुरू के 18 वर्षों में लगभग 45 हज़ार रुपये गणेशजी और प्रताप को ज़मानत के रूप में भरने पड़े। #RememberingVidyarthiji
प्रताप में गणेश शंकर विद्यार्थी जी के अधिकांश लेख काल्पनिक नाम से प्रकाशित होते थे। उनका मानना था कि पत्र अथवा पत्रिका में संपादक के नाम का उल्लेख एक बार से अधिक नहीं होना चाहिए, ऐसे थे हमारे निस्वार्थ विद्यार्थी जी। #RememberingVidyarthiji
"राजा और प्रजा में, एक जाति और दूसरी जाति में, एक संस्था और दूसरी संस्था में बैर और विरोध, अशान्ति और असंतोष न होने देना हम अपना परम कर्तव्य समझेंगे।"
~ गणेश शंकर विद्यार्थी जी (प्रताप) #RememberingVidyarthiji
सांप्रदायिक सद्भावना के प्रतीक, क्रांतिकारी अख़बार प्रताप के संपादक, कानपुर की शान, निष्पक्ष - ईमानदार पत्रकारिता का अभिमान, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष, श्री गणेश शंकर विद्यार्थी जी हमारे लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगे। #RememberingVidyarthiji
"इतिहास सोते हुए मनुष्य को जगा सकता है, जागे हुए को पैरों पर खड़ा कर सकता है और खड़े हुए की नसों में ख़ून दौड़ा सकता है"
~ गणेश शंकर विद्यार्थी जी
(हमारी आत्मोत्सर्गता) #RememberingVidyarthiji
गणेश जी में ज्ञान हासिल करने की असीमित भूख थी, उसमें उन्होंने कभी कमी नहीं आने दी, इसी कारण बहुत सोच विचार करके उन्होंने अपना उपनाम विद्यार्थी चुना, वह आजीवन विद्यार्थी बने रहना चाहते थे। #RememberingVidyarthiji
"इतिहास सोते हुए मनुष्य को जगा सकता है, जागे हुए को पैरों पर खड़ा कर सकता है और खड़े हुए की नसों में ख़ून दौड़ा सकता है"
~ गणेश शंकर विद्यार्थी जी
(हमारी आत्मोत्सर्गता) #RememberingVidyarthiji
Mahatma Gandhi paid him the following tribute in the pages of 'Young India'. "The death of Ganesh Shankar Vidyarthi was one to be envied by us all. His blood is the cement that will ultimately bind the two communities" #RememberingVidyarthiji
दंगाई, गणेश शंकर विद्यार्थी जी को पहचानते नहीं थे, विद्यार्थी जी की बहुत खोज हुई, पर वो मिले नहीं, आखिर में उनकी लाश एक अस्पताल की लाशों के ढेर में मिली। लाश इतनी फूल गई थी कि उसको लोग पहचान भी नहीं पा रहे थे। #RememberingVidyarthiji
भारतीय स्वाधीनता आन्दोलन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष श्री गणेश शंकर विद्यार्थी जी को उनकी जयंती पर हम शत शत नमन करते हैं। #RememberingVidyarthiji
महात्मा गांधीजी ने प्रताप के संयुक्त संपादक को तार भेजा — "कलेजा फट रहा है तो भी गणेश शंकर की इतनी शानदार मृत्यु के लिए शोक संदेश नहीं दूंगा। उनका परिवार शोक संदेश नहीं बढ़ाई का पात्र है। इसकी मिसाल अनुकरणीय सिद्ध हो"। #RememberingVidyarthiji