🚨 फौजी पिता देश की रक्षा करे और बेटी उसी विचारधारा के साथ खड़ी हो, जिस पर सेना-विरोध के आरोप लगते हों—सवाल तो उठेंगे!
नेहा वोरा की विचारधारा और उसके समर्थन में खड़े विपक्ष से सीधा सवाल—क्या देशहित से ऊपर आपकी विचारधारा है?
दावा है कि फौजी पिता ने बेटी से 10 साल से बात नहीं की। कथित तौर पर उनका दर्द था— “हमारे लोग मारे जाते हैं, तुम्हारे लोग मारते हैं।”
💥 एक पिता सीमा पर देश के जवानों के लिए जान की बाज़ी लगाता है, तो दूसरी तरफ उसी घर में ऐसी वैचारिक खाई पैदा हो जाए—यह सिर्फ पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि गंभीर वैचारिक टकराव है!
देश की सुरक्षा पर सवाल उठाने वालों से सवाल करना लोकतंत्र है, लेकिन सेना के बलिदान को नज़रअंदाज़ करना कैसी राजनीति है?
विपक्ष बताए—राष्ट्रहित पहले या राजनीतिक विचारधारा?
@BJP4India@INCIndia@narendramodi@myogiadityanath
#देशहित_सर्वोपरि #भारतीयसेना #राष्ट्रवाद #देशभक्ति #IndiaFirst #सेना_का_सम्मान
2027 का चुनाव केवल कुर्सी का नहीं, हर परिवार की सुरक्षा और सम्मान का चुनाव है। अखिलेश यादव की संभावित जीत के बाद उत्तर प्रदेश किस राह पर जाएगा जनता तय करेगी।
राजकोट सिविल अस्पताल में बुजुर्ग महिला खुद स्ट्रेचर खींचकर मरीज को ले जाती दिखी। इस घटना ने अस्पताल में मरीजों की मदद और बुनियादी सुविधाओं पर सवाल खड़े किए हैं।
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#Rajkot#GujaratNews#CivilHospital#ViralVideo
अपने धर्म की कहानियां सुनो तो आंख बंद करके मान लेते हैं, दूसरे धर्म की कहानियां सुनो तो हंसने लगते हैं!
या तो सारे धर्मों की बातें मानो या फिर किसी की मत मानो!
🚨 रिपोस्ट और शेयर रूकना नहीं चाहिए 🖐️
जीसन हुसैन ( गोरखपुर, उत्तरप्रदेश) द्वारा सोशल मीडिया पे हिंदू देवी देवताओं के प्रति आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किया जा रहा है।
@gorakhpurpolice जल्द से जल्द कठोरतम कार्रवाई करें।
@AdgGkr@adgzonegkr@dgpup@Rajeevkrishna69 diggorakhpur
🚨 @DM_PRAYAGRAJ गरीबों के रास्ते पर कब्जा! #जाँच_में_पुष्टि के बावजूद लेखपाल की विरोधाभासी आख्या से शिकायतों का फर्जी निस्तारण
#सोरांव_तहसील के ग्राम रामनगर गंसियारी (गाटा संख्या 1121 क, रकबा 0.150 हेक्टेयर) में #पुरानी_परती /#ग्रामसभा भूमि पर #अतिक्रमण हो चुका है, जिससे लगभग 10-12 गरीब परिवारों का आवागमन पूरी तरह बाधित है।
#नायब #तहसीलदार की पूर्व जाँच (संदर्भ संख्या: 20017525027239) में आवासीय कब्जे और आवागमन बाधित होने की स्थिति की स्पष्ट पुष्टि हो चुकी थी। इसके बावजूद बाद की 5-6 शिकायतों में एक ही लेखपाल ने बिना उचित स्थानीय निरीक्षण के विरोधाभासी आख्याएँ लगाकर शिकायतों का निस्तारण कर दिया।
मांगें:
1. स्वतंत्र उच्चस्तरीय जाँच (वरिष्ठ राजस्व अधिकारी से) कराई जाए।
2. आरोप प्रमाणित होने पर लेखपाल पर निलंबन सहित कठोर #विभागीय व विधिक कार्रवाई हो।
3. मौके पर पुनः #पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाया जाए और प्रभावित परिवारों का रास्ता तत्काल बहाल किया जाए।
4. यह भी जाँच हो कि #विरोधाभासी_रिपोर्टें वास्तविक निरीक्षण के बाद तैयार की गई थीं या नहीं।
गरीबों के आवागमन का अधिकार फाइलों में दबाकर नहीं रखा जा सकता। लीपापोती बंद हो।
माननीय @myogiadityanath जी, @ChiefSecyUP , @CdoPrayagraj एवं राजस्व विभाग से अनुरोध है कि तुरंत संज्ञान लें और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
📌 संदर्भ: 20017526053726 लम्बित
@CMOfficeUP@Revenue_UPGov@India_NHRC
#Prayagraj #जनसमस्या #भ्रष्टाचार #न्याय_दो #सोरांव
भाईचारे का ताज़ा उदाहरण
माँ दुर्गा के पूजा पंडाल में तोड़फोड़ करने के आरोप में कटटरपंथी #असगर_अली, #अफजल_अली, #अफसर_अली,#हैदर _अली और #सरवर_अली को गिरफ्तार किया गया है.. इन्हें हिन्दू त्योंहारो से वाकई बहुत लगाव है
मामला डेंगहरी जमालपुर, मानिकपुर, प्रतापगढ़, UP का है जहाँ सरकार बाबाजी की है। अभी बाबाजी के रहते ये हाल है तो सोचिये यदि गलती से बाबा जी हटे तो क्या होना है
उन्नाव के औरास ब्लॉक, ग्राम टिकरावाऊ मजरा बघौरा में जल निगम द्वारा पाइप लाइन के लिए सड़क खोदकर अधूरी छोड़ दी गई मलबा, कीचड़, भरी नाली से रोज हादसे। ग्रामीण परेशान
कृपया संज्ञान लें और कार्य पूरा कराएं
@DmUnnao@jalaun @UPJN_Unofficial @uppwdofficial@CMOfficeUP@myogiadityanath
मुसल्ले ने तराजू के भगोने में जिसपर सब्जी फल इत्यादि रखकर तौला जाता है उसपर पेशाब किया वा सेक्युलरों से इस अपवित्र भगोने में सामान बेचने के लिए निकल गया।
कैमरे में हो गयी विडियो कैद
सेक्युलर व्यक्ति अपने सेक्युलरिज्म के चक्कर में पुरे परिवार के अंत का कारण बनता है।
CCTV नहीं होता, तो महिला को पता भी नहीं चलता कि उसके साथ क्या हुआ 😳
दो साधु दुकान में आए, महिला से कुछ बातें कीं और फिर धीरे-धीरे महिला वही करती चली गई, जैसा साधु कहता गया।
उसने अपनी सोने की अंगूठी और पैसे तक उसे दे दिए। इसके बाद साधु वहां से चला गया।
ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जहां साधु का भेष धारण किए लोग भोले-भाले लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह हिप्नोटिज्म था? क्या किसी को इस तरह सम्मोहित करके उससे अपनी मर्जी के खिलाफ काम करवाना संभव है?
क्या किसी का नाम “राम ने यादव को मारा” हो सकता है
क्या किसी के पिता का नाम B COM हो सकता है?
क्या किसी का नाम “इरफ़ान अली ने कहा” हो सकता है?
उत्तर प्रदेश के MLC चुनाव की मतदाता सूची में ये सारे नाम शामिल है । इलाहाबाद-झाँसी खंड स्नातक चुनाव के वोटर लिस्ट में ये सारे नाम दर्ज हैं ।
@ceoup ये सारे नाम सूची में है ना? इसे तो फ़र्ज़ी नहीं कहेंगे ?
आशुतोष रांका सौरभ दास की जमानत याचिका मामला दिल्ली हाई कोर्ट..
27 और 31 वर्षीय आप दोनो Genz नहीं है.
आपने बॉन्ड की शर्ते क्यों तोड़ी.
बिना इजाजत के जंतर मंतर क्यों गए.
विरोध अधिकार है पर सरकार बदलना उद्देश्य है तो चुनाव लड़िए.
मंशा सबसे महत्वपूर्ण होती है.
व्यर्थ में अदालत का समय बर्बाद कर रहे है.
आपको सलाह है कि याचिका वापस लेकर निचली अदालत में सुनवाई का इंतजार करे.
दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के समय न्याय पीठ की टिप्पणियां.
आखिरी में दोनों ने याचिका वापस ले ली
🚨इतना साथ दो की मामला— मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी तक पहुंचे🚨
आगरा: हनुमान जी की मूर्ति खंडित करने का मामला, पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल!
उत्तर प्रदेश के आगरा में थाना बरहन क्षेत्र के गांव झतौआ में हनुमान जी महाराज की मूर्ति तोड़े जाने और ग्रामीणों के साथ मारपीट के आरोप बेहद गंभीर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस घटना में बंजारा Mμस्लिम समुदाय के कुछ लोग शामिल थे।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना का वीडियो बनाने वाले फोन से फोटो-वीडियो साक्ष्य डिलीट कराए और जबरन फोन रीसेट कराया।
ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, मूर्ति तोड़ने और मारपीट के आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई हो तथा साक्ष्य मिटाने के आरोपों की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कठोर कार्रवाई की जाए।
❓सवाल यह है: अगर साक्ष्य मिटाने के आरोप सही हैं, तो इसकी जवाबदेही कौन लेगा?
माननीय @myogiadityanath कृपया संज्ञान लीजिए @agrapolice@adgzoneagra@CMOfficeUP@UPGovt@dgpup@Uppolice@OfficeOfDMAgra@CPAgra_
गांव वालों को न्याय मिलना चाहिए।
सीताफल सिर्फ मीठा फल नहीं, Nature का बनाया 'Biological Booby Trap' है! 😱🍏
ऊपर से मीठा, अंदर से खतरनाक!
1. इसके काले चमकदार बीजों में छिपा है 'Neurotoxin'! ये बीज गलती से भी चबा लिए तो दिमाग पर सीधा अटैक!
2. इसीलिए पुराने लोग कहते थे - सीताफल खाओ, पर बीज कभी मत चबाओ, थूक दो!
1968 में श्री कृष्ण जन्मभूमि की भूमि से जुड़ा एक गंभीर प्रश्न ??
इंदिरा गांधी की सरकार के समय, वर्ष 1968 में, भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली कटरा केशव देव मंदिर की कुल 13.37 एकड़ भूमि में से 2.7 एकड़ भूमि का कथित रूप से मालिकाना हक शाही ईदगाह ट्रस्ट के पास चला गया।
वर्ष 1968 से पहले, पूरी 13.37 एकड़ भूमि का स्वामित्व श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के पास था। लेकिन वर्ष 1964 में कथित रूप से साजिश के तहत श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ नामक एक अलग ट्रस्ट का गठन किया गया।
इसके बाद 1968 में इसी सेवा संघ ने, स्वयं को अधिकृत बताकर, कोर्ट के बाहर शाही ईदगाह ट्रस्ट के साथ एक समझौता कर लिया और 2.7 एकड़ भूमि ईदगाह को दे दी।
सवाल यह उठता है कि जिस शाही ईदगाह ट्रस्ट ने 1815 से अब तक किसी भी भूमि विवाद में जीत हासिल नहीं की, उसे यह भूमि बिना किसी कानूनी लड़ाई के मुफ्त में क्यों दी गई?
यहीं से पूरे मामले की गंभीरता सामने आती है।
आज कोर्ट में यह मामला विचाराधीन है कि वर्ष 1968 का यह समझौता ही फर्जी था। समझौते में जिस संस्था का नाम लिखा गया — श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ — वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट से बिल्कुल अलग संस्था है। जब सेवा संघ के पास भूमि का स्वामित्व ही नहीं था, तो वह किसी प्रकार का समझौता करने का अधिकार कैसे रखता था?
इस पूरे प्रकरण को लेकर यह तर्क दिया जा रहा है कि यह समझौता निरस्त किया जाना चाहिए।
आरोप यह भी लगाए जाते हैं कि इस कथित जालसाजी को अंजाम देने वाले श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ के पदाधिकारियों में कांग्रेस से जुड़े प्रभावशाली नेता शामिल थे, जिनमें मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री टी.पी. मिश्रा और बिहार के पूर्व राज्यपाल एम.ए. अयंगर के नाम लिए जाते हैं।
पद्मश्री से सम्मानित इतिहासकार मीनाक्षी जैन का भी मत है कि 1968 का यह समझौता तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है। यह कहा जाता है कि उस समय इंदिरा गांधी को अपनी सरकार बचाने के लिए वामपंथी दल CPI और कुछ अल्पसंख्यक नेताओं का समर्थन लेना पड़ा, और संभवतः उसी समर्थन के बदले यह समझौता किया गया।
इससे पहले उत्तर प्रदेश में चौधरी चरण सिंह की सरकार गिराकर राष्ट्रपति शासन लगाया गया और उसके बाद इस विवादित समझौते को अंतिम रूप दिया गया।
यह वही भूमि है, जहाँ हिंदुओं के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण का जन्म माना जाता है। 80 करोड़ से अधिक सनातन धर्मावलंबियों के लिए इस स्थान का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है।
आरोप लगाने वालों का कहना है कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सनातन धर्म के विरुद्ध अनेक निर्णय लिए—चाहे वह जन्मभूमि की भूमि का मामला हो, राम को काल्पनिक बताने का कथन हो, पूजा स्थल कानून हो या धार्मिक शिक्षा से वंचित रखने की नीतियाँ।
इसके बावजूद, सनातन धर्म सत्य है—
न वह कभी मिटा था, न मिटा है, और न ही कभी मिटाया जा सकेगा।