ये ह�� स्टूडेंट्स जो रिफॉर्म चाह रही ।ये लोग बीजेप��� द्वारा लाया गया असामाजिक तत्व है । जो झारखंड के मुखिया को बदनाम करने और झुकाने के लिए रोड पे छोड़ा गया है ।
क्या एक आदिवासी मुख्यमंत्री को हटाना ही असली एजेंडा है?
झारखंड जवाब मांगेगा।
सरकार ने सुना, कार्रवाई की, फिर मामला कोर्ट गया और STAY आ गया।
जब पूरी प्रक्रिया न्यायालय में है, तो रोज-रोज सड़कों पर उतर कर सिर्फ हेमंत सोरेन जी को टारगेट क्यों?
क्या इसलिए कि वो एक आदिवासी बेटा है, जो दिल्ली के साम��े झुकता नहीं?
एक आदिवासी मुख्यमंत्री को हटाने की साजिश रची जा रही है, और हमारे युवाओं को मोहरा बनाया जा रहा है।
कुछ कोचिंग माफियाओं ने झारखण्ड के युवाओ का फाइदा उठाकर बीजेपी की दलाली कर रहें,
पुरे झारखंड को अशांत कर रखा है, बीजेपी वालों कितना गिरोगे यँहा के युवाओं को आगे कर झारखण्ड का ऐसा हाल कर दिया! शर्म करो, और बक्श दो युवाओं को उनके भविष्य के साथ मत खेलो!
जनता सब देख़ रही है!
झारखंड की जनत��� तथ्यों को देखे, समझे और फैसला करे। लोकतांत्रिक विरोध जरूरी है, लेकिन राजनीति के लिए झारखंड के युवाओं और उनके भविष्य को मोहरा नहीं बनाया जाना चाहिए।
@JmmJharkhand
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बिहार गंगा पार से आकर रांची में कोचिंग माफिया बन गया!
आज झारखंडी छात्रों को उनके आंदोलन को किस प्रकार कुचला–जिनके साथ फोटो है उनके इशारे पर छात्रों के आंदोलन को समाप्त करवाया गया फिर प्रत्येक प्रखंडों में पुतला दहन कार्यक्रम भाजपा ऑफिस से तय हुआ था!
अब बताओ इनके इश��रे पर छात्र राजनीति करोगे तो डंडा नहीं पड़ेगा तो ���्या पड़ेगा!
यही वजह था दिल्ली से आई #neha_bora पर स्याही फेंका गया उन्हें मंच तक नहीं दिया गया!
राज्य में छात्र आज फिर से ठगे गए!
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झारखंड की जन-विरोधी नीतियों और राजनीतिक षड्यंत्र के खिलाफ आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है! 🚨
✅ MMDR (Mines and Minerals Development and Regulation) संशोधन जैसे गंभीर मुद्दों पर जनता का ध्यान भटकाने के लिए झारखंड में एक नया रा���नीतिक खेल खेला जा रहा है। असल�� मुद्दों पर जन-आंदोलन न हो, इसलिए कुछ राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित लोग और कोचिंग माफिया मिलकर छात्रों के नाम पर झूठा माहौल तैयार कर रहे हैंl
मुख्य बिंदु जिन पर विचार करना ज़रूरी है:
⚡ आंदोलन का डायवर्जन: जनता खान एवं खनिज नीति से जुड़े गंभीर फैसलों पर सवाल न पूछे, इसलिए प्रायोजित विरोध प्रदर्शनों का सहारा लिया जा रहा है।
⚡ छात्रों का इस्तेमाल: सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आम युवाओं की मासूमियत का फायदा उठाकर राजनीतिक एजेंडा चलाया जा रहा है।
⚡ कोचिंग माफिया की भूमिका: कोचिंग संस्थानों और राजनीतिक आकाओं का यह गठजोड़ शिक्षा सुधार के नाम पर केवल अपना उल्लू सीधा कर रहा है।
झारखंड का युवा अब जागरूक है! शिक्षा और रोजगार में सुधार निष्पक्षता और नीयत से आएगा, राजनीतिक आकाओं के इशारे पर किए गए प्रायोजित नाटकों से नहीं।
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.@BJP4Jharkhand और कोचिंग माफिया गैंग लगातार यह अफवाह फैला रहे हैं कि मामले ���ें कोई सीनियर वकील पेश नहीं हुआ, बल्कि केवल जूनियर वकील ही उपस्थित हुए थे।
तो कृपया देख लें और अपना भ्रम दूर कर लें, क्योंकि Sr. AAG अच्युत केशव और संजय पिपरवाल ने पक्ष रखा था।
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🔴🔴 #JSSCCGL चयनित अभ्यर्थी का दावा—आंदोलन के पीछे राजनीतिक साजिश 🔴🔴
सूत्रों के अनुसार, नाम गोपनीय रखने की शर्त पर एक CGL चयनित अभ्यर्थी ने कहा कि उनके खिलाफ आंदोलन कर रहे लोग छात्र नहीं, बल्कि BJP के एजेंट हैं, जो जानबूझक�� झारखंड को कमजोर करने और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अभ्यर्थी के अनुसार आंदोलन में केवल 300–400 लोग हैं, लेकिन BJP IT Cell, कथित गोदी मीडिया, प्रभावशाली सोशल मीडिया अकाउ��ट्स और JLKM, जिसे ��न्होंने BJP की “टीम B” बताया, के समर्थन से इसे बड़ा दिखाया जा रहा है।
अभ्यर्थी ने यह भी आरोप लगाया कि इसी माहौल की आड़ में CESS Bill पास कराया गया। उनका कहना है कि चयनित अभ्यर्थी राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहते हैं, इसलिए सार्वजनिक रूप से नहीं बोल रहे, लेकिन अधिकांश छात्र और मूलवासी इस स्थिति को समझ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “कोचिंग माफिया” के नाम पर BJP राजनीतिक खेल कर रही है और इसका नुकसान अंतत��� उसी को होगा।
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