छपरा स्टेशन पर एक बच्ची को इसी ट्रेन का ये लड़का खुद को स्टाप (TTE ) बता रहा है और उस बच्ची का समस्तीपुर से ही पीछा कर रहा है बच्ची के साथ कोई भी नहीं है अकेले ही जा रही थी तो ये लड़का उसको काफी परेशान कर रखा था और उसको डरा रखा था
उसे डरा-धमका रहा था और शौचालय की ओर ले जाने की कोशिश कर रहा था। आप सब बिल्कुल देख सकते हैं बच्ची ने जाने से इनकार किया, जिसके बाद उसे ले जाकर उसके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई।
इसकी जानकारी स्टेशन पर जो RPF रहते हैं उसे कदी गई, जो वहां मौजूद थे, ट्रेन रूकी और फिर उस लड़का को भगा दिया पुलिस वाले ने ही...!! क्या ये सही है उस लड़के ने जो किया उसके लिए इतनी सजा काफी है??
ये बच्ची काफी डरी हुई थी,ट्रेन के कोच में मौजूद बाकी सहयात्री शुरुआत में चुप क्यों रहे?
जब एक बच्ची पर हमला हो रहा था, तो पूरे कोच ने मिलकर उस अपराधी को तुरंत दबोच क्यों नहीं लिया?
एक सार्वजनिक जगह पर एक लड़का इतनी हिम्मत कैसे कर लेता है कि वह एक बच्ची को डराए-धमकाए और बात न मानने पर हाथ उठाए?
अपराधियों के मन से कानून और पुलिस का डर पूरी तरह क्यों खत्म हो गया है?
ये पति-पत्नी हैं, जिन्होंने Meesho पर 2 साल तक दिन-रात मेहनत की।
करोड़ों का सेल किया, लेकिन Meesho ने इनका 15 लाख रुपये रोक लिया।
पत्नी बच्चे को स्कूल छोड़कर आती और वीडियो बनाती।
खुद को आराम भी नहीं देती थी। दोनों ने बहुत मेहनत की लेकिन इन लोगों ने सारी कमाई खा ली।
वीडियो पर लाखों व्यूज आते, फिर भी सेल नहीं बढ़ते थे। कैप लगा रखा था।
जब पूछा तो बोला..यहीं काम करो, कहीं और मत देखो।
पहले भी कई बार पैसे काट लिए। अब तीन महीने से पूरा पैसा रोका हुआ है।
ये दोनों अब कह रहे हैं कि पैसा रख लो, हमें नहीं चाहिए।
लेकिन बाकी क्रिएटर्स को चेतावनी दे रहे हैं... Meesho से बचकर रहो।
दोनों ने बताया कि कई क्रिएटर्स के 60 हजार से 10 लाख तक पैसे रोके हुए हैं।
यह है रंजीश की कहानी।
वह 38 वर्ष का एक बस कंडक्टर था। उसने अपनी पसंद की लड़की से प्रेम विवाह किया और उनकी एक बेटी हुई।
दो साल बाद उसकी पत्नी उसे और उनकी बेटी को छोड़कर खाड़ी देश चली गई। वहाँ उसे एक दूसरा पुरुष मिला, उससे प्रेम हो गया और उसने रंजीश तथा अपनी बेटी—दोनों को छोड़ दिया।
रंजीश ने अगले 8 वर्षों तक अपनी बेटी को अकेले पाला। उसने अपना सारा प्यार, समय और मेहनत उसी की परवरिश में लगा दी।
फिर उसकी पूर्व पत्नी ने अदालत में मुकदमा दायर किया। रंजीश ने अपनी उस बेटी की अभिरक्षा (कस्टडी) के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ी, जिसे उसने अपने हाथों से पाला था। लेकिन अदालत ने बेटी की कस्टडी उसकी माँ और उसके सौतेले पिता को दे दी।
पहले उसने अपनी पत्नी को खोया। फिर व्यवस्था ने उससे उसकी बेटी भी छीन ली।
पूरी तरह टूट चुके रंजीश ने अंततः आत्महत्या कर ली।
क्या पुरुष के लिए भी कोई क़ानून की खिड़की खुली बची है कहीं
BR 09BC RTO नंबर जिला बेगूसराय बिहार
स्कूल के छात्राओं के सामने मोटरसाइकिल लेकर स्टंट बाजी कार रहा और स्कूल के छात्राओं को परेशान कर रहा है कृपया संज्ञान लिया जाए @bihar_police@BegusaraiPolice@DM_Begusarai
ये पुलिस वाले है या गुंडे ? कैसे एक लड़की को दोनों पुलिस वाले लात मार रहे हैं।
क्या ये महिला सुरक्षा पर खतरा नहीं ?
ऐसे गुंडे जो वर्दी का जोर दिखा रहे हैं इनको स्पेंड क्यों नहीं किया जाता ?
शाहरुख खान ने अपने बेटे को ड्रग्स के आरोप से तो बचा लिया, उल्टे नार्कोटिक्स के अधिकारी समीर वानखेड़े को ही फँसा दिया
लेकिन आज सड़क पर नशे में झूमते अपने उसी लड़के की इस हालत के लिये किसे दोष देगा
बस परिचालक ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2025 की परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी पर किया हमला।
यह हमला किसी एक बेरोजगार युवा के ऊपर नहीं हुआ यह समस्त बेरोजगारों के ऊपर हमला है।
अतिशीघ्र इस परिचालक को माफी मांगनी होगी।
रिया पेशे से अध्यापक थी और सुनार के पास ज्वेलरी खरीदने गई.!
प्यास लगी तो बोला भईया पानी पिला दों..
ग्राहक के लिए सेठजी ने नौकर से बोला सामने दुकान से बिसलेरी पानी की बोतल लाना.!
बोतल आई रिया ने पानी पिया और पुरा मुँह और अंदर से फूड पाईप जल गई.
अब रिया मेरठ मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत की जंग लड रही है.!
अब रिया को कोर्ट जाकर इतने जुर्माने की मांग करनी चाहिए ताकि ये ब्रांडेड बोतल बंद पानी वाले कभी लापरवाही करने से पहले सौ बार सोचें.!
हांलाकि सुनार का दावा है मेनें दुकान से मंगवाई और दुकानदार का दावा है पानी बोतलबंद था और देखते है अब @BisleriZone वाले क्या सफाई देते है.
हालांकि जाँच चल रही है जल्द सच्चाई सामने आयेंगी.. 👍
@alokrajRSSB साहब 4th ग्रेड प्रोविजनल वालों का अब आगे क्या भविष्य है बढ़िया नम्बर होने के बाद भी हमे नियुक्ति नहीं मिली साहब हमारे बारे में भी थोड़ा सोचिये🙏
53,000+ पदों की भर्ती...
लाखों युवाओं की उम्मीद...
लेकिन निर्णय अब भी अधूरा।
क्या रोजगार मेला सिर्फ कुछ भर्तियों के लिए है?
या फिर चतुर्थ श्रेणी के युवाओं को भी उनका हक मिलेगा?
#रोजगार_मेले_में_चतुर्थ_श्रेणी_शामिल_करो