डॉक्टर और वैध एक ही होते हैं पर भाषा और संस्कृति का अंतर समाज में अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है, भाषा का गहरा संबंध भरोसे से होता है।
मेरा मत और निवेदन है की आप सभी आयुर्वेद के चिकित्सक खुद को "वैध" के रूप में संबोधित कर हमारी पौराणिक चिकित्सा पद्धति को पुनः नया आयाम दें।
आज मीडिया से आयुष छात्रों के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय निकास परीक्षा (NExT) के संबंध में बातचीत हुई। देशभर के छात्र यह माँग कर रहे थे कि निकास परीक्षा को पूर्वप्रभावी रुप से लागू ना करके क़ानून लागू होने के बाद वाले सत्रों से लागू किया जाये।
#NoNExTExamForAYUSH नियम में संशोधन हेतु महाराष्ट्र से राज्य सभा सांसद
श्री @ShayarImran Pratapgarhi Ji
को एक ज्ञापन दिया गया
एवं आयुष छात्रों AYUSH students को आ रही NExTExam समस्याओं से अवगत करवाया साहेब ने आश्वासन दिया कि वे सवाल राज्यसभा में उठाएंगे
@mpprataprao@ncism_india
Dec माह से लगातार आयुष के छात्र लागतार NEXT exam को लेकर काफी पेरशान थे और लागतार अपने अपने राज्य पर धरना कर रहे थे, जिसमे दो बड़े स्तर पर धरना किए गए 24 जून और 20 जुलाई को किए गए ,उसके बाद सभी छात्रों की परेशानी को मनीनिये आयुष मंत्री जी ने समझा और सभी छात्रों को आस्वान दिया
अब नई कमेटी का घटन किया जाएगा और पुराने सत्र में पढ़ रहे छात्रों को परीक्षा नही देना पड़ेगा और धरना को समाप्त किया गया एवम एक माह के भीतर कमेटी छात्रों के पक्ष में फैसला देगी ऐसा आवासन मंत्री जी ने हम सभी छात्रों को आवासन दिया ।
#JusticeForAYUSHStudents
Dec माह से लगातार आयुष के छात्र लागतार NEXT exam को लेकर काफी पेरशान थे और लागतार अपने अपने राज्य पर धरना कर रहे थे, जिसमे दो बड़े स्तर पर धरना किए गए 24 जून और 20 जुलाई को किए गए ,उसके बाद सभी छात्रों की परेशानी को मनीनिये आयुष मंत्री जी ने समझा और सभी छात्रों को आस्वान दिया
आयुष छात्रों पर डिग्री पूरी होने के बाद क्वालिफ़ाइंग एग्जाम थोपने के विरोध में जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @varunchoudhary2 प्रदर्शन में सम्मिलित होकर उन्हें समर्थन दिया।
NSUI आयुष छात्रों के न्याय के इस लड़ाई में उनके साथ ख़डी है।
@gurdeepsappal आधारणीय श्री गुरदीप जी को हम सभी आयुष छात्र अपना आभार व्यत करते ही हम छात्रों की समस्या को समझा और हमें आशा है प्रतिपक्ष नेता श्री राहुल गांधी जी स्वम इस देखेंगे और हम आयुष छात्रों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे @RahulGandhi
@gurdeepsappal सरकार लगातार देख के रक्षक के साथ गलत कर रही है क्युकी पहलें आग्निवीर लेकर देश की सीमा को जो सुरक्षा करते है उन्हे कमजोर किया गया और अब next देश के उन रखको को कमजोर करने की कोशिश जो कोरोना जैसे विपदा पर पूर्ण रूप से खड़े थे , हम सरकार की नीतियों कड़ी निन्दा करतेहै @RahulGandhi
@gurdeepsappal सरकार लगातार देख के रक्षक के साथ गलत कर रही है क्युकी पहलें आग्निवीर लेकर देश की सीमा को जो सुरक्षा करते है उन्हे कमजोर किया गया और अब next देश के उन रखको को कमजोर करने की कोशिश जो कोरोना जैसे विपदा पर पूर्ण रूप से खड़े थे , हम सरकार की नीतियों कड़ी निन्दा करतेहै @RahulGandhi
@gurdeepsappal आधारणीय श्री गुरदीप जी को हम सभी आयुष छात्र अपना आभार व्यत करते ही हम छात्रों की समस्या को समझा और हमें आशा है प्रतिपक्ष नेता श्री राहुल गांधी जी स्वम इस देखेंगे और हम आयुष छात्रों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे @RahulGandhi
आज युवा आयुष डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमण्डल कांग्रेस हेडक्वार्टर में मिलने आया। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार कैसे उनके साथ भेदभाव कर रही है।
केंद्र सरकार ने नये डॉक्टरों के लिए National Exit Test (NExT) शुरू किया है।
MBBS के छात्र-छात्राओं को ये टेस्ट नये बैच से देना होगा। यानि वो स्टूडेंट, जो 2024 में पास आउट होंगे, उन्हें ये नया टेस्ट देना होगा, तभी उनका कोर्स पूरा माना जाएगा।
लेकिन आयुष(BAMS, BHMS, BUMS) के छात्र-छात्राओं के लिए ये टेस्ट बैक डेट से लागू किया गया है। 2018 में एडमिशन लेने वालों आयुष स्टूडेंट को भी ये टेस्ट देना होगा, जिससे उनके कोर्स चार साल का न रह कर, 7-8 साल का हो रहा है।
आयुष छात्रों की माँग है कि उनका और MBBS के स्टूडेंट्स का चयन एक ही NEET परीक्षा के माध्यम से होता है, तो उनके exit exam की शर्तें भी एक सी ही होनी चाहिए।
लेकिन मोदी सरकार जाने क्यों युवाओं के विरोध में रहती है!
अब उन्हें @RahulGandhi@kharge और कॉंग्रेस पार्टी से ही उम्मीद है कि वो उनकी आवाज़ बनेंगे और न्याय के लिए लड़ेंगे।
सही भी है, अन्याय के इस दौर में हम उनके साथ हैं।
एक ज़रूरी खबर जो Main Stream Media से लगभग ग़ायब है।
पढ़िये और समझिए कि medical education के साथ और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ कैसे मनमाने ढंग से खेला जा रहा है।
National Commission for Indian system of Medicine (NCISM) ने आयुर्वेदिक, यूनानी, सिद्धा और सोवा-रिग्पा के छात्रों के लिए NEXT एग्जाम का निर्णय लिया है।
अर्थात् की अपनी ग्रेजुएशन की सारी पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद, फाइनल परीक्षा पास करने के बाद छात्रों को वापस एक परीक्षा देनी होगी ताकि वो प्रैक्टिस कर सकें या पीजी में एडमिशन ले सकें।
किसी भी अन्य कोर्स में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, फिर मेडिकल एजुकेशन में ही छात्रों पर ये अतिरिक्त परीक्षा का बोझ क्यों, ये एक पहला सवाल है।
दूसरा सवाल की अपने नोटिफिकेशन में NCISM ने कहा है की जिन छात्रों ने अपनी इंटर्नशिप 20 दिसंबर, 2023 को या इसके बाद शुरू की उन्हें ये परीक्षा देनी होगी।
इसका मतलब ये हुआ कि 2018/2017/2016 बैच के कुछ छात्र NEXT देंगे और कुछ नहीं।
एक ही बैच के छात्रों पर दो अलग अलग नियम लागू होंगे।
ये कैसे तर्क संगत है क्या इसका जवाब NCISM के पास है???
तीसरा सवाल की इन सारे बैच के छात्रों ने जब एडमिशन लिया तो उन्हें कुछ और जानकारी थी कि जिस कोर्स में उन्होंने एडमिशन लिया उसमे क्या क्या एग्जाम उन्हें देंगे होंगे।
लेकिन एडमिशन के बाद उनके माथे पर एक और एग्जाम को जबरन ला के रख दिया गया। ये नैसर्गिक न्याय नहीं।
अगर एग्जाम लेना ही था तो नये सत्र से क्यों नहीं लागू किया जा रहा। NCISM को अचानक इतनी क्या जल्दी आन पड़ी कि पिछले सत्र के छात्रों पर भी चालू कर दिया गया।
किसी कोर्स में जब कोई छात्र एडमिशन ले रहा है तभी उसे स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए कि उसे क्या क्या एग्जाम देना हैं। अचानक सरकार जागती है और बीच सत्र में इतना बड़ा परिवर्तन कर देती ही। ये कैसे उचित है?
चौथा सवाल की MBBS के छात्रों पर भी NEXT लागू होना था लेकिन उसे टाल दिया गया लेकिन Indian System of Medicne में आनन फ़ानन में लागू कर दिया गया। इसकी वजह क्या है?? क्या ये वजह है बड़े बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के बच्चे MBBS कोर्स में जाते पर alternative medicine में नहीं जाते।
मेडिकल education में एक समान नियम सरकार क्यों नहीं ले पा रही है?इसकी क्या वजह है?
पाँचवाँ सवाल की सारा बोझ बच्चों पर क्यों? अगर किसी कॉलेज के 50 फ़ीसदी से ज़्यादा बच्चे NEXT परीक्षा में उत्तीर्ण नहीं होते हैं तो NCISM उस कॉलेज पर क्या करवाई करेगा??
क्या NCISM ने इसको लेकर कोई रूपरेखा बनाई है?
और अगर नहीं बनाई है तो इसका मतलब स्पष्ट है कि इस परीक्षा का उद्देश्य शिक्षा के level को सुधारना नहीं बल्कि मात्र एक ख़ानापूर्ति है जो सिर्फ़ छात्रों की मानसिक और आर्थिक परेशानी बढ़ाएगा।
सरकार को चाहिए कि इस notification को तत्काल रद्द करे और अगर करना है तो नये सत्र से इसकी शुरुआत करे और वो भी इस परीक्षा के सही उद्देशों को स्पष्ट करने के बाद।
Medical Education और Health Policies को लेकर सरकार को और काफ़ी ज़्यादा सजग और संजीदा होने की आवश्यकता है।
@PMOIndia@HMOIndia@moayush
#justiceForAyushStudents
The voices of AYUSH students protesting against the NEXT exam must be heard by the government. #JusticeForAYUSHStudents
We need the government to have respond to this rather than skipping
सरकार की अन्यायपूर्ण नीतियों के कारण AYUSH छात्रों का भविष्य खतरे में है। हमें न्याय चाहिए, NEXT परीक्षा की नीतियों में सुधार चाहिए। #JusticeForAYUSHStudents"
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