BSP के तत्वावधान में पंजाब में निकाली जा रही “सतगुरु श्री रविदास जी महाराज सम्मान यात्रा” को लगातार व्यापक जनसमर्थन मिला है।यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर सतगुरु श्री रविदास जी महाराज के बेगमपुरा का संकल्प लिया.अब पंजाब को 2027 में BSP की सरकार बनाकर बेगमपुरा बनाएंगे.
आपकी उपस्थिति, अनुशासन और समर्पण ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि बहुजन समाज आज भी एकजुट है, कांशीराम जी का मिशन आज भी जीवित है, और संगठन की ताक़त अटूट है।
आपका यह योगदान न केवल महारैली की सफलता है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के उस सफ़र की गवाह है, जिसे मान्यवर कांशीराम जी साहब और बहन कु. मायावती जी ने हमें सिखाया। सभी बहुजन एवं सर्वसमाज के साथियों को सादर नमन आपकी एकता ही हमारी शक्ति है!
जय भीम, जय कांशीराम
@Mayawati@bspindia
देश में जातिवादी व्यवस्था के शिकार करोड़ों दलित, आदिवासी व अन्य पिछड़े बहुजनों को शोषित से शासक वर्ग बनाने के बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के मिशनरी आत्म-सम्मान व स्वाभिमान मूवमेन्ट के कारवाँ को ज़िन्दा करके उसे नई गति प्रदान करने वाले बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी के प्रति विरोधी पार्टियों में भी ख़ासकर समाजवादी पार्टी व कांग्रेस आदि इन पार्टियों का रवैया हमेशा से घोर जातिवादी एवं द्वेषपूर्ण रहा है, जो कि सर्वविदित है, इसीलिये आगामी 9 अक्टूबर को उनके परिनिर्वाण दिवस पर संगोष्ठी आदि करने का सपा प्रमुख की घोषणा घोर छलावा व लोगों को स्पष्टतः इनके मुँह में राम बग़ल में छुरी की कहावत को चरितार्थ करने वाला ज्यादा लगता है।
सपा ने ना केवल मान्यवर श्री कांशीराम जी के जीते-जी उनके पार्टी के साथ दग़ा करके उनके मूवमेन्ट को यूपी में कमज़ोर करने की लगातार कोशिशें कीं हैं, बल्कि बी.एस.पी. सरकार द्वारा दिनांक 17 अप्रैल सन् 2008 को अलीगढ़ मण्डल के अन्तर्गत कासगंज को ज़िला मुख्यालय का दर्जा देकर कांशीराम नगर के नाम से बनाये गये नये ज़िला के नाम को भी जातिवादी सोच व राजनीतिक द्वेष के कारण बदल दिया।
इसके अलावा, बहुजनों को शासक वर्ग बनाने के क्रम में यूपी में बी.एस.पी. की सरकार बनाने के उनके अनवरत प्रयास जैसे बेमिसाल योगदान के लिये उनके आदर-सम्मान में मान्यवर श्री कांशीराम जी के नाम से अन्य और भी जो कई विश्वविद्यालय, कालेज, अस्पताल व अन्य संस्थायें आदि बनाये गये उनमें से भी अधिकतर का नाम सपा सरकार द्वारा बदल दिया जाना इनकी घोर दलित विरोधी चाल, चरित्र व चेहरा नहीं तो और क्या है?
इतना ही नहीं बल्कि उनके देहान्त होने पर पूरा देश व ख़ासकर उत्तर प्रदेश शोकाकुल था, फिर भी सपा सरकार ने यूपी में एक दिन का भी राजकीय शोक घोषित नहीं कियाा। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी की तब केन्द्र में रही सरकार ने भी उनके देहान्त पर एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया था।
लेकिन फिर भी समय-समय पर संकीर्ण राजनीति व वोटों के स्वार्थ की ख़ातिर सपा व कांग्रेस आदि द्वारा मान्यवर श्री कांशीराम जी को स्मरण करना विशुद्व दिखावा व छलावा का प्रयास किया जाता रहा है। इस प्रकार की गलत जातिवादी व संकीर्ण सोच वाली सपा, कांग्रेस आदि पार्टियों से लोग ज़रूर सजग व सावधान रहें।
बहुजन एवं सर्वसमाज एकता जिंदाबाद- आप सभी का हार्दिक आभार!
आज लखनऊ में मान्यवर श्री कांशीराम जी साहब के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित भव्य महारैली को ऐतिहासिक सफलता दिलाने वाले उत्तर प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों, गांवों और कस्बों के साथ देश के अन्य प्रदेशों से आए सभी साथियों, कार्यकर्ताओं, समर्थकों और बहुजन चेतना के वाहकों का दिल से धन्यवाद और आभार।
सपा आप मान्यवर श्री कांशीराम साहेब को श्रध्दांजलि दे रही है,जबकि उनके नाम पर सार्वजनिक छुट्टी समाजवादी पार्टी सरकार में खत्म कर दिया गया ।
और सपा ने हमेशा दलित विरोधी कार्य किया है,क्या सपा दलित विरोधी कार्यों के लिए पछतावा है।
चन्द्रशेखर आजाद रावण किस तरफ वोट दिए होंगे,इनकी अंतर्आत्मा जाग गई, होगी और इन्होने संविधान बचाने के नाम पर वोट दिया होगा,या संविधान के खिलाफ वोट दिया होगा।
वैसे संविधान बचाने वाले इंडिया गठबंधन ने भी,खुब क्रॉस वोटिंग की,क्या यही है,संविधान बचाना ।
देश के विभिन्न राज्यों में भी ख़ासकर पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, असम आदि इन राज्यों में भारी बरसात व भूस्खलन आदि के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ से हो रही व्यापक जान-माल व पशुधन की तबाही तथा गुरुग्राम व नोएडा आदि जैसे शहरी इलाकों में भी भारी जल भराव आदि की समस्याओं से करोड़ों परिवारों को ज़बरदस्त कठिनाईयों व आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में मानवता-इन्सानियत के नाते लोगों का पीड़ितों की राहत सहायता के लिये बड़े पैमाने पर स्वतः आगे आने की ख़बरें और तस्वीरें काफी संतोष देने वाली अच्छी ख़बर है, किन्तु ऐसे बुरे हालात में केन्द्र व सम्बंधित राज्य सरकारों को जनता के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाने के साथ-साथ मानवतावादी आचरण भी अपनाते हुये सभी पीड़ित परिवारों को हर प्रकार की मदद के लिये तत्काल ज़रूर आगे आना चाहिये।
इसके साथ ही सरकारों को आगे के लिए सभी जरूरी बुनियादी जन सुविधाओं पर लगातार समुचित ध्यान देना होगा, ताकि जन समस्यायें हर वर्ष प्रभावित व जटिल ना हों तथा आम जनजीवन व ख़ासकर करोड़ों किसानों, ग़रीबों, मज़दूरों एवं अन्य मेहनतकश लोगों की रोज़ी-रोटी अत्याधिक प्रभावित ना हो।
केन्द्र सरकार द्वारा कल संसद में, भारी हंगामे के बीच लाया गया 130वाँ संविधान संशोधन बिल, देश में पिछले कुछ वर्षों से चल रहे राजनैतिक हालात में, यह स्पष्टतः लोकतंत्र को कमज़ोर करने वाला लगता है और इसका सत्ताधारी पार्टियाँ अपने-अपने लाभ, स्वार्थ व द्वेष में ज्यादातर इसका दुरुपयोग ही करेंगी, ऐसी जनता को आशंका।
अतः इस बिल से हमारी पार्टी कतई भी सहमत नहीं है। सरकार इसे देश के लोकतंत्र एवं संविधान के हित में ज़रूर पुनर्विचार करे तो यह उचित होगा।
जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ना तो बीजेपी के एनडीए गठबंधन के साथ है और ना ही कांग्रेस के इण्डिया समूह (गठबंधन) के साथ है, तथा, ना ही अन्य किसी और भी फ्रन्ट के साथ है, बल्कि इन दोनों व अन्य और किसी भी जातिवादी गठबंधनों से अलग अपनी ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के अम्बेडकरवादी सिद्धान्त व नीति पर चलने वाली पार्टी है।
लेकिन इसके बावजूद भी ख़ासकर दलित, आदिवासी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विरोधी तथा इन वर्गों के प्रति जातिवादी मानसिकता रखने वाले कुछ मीडिया बी.एस.पी. की इमेज को बीच-बीच में धूमिल करने व राजनीतिक नुक़सान पहुँचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, जिसको लेकर पार्टी को लगातार अपने लोगों को इनसे सतर्क करते रहने की ज़रूरत पड़ती रहती है।
इस क्रम में अभी हाल में ’भारत समाचार’ ने अपने यूट्यूब चैनल में ’’बीजेपी के साथ आ गयी मायावती कर दिया बड़ा ऐलान?’’ इस शीर्षक से गलत, तथ्यहीन व विषैली ख़बर चलायी है, जबकि उसके भीतर न्यूज़ में कुछ और है।
इस प्रकार से भारत समाचार चैनल द्वारा पार्टी की इमेज को ख़ासकर चुनाव के पूर्व इस प्रकार का आघात पहुँचाने का जो यह घिनौना प्रयास किया गया है उसकी जितनी भी निन्दा व भर्त्सना की जाये, वह कम है। चैनल को इसके लिए माफी भी ज़रूर माँगनी चाहिये।
साथ ही, पार्टी के लोगों से यह विशेष आग्रह है कि वे राजनीतिक षडयंत्र के तहत् मीडिया के इस प्रकार के घिनौने हथकण्डों से हमेशा ज़रूर सावधान रहें और किसी के भी बहकावे में ना आये, क्योंकि जातिवादी तत्व अपने अम्बेडकरवादी कारवाँ को कमज़ोर करने के घिनौने षडयंत्र में हमेशा किसी ना किसी रूप में लगे रहते हैं।
साथियों,
पिछले कुछ समय से कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा ‘बीएसपी आईटी सेल’ के नाम पर व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने की अपील की जा रही है। जिसमें आपके नंबर सहित बाकी निजी जानकारियां मांगी जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें कुछ हैंडल्स मेरे नाम को भी जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह से भ्रामक और असत्य है।
जैसा कि आप सभी जानते हैं, बहुजन समाज पार्टी में ‘आईटी सेल’ जैसी कोई संस्था या व्यवस्था मौजूद नहीं है। बीएसपी एक मिशनरी आंदोलन है, जिसमें करोड़ों समर्पित कार्यकर्ता अपने-अपने स्तर पर पार्टी से जुड़े हैं और मूवमेंट को आगे बढ़ा रहे हैं।
आदरणीय बहन कु. @Mayawati जी ने हम सभी को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं कि पहले पार्टी की कमेटियों को मजबूत किया जाए, और फिर कैडर कैंप्स के माध्यम से संगठन और आंदोलन को धार दी जाए।
हम बहनजी की इसी कार्यशैली को अपना आदर्श मानते हैं और मानते हैं कि कैडर कैंप ही संगठन की असली ताकत हैं। पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का काम भी हम इन्हीं माध्यमों से करते हैं।
ऐसे parody अकाउंट्स से आप सभी सावधान रहें।
जय भीम, जय भारत।
हमारे परमपूज्य भारतरत्न बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की तस्वीर के साथ जो छेड़छाड़ सपा के लोगों ने की है वह अक्षम्य अपराध है। और समाजवादी पार्टी की तरफ से इसपर माफी ना मांगना ये साबित करता है कि ये एक सोची समझी साजिश है जिसके सूत्रधार सपा के अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव हैं।
श्री अखिलेश यादव व समाजवादी पार्टी की नीतियां हमेशा से दलित विरोधी ही रही हैं और समय-समय पर इनकी दलित विरोधी हरकतें सामने आ ही जाती हैं। इसलिए इनसे सावधान रहना है।
*इसी समाजवाद के लिए परेशान है सब लोग जो 2012 मे किया था अखिलेश यादव ने......*
1 - मुलायम सिंह यादव - सांसद
2 - अखिलेश यादव (पुत्र) - मुख्य्मंत्री
3 - रामगोपाल यादव (भाई) - सांसद
4 - डिम्पल यादव (पुत्र बधु ) - सांसद
5 - धर्मेंद्र यादव (भतीजे ) - सांसद
6 -अक्षय यादव (भतीजे ) - सांसद
7 -तेजप्रताप यादव (पोते) - सांसद
8 -शिवपाल सिंह यादव (भाई) - विधायक(मंत्री
उत्तर प्रदेश सरकार)
9 -अंशुल यादव(भतीजे) - जिलापंचायत अध्यक्ष
इटावा
10 -शंध्या यादव (भतीजी) - जिलापंचायत अध्यक्ष
मैनपुरी
11 -मृदुला यादव (भतीजे की पत्नी)- ब्लॉक प्रमुख
सैफई
12 -अजंट सिंह यादव(बहनोई) - ब्लॉक प्रमुख
13 -प्रेमलता यादव (भाई की पत्नी) - जिलापंचायत
सदस्य
14 -सरला यादव (भाई की पत्नी) - निदेशक जिला
सहकारी बेंक इटावा
15 -आदित्य यादव (भतीजे) - PCF के चेयरमैन
16 -अनुराग यादव (भतीजे ) - राष्ट्रीय सचिव
समाजबादी युवजन सभा
17 -अरबिंद यादव (भांजे ) - एमएलसी
18 -बिल्लू यादव (भांजे ) - ब्लॉक प्रमुख करहल
19 -मिनाक्षी यादव (भांजे की पत्नी -
जिलापंचायत सदस्य मैनपुरी
20 -बंदना यादव (रिस्तेदार) - जिलापंचायत अध्यक्ष
हमीरपुर
वाह रे समाजबाद.......
अब यूपी के यादवों के घर जब बच्चा पैदा होगा तो
डाक्टर कहेगा
'बधाई हो SDM हुआ है'
*यूपीपीसीएस से चुने गए 86 एसडीएम में 54 यादव*
*Kya mehnat krenge aap hum hee bata detey hain .............
*यश भारती सम्मान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिया जाने वाला पुरस्कार 2015-16*
1.Hira Lal Yadav (Lokgayan)
2.Bansh Gopal Yadav
3.Dharmendra Yadav
4.Lal bachan Yadav
5.Yogendra Yadav
6.Vijay Pal Yadav
7.Rajesh Yadav
8.Bhagat Singh Yadav
9.Abhishek Yadav
10.Hamid Ullah
11.Darshan .S.Y
12.Vishhnu Yadav
13.Dr.C.S.Yadav
14.Awnish Yadav
15.Poonam Yadav
16.Khushveer Yadav
*यक्ष प्रश्न? क्या उ. प्र.में अब यादव ही बचे हैं जो सम्मान के योग्य हैं!*
: उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री *(माननीय न कहें)* अखिलेश यादव जी के 3 वर्ष के कार्य -
1- 75 जिलाध्यक्षो में 63 यादव (समाजवादी
पार्टी)
2- 75 BSA में 62 यादव
3- 67% थानाध्यक्ष यादव
4- जो यादव BDO है उनको 3 से 4 ब्लाक
5- भर्ती परीक्षाओं में यादव 69%
6- सड़क पानी बिजली का केवल शिलापट्ट पर नाम
व कमीशन
7- UPSC का अध्यक्ष अनिल यादव
8- उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का अध्यक्ष
रामवीर यादव
9- अधीनस्थ सेवा आयोग का अध्यक्ष राज किशोर
यादव
10- माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड का अध्यक्ष
रामपाल यादव।
*इनको यादव के अलावा कोई नहीं मिल रहा है।
पीडीए तो पहले से लागूँ है।@ajgautam78
मंत्री भी रहे राजा भैया, अखिलेश यादव जी को नही जानते ,बिना जाने उनको मंत्री बना दिया और कितना झूठ बोलेंगे आप जनता से कि नहीं जानते राजा भैया को,फिर ए बात दलित, पिछड़े को और खासतौर मुस्लिम समाज को सोचना चाहिए कल कहेंगे ए कौन है ?
आखिर इतना झूठ क्यों
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में अध्ययनरत बलिया की प्रतिभाशाली बेटी अर्चिता सिंह के साथ हो रहे अन्याय ने हम सबकी आत्मा को झकझोर दिया है। सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने के बावजूद, उसके पीएचडी प्रवेश को रोका जाना न केवल शिक्षा के अधिकार का हनन है, बल्कि एक बेटी के आत्मसम्मान पर सीधा प्रहार भी है।
जब मुझे जानकारी मिली कि अर्चिता पिछले चार दिनों से अपने अधिकार की लड़ाई लड़ते हुए विश्वविद्यालय परिसर में धरने पर बैठी है, तो मैंने तुरंत उनसे बात की,उन्हें हौसला दिया और एक भाई व अभिभावक के रूप में इस लड़ाई में उनके साथ होने का पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ — बेटियाँ हमारी शान हैं, हौसला हैं, और प्रेरणा भी हैं
और बलिया की किसी भी बेटी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, चाहे उनके खिलाफ कैसी भी ताक़त खड़ी हो।
यह सिर्फ अर्चिता की नहीं, हर उस बेटी की लड़ाई है जो अपने हक़ के लिए खड़ी होती है।
मैं इस संघर्ष में पूरी मजबूती से उनके साथ हूँ – न सिर्फ एक जनप्रतिनिधि के रूप में बल्कि एक जिम्मेदार भाई और सजग बलियावासी के रूप में भी।
“हमारा संकल्प है —
जहाँ भी अन्याय होगा जहाँ भी बेटियों का आत्मसम्मान खतरे में होगा, वहाँ हम दीवार बनकर खड़े होंगे।
और जहाँ सच्चाई होगी, वहाँ जीत सुनिश्चित होगी।
##JusticeForArchita #BHU