जब आप जीवन की लड़ाइयों के लिए राम बनकर घर से निकलते हैं, तो कहीं न कहीं कुछ हनुमान, अंगद, विभीषण आपका इंतज़ार कर रहे होते हैं।
आपको यह सोचने की ज़रूरत नहीं है कि आपकी मदद कौन करेगा।
प्रकृति इसी तरह काम करती है।
व्यक्ति के व्यक्तित्व, भाव और भावनाओं से ही उसके भाग्य का निर्माण होता है
जब तक सचिन पायलट यह नहीं बताएंगे कि वह मानेसर क्यों गए थे वहां क्या हुआ था तब तक अशोक गहलोत इसका फायदा उठाते रहेंगे।
सचिन पायलट को हिम्मत करके सारी सच्चाई बता देना चाहिए। गलतियों की माफी मांग लेना चाहिए।
अशोक गहलोत ने मांगी थी सोनिया गांधी से और बाहर निकाल कर वहां हम पत्रकारों से स्वीकार किया था।
गहलोत ने अपनी पारी खेल ली है पायलट के सामने अभी पूरी राजनीतिक जिंदगी पड़ी है।
उन्हें अपने मूर्ख समर्थकों से पीछा छुड़ाना चाहिए।
कान के कच्चे होने की बहुत शिकायत है वह दूर करना चाहिए।
राजेश पायलट की विरासत बहुत बड़ी है पूरे देश में फैली है। मां रमा पायलट भी अच्छी नेता रही हैं।
ये किन लोगों के कहने में आकर छोटी बातों में उलझे रहते हैं इसे सोचना चाहिए।
और ट्विटर पर जो यहां उनका समर्थन कर रहे हैं यह सोचकर अनपढ़ों की तरह कमेंट करते हैं उनसे पीछा छुड़ाना चाहिए।
उनके लिए काम कर रहे ट्रोल भाजपा के लिए भी काम करते हैं।
2023 में कांग्रेस के हारने पर उनकी ट्रोल आर्मी बहुत खुश हुई थी।
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है।
सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।
I visited the southernmost tip of India.
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by violating the Forest Rights Act. Settlers, many of them former soldiers, placed on these islands by the Indian government, who aren’t getting fair compensation.
The Modi government and BJP tells you Great Nicobar Project is about defence. It is not.
Expand INS Baaz - we will back the government fully. The Navy has been asking for expansion for five years - it has been ignored.
They tell you it is about a transhipment port. It is not. India is already building one in Kerala, which is on the mainland.
What it actually is: 1.5 crore trees felled. Coral reefs erased from official maps. Soldiers and tribals displaced - so one businessman can build hotels and casinos on India’s most irreplaceable ecological land.
Every young Indian I have spoken to understands this. You know that no amount of profit is worth destroying what can never be recovered.
I stand for ecologically balanced development. These islands can be the most extraordinary sustainable destination the world has ever seen. That is the India worth fighting for.
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay
रावण के विनाश का एक कारण यह भी था कि उसने अपने अहंकार और अतिआत्मविश्वास के चलते अपने शुभेच्छुओं की राय नहीं मानी थी. रावण को उचित रणनीतिक सलाह देने की बजाय चाटुकार लोग हंसते हुए उसकी गौरव गाथा गाते थे. जबकि सही सलाह देने वाले सचिव और भाई को रावण ने दुत्कार कर दूर कर दिया था.
जुगाड़ हो तो राम रहीम जैसा। ये बंदा 3–4 महीने से ज्यादा जेल के अंदर नहीं टिकता। या तो इसने "बड़े साहब" की कोई नस दबा रखी है, या फिर यह उन्हीं का आदमी है। पिछले 5 साल में अब तक 16 बार पिकनिक मनाने बाहर आ चुका है। आज फिर से 30 दिन के लिए जेल से बाहर निकला है।
अक्टूबर 2020 : 1 दिन
मई 2021 : 1 दिन
फरवरी 2022 : 21 दिन
अक्टूबर 2022 : 40 दिन
जून 2022 : 30 दिन
जनवरी 2023 : 40 दिन
जुलाई 2023 : 30 दिन
नवंबर 2023 : 21 दिन
जनवरी 2024 : 60 दिन
अगस्त 2024 : 21 दिन
सितंबर 2024 : 21 दिन
जनवरी 2025 : 30 दिन
अप्रैल 2025 : 21 दिन
अगस्त 2025 : 40 दिन
जनवरी 2026: 40 दिन
मई 2026 : 30 दिन
कल प्रयागराज नैनी में हुए एक सड़क हादसे में महाकाल कचौड़ी जिन्होंने कुंभ में 95 लाख की दुकान खरीदी थी उनके मालिक और दोनों पुत्रों की मौत हो गई ..सबसे अपील है मारुति की गाड़ी न खरीदे खास तौर पर एर्टिगा क्योंकि जहां बच सकते वहां भी निपट जाएंगे मारुति के गाड़ी में
पिता कैसा भी हो अपने बच्चो के लिए सुपरहीरो होता है, वो चाहे मजदूरी करे भीख मांगे लेकिन अगर पिता जीवित है तो बच्चे भूखे नही सो सकते।
हे ईश्वर तुम कितने भी निष्ठुर हो जाओ लेकिन किसी अबोध बालक के सर से पिता का साया न हटाना, उसे पता भी नही होता कि हुआ क्या है, वो कभी हंसता है कभी एकाएक सहम जाता है, कभी अचानक भीङ के चेहरो मे वो अपने पापा को ढूढने लगता है तो कभी खिलौने से खेलने लगता है..😥
सबसे तकलीफ तब होती है जब अपने पिता का दसवां संस्कार करते हुए भी उसकी उम्मीदो से भरी आंखे अपने पिता को ही ढूढती हैं।
ऐसे दृश्य मेरे जैसे भावुक आदमी का कलेजा कंपा देते हैं और अजीब संयोग ये है कि मुझे ऐसे मामलो से अक्सर रुबरु होना ही पङ जाता है।
#शिवा
आने वाले दिनों में अगर किसी एक राज्य में विकास और निवेश की सबसे अधिक संभावनाएँ हैं तो वो है पश्चिम बंगाल! शुभेंदु अधिकारी इतिहास लिख सकते हैं।
विशाल हिमालय, उपजाऊ गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा, समुद्र यानी बंगाल की खाड़ी, इंडो-गैंगेटिक मैदान, छोटानागपुर पठार का किनारा, तीन अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ, एक बड़ा नदी-बंदरगाह तंत्र, चाय के पहाड़, कोयला क्षेत्र, वेटलैंड, मैंग्रोव और भारत का रणनीतिक 'चिकन नेक' - इतनी भौगोलिक विविधता भारत क्या, विश्व के किसी भी क्षेत्र में दुर्लभ है।
बंगाल पर्वतीय राज्य भी है। बंगाल डेल्टा वाला राज्य भी है। बंगाल सीमावर्ती राज्य भी है। ये समुद्री राज्य भी है। इसको नदियों का राज्य भी कह लीजिए।
दार्जिलिंग और कालिम्पोंग चले जाइए, महान हिमालय का पूर्वी हिस्सा अपने उच्च-शिखरों के साथ आपका स्वागत करेगा। नीचे उतरिए तो तराई-दुआर्स का पहाड़ी तलहटी क्षेत्र अपनी बाँहें फैलाकर आपको समेट लेगा। आगे बढ़िए तो उत्तर बंगाल के मैदान में चाय के बागानों की महक आपको ताज़गी का एहसास कराएगी। फिर बढ़ चलिए गंगा के उपजाऊ जलोढ़ क्षेत्र में, जहाँ लहलहाती फसलें आपको पंखा करेंगी। और आगे जाइए तो राढ़ और पश्चिमी पठारी किनारा आपको मानव सभ्यता की उत्पत्ति के सबसे प्राचीन इतिहास लिए आपके अस्तित्व को अपना अंश मानकर अपनाएगा। और आगे बढ़िए तो हुगली का डेल्टा घने जंगलों व जंगली जानवरों के साथ आपको प्रकृति के कई छिपे हुए रूप दिखाएगा। फिर अंत में तटीय मैदान, और सुंदरबन की हरी दीवार। फिर निहारिए सागर को। इतनी विविधता का सौभाग्य और किस क्षेत्र को मिला है?
बंगाल एक संवेदनशील इलाक़ा भी है, क्योंकि यहाँ भारत का 'चिकेन्स नेक' है - पूर्वोत्तर का गेटवे। नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और यहाँ तक कि चीन भी इससे दूर नहीं है। एक जगह तो इतना संकरा कि एक जगह जाकर ये सिर्फ़ 22 किलोमीटर चौड़ा रह जाता है। भारतीय सेना की आपूर्तियों के लिए भी ये एक महत्वपूर्ण मार्ग है। बंगाल दो अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों को जोड़ता है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत की लॉजिस्टिक्स एवं आपूर्ति का सबसे बड़ा मार्ग बन सकता है। हम अपनी कमज़ोरी को मजबूती में बदल सकते हैं।
भारत का सबसे लंबा वॉटरवे - राष्ट्रीय जलमार्ग-1, जो हल्दिया/सागर से प्रयागराज तक गंगा-भागीरथी-हुगली पर फैला हुआ है। बंगाल के पास क्षमता है भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग अर्थव्यवस्था के नेतृत्व की। कोयले से लेकर उर्वरक तक की ढुलाई इस जलमार्ग से होती है।
सुंदरबन भारत का अमेज़न है। नदियाँ, कीचड़-मैदान, खारे पानी को सहने वाले मैंग्रोव द्वीप और अद्भुत जैव-विविधता... यही हैं इसकी पहचान। ये बंगाल का जीवित तटीय रक्षा-प्रणाली है। बाघों को घर देता है ये। तूफान भी इससे टकराकर वापस लौट जाते हैं। मछलियों को जीवन देता है सुंदरबन। ये तटबंधों का रक्षक है। इको-टूरिज्म के लिए भी बेस्ट। सुंदरबन को संरक्षित कर लिया गया तो बंगाल से बड़ा पर्यटन स्थल और कहीं नहीं होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दार्जिलिंग के चाय बागानों में पहुँचे थे और वहाँ की श्रमिक परंपरा को प्रणाम किया था। यहाँ ऊँचाई है, ढलान है, धुंध है, बारिश है। लक्जरी एक्सपोर्ट का हब बन सकती है ये जगह।
आप जब पुरुलिया, बाँकुड़ा, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और झाड़ग्राम जाएँगे तो आपको लगेगा ही नहीं कि ये पहाड़-समुद्र-मैदान वाला बंगाल है। ये सबसे अलग है। यहाँ साल के वन हैं, खनिज हैं। रानीगंज भारत का सबसे पुराना कोयला खदान है, यहाँ हुई एक ट्रेजेडी पर अक्षय कुमार की फ़िल्म भी आई थी। ये भारत के सबसे बड़े औद्योगिक इलाक़ों में से एक बन सकता है।
सारा भूगोल तो पढ़ लिया, ईस्ट कोलकाता का वेटलैंड्स छूट गया। बंगाल में ये भी है। वो जगह जहाँ कोलकाता के गंदे पानी का प्रकृति ही केवल उपचार ही नहीं करती बल्कि यहाँ जीवन को भी संरक्षित करती है। कंक्रीट-प्रधान सीवेज पर निर्भर हुए बिना कैसे कोई शहर मछली-सब्जी वाली आजीविका चला सकता है, ये इसका उदाहरण है। अर्बन-डेवेलोपमेंट का एक अहम हिस्सा है ये।
जलोढ़ का मैदान हमें जूट देता है। प्लास्टिक से दूर जाने की बात कर रही दुनिया में ये क्रांति ला सकता है।
मत्स्य-पालन से लेकर सीमा-व्यापार तक, नदी-प्रबंधन से लेकर हिमालयी पर्यटन और चाय उत्पादन तक, लॉजिस्टिक्स से लेकर लवण-सहिष्णु कृषि तक, वन-संरक्षण से लेकर मैंग्रोव तक... अब सवाल यह है कि बंगाल के भूगोल को भारत की तकदीर बदलने वाली कहानी में कैसे बदला जाए। यह काम @SuvenduWB सोचेंगे। ऐसा नहीं है कि ममता बनर्जी को ये सब पता नहीं रहा होगा, लेकिन उनका ध्यान केवल और केवल तुष्टिकरण पर रहा। अब शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नए @CMOfficeWB के पास मौका है और वे बंगाल की इस भौगोलिक शक्ति को विकास की गाथा में वही बदलेंगे।
IPL में हनी ट्रैप, खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर BCCI ने सख्त नियम लागू किए हैं। बोर्ड ने इन खतरों से बचाने के लिए खिलाड़ियों के होटल रूम, बस और डगआउट में बिना अनुमति बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी है। फ्रेंचाइजी मालिकों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की रिपोर्ट के मुताबिक कई मैचों के दौरान टीम के डगआउट, होटल और टीम बस में ऐसे लोग देखे गए, जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी। यह प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला है।
जो जो चीज़ें आपने की हैं ...उसके लिए खुद को 1 पॉइंट दें😂
1- स्मोकिंग की
2- शराब पी
3- गालियाँ दी
4- क्लास बंक की
5- रिलेशनशिप में रहे
6- माता पिता से झूठ बोला
7- किसी पर क्रश था लेकिन कभी बताया नहीं
8- किसी से हाथापाई/मारपीट की
9- स्विमिंग पूल में पेशाब किया 😅
10- किसी की फोटो चुपके से सेव की
मेरा स्कोर.. 5